Tuesday, February 3rd, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी : रेखा आर्या

Daily Archives: 03/02/2026

योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी : रेखा आर्या

महिला सशक्तिकरण विभाग की भावी योजनाओं पर की तैयारी की समीक्षा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों को भावी योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने मंगलवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखरेख के लिए जो योजना शुरू की जा रही है, उसमें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद बच्चों का समायोजन कहां किया जाएगा। साथ ही इन बच्चों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता कैसे मिलेगी इसकी भी व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की स्पॉन्सर योजना में राज्य ने 4900 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक कुल 1631 लाभार्थियों का बजट केंद्र से प्राप्त हुआ है, बाकी बजट के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करें और बजट की व्यवस्था की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने “आलंबन गांव” योजना के लिए विकास नगर में उपलब्ध जमीन से संबंधित औपचारिकताएं इसी महीने पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का ड्राफ्ट तैयार करके जल्द से जल्द कैबिनेट में रखा जाए।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र की स्पॉन्सरशिप योजना में जितने लाभार्थियों को शामिल किया जा रहा है, उत्तराखंड में जरूरतमंदों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है ।इसलिए अभी तक छूट जा रहे इन पात्र बच्चों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सानिध्य योजना लाई जाएगी।

बैठक में सभी जनपदों के जिला प्रोबेशन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे और मंत्री ने उन सभी से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।


मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश

गणेश जोशी ने पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में जल निगम, जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मसूरी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चामासारी, सरोना सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुश्ता निर्माण सहित अन्य कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से संबंधित शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाकर कार्यों को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को समय पर लाभ मिल सके। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट: 1.06 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग, सीएम धामी ने की समीक्षा

स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर अवसंरचनात्मक निर्माण को प्राथमिकता में लेने के मुख्यमंत्री के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि

बैठक में अवगत कराया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।

एमओयू ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण अथवा शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण,सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए। निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की।

पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं—जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—वहाँ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अदांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गर्ब्याल, रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने की भेंट

उपनल कर्मचारी महासंघ ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन के जिओ जारी होने पर जताया आभार

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने का जिओ जारी होने पर मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


जनता की समस्याओं पर प्रशासन संवेदनशील, श्रीनगर तहसील दिवस में हुआ समाधान

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ श्रीनगर तहसील दिवस, निस्तारण के पश्चात आवेदक को सूचित करने के निर्देश

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को श्रीनगर तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने की। इस दौरान आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही अथवा शीघ्र समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।

जिलाधिकारी ने बताया कि सेमला गांव में पेयजल समस्या से संबंधित शिकायत पर जल निगम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा तथा तकनीकी समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं नकोट गांव में जल भंडारण टैंक की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। देहलचौरी रोड पर क्षतिग्रस्त पुश्ते एवं स्कपर से जुड़ी शिकायत पर उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत एवं सुधार कार्य की कार्यवाही की जाएगी।

श्रीनगर क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाए जाने तथा दोषियों की पहचान कर चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पार्षदों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन का पानी सड़कों पर बहने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सुधारात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे तथा निर्माण सामग्री एवं मलबा सड़कों पर रखे जाने की शिकायत पर पुलिस द्वारा निरंतर निगरानी एवं चालानी कार्रवाई की जाएगी।

धारी देवी पहुंच मार्ग पर सुरक्षा कार्यों को लेकर प्राप्त शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही धारी देवी क्षेत्र में जाम की समस्या के समाधान हेतु वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धारी देवी क्षेत्र में स्थायी पार्किंग का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित है। साथ ही क्षेत्र के सौंदर्यीकरण कार्य प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करना, लाइटिंग तथा रोड साइनेज से संबंधित कार्य शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर उपजिलाधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे से क्षतिग्रस्त भवनों में जल बिल आने की शिकायत पर जल संस्थान द्वारा परीक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने नालियों के अंडरग्राउंड निर्माण से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर आख्या तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, जिससे समस्याओं का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने निस्तारण की जानकारी समयबद्ध रूप से संकलित कर आवेदकों को अवगत कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि छोटी-छोटी आवश्यकताओं को जिला योजना में सम्मिलित कर कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।

अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है और प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच राजीव चौहान, जिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी, सहायक निबंधक सहकारिता सौरभ कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।


पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने बनाया नया कीर्तिमान, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानी पहुंचे उत्तराखण्ड

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे हैं। जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन/तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 06 करोड़ 03 लाख 21 हजार 194 पर्यटक/तीर्थयात्री उत्तराखण्ड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटक/तीर्थयात्रियों ने उत्तराखण्ड का रुख किया है।

पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखण्ड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


बढ़ता स्क्रीन टाइम बन रहा बच्चों की सेहत के लिए बड़ा खतरा

तेजी से बदलती लाइफस्टाइल का असर अब केवल बड़ों तक सीमित नहीं रहा। जो बीमारियां कभी उम्र बढ़ने के साथ जुड़ी मानी जाती थीं, वे अब बच्चों और युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रही हैं। हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, तनाव और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं कम उम्र में बढ़ना दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह शारीरिक गतिविधियों में कमी और बढ़ता स्क्रीन टाइम है।

बैठे-बैठे गुजर रहा दिन, बढ़ रहा खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज की सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी अधिकतर समय बैठे रहकर काम करना या मोबाइल-कंप्यूटर पर समय बिताना कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है। खासकर बच्चों में मोबाइल, टैबलेट, टीवी और कंप्यूटर का बढ़ता इस्तेमाल उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर सीधा असर डाल रहा है। पहले ही कई अध्ययनों में स्क्रीन टाइम को सेहत के लिए ‘स्लो पॉयजन’ बताया जा चुका है।

स्क्रीन टाइम क्यों माना जाता है खतरनाक?

अध्ययनों से साफ हुआ है कि लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित होता है। बच्चों में डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे आंखों में जलन, धुंधलापन, सिरदर्द और ड्राई आई जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

इसके अलावा ज्यादा स्क्रीन देखने से नींद का पैटर्न भी बिगड़ता है, जिससे मोटापा, डायबिटीज, तनाव और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम होना, चिड़चिड़ापन बढ़ना और भाषा व सामाजिक कौशल का कमजोर पड़ना भी हाई स्क्रीन टाइम से जुड़ी बड़ी समस्याएं हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी 5 साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन के अधिक संपर्क से दूर रखने की सलाह देता है।

स्क्रीन टाइम को लेकर चौंकाने वाला खुलासा

हालिया अध्ययन में स्क्रीन टाइम को लेकर एक अहम और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़े भाई-बहनों की तुलना में घर के छोटे भाई-बहन मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी जैसी स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं। इसका सीधा असर उनके बौद्धिक विकास और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

अध्ययन में क्या सामने आया?

यह निष्कर्ष ऑस्ट्रेलियन बच्चों पर की गई एक लॉन्गिट्यूडिनल स्टडी के डेटा के आधार पर निकाला गया। अध्ययन में 2 से 15 साल की उम्र के करीब 5,500 बच्चों की 24 घंटे की दिनचर्या का विश्लेषण किया गया।

शोध में पाया गया कि बाद में पैदा हुए बच्चे, पहले जन्मे बच्चों की तुलना में रोजाना 9 से 14 मिनट अधिक स्क्रीन पर बिताते हैं। भले ही यह समय कम लगे, लेकिन प्रतिशत के लिहाज से यह 7 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जो सप्ताह में लगभग 1 से 1.5 घंटे अतिरिक्त स्क्रीन टाइम के बराबर है।

छोटे बच्चों के लिए ज्यादा नुकसानदेह

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अतिरिक्त स्क्रीन टाइम बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी, आउटडोर खेल और सामाजिक गतिविधियों के समय को कम कर देता है। इसका असर उनके शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

अध्ययन में यह भी संकेत मिले हैं कि ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण छोटे भाई-बहनों का आईक्यू लेवल और सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

माता-पिता को किया गया अलर्ट

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार बढ़ने के साथ माता-पिता के पास छोटे बच्चों के लिए समय कम हो जाता है, जिसके चलते स्क्रीन एक आसान विकल्प बन जाती है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह आदत लंबे समय में बच्चों को नुकसान पहुंचा सकती है।

बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों को ऑनलाइन गलत कंटेंट के संपर्क में भी ला सकता है, जिससे उनके बौद्धिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका रहती है।

(साभार)


कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- सीएम धामी

थाना स्तर तक वर्क कल्चर सुधारने पर जोर, निर्दोषों को परेशान करने पर होगी कार्रवाई

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन के सभी विभाग आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए थाना स्तर तक वर्क कल्चर में सुधार, आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्दोष नागरिकों को परेशान किए जाने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने और भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन, विभागीय समन्वय और सतत निगरानी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा बैठक में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटन गतिविधियों में संभावित वृद्धि को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास का निर्माण जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा।

चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी से गुणवत्ता के साथ शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके


रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ का टीज़र रिलीज, हमजा अली मजारी का दिखा खतरनाक अवतार

लंबे समय से जिस पल का दर्शक इंतजार कर रहे थे, वह आखिरकार आ ही गया। रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ का धमाकेदार टीज़र आज जारी कर दिया गया है। टीज़र सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक दिन पहले ही रणवीर सिंह ने टीज़र को लेकर इशारा किया था, जबकि आज सुबह फिल्म का पहला पोस्टर जारी कर उन्होंने उत्सुकता और बढ़ा दी थी। अब ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के टीज़र ने फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर दर्शकों की जिज्ञासा चरम पर पहुंचा दी है।

रणवीर सिंह के पहले पोस्टर ने बढ़ाया था रोमांच

टीज़र से पहले सामने आए फिल्म के पोस्टर में रणवीर सिंह हमजा अली मजारी के इंटेंस और आक्रामक रूप में नजर आए थे। लाल रंग की पृष्ठभूमि, मूसलाधार बारिश और गंभीर भाव-भंगिमा में खड़े रणवीर ने फिल्म के मूड को साफ तौर पर बयां कर दिया था। पोस्टर के साथ रणवीर ने कैप्शन में लिखा था— “अब बिगड़ने का वक्त आ गया है”, जिसने फैंस के बीच चर्चा तेज कर दी। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

बदले की कहानी पर टिका है ‘धुरंधर: द रिवेंज’

‘धुरंधर 2’ की शूटिंग अभी जारी है और हाल ही में सामने आई बिहाइंड-द-सीन तस्वीरों ने कहानी को लेकर कई कयासों को जन्म दिया है। तस्वीरों में मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) और एसपी असलम चौधरी (संजय दत्त) के बीच तनावपूर्ण हालात दिखाए गए हैं। सीक्वल की कहानी मुख्य रूप से हमजा के बदले के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी, साथ ही ‘बड़े साहब’ की असली पहचान से भी पर्दा उठेगा। इसके अलावा फिल्म में जसकिरत सिंह रंगी, यानी हमजा की पिछली जिंदगी की झलक भी देखने को मिलेगी।

बॉक्स ऑफिस पर पहली ‘धुरंधर’ ने रचा था इतिहास

पिछले साल रिलीज हुई ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। फिल्म ने भारत में 800 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी, जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1300 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। रणवीर सिंह के साथ फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और आर. माधवन जैसे दिग्गज कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। अब सीक्वल से भी दर्शकों को उसी स्तर के एक्शन और ड्रामा की उम्मीद है।

(साभार)


विकासनगर में दर्दनाक हादसा, हिमाचल रोडवेज की बस गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत

बस में 30 से अधिक यात्री थे सवार, कई घायल

विकासनगर। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के नेरवा से पांवटा साहिब जा रही एचपी रोडवेज की बस हरिपुर-कोटी-मीनस राजमार्ग पर क्वानू के समीप अचानक नियंत्रण खो बैठी और खाई में गिर गई। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। इस हादसे में अब तक दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

एसडीआरएफ की टीम खाई में उतरकर घायलों को रेस्क्यू कर रही है। थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। राहत कार्य तेजी से जारी है।

हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कालसी क्षेत्र में हिमाचल ट्रांसपोर्ट की बस दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से फोन पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी नजदीकी मेडिकल सेंटरों को अलर्ट पर रखा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजे जाने की भी तैयारी की जा रही है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp