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मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के दिए निर्देश

Daily Archives: 03/02/2026

मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को धारा 34 एवं 143 के अंतर्गत लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनीताल जनपद की तर्ज पर निर्विवाद मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु कैंप आयोजित कर इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी जनपदों में लागू करने पर जोर दिया। धारा 143 के मामलों के छह माह या उससे अधिक समय तक लंबित रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके निस्तारण के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मंडल स्तर पर मंडलायुक्तों तथा जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों को अपने न्यायालयों में सबसे पुराने पांच मामलों को चिन्हित कर उनके निस्तारण पर कार्य करने को कहा। इसके लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने तथा पुराने मामलों के निस्तारण के बाद अन्य सबसे पुराने मामलों को सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेशभर में पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित कुल 1760 मामलों में से 10 प्रतिशत मामलों का निस्तारण मार्च 2026 तक किया जाना है। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए जाने के साथ-साथ उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या में भी इसका उल्लेख किया जाएगा।

उन्होंने ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम को शहरी क्षेत्रों में भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए कैंप आयोजन की योजना तैयार करने और आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, एसडीएम आदि को अपने अधीन तहसीलों, विकासखंडों एवं थानों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में मॉडर्न पटवारी चौकियों का निर्माण किया जा रहा है तथा पटवारी और कानूनगो को शीघ्र लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ऑनलाइन कार्यों का निस्तारण तेज हो सके। साथ ही, आधुनिक रिकॉर्ड रूम तैयार करने और आवश्यकता पड़ने पर नए वित्तीय वर्ष में बजट प्रावधान करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष भर्तियों के अधियाचन शीघ्र भेजने, पदोन्नतियां समय पर कराने तथा पीएम किसान योजना के तहत किसानों के पंजीकरण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एस.एन. पाण्डेय, राजस्व परिषद आयुक्त रंजना राजगुरु सहित मंडलायुक्त दीपक रावत, विनय शंकर पाण्डेय तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


​देहरादून के मछली बाजार में युवती की निर्मम हत्या का राज्य महिला आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश

देवभूमि में महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के नृशंस अपराध स्वीकार्य नहीं, अपराधियों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई : कुसुम कंडवाल

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मृतका के शोकाकुल परिजनों को बंधाया ढांढस, बोली न्याय के लिए आयोग व सरकार आपके साथ है

​देहरादून- देहरादून के मछली बाजार क्षेत्र में एक 23 वर्षीय युवती की सरेआम गला रेतकर की गई जघन्य हत्या के मामले को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग को अत्यंत गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर घटना का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया है कि मृतका द्वारा पूर्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय रहते उक्त शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करती, तो आज एक मासूम युवती की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की इस कथित ढिलाई और संवेदनहीनता को पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब किया जाएगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मृतका के घर जाकर शोकाकुल परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में राज्य महिला आयोग उनके साथ खड़ा है। आयोग अध्यक्ष ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले की स्वयं उनके द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृतका व शोकाकुल परिवार को न्याय अवश्य मिले।
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​देवभूमि में महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के नृशंस अपराध स्वीकार्य नहीं हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर चौकी के पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा मामले की जांच त्वरित गति से कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस अधिकारी इस बात को पूरी गंभीरता से ले कि यदि किसी भी महिला या पीड़िता द्वारा कोई शिकायत दी जा रही है, तो उस पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों पर ढिलाई बरतने से ही अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और तत्परता लानी होगी। व​हीं आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में महिला सुरक्षा हेतु पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जाने के निर्देश दिए है।

उन्होंने बताया कि ऐसे संवेदनशील मामलों को लेकर वो पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करेंगी ताकि देवभूमि को दूषित करने वाले अपराधियों पर अंकुश लग सके।


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