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मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का किया शिलान्यास

Daily Archives: 21/02/2026

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का किया शिलान्यास

पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 तैयारियों का लिया जायजा

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा हेतु हरिद्वार पहुंचे। कुम्भ मेला नियंत्रण भवन ( सीसीआर ) पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला 2027 के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया।

रु. 234.55 करोड़ की लागत के इन स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करना है।

शिलान्यास किये गए कार्यों का सेक्टरवार सारांश निम्नानुसार है :-

1. घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना के कुल 07 कार्य लागत रु. 70.54 करोड़

2. सड़क एवं परिवहन अवसंरचना के कुल 12 कार्य लागत रु. 127.23 करोड़

3. पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना के कुल 09 कार्य लागत रु. 18.11 करोड़

4. श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना के कुल 06 कार्य लागत रु. 18.67 करोड़


देहरादून के सरकारी स्कूलों में लगेंगे 880 स्मार्ट टीवी

‘उत्कर्ष’ परियोजना से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल होंगे सरकारी विद्यालय

देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन देहरादून ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जनपद के स्कूलों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के लिए 880 स्मार्ट टीवी खरीदे गए हैं। इन स्मार्ट टीवी के माध्यम से छात्रों को डिजिटल, इंटरएक्टिव और दृश्य-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से ‘उत्कर्ष’ परियोजना के तहत सरकारी स्कूलों को सुविधासंपन्न बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्कूलों में फर्नीचर, खेल सुविधाएं, शौचालय, बिजली, पेयजल, मंकीनेट और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर खरीदे गए स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (PDI) कराया जाएगा। इसके तहत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी पांडिचेरी स्थित कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा पहलुओं की जांच करेंगे।

निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इन उपकरणों को देहरादून भेजा जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता के संसाधन मिलें और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो।

इस पहल से न केवल शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी, बल्कि शिक्षकों को भी ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूल भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे।

जिला प्रशासन का मानना है कि स्मार्ट क्लास परियोजना से हजारों छात्रों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।


मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता स्व. अटल वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि

गुप्तकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी (जनपद रुद्रप्रयाग) में वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता स्व. अटल वाजपेयी के आवास पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री ने स्व. अटल वाजपेयी के संगठनात्मक योगदान एवं जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।


क्या आपके बाल भी तेजी से झड रहे हैं? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण

आज के तेज़ रफ्तार जीवन में बालों का झड़ना अब सिर्फ एक साधारण समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह कई लोगों के लिए चिंता और आत्मविश्वास में कमी की वजह बनता जा रहा है। खासकर कम उम्र में तेजी से बाल गिरना एक गंभीर संकेत हो सकता है कि शरीर के भीतर कुछ असंतुलन चल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रोज़ाना 50–100 बाल झड़ना सामान्य है, लेकिन इससे ज्यादा बालों का गिरना स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या की ओर इशारा करता है।

बालों के झड़ने के पीछे कई वजहें जिम्मेदार होती हैं, जिन्हें समय रहते समझकर और सुधारकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आइए आसान भाषा में जानते हैं इसके प्रमुख कारण—

अनुवांशिक और हार्मोनल कारण
बाल झड़ने की समस्या अक्सर परिवार से जुड़ी होती है। अगर माता-पिता को यह समस्या रही है, तो अगली पीढ़ी में भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा शरीर में हार्मोन का असंतुलन, खासकर पुरुषों में DHT हार्मोन और महिलाओं में गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान होने वाले बदलाव, बालों की ग्रोथ पर असर डालते हैं और उन्हें कमजोर बनाते हैं।

पोषण की कमी
संतुलित आहार की कमी भी बालों के झड़ने का बड़ा कारण है। प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन-D जैसे पोषक तत्व बालों की मजबूती के लिए जरूरी होते हैं। जंक फूड की अधिकता और पौष्टिक आहार की कमी से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। खासकर आयरन की कमी से स्कैल्प तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे बाल तेजी से गिरने लगते हैं।

तनाव और खराब लाइफस्टाइल
लगातार तनाव, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या बालों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालती है। ज्यादा तनाव की स्थिति में बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं। धूम्रपान और शराब जैसी आदतें भी स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती हैं, जिससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं।

केमिकल और हीटिंग टूल्स का असर
बालों को स्टाइल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्ट्रेटनर, ब्लो ड्रायर और केमिकल ट्रीटमेंट बालों की प्राकृतिक नमी को खत्म कर देते हैं। बार-बार केमिकल प्रोडक्ट्स के उपयोग से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और वे जल्दी टूटने लगते हैं।

कैसे करें बचाव
बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से योग या व्यायाम कर तनाव को कम करें। स्कैल्प की तेल मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। यदि बाल असामान्य रूप से ज्यादा झड़ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से सलाह लें।

ध्यान रखें, बालों की असली खूबसूरती बाहरी उत्पादों से नहीं, बल्कि उनकी जड़ों की मजबूती और अंदरूनी पोषण से आती है।

(साभार)


स्वच्छ देहरादून, सशक्त महिलाएं- नगर निगम की पहल से बदली तस्वीर

घर-घर कूड़ा शुल्क संग्रहण से 63 लाख की उपलब्धि, महिलाओं की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी

देहरादून निगम के 100 में से 57 वार्डो में महिला समूह को सौंपी गई कमान

समयबद्व शुल्क संग्रहण से बढ़ा राजस्व, व्यवस्था में आया सुधार- आयुक्त नमामि बंसल

देहरादून। राजधानी देहरादून में स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभिनव पहल ने सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। नगर निगम देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से संचालित घर-घर कूड़ा संग्रहण शुल्क अभियान ने न केवल सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

नगर निगम ने शहर के 100 वार्डों में से 57 वार्डों में कूड़ा शुल्क संग्रहण की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। इन समूहों द्वारा त्रैमासिक (प्रत्येक तीन माह) आधार पर घर-घर जाकर निर्धारित शुल्क का संग्रहण किया जा रहा है। अभियान के प्रारंभिक चरण में ही जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान 63 लाख रुपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई है।

इस पहल की विशेषता यह है कि कुल प्राप्त मुनाफे का 25 प्रतिशत भाग सीधे संबंधित महिला समूहों को प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिला है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी और व्यवस्थित है, बल्कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली में भी सुधार आया है।

महिला समूहों द्वारा शुल्क संग्रहण के साथ-साथ नागरिकों से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाया जा रहा है। इस समन्वित प्रयास से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

वार्ड संख्या 64, नेहरूग्राम की समूह सदस्य सीमा बिष्ट ने इस पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं नगर निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके जैसी अनेक महिलाओं को रोजगार का सशक्त अवसर प्राप्त हुआ है।

नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से संबद्ध महिला समूहों को कूड़ा उठान शुल्क संग्रहण का दायित्व सौंपा गया है। समूहों द्वारा निर्धारित समय में प्रभावी शुल्क संग्रहण कर निगम को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे राजस्व में वृद्धि के साथ कार्य प्रणाली में भी सुधार हुआ है।

सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि त्रैमासिक प्रणाली के तहत तीन माह का शुल्क एकमुश्त संग्रहित किया जा रहा है। अब तक 63 लाख रुपये की प्राप्ति हो चुकी है, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि महिला समूहों को प्रदान की जाएगी।

यह अभिनव मॉडल स्वच्छता, पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने न केवल देहरादून को अधिक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त आधार भी प्रदान किया है।


सस्पेंस और विवाद से भरपूर कहानी, ‘अक्यूज्ड’ का ट्रेलर हुआ रिलीज

इस महीने की शुरुआत में Netflix ने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की झलक साझा की थी, जिसमें फिल्म अक्यूज्ड का नाम भी शामिल था। अब इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसने दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। कोंकणा सेन शर्मा और प्रतिभा रांटा अभिनीत यह फिल्म एक सस्पेंस और भावनात्मक ड्रामा का मिश्रण है।

ट्रेलर की कहानी

फिल्म की कहानी पोलैंड की पृष्ठभूमि में बुनी गई है, जहां डॉ. गीतिका का किरदार केंद्र में है। वह एक प्रतिष्ठित अस्पताल में सबसे कम उम्र की विभागाध्यक्ष हैं और अपनी पहचान एक सक्षम और साहसी डॉक्टर के रूप में बना चुकी हैं। उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में है, क्योंकि वह अपनी पार्टनर मीरा के साथ एक बच्चे को गोद लेने की योजना बना रही हैं।

लेकिन कहानी तब मोड़ लेती है जब अचानक सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गंभीर आरोप उभर आते हैं। यौन दुराचार के आरोपों के बाद उनकी छवि, करियर और निजी जीवन पर सवाल खड़े हो जाते हैं। जैसे-जैसे मामला बढ़ता है, सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली होती जाती है और दर्शक भी रहस्य में उलझ जाते हैं कि असली सच्चाई क्या है।

निर्देशन और निर्माण

इस फिल्म का निर्देशन अनुभूति कश्यप ने किया है, जो इससे पहले डॉक्टर जी का निर्देशन कर चुकी हैं। फिल्म का निर्माण धर्माटिक एंटरटेनमेंट के बैनर तले हुआ है, जो करण जौहर से जुड़ा प्रोडक्शन हाउस है। फिल्म की कहानी भी अनुभूति कश्यप ने ही लिखी है।

कोंकणा और प्रतिभा के अलावा फिल्म में आदित्य नंदा और सुकांत गोयल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 27 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी और दर्शकों को एक गहन व रहस्यमयी अनुभव देने का वादा करती है।

(साभार)


निजी परमिट वाहनों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अप्रैल 2026 से होंगे लागू

अब होम स्टेट से ही शुरू करनी होगी यात्रा, 60 दिन से ज्यादा बाहर रहना मना

देहरादून। केंद्र सरकार ने निजी परमिट वाहनों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत पर्यटक वाहनों के संचालन से जुड़े कई प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन नए नियमों का असर उत्तराखंड समेत पूरे देश में देखने को मिलेगा।

संशोधित नियमों के अनुसार अब सभी पर्यटक वाहनों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपनी यात्रा उसी राज्य से शुरू करें, जहां से उन्हें परमिट जारी किया गया है। साथ ही कोई भी वाहन अपने गृह राज्य के बाहर लगातार 60 दिनों से अधिक नहीं रह सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे परमिट के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और राज्यों के बीच संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

नए प्रावधानों के तहत परमिट के लिए आवेदन करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित वाहन पर किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल बकाया न हो। बकाया होने की स्थिति में परमिट जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने परमिट की वैधता अवधि भी बढ़ा दी है। पहले जहां यह अवधि 12 वर्ष थी, अब इसे बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया है, जिससे वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।

आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए व्यक्तिगत आवेदकों के लिए आधार संख्या अनिवार्य कर दी गई है, जबकि कंपनियों को कॉर्पोरेट पहचान संख्या (CIN) या जीएसटी नंबर देना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन उसी राज्य में पंजीकृत हो, जहां से उसका संचालन किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से पर्यटन परिवहन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।


AUS-W VS IND-W- ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली टी20 सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी भारत

एडिलेड में निर्णायक भिड़ंत, सीरीज 1-1 से बराबर

नई दिल्ली। महिला क्रिकेट में आज एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा, जब भारत महिला क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच एडिलेड ओवल में दोपहर 1:45 बजे से शुरू होगा। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है, जिससे यह मुकाबला बेहद अहम बन गया है।

दूसरे टी20 में ऑस्ट्रेलिया ने कैनबरा में भारत को 19 रन से हराकर सीरीज में वापसी की थी, जबकि पहले मैच में भारत ने सिडनी में डकवर्थ-लुईस नियम के तहत शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में तीसरा मैच ‘करो या मरो’ की स्थिति में पहुंच चुका है।

भारतीय टीम के पास इस मुकाबले में इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। अगर टीम जीत दर्ज करती है, तो वह पहली बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टी20 सीरीज अपने नाम करेगी। इसके लिए टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन करना होगा।

बल्लेबाजी में निगाहें ओपनर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा पर रहेंगी, जिन्हें टीम को मजबूत शुरुआत देनी होगी। पिछले मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी अचानक दबाव में आ गई थी। मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी।

गेंदबाजी में रेणुका सिंह और अरुंधति रेड्डी को सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मौके का पूरा फायदा उठाने में माहिर हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड और सोफी मोलिनू भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं।

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी में जॉर्जिया वोल और फोबे लिचफील्ड पर खास नजर रहेगी, जो तेजी से रन बनाने में सक्षम हैं।

पिच की बात करें तो एडिलेड ओवल की सतह आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है और आउटफील्ड तेज होने के कारण रन बनाने के मौके अधिक रहते हैं। ऐसे में दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर, यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि इतिहास बनाने का मौका है, जहां भारतीय टीम जीत के साथ नई उपलब्धि अपने नाम करना चाहेगी।


उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू, मुख्यमंत्री धामी ने सभी छात्र-छात्राओं को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा- परीक्षा जीवन की अंतिम कसौटी नहीं होती, बल्कि यह उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के शुभारंभ पर प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह समय छात्रों के पूरे वर्ष के परिश्रम को प्रदर्शित करने का है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन की अंतिम कसौटी नहीं होती, बल्कि यह उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से शांत मन, एकाग्रता और दृढ़ विश्वास के साथ परीक्षा देने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश के विद्यार्थी अपने माता-पिता, गुरुजनों और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी परीक्षार्थियों की सफलता और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।


एसआईआर की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की समीक्षा बैठक

डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

एसआईआर में लापरवाह अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियों के संबंध में सभी जनपदों के ज़िलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंस में माध्यम समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगामी एसआईआर के दृष्टिगत सभी जनपदों की प्रशासनिक तैयारियों की जनपदवार समीक्षा कर कद विस्तृत जानकारी ली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आगामी अप्रैल माह में उत्तराखण्ड में एसआईआर प्रस्तावित है इस लिहाज से जनपद देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में मतदाताओं की मैपिंग की प्रगति लक्ष्य के अनुरुप कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिन बूथों पर मैंपिग प्रतिशत कम है सम्बंधित ईआरओ और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जो भी अधिकारी एसआईआर के कार्य में लापरवाही करत हुए पाए गए तो उनपर ठोस कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों को तय समयसीमा में एसआईआर की तैयारियों के बूथ अवेयरनेस ग्रुप (BAG) के गठन के निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा वर्तमान में 77 प्रतिशत बूथों पर कि बूथ लेवल एजेंट्स की तैनाती हो चुकी है, बीएलए की शत प्रतिशत तैनाती हेतु राजनैतिक दलों से पुनः बैठक कर दी जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर हेल्पडेस्क के जिलों में अविलम्ब अतरिक्त कार्मिकों की तैनाती की जाए।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, ईआरओ वर्चुअल रुप से शामिल रहे।


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