Wednesday, February 4th, 2026

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भट्ट ने संसद में की, बापूग्राम, मीरानगर को राजस्व ग्राम बनाने की पुरजोर पैरवी

Daily Archives: 04/02/2026

भट्ट ने संसद में की, बापूग्राम, मीरानगर को राजस्व ग्राम बनाने की पुरजोर पैरवी

शून्यकाल में भट्ट ने बापूग्राम की समस्याओं की तरफ केंद्र का ध्यान आकृष्ट कराया

देहरादून। ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरानगर को राजस्व ग्राम का अधिकार दिलाने की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद में पुरजोर पैरवी की है। उन्होंने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाकर, स्थानीय लोगों के वैधानिक अधिकार एवं विकास की चिंताओं की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।

आज राज्यसभा के शून्यकाल में उनके द्वारा ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरा नगर क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय उठाया गया। जिसमें उन्होंने सरकार के संज्ञान में लाते हुए कहा, यह दोनों क्षेत्र पिछले कई दशकों से घनी आबादी वाले हैं। 1950 से यहां लोग निवास कर रहे हैं जिनकी 1980 में ही जनसंख्या 50 हजार पाई गई थी। आज वहां हजारों परिवार निवास करते हैं, जो नियमित रूप से नगर निगम को करोड़ों रुपए कर भुगतान भी करते हैं, परंतु आज तक इन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। राजस्व ग्राम घोषित न होने के कारण इन क्षेत्रों के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जैसे भूमि स्वामित्व से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं, इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा। वहीं इस तकनीकी दिक्कत के कारण वहां विकास कार्यों में अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। उनके द्वारा सदन में बताया गया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा इस विषय में बार-बार अनुरोध किए गए हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उनके द्वारा इस दौरान केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वे उत्तराखण्ड सरकार से समन्वय कर ऋषिकेश के बापूग्राम एवं मीरा नगर क्षेत्रों को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करें। ताकि वहाँ के निवासियों को उनके वैधानिक अधिकार एवं सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके।


मंत्री गणेश जोशी ने ‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ कार्यक्रम में सुनीं जनसमस्याएं

बहुउद्देशीय शिविर में 40 शिकायतों का हुआ निस्तारण

मंत्री गणेश जोशी ने बांटे चेक और किट

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज सहसपुर ब्लॉक के भगवन्तपुर में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

शिविर के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कृषि विभाग के लाभार्थियों को चेक वितरित किए, कृषक समूहों को फार्म मशीनरी बैंक के अंतर्गत उपकरण प्रदान किए तथा बाल विकास विभाग के लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट एवं किशोरी किट वितरित की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की भी शपथ दिलाई।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार प्रशासन चला गांव की ओर’ कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की समस्याएं सुनीं। शिविर में कुल 40 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष विकासपरक एवं योजनाओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध प्रस्ताव तैयार कर समाधान के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा शिविरों की अवधि 15 दिन और बढ़ाई गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित इन विशेष शिविरों से अब तक 6 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसे उन्होंने सरकार की एक अनूठी और जनकल्याणकारी पहल बताया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। केंद्रीय बजट 2026 में लखपति दीदियों को ‘शी मार्ट’ से जोड़ने का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं की आजीविका संवर्धन को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में महिलाओं, किसानों और सैनिकों सहित हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वीबीजी रामजी योजना, मनरेगा से एक कदम आगे बढ़कर ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में भारत सरकार की एक सशक्त पहल है। उन्होंने बताया कि इस योजना के संचालन हेतु चालू वित्तीय वर्ष में भारत सरकार द्वारा ₹95,652.31 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत रोजगार के दिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं तथा समय पर मजदूरी भुगतान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

इस अवसर पर एसडीम मसूरी राहुल आनंद, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मंडल प्रभारी ज्योति कोटिया, लक्ष्मण सिंह रावत, किरन, ग्राम प्रधान रेनू शर्मा, भारती जवाड़ी, सुनील छेत्री, अजय पुंडीर सहित संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


कैंसर बना वैश्विक चुनौती, युवाओं में बढ़ता खतरा चिंता का विषय

कैंसर आज दुनिया भर में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में उभर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह बीमारी वैश्विक स्तर पर मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है। वर्ष 2020 में करीब एक करोड़ लोगों की जान कैंसर के कारण गई, यानी हर छह में से एक मौत की वजह कैंसर रहा। ब्रेस्ट, फेफड़े, कोलन, रेक्टम और प्रोस्टेट कैंसर सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हो रहे हैं। बीते कुछ दशकों में कैंसर के मामलों और इससे होने वाली मौतों में तेज़ बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

इसी गंभीरता को देखते हुए कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, समय पर पहचान व बेहतर इलाज को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है।

दिल्ली की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, युवाओं पर भारी पड़ रहा कैंसर

इस बीच दिल्ली से सामने आई एक सरकारी रिपोर्ट ने हालात को और चिंताजनक बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में दिल्ली में कैंसर से होने वाली हर तीन में से एक मौत 44 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हुई है। यह आंकड़ा युवाओं में कैंसर के बढ़ते खतरे की ओर साफ इशारा करता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारी की देर से पहचान, नियमित स्क्रीनिंग की कमी, तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन, प्रदूषण तथा तनाव जैसे कारण इस बढ़ते खतरे के लिए जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञ समय से पहले होने वाली मौतों को रोकने के लिए शुरुआती जांच, जन-जागरूकता और जीवनशैली में सुधार पर जोर दे रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते दो दशकों में दिल्ली में कैंसर से 1.1 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ा

साल 2005 में जहां कैंसर से करीब 2,000 मौतें दर्ज की गई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 7,400 तक पहुंच गई।
साल 2011 में कैंसर से करीब 10,000 मौतें हुईं, जिनमें 45–64 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित रहे। इसके अलावा, 14 साल से कम उम्र के बच्चों की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत और 15–24 वर्ष के युवाओं की करीब 5.8 प्रतिशत रही।

दिल्ली में सालाना 7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहीं कैंसर से मौतें

विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली में कैंसर से होने वाली मौतें हर साल औसतन 7 प्रतिशत की दर से बढ़ रही हैं, जो राजधानी की जनसंख्या वृद्धि दर से लगभग तीन गुना ज्यादा है।

कैंसर से होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक मौतें अस्पतालों में दर्ज की गई हैं। वर्ष 2018 में यह आंकड़ा लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समय के साथ कैंसर की रिपोर्टिंग और इलाज की पहुंच बढ़ी है।

2005 से 2024 के बीच अस्पतालों में 45–64 वर्ष आयु वर्ग के 38,481 लोगों की कैंसर से मौत हुई, जबकि 65 वर्ष से अधिक आयु के 23,141 और 25–44 वर्ष आयु वर्ग के 18,220 लोगों की जान गई।

कौन-सा कैंसर सबसे ज्यादा जानलेवा?

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कैंसर से मौत के मामले अधिक हैं।

पुरुषों में करीब 40 प्रतिशत मौतें 45–64 वर्ष आयु वर्ग में दर्ज की गईं

महिलाओं में इसी आयु वर्ग में यह आंकड़ा 43 प्रतिशत से अधिक रहा

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (411 मौतें) और ओवेरियन कैंसर (194 मौतें) प्रमुख कारण रहे

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर (117) और सांस की नली के कैंसर (553) सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हुए

मुंह और गले के कैंसर से पुरुषों में 607 और महिलाओं में 214 मौतें दर्ज की गईं, जो तंबाकू सेवन से जुड़े जोखिम को दर्शाता है

25–44 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में कैंसर से होने वाली अधिकांश मौतों की वजह ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर रहे।

देर से पहचान बन रही सबसे बड़ी वजह

कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर मामलों में मौतों की मुख्य वजह बीमारी का देर से पता चलना है। लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, यह सोचकर कि कम उम्र में कैंसर होना संभव नहीं। नतीजतन, बीमारी का पता तब चलता है जब वह एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है।

डॉक्टरों के अनुसार, युवाओं में कैंसर की बायोलॉजी अधिक आक्रामक होती है। शरीर में गांठ, असामान्य ब्लीडिंग, लंबे समय तक मुंह के छाले या आवाज में बदलाव जैसे संकेतों को सामान्य समझना इलाज में देरी का कारण बनता है।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञ कैंसर से होने वाली मौतों को कम करने के लिए नियमित स्क्रीनिंग कार्यक्रम बढ़ाने, तंबाकू और शराब से दूरी बनाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करने की अपील कर रहे हैं।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)


कौशल विकास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री ने रोजगार–प्लेसमेंट गैप दूर करने के दिए निर्देश

ट्रेनिंग के साथ नौकरी सुनिश्चित करने की पहल, युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ा जाएगा

देहरादून। कौशल विकास के अंतर्गत अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

रोजगार गैप पर मंथन

बैठक में इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

बेरोजगारी बनाम कुशल श्रमिकों की कमी, समन्वय की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा जो आईटीआई से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए।

स्मार्ट मानव संसाधन पर फोकस, उद्योग मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने को कहा।

तीन स्तर की वर्कफोर्स और स्थानीय रोजगार मॉडल

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत @2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले।

ट्रेनिंग के साथ रोजगार सुनिश्चित, पाठ्यक्रमों की हो सतत समीक्षा

निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाय।

विदेशों में रोजगार, पारदर्शी भर्ती और न्यायिक प्रकरणों पर निर्देश

विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइंस साझा की जाए। ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो।

सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

उद्योग सहभागिता और एकीकृत प्लेटफार्म पर जोर

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों। उन्होंने बताया कि यदि उद्योग भी प्रशिक्षण और तकनीकी पाठ्यक्रम के निर्धारण में शामिल होंगे तो वे उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड कर पाएंगे। इससे युवाओं को जॉब पाने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।

सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डी एस गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


क्वानू–मीनस मोटर मार्ग दुर्घटना में घायल यात्रियों का हाल पूछने दून अस्पताल पहुँचे मुख्यमंत्री धामी

घायलों का हालचाल जाना, पारिवारिक जनों से बातचीत कर इलाज का पूरा भरोसा दिया

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी क्षेत्र अंतर्गत क्वानू–मीनस मोटर मार्ग पर हिमाचल परिवहन निगम की बस दुर्घटना में घायल हुए हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के यात्रियों का हाल-चाल जानने के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकीय टीम को सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासनगर के उप जिला चिकित्साधिकारी से दूरभाष पर विकासनगर में उपचाराधीन दुर्घटना के घायलों को भी समुचित एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार को भी आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में उपचाराधीन हिमाचल के सभी घायल यात्रियों का समुचित एवं निःशुल्क उपचार राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है।


‘डकैत: एक प्रेम कथा’ की रिलीज डेट बदली, अब 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

मार्च 2026 में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों की टक्कर देखने को मिलने वाली थी, लेकिन अब इस क्लैश से एक फिल्म ने खुद को अलग कर लिया है। आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ की रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया है। पहले 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म अब अप्रैल में दर्शकों के सामने आएगी।

अब 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में उतरेगी ‘डकैत’

बॉक्स ऑफिस पर एक ही दिन दो बड़े प्रोजेक्ट—‘टॉक्सिक’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’—की रिलीज तय होने के चलते ‘डकैत’ के निर्माताओं ने रणनीतिक फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को अब 10 अप्रैल 2026 को रिलीज किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फिल्म को पर्याप्त स्क्रीन, दर्शकों का ध्यान और लंबा थिएटर रन मिल सके।

फिल्म की टीम ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी प्रतिस्पर्धा से बचने के बजाय सभी फिल्मों को उनका उचित मंच देने के उद्देश्य से लिया गया है। निर्माताओं ने दूसरी फिल्मों की टीमों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि इससे दर्शकों को हर फिल्म को बेहतर ढंग से अनुभव करने का मौका मिलेगा।

पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज होगी फिल्म

शेनिल देव के निर्देशन में बनी ‘डकैत’ एक इमोशनल एक्शन ड्रामा है, जिसकी कहानी एक ऐसे कैदी के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपने अतीत और विश्वासघात से जूझता नजर आता है। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषाओं में पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज की जाएगी।

फिल्म में आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर के अलावा अनुराग कश्यप और प्रकाश राज भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। दिसंबर 2025 में जारी किए गए फिल्म के टीजर को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके बाद से फिल्म को लेकर उत्साह लगातार बना हुआ है।

हालांकि रिलीज टलने के चलते दर्शकों को थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ेगा, लेकिन मेकर्स को उम्मीद है कि नई तारीख पर ‘डकैत’ बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने में सफल रहेगी।

(साभार)


शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों को करना होगा पंजीकरण

आउटसोर्स के माध्यम से प्रत्येक विद्यालयों में होंगे तैनात

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पड़े 2364 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर भर्ती शुरू कर दी गई है। इसके लिये इच्छुक अभ्यर्थियों को कौशल विकास विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के विभिन्न कार्यालयों व विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों (मृत संवर्ग) पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसके तहत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की आधिकारिक बेवसाइट रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गये हैं। जिसकी अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती आउटससोर्स के माध्यम से की जायेगी, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर चतुर्थ श्रेणी की जनदवार रिक्तयां प्रकाशित कर दी है। जिसमें उत्तरकाशी जनपद में 135 पदों पर आवेदन मांगे गये हैं। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग में 106, टिहरी 268, ऊधमसिंह नगर 182, पिथौरागढ़ 197, पौड़ी 340, बागेश्वर 89, अल्मोड़ा 254, चमोली 179, चम्पावत 120, देहरादून 195, हरिद्वार 91 तथा नैनीताल में 208 पदों पर भर्ती की जायेगी। चयनित अभ्यर्थियों को महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा एवं अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सहित एससीईआरटी, बोर्ड कार्यालय रामनगर, मण्डलीय अपर निदेशक कार्यालय माध्यमिक/प्राथमिक (गढ़वाल व कुमाऊं), समस्त डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी मध्यमिक व बेसिक कार्यालय सहित इंटर काॅलेज व हाईस्कूलों में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जायेगी। आउटसोर्स से तैनात कार्मिकों को प्रत्येक माह 15,000 रूपये मानदेय दिया जायेगा।

बयान-
शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों को आउटसोर्स के माध्यम से विद्यालयों में तैनाती दी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


महिला प्रीमियर लीग 2026- दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात जाएंट्स को हराकर फाइनल में बनाई जगह

खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी दिल्ली कैपिटल्स

नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने दमदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात जाएंट्स को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ दिल्ली की टीम लगातार चौथी बार खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रही। अब दिल्ली का सामना 5 फरवरी को होने वाले फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। अब तक ट्रॉफी से दूर रही दिल्ली के पास पहली बार खिताब जीतने का सुनहरा मौका होगा।

गुजरात ने दिया 169 रन का लक्ष्य

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात जाएंट्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। हालांकि एक छोर पर बेथ मूनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाले रखा। मूनी ने नाबाद अर्धशतक जड़ते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। गुजरात ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 168 रन बनाए।

गुजरात के लिए बेथ मूनी ने 51 गेंदों में छह चौकों की मदद से नाबाद 62 रन बनाए। जॉर्जिया वारेहम ने 35 रन का योगदान दिया, जबकि काश्वी गौतम ने तेज 18 रन जोड़े। दिल्ली की ओर से चिनेली हेनरी ने तीन विकेट झटके, जबकि नंदिनी शर्मा को दो और मिनू मणि को एक सफलता मिली।

शेफाली-लिजेली की विस्फोटक शुरुआत

169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स को शेफाली वर्मा और लिजेली ली ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी कर जीत की नींव रख दी। लिजेली ली ने 24 गेंदों पर 43 रन बनाए, जबकि शेफाली वर्मा ने 31 रन की तेज पारी खेली।

जेमिमा-वोलवार्ट ने दिलाई जीत

शुरुआती झटकों के बाद कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्स और लाउरा वोलवार्ट ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। जेमिमा ने 41 रन की अहम पारी खेली, जबकि वोलवार्ट अंत तक नाबाद रहीं। मारिजाने काप ने विजयी रन बनाकर दिल्ली को 15.4 ओवर में जीत दिला दी।

टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला सही साबित

इस अहम मुकाबले में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया था।

अब सभी की निगाहें 5 फरवरी को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं, जहां दिल्ली कैपिटल्स पहली बार WPL ट्रॉफी उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।


गुलदार के हमले में 5 वर्षीय मासूम की मौत

रात के अंधेरे में गुलदार का हमला, कई घंटों की तलाश के बाद मासूम का शव बरामद

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के सिन्द्रवाणी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। देर रात को गुलदार एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे को उठाकर ले गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। बच्चे की तलाश के लिए तत्काल एसडीआरएफ (SDRF) टीम की मांग की गई।

सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट गोचर से निरीक्षक कर्ण सिंह के नेतृत्व में टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दुर्भाग्यवश मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

बरामद शव को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।


जिला प्रशासन की मानवीय पहल- विधवा महिला का बैंक ऋण चुकाया, बच्चों के भविष्य को दी सुरक्षा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधवा शांति राणा को बड़ी राहत

देहरादून। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी, बैंक ऋण और तीन बच्चों की जिम्मेदारी से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर उनका ऋण भार समाप्त कराया है। इसके साथ ही उनकी 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे परिवार को भविष्य की बड़ी चिंता से मुक्त किया गया है।

नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र है। सीमित संसाधनों के कारण वह बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कर त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर बैंक ऋण का पूर्ण निस्तारण कराया। साथ ही अंशिका की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस अग्रिम रूप से स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।

इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों और अन्य सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को संकट की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।


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