Wednesday, February 4th, 2026

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गुलदार के हमले में 5 वर्षीय मासूम की मौत

Monthly Archives: February 2026

गुलदार के हमले में 5 वर्षीय मासूम की मौत

रात के अंधेरे में गुलदार का हमला, कई घंटों की तलाश के बाद मासूम का शव बरामद

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के सिन्द्रवाणी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। देर रात को गुलदार एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे को उठाकर ले गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। बच्चे की तलाश के लिए तत्काल एसडीआरएफ (SDRF) टीम की मांग की गई।

सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट गोचर से निरीक्षक कर्ण सिंह के नेतृत्व में टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दुर्भाग्यवश मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

बरामद शव को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।


जिला प्रशासन की मानवीय पहल- विधवा महिला का बैंक ऋण चुकाया, बच्चों के भविष्य को दी सुरक्षा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधवा शांति राणा को बड़ी राहत

देहरादून। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी, बैंक ऋण और तीन बच्चों की जिम्मेदारी से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर उनका ऋण भार समाप्त कराया है। इसके साथ ही उनकी 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे परिवार को भविष्य की बड़ी चिंता से मुक्त किया गया है।

नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र है। सीमित संसाधनों के कारण वह बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कर त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर बैंक ऋण का पूर्ण निस्तारण कराया। साथ ही अंशिका की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस अग्रिम रूप से स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।

इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों और अन्य सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को संकट की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।


कोडीन युक्त कफ़ सिरप बिक्री पर औषधि विभाग की सख्त कार्यवाही

देहरादून-  अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड  ताजबर सिंह जग्गी से प्राप्त निर्देशों के तहत “सेफ ड्रग, सेफ लाइफ अभियान” के अंतर्गत कोडीन युक्त कफ सिरप एवं अन्य psychotropic औषधीय की अवैध बिक्री की रोकथाम के लिए देहरादून में विशेष प्रवर्तन कार्यवाही की गई।

उक्त अभियान के तहत जनपद देहरादून के औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी द्वारा विकासनगर, डाकपत्थर एवं सेलाकुई क्षेत्र स्थित विभिन्न मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर पर गंभीर अनियमितताएँ पाई जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रतिष्ठान के औषधियों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।

निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों पर औषधि विक्रय हेतु वैध लाइसेंस की उपलब्धता तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में औषधियों का क्रय-विक्रय सुनिश्चित कराया गया। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि स्वापक (Narcotic) एवं मन:प्रभावी (Psychotropic) औषधियाँ केवल विधिवत चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही वितरित की जाएँ। इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे औषधियाँ केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा किसी भी औषधि की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर तत्काल औषधि प्रशासन को सूचित करें। अपर आयुक्त ने निर्देश जारी किए कि प्रदेश में स्थित सभी थोक विक्रेताओं की सघन जांचक्षं की जाएगी। साथ ही जनपद देहरादून में प्रवर्तन की सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।


प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर प्राधिकरण की सख़्त कार्रवाई

मानचित्र स्वीकृति के बिना किए जा रहे निर्माणों पर ज़ीरो टॉलरेंस, सीलिंग अभियान रहेगा लगातार जारी

देहरादून- प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड एवं अन्य क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर सख़्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई है।

प्राधिकरण द्वारा सहस्त्रधारा रोड स्थित डिफेन्स एन्क्लेव, डांडा नूरीवाला क्षेत्र में आयुष तलनिया एवं सुशील तलनिया द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को चिन्हित किया गया था। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। इसी क्रम में लेन संख्या-01, एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में अरुण चड्ढा द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम द्वारा सील किया गया। मौके पर पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों की अवहेलना करते हुए किया जा रहा था, जिससे क्षेत्रीय नियोजन एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा था।

उक्त दोनों कार्यवाहियां संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गईं। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराई जा सके।

इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत निर्मल बाग, ब्लॉक-सी, श्री राम रेजीडेन्सी ऋषिकेश, देहरादून में राजेश द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सख़्त कार्रवाई की गई। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही अमल में लाई गई।

कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा नियमों के विपरीत किए गए निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। अवैध निर्माण पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी प्राधिकरण द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियोजित बनाने के उद्देश्य से ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किए गए निर्माण शहरी नियोजन, पर्यावरण एवं जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी मामलों में सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी : रेखा आर्या

महिला सशक्तिकरण विभाग की भावी योजनाओं पर की तैयारी की समीक्षा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों को भावी योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने मंगलवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखरेख के लिए जो योजना शुरू की जा रही है, उसमें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद बच्चों का समायोजन कहां किया जाएगा। साथ ही इन बच्चों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता कैसे मिलेगी इसकी भी व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की स्पॉन्सर योजना में राज्य ने 4900 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक कुल 1631 लाभार्थियों का बजट केंद्र से प्राप्त हुआ है, बाकी बजट के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करें और बजट की व्यवस्था की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने “आलंबन गांव” योजना के लिए विकास नगर में उपलब्ध जमीन से संबंधित औपचारिकताएं इसी महीने पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का ड्राफ्ट तैयार करके जल्द से जल्द कैबिनेट में रखा जाए।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र की स्पॉन्सरशिप योजना में जितने लाभार्थियों को शामिल किया जा रहा है, उत्तराखंड में जरूरतमंदों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है ।इसलिए अभी तक छूट जा रहे इन पात्र बच्चों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सानिध्य योजना लाई जाएगी।

बैठक में सभी जनपदों के जिला प्रोबेशन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे और मंत्री ने उन सभी से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।


मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश

गणेश जोशी ने पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में जल निगम, जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मसूरी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चामासारी, सरोना सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुश्ता निर्माण सहित अन्य कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से संबंधित शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाकर कार्यों को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को समय पर लाभ मिल सके। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट: 1.06 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग, सीएम धामी ने की समीक्षा

स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर अवसंरचनात्मक निर्माण को प्राथमिकता में लेने के मुख्यमंत्री के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि

बैठक में अवगत कराया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।

एमओयू ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण अथवा शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण,सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए। निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की।

पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं—जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—वहाँ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अदांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गर्ब्याल, रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने की भेंट

उपनल कर्मचारी महासंघ ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन के जिओ जारी होने पर जताया आभार

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने का जिओ जारी होने पर मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


जनता की समस्याओं पर प्रशासन संवेदनशील, श्रीनगर तहसील दिवस में हुआ समाधान

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ श्रीनगर तहसील दिवस, निस्तारण के पश्चात आवेदक को सूचित करने के निर्देश

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को श्रीनगर तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने की। इस दौरान आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही अथवा शीघ्र समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।

जिलाधिकारी ने बताया कि सेमला गांव में पेयजल समस्या से संबंधित शिकायत पर जल निगम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा तथा तकनीकी समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं नकोट गांव में जल भंडारण टैंक की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। देहलचौरी रोड पर क्षतिग्रस्त पुश्ते एवं स्कपर से जुड़ी शिकायत पर उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत एवं सुधार कार्य की कार्यवाही की जाएगी।

श्रीनगर क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाए जाने तथा दोषियों की पहचान कर चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पार्षदों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन का पानी सड़कों पर बहने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सुधारात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे तथा निर्माण सामग्री एवं मलबा सड़कों पर रखे जाने की शिकायत पर पुलिस द्वारा निरंतर निगरानी एवं चालानी कार्रवाई की जाएगी।

धारी देवी पहुंच मार्ग पर सुरक्षा कार्यों को लेकर प्राप्त शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही धारी देवी क्षेत्र में जाम की समस्या के समाधान हेतु वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धारी देवी क्षेत्र में स्थायी पार्किंग का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित है। साथ ही क्षेत्र के सौंदर्यीकरण कार्य प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करना, लाइटिंग तथा रोड साइनेज से संबंधित कार्य शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर उपजिलाधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे से क्षतिग्रस्त भवनों में जल बिल आने की शिकायत पर जल संस्थान द्वारा परीक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने नालियों के अंडरग्राउंड निर्माण से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर आख्या तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, जिससे समस्याओं का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने निस्तारण की जानकारी समयबद्ध रूप से संकलित कर आवेदकों को अवगत कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि छोटी-छोटी आवश्यकताओं को जिला योजना में सम्मिलित कर कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।

अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है और प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच राजीव चौहान, जिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी, सहायक निबंधक सहकारिता सौरभ कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।


पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने बनाया नया कीर्तिमान, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानी पहुंचे उत्तराखण्ड

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे हैं। जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन/तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 06 करोड़ 03 लाख 21 हजार 194 पर्यटक/तीर्थयात्री उत्तराखण्ड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटक/तीर्थयात्रियों ने उत्तराखण्ड का रुख किया है।

पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखण्ड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


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