Saturday, February 7th, 2026

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टी20 विश्व कप 2026- भारत और अमेरिका के बीच मुकाबला आज

Monthly Archives: February 2026

टी20 विश्व कप 2026- भारत और अमेरिका के बीच मुकाबला आज

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खिताब बचाने उतरेगी टीम इंडिया

नई दिल्ली। गत चैंपियन भारतीय टीम टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत आज यानि शनिवार को अमेरिका के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम इस बार सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में ट्रॉफी बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

ओपनिंग जोड़ी पर सस्पेंस, बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार
मैच से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बल्लेबाजी संयोजन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अभिषेक शर्मा के साथ ईशान किशन के पारी की शुरुआत करने की संभावना जताई जा रही है। टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या अधिक होने पर सूर्यकुमार ने इसे “अच्छी परेशानी” बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों को हर तरह की गेंदबाजी के खिलाफ तैयार रहना होता है और अंतिम फैसला टीम के हित को देखते हुए लिया जाएगा।

विश्व कप से पहले झटका, हर्षित राणा बाहर
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण टी20 विश्व कप से बाहर हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसकी पुष्टि करते हुए उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया है।

खिताब का प्रबल दावेदार भारत
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू हो रहे टी20 विश्व कप में भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम शानदार फॉर्म में है और हाल ही में न्यूजीलैंड को पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-1 से हराया है। लगभग सभी खिलाड़ी लय में नजर आ रहे हैं, जो टीम के लिए सकारात्मक संकेत है।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

भारत बनाम अमेरिका टी20 विश्व कप मैच कब होगा?
07 फरवरी, शनिवार

मैच कहां खेला जाएगा?
वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई

मैच का समय क्या है?
शाम 7:00 बजे से (टॉस शाम 6:30 बजे)

मैच कहां देखें?
टी20 विश्व कप का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स चैनलों पर होगा। वहीं, लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर उपलब्ध रहेगी।


यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा, तेज रफ्तार कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा, 6 की मौत

तेज रफ्तार और बस चालक की लापरवाही बनी दुर्घटना की वजह 

मथुरा। मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क किनारे खड़े यात्रियों को कुचल दिया। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।

यह दर्दनाक हादसा सुरीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइल स्टोन 88 के पास तड़के करीब 2:45 बजे हुआ। दिल्ली से कानपुर जा रही एक निजी बस के कुछ यात्री लघुशंका के लिए बस से नीचे उतरे थे। आरोप है कि चालक ने एक्सप्रेस-वे के निर्धारित ग्रीन जोन में बस रोकने के बजाय सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर दिया। इसी दौरान पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर बस से टकराया और अनियंत्रित होकर नीचे खड़े यात्रियों को रौंदता चला गया।

मौके पर ही छह की मौत, एक घायल

हादसे में छह यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में औरैया, बस्ती, कन्नौज, दिल्ली और फिरोजाबाद जिलों के निवासी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

पुलिस और प्रशासन मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एक्सप्रेस-वे सुरक्षा टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

लापरवाही ने छीनी छह जिंदगियां

प्रारंभिक जांच में हादसे की बड़ी वजह बस चालक की लापरवाही मानी जा रही है। एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को केवल निर्धारित ग्रीन जोन में ही उतारने के नियम हैं, लेकिन इनका पालन न किए जाने से यह हादसा हुआ। तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में हुए इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।


हाई ब्लड प्रेशर पर काबू पाने का आसान तरीका, दो हफ्तों में दिख सकता है असर

आज की तेज़ रफ्तार और अनियमित जीवनशैली के बीच हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लक्षण लंबे समय तक नजर नहीं आते, लेकिन यह धीरे-धीरे हृदय रोग, किडनी की समस्या और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जीवनशैली में सुधार कर इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।

फिटनेस एवं वेलनेस एक्सपर्ट डॉ. शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार हाई बीपी की जड़ें अधिकतर गलत खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव में छिपी होती हैं। उन्होंने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी ‘5 स्टेप लाइफस्टाइल फॉर्मूला’ साझा किया है, जिसे अपनाकर महज दो सप्ताह में बीपी को लगभग 10 पॉइंट तक कम किया जा सकता है।

डॉ. शालिनी का कहना है कि यह फॉर्मूला दवाइयों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके साथ या बिना दवा के भी शरीर को प्राकृतिक रूप से संतुलित करने में मदद करता है। नियमित रूप से इन उपायों को अपनाने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम होता है और शरीर का आंतरिक सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है।

स्टेप 1: नमक की मात्रा पर लगाएं लगाम

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का सबसे पहला और जरूरी कदम सोडियम की मात्रा कम करना है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन बीपी बढ़ा सकता है। पैकेज्ड फूड, चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना जरूरी है।

स्टेप 2: पोटैशियम युक्त आहार बढ़ाएं

डाइट में पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे केला, संतरा, पालक और टमाटर शामिल करें। पोटैशियम शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे धमनियों पर दबाव कम होता है और ब्लड प्रेशर संतुलन में रहता है।

स्टेप 3: रोजाना शारीरिक गतिविधि जरूरी

बैठकर काम करने वाली जीवनशैली हाई बीपी का बड़ा कारण बन रही है। डॉ. शालिनी के अनुसार रोजाना 30 से 45 मिनट वॉक, योग या हल्का व्यायाम दिल को मजबूत बनाता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और सिस्टोलिक व डायस्टोलिक दोनों स्तर नियंत्रित रहते हैं।

स्टेप 4: तनाव से रखें दूरी

मानसिक तनाव सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। तनाव बढ़ने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए रोजाना 10 मिनट ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास या योग को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

स्टेप 5: पूरी नींद लेना है जरूरी

स्वस्थ शरीर के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। नींद की कमी से हार्मोन असंतुलन होता है, जिसका सीधा असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह 5 स्टेप फॉर्मूला तभी असरदार होगा जब इसे नियमित आदत के रूप में अपनाया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि दवाइयों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अगर लोग अपनी दिनचर्या और खानपान में सुधार करें, तो हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

(साभार)


श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में 10 फरवरी को विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

शिविर में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सभी तरह के लैब टैस्ट, सभी प्रोसीजर एवम 3 दिन की दवाईयां निःशुल्क मिलेंगी

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन एवं श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के पावन अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा 10 फरवरी 2026 (मंगलवार) को एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसे इस वर्ष सेवा दिवस के रूप में श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाएगा। इस शिविर में जनरल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सभी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर के लिए पंजीकरण सुबह 08 बजे से प्रारंभ होगा, जबकि मरीज सुबह 09 बजे से दोपहर 03 बजे तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के प्रकटोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक उच्चस्तरीय एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के लिए 7, 8 एवं 9 फरवरी को सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक पूर्व पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए मरीज मोबाइल नंबर 9389922423 पर संपर्क कर सकते हैं, जबकि सामान्य विभागों के लिए 10 फरवरी को शिविर स्थल पर सीधे पंजीकरण किया जाएगा।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सभी प्रकार की लैब जांचें एवं आवश्यक चिकित्सकीय प्रोसीजर बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। शिविर में पंजीकृत मरीजों के ऑपरेशन एवं अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं भी पूर्णतः निःशुल्क संपन्न कराई जाएंगी। शिविर मंे डाॅक्टरों से परामर्श लेने के बाद मरीजों को 3 दिनों की दवाईयाँ निःशुल्क वितरित की जाएंगी।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित यह सेवा दिवस जनकल्याण, मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का सशक्त प्रतीक है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।


डॉ. भानु दुग्गल एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त

राज्यपाल गुरमीत सिंह के आदेश से चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को मिला नया कुलपति

देहरादून। एम्स ऋषिकेश में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल को हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। डॉ. दुग्गल का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कुलाधिपति के प्रसाद पर्यन्त, अधिकतम पांच वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश कुलाधिपति गुरमीत सिंह द्वारा जारी किया गया है।

राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2014 के अंतर्गत विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नई नियुक्ति की गई है। इस संबंध में जारी आदेश में पूर्व आदेश संख्या 27778, दिनांक 17 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया गया है।

संशोधित अधिनियम 2020 की धारा-10 की उपधारा (4) के अंतर्गत कुलपति चयन के लिए गठित अन्वेषण समिति द्वारा प्रस्तुत पैनल में से धारा-10 की उपधारा (5) के खंड (ख) में निहित प्रावधानों के तहत एम्स ऋषिकेश में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।


बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई ‘वध 2’, जानिए फिल्म के पहले दिन का कलेक्शन

साल 2022 में रिलीज हुई चर्चित फिल्म ‘वध’ के बाद अब इसका सीक्वल ‘वध 2’ दर्शकों के बीच पहुंच चुका है। नीना गुप्ता और संजय मिश्रा अभिनीत यह फिल्म शुक्रवार, 6 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। ऐसे समय में जब बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ मजबूत पकड़ बनाए हुए है और ‘मर्दानी 3’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, ‘वध 2’ की शुरुआती कमाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
जसपाल सिंह संधू के निर्देशन में बनी ‘वध 2’ में नीना गुप्ता और संजय मिश्रा के साथ योगिता बिहानी, कुमुद मिश्रा, अक्षय डोगरा और शिल्पा शुक्ला अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने ओपनिंग डे पर करीब 50 लाख रुपये का कारोबार किया है।

बजट के मुकाबले प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘वध 2’ लगभग आठ करोड़ रुपये के बजट में तैयार की गई है। पहले दिन की कमाई बजट के दस प्रतिशत से भी कम रही है, जिसे बॉक्स ऑफिस की भाषा में औसत शुरुआत माना जाता है। फिल्म को हिट की दौड़ में आने के लिए आने वाले दिनों में कलेक्शन में तेज बढ़ोतरी की जरूरत होगी।

बॉक्स ऑफिस पर सीधी टक्कर
‘वध 2’ को रिलीज के दिन कॉमेडी फिल्म ‘भाबीजी घर पर हैं– फन ऑन द रन’ से मुकाबला करना पड़ा। टीवी के लोकप्रिय शो पर आधारित इस फिल्म ने पहले दिन लगभग 25 लाख रुपये की कमाई की। ओपनिंग डे कलेक्शन के लिहाज से ‘वध 2’ ने इस मुकाबले में बढ़त बनाई है।

कहानी की पृष्ठभूमि
फिल्म की कहानी साल 1994 से शुरू होती है, जहां मंजू देवी (नीना गुप्ता) को डबल मर्डर के आरोप में 28 साल की सजा सुनाई जाती है। जेल में तैनात गार्ड शंभुनाथ मिश्रा (संजय मिश्रा) का मंजू के प्रति लगाव दिखाया गया है। इसी बीच जेल के एक कैदी केशव (अक्षय डोगरा) और युवा महिला कैदी नैना (योगिता बिहानी) से जुड़ा घटनाक्रम कहानी को नया मोड़ देता है। एक रहस्यमयी रात के बाद केशव के अचानक गायब हो जाने से जांच शुरू होती है, जिसके इर्द-गिर्द फिल्म की आगे की कहानी बुनी गई है।

कुल मिलाकर, ‘वध 2’ ने सीमित लेकिन ठीक-ठाक शुरुआत की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वीकेंड और अगले दिनों में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर किस तरह रफ्तार पकड़ती है।

(साभार)


रमाबाई आंबेडकर ने संघर्षों से भरे जीवन में धैर्य और आत्मबल के साथ सामाजिक चेतना को नई दिशा दी- सीएम

रमाबाई आंबेडकर की जयंती सीएम धामी ने किया नमन 

मुख्यमंत्री ने कहा रमाबाई आंबेडकर का व्यक्तित्व और उनका संघर्ष समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत और त्याग, समर्पण व अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति रमाबाई आंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रमाबाई आंबेडकर ने संघर्षों से भरे जीवन में धैर्य और आत्मबल के साथ सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि रमाबाई आंबेडकर का व्यक्तित्व और उनका संघर्ष समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके विचार और जीवन मूल्य हमें मानवीय मूल्यों के साथ समाज को आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रमाबाई आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।


भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है- योगी आदित्यनाथ

यमकेश्वर इंटर कॉलेज भवन उद्घाटन में सीएम योगी का संदेश— शिक्षा में संस्कार और संस्कृति जरूरी

सेवा, सुशासन और विकास सरकार का संकल्प- धामी

यमकेश्वर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्द्धन की भी होनी चाहिए। यमकेश्वर इंटर कालेज के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। पौराणिक गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पद्धति व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त आधारशिला रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भवन की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है, उसी प्रकार शिक्षण की गुणवत्ता भी उच्चस्तरीय होनी चाहिए। शिक्षा में नवाचार से गांवों का समग्र विकास होगा तथा पलायन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति से ऊपर उठकर ही सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

सेवा, सुशासन और विकास सरकार का संकल्प- पुष्कर सिंह धामी

शिक्षा केवल रोजगार नहीं, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक निर्माण का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल डिग्री या रोजगार का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार शिक्षा के सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन क्षेत्र के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा और इससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण ही सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरक मिसाल है।

इस अवसर पर सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नवनिर्मित भवन को जनता को समर्पित किए जाने पर शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए प्रांतीयकरण की प्रक्रिया पर नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया। स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने विद्यालय के प्रांतीयकरण एवं विज्ञान विषय की कक्षाएं प्रारंभ कराने की मांग रखी।

कार्यक्रम में दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 6 के नमन रावत, कक्षा 7 के हर्ष चौहान, कक्षा 8 की आरती चौहान, कक्षा 9 के सचिन बडोला, कक्षा 10 की कु. दीपाली, कक्षा 11 के अभिषेक बडोला तथा कक्षा 12 की कुं. पल्लवी शामिल रहे।

कार्यक्रम से पूर्व दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
इसके पश्चात दोनों नेताओं ने इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता- मुख्यमंत्री धामी

सीएम धामी ने सेंट एंग्नेस स्कूल में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में लिया हिस्सा, छात्रों को किया प्रेरित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम मैं प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण से जुड़ा है। यह आयोजन अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।

प्रधानमंत्री का संदेश हमें यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन की एक कड़ी हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं। मुख्यमंत्री ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, जीवन में और भी अनेक लक्ष्य होते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें।

संदर्भित है कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण किया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।

राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है, जो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है। रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य समापन

हरिद्वार। हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।

समारोह के समापन अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वरअवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य अतिथियों ने गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि  महाराज के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक नेतृत्व उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गंगा तट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए ऋषि-मुनियों की स्मृतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी साधना, विचार और जीवन दर्शन आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यहीं से भारतीय संस्कृति की अखंड धारा प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यदि संस्कृति कमजोर होती है तो राष्ट्र भी कमजोर हो जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति, अद्वैत वेदांत, भक्ति परंपरा और गुरु-शिष्य संवाद को भारत की आत्मा बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए देश की अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लेने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने आध्यात्मिक साधना को समाज सेवा से जोड़कर एक विशिष्ट जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गौरव को मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है तथा उत्तराखंड विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल मूल्य थे। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह मंदिर जाति, क्षेत्र और भाषा की सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना एक दूरदर्शी राष्ट्र मंदिर की अवधारणा के साथ की गई थी, जिसे आज और अधिक सशक्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने चारधाम मार्गों पर चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाले चिकित्सकों की सराहना करते हुए इसे सच्ची राष्ट्र सेवा बताया।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी राष्ट्र, धर्म और मानव चेतना के अमर पथप्रदर्शक थे। उनका संपूर्ण जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र धर्म और मानव कल्याण को समर्पित रहा।

भारत सरकार के ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि संत समाज से उन्हें सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। उन्होंने इस आयोजन में सम्मिलित होने को सौभाग्य बताया।

कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, कार्ष्णि पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद  महाराज, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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