Thursday, February 12th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

तिब्बती मार्केट हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, शूटर और सहयोगी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

Monthly Archives: February 2026

तिब्बती मार्केट हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, शूटर और सहयोगी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

दोनों आरोपियों के पैर में लगी गोली 

आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद

देहरादून। राजधानी देहरादून में हाल ही में हुए हत्याकांड के खुलासे के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य शूटर और उसके एक सहयोगी को अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ों के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हत्याकांड के बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही थी। इसी अभियान के दौरान तड़के सुबह रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में पुलिस टीम ने एक संदिग्ध को घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इस दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इसी क्रम में लालतप्पर पुलिस चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक स्कूटी सवार बदमाश पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर वह एक खंडर फैक्ट्री में घुस गया और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद की है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने तिब्बती मार्केट के सामने हुए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।


प्रदेश की शांति भंग करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी- सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर आयोजित प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घटित होने वाले सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों तथा प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और त्वरित कार्रवाई के परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा।


प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, लगभग 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण व अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की आम जनता से अपील, अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें, भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की अवश्य करें जांच

देहरादून- नियोजित विकास की दिशा में प्रतिबद्ध मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध व्यापक और निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा तथा आमजन के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए  विभिन्न स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों तथा पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन में की गई।

रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि जावेद, डेविड एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई, देहरादून में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार पूर्व में नोटिस जारी कर कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की गई सड़कों, प्लॉटों के सीमांकन, मिट्टी समतलीकरण एवं अन्य संरचनात्मक गतिविधियों का ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता श्री शशांक सक्सेना, अवर अभियंता श्री सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्रवाई विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

ढकरानी, हरबर्टपुर में 10–15 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कदम
इसी क्रम में पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे, हरबर्टपुर, देहरादून क्षेत्र में अतुल विकास एवं त्यागी द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। स्थलीय निरीक्षण में अवैध विकास की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों को विधिक नोटिस निर्गत किए गए थे। नोटिस के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहने पर प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध मार्ग निर्माण, प्लॉटों के चिन्हांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिकारीगण, तकनीकी कार्मिक एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न की जा सकी।

सेवला कला में अवैध निर्माण पर सीलिंग
चन्द्र परिसर, सेवला कला, देहरादून में नितिन चौहान द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि होने पर संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में उक्त भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही पूर्ण करते हुए परिसर को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण सुनियोजित एवं संतुलित विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण न केवल शहरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालते हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किए जा रहे निर्माणों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की जांच अवश्य करें तथा अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें। नियोजित विकास ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी क्षेत्रीय अभियंताओं को नियमित निरीक्षण एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा कार्रवाई का व्यय भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।

प्राधिकरण की अपील
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण आमजन को पुनः सूचित करता है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग अथवा निर्माण पूर्णतः अवैध है। नागरिकों से अपेक्षा है कि किसी भी संपत्ति क्रय-विक्रय से पूर्व उसकी स्वीकृति एवं वैधानिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


एस्केप टनल को समानांतर सड़कों के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड रेल परियोजनाओं को लेकर सीएम धामी के निर्देश

देहरादून। राज्य में प्रस्तावित रेल परियोजनाओं में टनल के साथ बनने वाले एस्केप टनल को समानांतर सड़कों ( पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित किया जा सके, इसकी व्यवस्था बनाई जाए। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में बनी एस्केप टनल का भविष्य में किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है, इसपर भी कार्य योजना तैयार जाए साथ ही कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावना पर भी कार्य किया जाए।

यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन परियोजना पर भी तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा उक्त परियोजना के अंतर्गत विभिन्न वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा परियोजना के निर्माण कार्य से अधिकांश क्षेत्र एवं जनता लाभान्वित हो सके इसके लिए अल्मोड़ा एवं सोमेश्वर क्षेत्र को भी जोड़ने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार से टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने का आग्रह किया जाए, जिससे इसके निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान बनाया जाए। जिससे इन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थानीय लोगों के लिए बाजार विकसित हो सके। उन्होंने कहा सभी निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों में स्वयं सहायता समूहों, राज्य की स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में अभी से लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए उन्हें होमस्टे एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जन जागरूकता पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित विभिन्न गांव, कस्बों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के आसपास के स्थानों का समुचित पुनरविकासर किया जाए। ताकि रेल परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भविष्य में बड़ी संख्या में उत्तराखंड आने वाले लोगों के आवागम को सुविधाजनक बनाया जाए।

बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश करणप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत 72.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है साथ ही टनल निर्माण का 95.30% कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना के अंतर्गत कुछ कल 28 टनलों का निर्माण किया है जिनमें से 16 मुख्य टनल एवं 12 एस्केप टनल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग थीम के आधार पर किया जा रहा है। जिसमें शिवपुरी स्टेशन को नीलकंठ महादेव, ब्यासी को महर्षि वेदव्यास, देवप्रयाग को समुद्र मंथन, जनासु को उत्तराखंड कल्चर, मलेथा को वीर माधो सिंह भंडारी, श्रीनगर को मां राज राजेश्वरी देवी, धारी देवी को मां धारी देवी, तिलनी को केदारनाथ, घोलतीर को पांच महादेव, गौचर को बाल गोविंद कृष्ण एवं कर्णप्रयाग को बद्रीनाथ मंदिर,राधा कृष्ण थीम पर आधारित निर्माण किया जा रहा है।

टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना के बारे में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत रेलवे द्वारा तीन सर्वेक्षण विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही अन्य वैकल्पिक मार्गो एवं अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को भी इस रेल मार्ग से जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ब्रजेश कुमार संत, पंकज पांडे, मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी, विजय, ओम प्रकाश, सुमन सिंह, कल्याण सिंह भंडारी, सनत कुमार सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।


द्वारीखाल के किनसुर में बहुउद्देश्यीय शिविर में 60 शिकायतें दर्ज, 110  लोगों को मिला योजनाओं का लाभ

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत विकासखंड द्वारीखाल की न्याय पंचायत किनसुर में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 110 पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 520 लोगों ने प्रतिभाग किया।

शिविर की अध्यक्षता उप प्रभागीय वनाधिकारी भूमि संरक्षण लैंसडाउन प्रशांत हिंदवाण द्वारा की गई। उन्होंने शिविर में पहुंचे स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शेष शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जनता को एक ही स्थान पर विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सीधा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

शिविर में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, कृषि, उद्यान, आयुर्वेदिक एवं यूनानी, पशुपालन, राजस्व सहित कुल 23 विभागों के स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन, प्रमाणपत्र और अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गयी।

इस अवसर पर प्रमुख बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा व विक्रम बिष्ट, सहायक अभियंता लोनिवि सुदेश बिंजोला, खंड विकास अधिकारी जयकृत बिष्ट, खंड शिक्षाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ. अरिहंत सेनी सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे।


धामी कैबिनेट की बैठक में इन छह प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, श्रमिक कल्याण और स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कैबिनेट के निर्णय

1.राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उत्तराखंड में ड्रग फ्री मुहिम और तेज होगी। अभी तक एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे। टॉस्क फोर्स का गठन 2022 में किया गया था। अब इस फोर्स के लिए अलग से ढांचा खड़ा करने की शुरूआत हुई है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे।

2.राज्य मंत्रिमंडल ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने सरकार को संस्तुति दी थी। इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रूपये वेतन देने का निर्णय लिया है। वन विभाग/वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।

3.राज्य मंत्रिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस क्रम में उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026” को प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत कुल 94 पद होगें। इनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले, ईएसआई के ढांचे में एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद शामिल थे।

4.मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक विस्तारित किए जाने के संबंध में भी राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को एक वर्ष के लिए 31 मार्च 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) तक बढ़ाया गया है। इस क्रम में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित “मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को भी वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 31 मार्च 2026) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में यदि भारत सरकार के स्तर पर इस योजना की अवधि विस्तारित होती है, तो राज्य में भी इसे विस्तारित माना जाएगा।

5.राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण के संबंध में भी निर्णय लिया है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों में यह निर्देशित किया गया है कि कारागार नियमावलियों/मॉडल प्रिजन मैनुअल में प्रयुक्त “आदतन अपराधी (Habitual offenders)” शब्द की परिभाषा संबंधित राज्य विधानमंडलों द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए। संशोधन विधेयक को आगामी सत्र में माननीय उत्तराखंड विधान सभा के समक्ष पुनः स्थापित किए जाने की राज्य मंत्रिमंडल ने अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

6.कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष (Allocable Surplus) उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा। उक्त विधेयक में किए गए प्रावधानों के संबंध में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा असहमति व्यक्त की गई। साथ ही वर्तमान में कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियाँ विद्यमान न होने तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध कराए जाने के कारण विधेयक को आगे बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पाया। उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधान सभा से वापस लिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।


ब्रिटिश कोलंबिया के एक स्कूल में गोलीबारी, 10 लोगों की मौत, कई घायल

स्कूल गोलीकांड के बाद ब्रिटिश कोलंबिया में हाई अलर्ट

ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। टम्बलर रिज शहर में स्थित एक स्कूल में हुई गोलीबारी में हमलावर समेत कुल दस लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की पुष्टि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध हमलावर घटनास्थल पर मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमलावर ने गोलीबारी के बाद खुद को भी गोली मार ली। हालांकि, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस हमले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।

छोटे शहर में दहशत का माहौल

यह गोलीबारी टम्बलर रिज नामक कस्बे में हुई है, जिसकी आबादी करीब 2,400 है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने एहतियातन लोगों से घरों में ही रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

स्कूल बंद, सुरक्षा कड़ी

पीस रिवर साउथ स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने सुरक्षा कारणों से टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल और टम्बलर रिज एलीमेंट्री स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। दोनों स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 7 से 12 तक करीब 175 छात्र अध्ययनरत हैं।

मेडिकल और आपात सेवाएं तैनात

घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा दलों को भेजा गया है। पीस रिवर साउथ के विधायक लैरी न्यूफेल्ड ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, हालांकि सुरक्षा कारणों से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जिनके परिजन सुरक्षित हैं, वे घर लौट जाएं ताकि जांच एजेंसियों को अपना काम करने में कोई बाधा न आए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शहर में जल्द ही हालात सामान्य किए जाएंगे।


पैसिव स्मोकिंग- बिना सिगरेट पिए भी सेहत पर मंडराता गंभीर खतरा

अक्सर यह माना जाता है कि धूम्रपान न करने वाले लोग फेफड़ों की बीमारियों और कैंसर जैसी घातक समस्याओं से सुरक्षित रहते हैं, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। सिगरेट या बीड़ी न पीने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति दूसरे के धुएं के संपर्क में आता है, तो वह भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम झेल सकता है। इसी खतरे को चिकित्सा भाषा में पैसिव स्मोकिंग कहा जाता है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सिगरेट के धुएं में करीब 7,000 से अधिक जहरीले रसायन पाए जाते हैं, जिनमें से दर्जनों तत्व सीधे कैंसर का कारण बन सकते हैं। यह धुआं लंबे समय तक हवा में बना रहता है, जिससे बंद कमरे, दफ्तर या वाहन में इसका असर और भी खतरनाक हो जाता है।

हृदय और रक्त वाहिकाओं पर तुरंत असर

अध्ययनों से सामने आया है कि पैसिव स्मोकिंग के संपर्क में आने के 30 मिनट के भीतर ही हृदय और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव शुरू हो जाता है। धुएं में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड धमनियों की भीतरी सतह को क्षतिग्रस्त कर देती हैं, जिससे रक्त संचार बाधित होता है। लंबे समय तक संपर्क में रहने से हार्ट अटैक और कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

फेफड़ों का कैंसर और सांस की बीमारियां

जो लोग स्वयं धूम्रपान नहीं करते, उनमें भी फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा कारण पैसिव स्मोकिंग मानी जाती है। यह धुआं फेफड़ों की संवेदनशील कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसके परिणामस्वरूप अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, यह धुआं फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई प्रणाली को भी निष्क्रिय कर देता है।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा जोखिम

चिकित्सकों का कहना है कि पैसिव स्मोकिंग का सबसे गंभीर असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते, ऐसे में यह धुआं उनके लिए धीमे ज़हर की तरह काम करता है। इसके संपर्क में रहने वाले बच्चों में कान के संक्रमण, निमोनिया और अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (SIDS) का खतरा बढ़ जाता है। वहीं गर्भवती महिलाओं में समय से पहले प्रसव और नवजात का वजन कम होने जैसी जटिलताएं देखी गई हैं।

धुआं मुक्त वातावरण ही है बचाव का उपाय

पैसिव स्मोकिंग से बचने का सबसे प्रभावी तरीका धुआं मुक्त माहौल बनाना है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि घर, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर सख्ती से रोक लगाई जाए। परिवार के किसी भी सदस्य को घर के अंदर सिगरेट या बीड़ी पीने की अनुमति न देना स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि दूसरे के धुएं को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। समय रहते जागरूकता और सावधानी ही आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन दे सकती है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य अध्ययनों पर आधारित है।

(साभार)


सरस मेला और फूड फेस्टिवल की सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं- गणेश जोशी

सरस मेला और फूड फेस्टिवल 2026 की तैयारियों को लेकर मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक

देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ आगामी सरस मेला एवं फूड फेस्टिवल 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने निर्देश दिए कि जनपद उधम सिंह नगर में 14 से 23 फरवरी तक आयोजित होने वाले 10 दिवसीय सरस मेला तथा जनपद चम्पावत में 18 से 24 फरवरी तक प्रस्तावित सात दिवसीय फूड फेस्टिवल की सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं, ताकि कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की प्रगति की भी जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि पहाड़ की महिलाओं द्वारा तैयार उत्तराखण्डी उत्पादों के इस ब्रांड ने लॉन्चिंग के मात्र दो वर्षों के भीतर साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद विदेशों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


देहरादून में सनसनीखेज वारदात- तिब्बती मार्केट के सामने युवक की गोली मारकर हत्या

वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपी 

देहरादून। शहर के तिब्बती मार्केट क्षेत्र में दिनदहाड़े गोलीकांड की सनसनीखेज वारदात सामने आई। अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हमलावर दोपहिया वाहन से मौके पर पहुंचे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। मृतक की पहचान अर्जुन सिंह (40) के रूप में हुई है, जो अमरदीप गैस एजेंसी के संचालक बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि अर्जुन परेड ग्राउंड में टेनिस खेलने आए थे और इसी दौरान जब वह अपनी कार में बैठे थे, तभी अचानक आए हमलावरों ने उन पर गोली चला दी, जो सीधे सीने में लगी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं।

गौरतलब है कि देहरादून जिले में दो सप्ताह के भीतर यह चौथी हत्या है। इससे पहले 29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र में एक छात्रा की हत्या हुई थी। 31 जनवरी को ऋषिकेश में एक महिला प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि 2 फरवरी को देहरादून के मच्छी बाजार में गुंजन नामक युवती की चापड़ से हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं ने राजधानी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp