Monday, February 16th, 2026

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सुदीप्तो सेन की आगामी फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का टीजर हुआ रिलीज

Monthly Archives: February 2026

सुदीप्तो सेन की आगामी फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का टीजर हुआ रिलीज

निर्देशक सुदीप्तो सेन की आगामी फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का टीजर जारी कर दिया गया है। टीजर सामने आते ही फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि में रची गई यह फिल्म अंधविश्वास, रूढ़ परंपराओं और आस्था के नाम पर होने वाले अमानवीय कृत्यों पर तीखे सवाल उठाती नजर आती है।

टीजर में दिखी डर और आस्था की टकराहट

टीजर की शुरुआत चरक मेले के रहस्यमय और भयावह माहौल से होती है, जहां एक समुदाय यह मानता है कि यह पर्व उनकी अधूरी मनोकामनाओं को पूरा करने का आखिरी अवसर है। जैसे-जैसे अनुष्ठान आगे बढ़ते हैं, कहानी गहराती जाती है और दर्शकों के सामने ऐसी परंपराओं की झलक आती है, जो आस्था और क्रूरता के बीच की सीमा को धुंधला कर देती हैं।

तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की परतें

फिल्म भारतीय तांत्रिक परंपराओं के उस संसार को टटोलने की कोशिश करती है, जो आमतौर पर रहस्य और भय से घिरा रहता है। टीजर में अघोरी साधना, तंत्र-मंत्र और बलि जैसी प्रथाओं की झलक दिखाई गई है, जो दर्शकों को असहज करने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती है। यह कहानी केवल डर पैदा नहीं करती, बल्कि विश्वास और विवेक के बीच के संघर्ष को भी उभारती है।

दमदार कलाकारों की मौजूदगी

शीलादित्य मौलिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अंजली पाटिल, सुब्रत दत्ता, नलनीश नील सहित कई अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। सभी कलाकारों के किरदार टीजर में मनोवैज्ञानिक रूप से गहरे और प्रभावशाली दिखाई देते हैं।

6 मार्च को होगी सिनेमाघरों में रिलीज

‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ 6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर से साफ है कि यह फिल्म आस्था, परंपरा और कट्टरता के बीच की पतली रेखा पर सवाल उठाते हुए दर्शकों को एक असहज लेकिन जरूरी सिनेमाई अनुभव देने वाली है। टीजर के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।

(साभार)


मसूरी की माल रोड पर दौड़ेंगी 54 गोल्फ कार्ट, परिवहन व्यवस्था होगी आधुनिक

“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल से सुरक्षित रहेगी रिक्शा चालकों की आजीविका

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर जल्द ही आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का विस्तार होने जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर माल रोड में कुल 54 गोल्फ कार्ट संचालित की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को सुविधाजनक आवागमन मिलेगा और स्थानीय रिक्शा चालकों की आजीविका भी सुरक्षित रहेगी।

“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू

जिला प्रशासन ने रिक्शा चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए “दो चालकों पर एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। इससे परंपरागत रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और चालक आधुनिक परिवहन व्यवस्था से भी जुड़ सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह मॉडल रोजगार सुरक्षा और तकनीकी विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगा।

14 से बढ़कर 54 होगी गोल्फ कार्ट की संख्या

वर्ष 2024 में इस योजना की शुरुआत केवल चार गोल्फ कार्ट के साथ की गई थी। वर्तमान में 14 गोल्फ कार्ट संचालित हो रही हैं, जबकि अब 40 नई गोल्फ कार्ट शामिल किए जाने से इनकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। इससे पर्यटकों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

सीएसआर से मिली 3.36 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी द्वारा इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया था। लगभग नौ महीने की प्रक्रिया और कई दौर की बैठकों के बाद भारत सरकार की संस्था आरईसी लिमिटेड से सीएसआर मद में 3.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।

बिना सरकारी खर्च के साकार हुई योजना

जिला प्रशासन के अनुसार, इस योजना से राज्य सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। गोल्फ कार्ट संचालन से जहां मसूरी में आधुनिक और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली विकसित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय चालकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

प्रशासन का कहना है कि यह पहल मसूरी को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने निर्माणाधीन सैन्य धाम के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम के अंतिम चरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने लोकार्पण से पूर्व सभी निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि सैन्य धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि वीर शहीदों के सम्मान और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा का प्रतीक है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सैनिक कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि लोकार्पण कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल (UPNL) के अधिकारियों को विदेशों में रोजगार के अवसरों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं के तहत 50 प्रतिशत पद पूर्व सैनिकों तथा शेष 50 प्रतिशत पदों पर गैर-सैनिक युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि दोनों वर्गों को समान रूप से लाभ मिल सके।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव सैनिक कल्याण श्याम सिंह, उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनिदेशक विंग कमांडर निधि बधानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


प्रदेश में एक बार फिर करवट ले सकता है मौसम, कुछ जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना

इन जिलों में बदल सकता है मौसम

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं।

मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं।

मैदानी इलाकों में रहेगा साफ मौसम

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 18 फरवरी को भी पहाड़ी जिलों में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है, जबकि 19 से 21 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव का तापमान पर बहुत अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है।

धूप से बढ़ा तापमान

रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली तेज धूप ने गर्मी का अहसास करा दिया। राजधानी देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक बढ़कर 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री ऊपर 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई।


इयरफोन की लत बना सकती है आपको बहरा, समय रहते हो जायें सावधान

आज के स्मार्टफोन और डिजिटल गैजेट्स के दौर में इयरफोन और हेडफोन हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। कामकाज, पढ़ाई, मनोरंजन या सफर—हर जगह इनका इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन जिस सुविधा ने जीवन को आसान बनाया है, वही आदत अगर लापरवाही से अपनाई जाए तो सुनने की क्षमता के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

तेज आवाज से बढ़ता बहरापन का खतरा

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक तेज आवाज में इयरफोन या हेडफोन लगाने से कान के अंदर मौजूद बेहद संवेदनशील कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। खासतौर पर 85 डेसिबल से अधिक की आवाज को लगातार सुनना सुनने की शक्ति को धीरे-धीरे कमजोर करता है। इस स्थिति को ‘नॉइज-इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस’ कहा जाता है, जो अक्सर स्थायी होती है।

धीरे-धीरे उभरते हैं लक्षण

बहरापन किसी एक दिन में नहीं होता। शुरुआत में कान में भारीपन, सीटी जैसी आवाज, या बातचीत के दौरान शब्द साफ न सुनाई देना जैसे संकेत दिखते हैं। अगर इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, तो कम उम्र में ही गंभीर श्रवण समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

इयरफोन से कानों को कैसे पहुंचता है नुकसान

इयरबड्स सीधे कान की नली में फिट होते हैं, जिससे ध्वनि और कान के पर्दे के बीच कोई दूरी नहीं रहती। तेज आवाज का सीधा दबाव अंदर मौजूद तरल और नसों को प्रभावित करता है। लगातार ऐसा होने पर सुनने वाली नसें कमजोर हो जाती हैं और सामान्य आवाजें भी अस्पष्ट लगने लगती हैं।

कानों की सुरक्षा का आसान उपाय: 60/60 नियम

विशेषज्ञों की सलाह है कि हेडफोन या इयरफोन का इस्तेमाल करते समय ‘60/60 नियम’ अपनाना चाहिए। यानी, वॉल्यूम को अधिकतम 60 प्रतिशत से ऊपर न रखें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा इस्तेमाल न करें। हर घंटे के बाद 10–15 मिनट का ब्रेक देना कानों के लिए जरूरी है, ताकि वे खुद को रिकवर कर सकें।

इयरफोन या हेडफोन—कौन सा बेहतर?

स्वास्थ्य के लिहाज से ओवर-द-इयर हेडफोन को इयरबड्स से थोड़ा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि वे कान के पर्दे से कुछ दूरी पर रहते हैं और बाहरी शोर को भी कम करते हैं। इससे तेज वॉल्यूम की जरूरत कम पड़ती है। हालांकि, गलत इस्तेमाल दोनों ही मामलों में नुकसानदायक हो सकता है।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

अगर कान में दर्द, झनझनाहट, बार-बार आवाज समझने में परेशानी या बातचीत के दौरान शब्द गुम हो जाने जैसी दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत इयरफोन का इस्तेमाल कम करें और विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें, सुनने की शक्ति एक बार चली जाए तो उसे वापस पाना बेहद मुश्किल होता है।

निष्कर्ष:
डिजिटल दुनिया में रहते हुए तकनीक से दूरी बनाना मुश्किल है, लेकिन थोड़ी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम अपनी सुनने की अनमोल शक्ति को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।

(यह लेख सामान्य मेडिकल जानकारियों और विशेषज्ञ सलाह पर आधारित है।)

(साभार)


बर्तन की दुकान में गैस सिलेंडर फटने से लगी भीषण आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

ऋषिकेश। शहर के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बर्तन की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ दुकान से आग की ऊंची लपटें और घना धुआं उठने लगा, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकानदार को सूचना दी और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को मौके पर बुलाया गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा बर्तनों का पूरा सामान जलकर राख हो चुका था, जिससे दुकानदार को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

गनीमत यह रही कि घटना के समय दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बड़ा हादसा टलने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।


आरएसएस के समर्थन के बिना कमजोर है भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व- प्रियांक खरगे

कर्नाटक में सियासी घमासान, मंत्री प्रियांक खरगे का आरएसएस पर तीखा हमला

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ गया है। मंत्री प्रियांक खरगे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोलते हुए उसे भारतीय जनता पार्टी की “वैचारिक धुरी” बताया। उन्होंने संघ की फंडिंग, कानूनी हैसियत और संवैधानिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

“भाजपा छाया है, असली ताकत आरएसएस”

खरगे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व संघ के समर्थन के बिना कमजोर पड़ जाता है। उनके मुताबिक, यदि आरएसएस का वैचारिक और सांगठनिक सहयोग न हो, तो भाजपा की स्थिति और भी कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में केवल “छाया” से नहीं, बल्कि असली शक्ति केंद्र से सवाल पूछने की जरूरत है।

फंडिंग और जवाबदेही पर सवाल

मंत्री ने संघ की आय के स्रोतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “गुरु दक्षिणा” के नाम पर होने वाले चंदे की पारदर्शिता स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं को अपने वित्तीय लेन-देन का हिसाब देना पड़ता है, तो संघ इससे अलग कैसे हो सकता है। खरगे ने कहा कि बिना पंजीकरण और स्पष्ट कानूनी ढांचे के कोई भी संस्था जवाबदेही से बच नहीं सकती।

पंजीकरण और कानून का मुद्दा

खरगे ने आरएसएस की कानूनी स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संगठन कानून और संविधान के दायरे में आता है या नहीं। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि आरएसएस खुद को केवल व्यक्तियों का समूह मानता है, तो फिर क्लबों और एसोसिएशनों की तरह उसका पंजीकरण और कर दायित्व क्यों नहीं है।

धार्मिक विमर्श पर टिप्पणी

धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए खरगे ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की मूल भावना और आज की व्याख्याओं में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा या विभाजन को बढ़ावा देना किसी भी रूप में उचित नहीं है।


टी20 विश्व कप 2026- भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराया

भारत ने सुपर-आठ में मारी एंट्री, ग्रुप ए में शीर्ष पर कब्जा

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप में भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर करारी जीत दर्ज करते हुए अपने दबदबे का ऐलान किया। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के इस अहम मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को 61 रनों से हराकर सुपर-आठ में जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 114 रन पर सिमट गई।

ईशान किशन की धमाकेदार पारी

भारत की जीत की नींव सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने रखी। उन्होंने स्पिन के अनुकूल विकेट पर आक्रामक अंदाज में 40 गेंदों में 77 रन ठोके, जिसमें 10 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे ने भी उपयोगी योगदान दिया।

गेंदबाजों का दबदबा, पाकिस्तान ढेर

176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में ही तीन विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार आक्रामक लाइन-लेंथ बनाए रखी और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उस्मान खान के 44 रन के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।

अंक तालिका में उलटफेर

इस भारी हार के बाद पाकिस्तान ग्रुप ए की अंक तालिका में अमेरिका से नीचे खिसक गया है। सुपर-आठ में पहुंचने की उम्मीदें बनाए रखने के लिए उसे अब नामीबिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी ओर, भारत ने लगातार तीन जीत के साथ छह अंकों पर पहुंचकर ग्रुप में शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है।

रिकॉर्डतोड़ जीत

यह जीत टी20 क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी जीत साबित हुई। इससे पहले 2012 में बना रिकॉर्ड भी इस मुकाबले के साथ पीछे छूट गया। भारत अब ग्रुप चरण का आखिरी मैच नीदरलैंड के खिलाफ खेलेगा, जबकि टीम का आत्मविश्वास चरम पर है।


तात्या टोपे का जीवन साहस और राष्ट्रभक्ति की मिसाल- मुख्यमंत्री धामी

1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने किया याद 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद तात्या टोपे का जीवन अदम्य साहस, असाधारण रणनीतिक कौशल और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद तात्या टोपे ने अंग्रेजी हुकूमत को कड़ी चुनौती दी और अपनी सैन्य सूझबूझ से स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि तात्या टोपे का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।


SSC परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

पास कराने के बदले मांगते थे 10 लाख रुपये

देहरादून। देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में, परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने संगठित नकल गिरोहों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत पहले ही दे दिए थे।

इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तरप्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी और नकल कराए जाने की सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। 13 फरवरी 2026 को प्राप्त पुख्ता इनपुट के आधार पर देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में दबिश दी गई।

कार्रवाई के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में 24×24 इंच का एक गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर मिला, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर सक्रिय अवस्था में पाए गए। जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे। एसटीएफ टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सील कर कब्जे में लिया।

इस मामले में दो आरोपियों—नीतिश कुमार (निवासी देवरिया, वर्तमान दिल्ली) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून)—को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले करीब 10 लाख रुपये की मांग करता था और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकल कराई जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश और छापेमारी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।


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