Friday, February 13th, 2026

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​जिलाधिकारी ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं जनसमस्याएं; कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने हेतु दिए कड़े निर्देश

Daily Archives: 13/02/2026

​जिलाधिकारी ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं जनसमस्याएं; कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने हेतु दिए कड़े निर्देश

डीएम ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं फरियादें, निस्तारण के दिए निर्देश

नर्सरी से लेकर होमस्टे तक, खिर्सू की जमीनी हकीकत परखने उतरीं डीएम स्वाति एस. भदौरिया

जिलाधिकारी ने नर्सरी, फॉरेस्ट नर्सरी और ‘बासा’ होमस्टे का किया स्थलीय निरीक्षण
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पौड़ी- विकासखंड खिर्सू के सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में ‘किसान दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा कृषकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्वयं ग्रामीणों और कृषकों से सीधा संवाद कर उनका फीडबैक लिया और कृषि क्षेत्र में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।

कार्यक्रम में सोलर फेंसिंग, नवाचारी उपकरणों के माध्यम से जंगली जानवरों को भगाने तथा स्वरोजगार और स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सृजन के सुझाव दिए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि व्यावसायिक उत्पादन की जानकारी लेकर इसे जिला योजना में शामिल किया जाएगा। साथ ही सामूहिक घेरबाड़ को प्रोत्साहित करने के लिए इसे भी जिला योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि जंगली जानवरों का आतंक कम हो तथा कृषि उत्पादन उचित रूप से हो।

जिलाधिकारी ने कहा कि न्याय पंचायत प्रभारी नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करें तथा अपने मोबाइल नंबर साझा करें, ताकि नागरिकों की प्रशासन तक उचित पहुंच हो सके। उन्होंने कृषकों से लगातार संवाद पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन औद्योगिक विकास हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को सुझाव दिया कि यदि संबंधित ग्रामसभा अपनी भौगोलिक उपयुक्तता और संसाधनों के अनुसार किसी विशिष्ट उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से भेजती है, तो प्रशासन उस पर संज्ञान लेते हुए उद्योग स्थापित करवाने की दिशा में हर संभव कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम के दौरान कृषक अर्जुन सिंह ने प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कीवी और सेब की बागवानी हेतु स्प्रिंकलर की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ड्रिप सिंचाई के आवेदन लेकर उचित समाधान करने के भी निर्देश दिए। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों, घेरबाड़, वर्मी कंपोस्ट की खरीद, सिंचाई टैंक, स्ट्रीट लाइट और झाड़ी कटान जैसी मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों और डीएफओ को ही मामले प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सभी आवेदनों को आज ही पूर्ण कर एक सप्ताह के भीतर निस्तारण की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो मांगें तत्काल पूरी होने योग्य हैं, उन्हें अविलंब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

किसान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने वन विभाग की नर्सरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में पौधों की विभिन्न प्रजातियों को डिस्प्ले (प्रदर्शित) करने के निर्देश दिए ताकि आगंतुकों को जानकारी मिल सके। नर्सरी परिसर में जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, ताकि हॉर्टि-टूरिज्म का विकास हो सके। रेंजर नक्षत्र शाह को बंदर पकड़ने और झाड़ी कटान की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने आगामी फायर सीजन हेतु 15 फरवरी से फायरवॉचरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने ‘बासा’ होमस्टे का निरीक्षण भी किया। उन्होंने होमस्टे तक सुगम पहुंच मार्ग (रास्ते) का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी को संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा ताकि होमस्टे की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
​इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।


ऋषिकेश में अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर एमडीडीए का सख्त प्रहार

पशुलोक में बहुमंजिला भवन सील, खेरिकला व रायवाला में अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राधिकरण द्वारा यह अभियान क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। एमडीडीए की टीम ने गली नंबर 10, निर्मल बाग, ब्लॉक-बी, पशुलोक, ऋषिकेश (देहरादून) में श्रवि द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। बताया गया कि संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण की निर्माण संबंधी नियमावली का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।

इसके अतिरिक्त, खेरिकला स्यामपुर, ऋषिकेश में सुनील रावत द्वारा लगभग 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बनाई गई अवैध सड़कों एवं भू-खंडों के सीमांकन को हटाते हुए प्लाटिंग को निरस्त किया गया।

इसी क्रम में रायवाला, ऋषिकेश क्षेत्र में संदीप रावत द्वारा लगभग 06 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया और संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। “एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे बिना मानचित्र स्वीकृति या विधिक अनुमति के किसी भी निर्माण कार्य में निवेश न करें,” उन्होंने कहा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। “हमारा लक्ष्य पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी,” उन्होंने कहा।

एमडीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे ऋषिकेश सहित समूचे प्राधिकरण क्षेत्र में सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित किया जा सके।


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