Monday, October 5th, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

Daily Archives: 05/10/2026

मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

सीएम धामी ने नव नियुक्त कार्मिकों से सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग के 271 और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों समेत कुल 332 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के जीवन का अहम पड़ाव है। इसके साथ ही उनके सामने जनसेवा की नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा को केवल नौकरी के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाना चाहिए। आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कार्मिकों की जिम्मेदारी सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने वाले लोगों को व्यवस्था से काफी उम्मीदें होती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की संवेदनशीलता, तत्परता और कार्यकुशलता लोगों के भरोसे को मजबूत करती है। मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कार्मिकों से कहा कि वे जहां भी तैनात हों, अपनी कार्यशैली से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। अस्पताल पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है और सही निर्णय के साथ किया गया ईमानदार प्रयास उसके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

उत्तराखंड को आयुष और वेलनेस का केंद्र बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। सरकार प्रदेश को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। सभी जनपदों में आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिल रही है। वहीं, ‘आयुष सेतु पोर्टल’ को भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश के कई होमस्टे को आसपास के आयुर्वेद चिकित्सालयों की वेलनेस सेवाओं से जोड़ा गया है, ताकि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को योग, आयुर्वेद और पंचकर्म के जरिए स्वास्थ्य और मानसिक शांति का बेहतर अनुभव मिल सके।

सभी 13 जिलों तक पहुंची ईएसआई योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना की स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पहले यह योजना प्रदेश के छह जनपदों तक सीमित थी, लेकिन अब सभी 13 जनपदों में इसका विस्तार कर दिया गया है। रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि हरिद्वार में 300 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण जारी है। काशीपुर में भी ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।

इस अवसर पर आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने भी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में आयुष सेवाओं को मजबूत और जनसुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नए कार्मिकों की नियुक्ति से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


छह साल के प्रेम संबंध के बाद शादी से इनकार, युवती ने युवक पर पैसे ठगने का लगाया आरोप

अररिया। भरगामा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बांका की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने धनेश्वरी पंचायत के वार्ड संख्या सात निवासी मोहम्मद रब्बान पर पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने और इस दौरान रुपये लेने का आरोप लगाया है। युवती ने रविवार को भरगामा थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के मुताबिक, युवती लंबे समय से अपने परिवार के साथ दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में रह रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद रब्बान से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने उस समय अपना नाम ‘सोनू’ बताया था। दोनों के बीच करीब छह वर्षों तक प्रेम संबंध रहा।

युवती का कहना है कि जब उसने युवक से शादी करने की बात कही तो उसने उसे अपने गांव बुलाया। इसके बाद युवती अपनी मां और भाई के साथ धनेश्वरी पंचायत स्थित युवक के घर पहुंची। वहां दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और मामला शादी से आगे नहीं बढ़ सका।

युवती ने आरोप लगाया कि प्रेम संबंध के दौरान युवक ने उससे कई बार रुपये लिए थे। शादी से इनकार के बाद उसने इसे धोखाधड़ी बताते हुए अपनी रकम वापस दिलाने और युवक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद युवती थाने पहुंची और पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताते हुए लिखित आवेदन सौंपा।

भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार, युवती की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी रुपये ठगी किए जाने के आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है। आवेदन और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


भजनपुरा फायरिंग केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार; 3 पिस्टल और 18 कारतूस बरामद

 दिल्ली। भजनपुरा इलाके में घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान वेलकम निवासी जासिम उर्फ आलू (23) और कैफ उर्फ डीजे (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, 18 कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की ओर से चलाई गई दो गोलियां जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया।

घटना 2 अक्टूबर की देर रात भजनपुरा थाना क्षेत्र के सुभाष विहार, उत्तर घोंडा की गली नंबर-16 की बताई जा रही है। पुलिस को करीब 2:43 बजे फायरिंग की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने घर की बालकनी में आया था। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक वहां पहुंचे। उनके हाथों में पिस्टल थी और उन्होंने शिकायतकर्ता की ओर तथा हवा में गोलियां चला दीं।

फायरिंग में मकान की कांच की रेलिंग और बाहरी दीवार को नुकसान पहुंचा। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। शिकायत के आधार पर भजनपुरा थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों को पकड़ने के लिए विशेष स्टाफ की टीम को लगाया गया। पुलिस टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों की गतिविधियों से जुड़ा अहम सुराग मिला।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि फायरिंग में शामिल दोनों आरोपी नानकसर से तीसरे पुश्ता रोड होते हुए उस्मानपुर की तरफ मोटरसाइकिल से आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित रास्ते पर घेराबंदी कर दी।

पुलिस का कहना है कि करीब 2:45 बजे बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और 18 कारतूस बरामद किए हैं। इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।

जांच में सामने आया है कि जासिम उर्फ आलू के खिलाफ विशेष प्रकोष्ठ में आर्म्स एक्ट का एक मामला पहले से दर्ज है। वहीं, पुलिस को कैफ उर्फ डीजे का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने शिकायतकर्ता के घर पर फायरिंग करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने दावा किया कि उन्हें यह वारदात राशिद उर्फ केबलवाला के कहने पर करने के लिए कहा गया था। अब पुलिस पूरे मामले में अन्य संभावित आरोपितों और वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।


यमन में फिर भड़का गृहयुद्ध, तुर्बाह पर हूतियों का कब्जा, अब ताइज पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

लाल सागर से ताइज तक हूतियों का दबदबा

सना। यमन में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तुर्बाह शहर पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद हूती अब प्रांतीय राजधानी ताइज की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। तुर्बाह पर कब्जे को सऊदी अरब समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के लिए बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।

हूतियों की बढ़ती गतिविधियों के बीच यमन सरकार ने उनके खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का ऐलान किया है। सरकार ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती और लामबंदी शुरू कर दी है। वहीं, सऊदी अरब ने भी यमन सरकार की सेनाओं को हरसंभव सैन्य सहयोग देने की बात कही है। करीब चार साल तक चले युद्धविराम के बाद दोनों पक्षों के बीच बढ़े तनाव ने यमन के गृहयुद्ध को फिर भड़का दिया है।

तुर्बाह पर कब्जे के बाद ताइज पर बढ़ा खतरा

रविवार को हूतियों ने तुर्बाह शहर पर नियंत्रण कर लिया। यह शहर उस महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है, जो ताइज को बंदरगाह शहर अदन से जोड़ता है। अदन फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का अंतरिम केंद्र है।

तुर्बाह में पिछले कई वर्षों से सरकारी बलों की महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी रही है। इसी इलाके से सरकारी सैनिक ताइज की रक्षा के लिए हूतियों के खिलाफ मोर्चा संभालते रहे हैं। ऐसे में तुर्बाह का हाथ से निकलना सरकार के लिए सैन्य और रणनीतिक, दोनों लिहाज से बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

हूती पहले ही ताइज के बाहरी इलाकों के कई गांवों और क्षेत्रों पर कब्जा कर चुके हैं। तुर्बाह पर नियंत्रण मिलने के बाद उनके लिए ताइज को अलग-अलग दिशाओं से घेरने का रास्ता और आसान हो गया है। ताइज यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और देश में इसका रणनीतिक महत्व काफी अधिक है।

लाल सागर के तट पर भी हूतियों की बढ़त

सितंबर की शुरुआत से हूतियों ने लाल सागर के पश्चिमी तट पर अपना अभियान तेज किया था। इस दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोखा शहर और लाल सागर के कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया। इन इलाकों पर नियंत्रण से हूतियों की समुद्री रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई है और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

बाब अल-मंदब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। इस संकरे जलमार्ग से वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में किसी सशस्त्र समूह का इस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ना केवल यमन तक सीमित खतरा नहीं है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

यमन सरकार ने किया बड़े सैन्य अभियान का ऐलान

यमन सरकार ने रविवार को बयान जारी कर हूतियों के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की। सत्तारूढ़ प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने टेलीविजन संबोधन में कहा कि अभियान का उद्देश्य हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेना है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यमन सरकार को समर्थन देने की अपील भी की। इसके कुछ ही घंटे बाद सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने यमन सरकार की सेनाओं को पूर्ण सैन्य सहयोग देने का भरोसा जताया।

सऊदी पक्ष ने स्पष्ट किया कि हूतियों के खिलाफ अभियान में यमन सरकार को पूरी परिचालन सहायता दी जाएगी। साथ ही सऊदी अरब ने हूतियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार भी जताया है।

मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव

दोनों पक्षों के बीच तनाव पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ा है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हूतियों की ओर से सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों ने पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर कर दिया है।

जुलाई के मध्य में तनाव ने नया रूप लिया, जब हूतियों ने सऊदी अरब पर यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर बमबारी करने का आरोप लगाया। हूतियों के मुताबिक, सऊदी अरब ने एक अनधिकृत ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए एयरपोर्ट को निशाना बनाया था।

इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब और यमन में सरकारी बलों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए। लाल सागर में सऊदी शिपिंग की नाकेबंदी की घोषणा के साथ सऊदी अरब से जुड़े कुछ जहाजों को भी निशाना बनाया गया।

तुर्बाह पर कब्जे से सरकारी बलों की सप्लाई पर असर

वॉशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के विश्लेषण के अनुसार, तुर्बाह पर हूतियों का कब्जा ताइज में तैनात यमन सरकार समर्थक बलों के लिए सैनिकों, हथियारों और जरूरी सामान की आपूर्ति को मुश्किल बना सकता है।

तुर्बाह के उत्तर में आने-जाने वाली सड़कों पर हूतियों का नियंत्रण बढ़ने से सरकारी बलों के लिए ताइज से पीछे हटने के रास्ते भी सीमित हो सकते हैं। ऐसे में तुर्बाह पर नियंत्रण केवल एक शहर पर कब्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर ताइज में चल रही सैन्य स्थिति पर पड़ सकता है।

2014 से जारी है यमन का गृहयुद्ध

यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूती विद्रोही अपने उत्तरी गढ़ से आगे बढ़ते हुए राजधानी सना में दाखिल हो गए थे। उन्होंने राजधानी पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद यमन सरकार को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी।

वर्षों से जारी संघर्ष ने यमन को दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में शामिल कर दिया है। अब तक इस युद्ध में 1.5 लाख से अधिक लोगों की मौत होने का अनुमान है।

हालिया हिंसा ने संकट को और गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, ताजा संघर्ष में 800 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 3,600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, नए संघर्ष के कारण यमन के भीतर 1.45 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, 3,000 से अधिक लोग समुद्र पार कर जिबूती पहुंच चुके हैं।

तुर्बाह पर कब्जे के बाद ताइज की ओर हूतियों की बढ़त और इसके जवाब में सऊदी समर्थित यमन सरकार के सैन्य अभियान ने देश में लंबे समय से चले आ रहे गृहयुद्ध को एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है।


गोवंश संरक्षण को लेकर उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग अध्यक्ष ने ली समीक्षा बैठक

15 दिन के भीतर गौसदनों के लिए भूमि चयन की कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश

पौड़ी- उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ. राजेंद्र अण्थवाल ने विकास भवन सभागार में जनपद में गोवंश संरक्षण एवं गौसदनों की व्यवस्थाओं को
लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौसदनों के लिए भूमि चयन की कार्यवाही 15 दिन के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही ग्राम्य गौसेवकों, गौसदनों को दिए जा रहे राजकीय अनुदान एवं भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गयी।

अध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 की धारा 7 एवं 8 के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गोवंश के जन्म-मरण की रिकॉर्डकीपिंग, डेयरियों का पंजीकरण एवं समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करने तथा गोवंश को निराश्रित छोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। जिन निकायों में गोवंश लिफ्टिंग वैन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ।

बैठक में जनपद में गोहत्या, गोकशी एवं गो तस्करी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गयी। अध्यक्ष ने सभी चौकी एवं थाना प्रभारियों को गोवंश से संबंधित अवैध गतिविधियों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के छात्रों के माध्यम से भी गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। जनपद में कुल 25 गौसदन है जिसमें से 21 गैर सरकारी तथा 4 सरकारी है। इसमें कुल 2653 निराश्रित गौवंश को रखा गया है।

बैठक में जानकारी दी गयी कि जनपद में कुल 10 विकासखंडों में 32 ग्राम्य गोसेवक पंजीकृत है। पशुपालन विभाग द्वारा अब तक 2,76,076 गोवंश की ईयर टैगिंग की जा चुकी है वहीं 73.61% का टीकाकरण हो चुका है। इसके अलावा जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित गौसदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए नए गौसदनों के लिए भूमि चयन तथा लंबित प्रस्तावों के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।


दिल की बीमारी से बचाव के लिए लाइफस्टाइल पर दें ध्यान, तंबाकू-मोटापा और कोलेस्ट्रॉल को लेकर रहें सतर्क

दिल की बीमारियों को लंबे समय तक बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या माना जाता रहा है, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर स्थितियां सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तंबाकू के सेवन के कारण दिल की सेहत को लेकर कम उम्र से ही सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के मुताबिक परिवार में हार्ट डिजीज या डायबिटीज का इतिहास, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल जैसे कारक दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप और रोजाना व्यायाम जैसी आदतें जोखिम कम करने में मददगार हो सकती हैं।

प्रसिद्ध हार्ट सर्जन डॉ. श्रीराम नेने का कहना है कि दिल की बीमारी को लेकर ध्यान केवल हार्ट अटैक के बाद इलाज तक सीमित नहीं होना चाहिए। बीमारी से बचाव, शुरुआती संकेतों की पहचान और समय पर उपचार पर भी बराबर ध्यान देने की जरूरत है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

कार्डियक सर्जन और मेदांता के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहान ने भी युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों पर चिंता जताते हुए लोगों को अपनी दिल की सेहत को लेकर सावधान रहने की सलाह दी है। उनके अनुसार, जिन परिवारों में हार्ट डिजीज और डायबिटीज का इतिहास रहा है, उन्हें 25 साल की उम्र से पहले स्वास्थ्य जांच शुरू करा लेनी चाहिए। वहीं, जिन लोगों के परिवार में ऐसी बीमारियों का इतिहास नहीं है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार 30 साल की उम्र से पहले जरूरी जांच कराने पर विचार करना चाहिए।

डॉ. त्रेहान के मुताबिक जीनोम सीक्वेंसिंग जैसी आधुनिक जांचों से भी आनुवंशिक जोखिमों को समझने में मदद मिल सकती है। परिवार की मेडिकल हिस्ट्री, ब्लड टेस्ट और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी को साथ में देखकर दिल की बीमारी के संभावित जोखिम का आकलन किया जा सकता है।

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की रिसर्च एंड हेल्थ प्रमोशन डिविजन की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. मोनिका अरोड़ा ने दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों के पीछे खराब जीवनशैली और खान-पान में बदलाव को अहम कारण बताया। उनके अनुसार पारंपरिक भारतीय भोजन की जगह जंक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ने से भी स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों ने तंबाकू के सभी रूपों से दूरी बनाने की सलाह दी है। इसमें सिगरेट के अलावा गुटखा और दूसरे तंबाकू उत्पाद शामिल हैं। वेप और निकोटीन की लत को भी दिल की सेहत के लिए जोखिमपूर्ण बताया गया है।

ग्लोबल मेटाबोलिक हेल्थ अलायंस के डॉ. अमित गुप्ता के अनुसार दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी पर नियंत्रण रखना जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसे कारक दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं।

विशेषज्ञों ने बच्चों में बढ़ते मोटापे को भी चिंता का विषय बताया है। वजन को नियंत्रित रखने की आदत बचपन से विकसित करने की सलाह दी गई है। वहीं, बुजुर्गों को नियमित रूप से ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और वजन की जांच कराने, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेने और समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेते रहने पर जोर दिया गया है।


उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 से 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी

4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 6 से 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं, गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं, अधिकांश मैदानी इलाकों में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, 6 से 8 अक्टूबर के बीच 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर के बीच करीब 3800 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी होने की संभावना है। ऐसे में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।

इन जिलों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

वहीं, 6 और 7 अक्टूबर को नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी में मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जन और आकाशीय बिजली को लेकर भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर अगले छह दिनों के दौरान प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते ठंड में इजाफा हो सकता है।


उत्तराखंड में एसआईआर पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

कांग्रेस एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष मनोज रावत ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और आयोग से वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस की एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनोज रावत ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में करीब 13.85 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि प्री-एसआईआर और एसआईआर के दौरान हुई मतदाता कटौती के वास्तविक आंकड़े निर्वाचन आयोग की ओर से सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में मनोज रावत ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 को ऑटो जनरेट करने, भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित शिकायतों को आधार बनाने और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के मामले में निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत रही है।

रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में करीब 14 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर न्यायालय का रुख करेगी। उनके मुताबिक कांग्रेस के बीएलओ की सक्रियता के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रह सके।

उन्होंने आगामी दिनों में फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। रावत ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही निर्वाचन आयोग को एसआईआर से संबंधित सभी वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महासचिव राजेंद्र भंडारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (अल्पसंख्यक) हाजी सुलेमान अंसारी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एसआईआर कमेटी के सदस्य अमेंद्र बिष्ट और अधिवक्ता संदीप चमोली मौजूद रहे।


देहरादून में 3 लाख की स्मैक के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार, स्थानीय युवाओं को बेचने की थी तैयारी

देहरादून। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेल नगर पुलिस ने एक युवक को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 10.19 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली पटेल नगर पुलिस की टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को क्षेत्र में चेकिंग के दौरान राशिद नाम के युवक को पकड़ा।

तलाशी के दौरान उसके पास से 10.19 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लालच में नशे की तस्करी में शामिल हुआ था। वह स्मैक को छोटी-छोटी मात्रा में स्थानीय नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राशिद पुत्र इरशाद, निवासी आजाद कॉलोनी, पटेल नगर, देहरादून, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, चौकी प्रभारी आईएसबीटी, उपनिरीक्षक बलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल हरेंद्र और कांस्टेबल आजाद शामिल रहे।


जनता की फरियाद पर प्रशासन सख्त, समाधान दिवस में 126 शिकायतें दर्ज

बुजुर्गों के उत्पीड़न पर कडा एक्शन, भरण-पोषण कानून में वाद दर्ज

अवैध कब्जों व क्षतिग्रस्त मार्गों की समस्याओं पर अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश

देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आम जनता की समस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देशों के तहत अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 126 शिकायतें दर्ज की गईं।

एडीएम के.के. मिश्रा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी गहन समीक्षा की और प्राथमिकता के आधार पर उनका जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बुजुर्गों के दर्द पर तत्काल कार्रवाई
पुत्र पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 73 वर्षीय बुजुर्ग मदनलाल भल्ला ने बताया कि कारोबार स्थापित करने में मदद के बावजूद सफल होने पर बेटे ने बुढ़ापे में उन्हें बेसहारा छोड़ दिया। प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर ही भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। 74 वर्षीय विधवा रेणुका खनका द्वारा बहू पर पैतृक संपत्ति हड़पने, मारपीट और देखभाल न करने का आरोप लगाने पर सीओ रायपुर तथा महिला सेल को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अवैध कब्जे व निर्माण कार्य पर सख्ती
गायत्री विहार के एक बुजुर्ग दंपत्ति द्वारा वैध संपत्ति पर पड़ोसी के अवैध कब्जे और एमडीडीए के सीलिंग आदेशों का पालन न होने की शिकायत पर एमडीडीए को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सेवाकलां निवासी संजय कुमार की पुश्तैनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा कब्जे और धमकी की शिकायत पर एसडीएम सदर को सख्त कदम उठाने को कहा गया।

रेसकोर्स निवासी आशीष बड़थ्वाल द्वारा पूर्व पार्षद पर नियम विरुद्ध तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण व अवैध गतिविधियों का आरोप लगाने पर एसडीएम सदर व पुलिस क्षेत्राधिकारी को स्थलीय निरीक्षण के आदेश जारी किए गए।

सड़क, पेयजल एवं जनसुविधाएं
इंद्रलोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए जल निगम तथा खुड़बुड़ा मोहल्ले में गंदे पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए जल संस्थान को तत्काल कार्य करने को कहा गया। रानीपोखरी क्षेत्र में वर्ष 2024 से पूर्व के पेयजल कनेक्शनों एवं शुल्क में धांधली की जांच हेतु अधिशासी अभियंता जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

आशारोड़ी-झाझरा हाईवे निर्माण में अनियमितता पर एनएचएआई, जबकि चकराता ब्लॉक के खारसी मोटर मार्ग व कोल्डपानी सत्तौर में भू-कटाव की रोकथाम के लिए पीडब्ल्यूडी व एसडीएम को जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

विकासखंड कालसी के कामला स्थित हड्डियागाड़ में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी की शिकायत पर एसडीएम कालसी को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

आपदा राहत एवं जनहित की मांगें
कुडियाल ग्राम पंचायत में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हाथी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने तथा प्रकाश पंत मार्ग से एयरपोर्ट तक जंगली हाथियों से बचाव हेतु स्ट्रीट लाइट लगाने का जिम्मा बीडीओ को सौंपा गया।

गांधी रोड निवासी इल्मा, प्रेम बहादुर, सरस्वती व रणवीर सिंह द्वारा आर्थिक तंगी, बच्चों की शिक्षा व बीमारी के इलाज हेतु मांगी गई आर्थिक सहायता की जांच के निर्देश संबंधित एसडीएम को दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


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