Saturday, May 30th, 2026

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गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- डीएम

Daily Archives: 30/05/2026

गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- डीएम

अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों, एसटीपी और अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं की गहन समीक्षा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति तथा अर्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल प्रेजेंटेशन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि योजनाओं के सकारात्मक और प्रभावी परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नाला टैपिंग तथा स्वच्छता संबंधी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जल संस्थान और परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं।

टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पंपिंग स्टेशन और सीवर लाइन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने तथा आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने को कहा गया। डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी देने के लिए नगर निगम देहरादून का संबंधित अधिकारी बैठक में अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में देरी पर भी डीएम ने असंतोष जताया और पेयजल निगम को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

मसूरी क्षेत्र में कैमल बैक एसटीपी और अर्केडिया जोन एसटीपी परियोजनाओं में वर्षों से लंबित कार्यों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। अर्केडिया परियोजना में भूमि चिन्हीकरण और म्यूटेशन की प्रक्रिया लंबित रहने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।म जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों और निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, कूड़ा उठान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा डंपिंग जोन में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत सेलाकुई में स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में अर्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित निर्माण कार्यों को एनएमसीजी की अनुमति और निर्धारित एसओपी के अनुरूप पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही विभिन्न नदियों के फ्लड जोन चिन्हीकरण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


चंद्रशिला ट्रेक पर आसमानी कहर: आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

आयुषी

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेकिंग क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। तेज आंधी, बारिश और तूफान के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरी रात अभियान चलाकर मृतक के शव को सुरक्षित नीचे पहुंचाया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून को सूचना मिली कि तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में भ्रमण पर गए युवाओं का एक समूह खराब मौसम में फंस गया है। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से समूह के कुछ सदस्य इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही SDRF मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रतूड़ा पोस्ट से एक विशेष रेस्क्यू टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया।निरीक्षक अनिरुद्ध भंडारी के निर्देशन में उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ रवाना हुई। हालांकि मौसम लगातार खराब बना हुआ था और क्षेत्र में तेज बारिश तथा हवाएं चल रही थीं, फिर भी टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

बताया गया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर मौजूद अन्य एजेंसियों और राहतकर्मियों ने गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल भिजवा दिया था। वहीं दो अन्य युवक सुरक्षित पाए गए। लेकिन आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आने से 19 वर्षीय अभिनव वाजपेई, पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।घटना के बाद SDRF के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम था। चोपता से चंद्रशिला तक लगभग 8 से 10 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग, लगातार बारिश, फिसलन भरे रास्ते और सीमित दृश्यता के बीच टीम ने रात्रिकालीन अभियान जारी रखा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद SDRF जवानों ने साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए रात करीब 11 बजे घटनास्थल तक पहुंच बनाई।रेस्क्यू टीम ने मृतक के शव को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और कठिन पहाड़ी रास्तों से होते हुए उसे नीचे चोपता तक पहुंचाया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी और वैधानिक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और पर्वतीय यात्राओं के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है और आकाशीय बिजली की घटनाएं विशेष रूप से खुले स्थानों, पहाड़ी चोटियों और ट्रेकिंग मार्गों पर मौजूद लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों और ट्रेकर्स से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।


वाराणसी एयरपोर्ट पर इबोला अलर्ट, प्रत्येक यात्री की थर्मल जांच अनिवार्य

पूजा भट्ट

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इबोला वायरस के बढ़ते खतरे के कारण हाई अलर्ट जारी किया गया है| यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग करवाना अनिवार्य कर द्या गया है और संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों को आइसोलेट कर जांच करवाने के लिए पुणे भेजने का निर्णय लिया गया है|

इबोला वायरस के बढ़ते संक्रमण को विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) द्वारा गंभीर स्वास्थ्य संकट घोषित कर दिया गया है और शुक्रवार को एयरपोर्ट पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया |
यह बैठक एयरपोर्ट स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट प्रशासन के संयुक्त प्रयास से संभव हो पाई |बैठक में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ी एयरलाइंस के प्रतिनिधि, इमिग्रेशन विभाग, सीआईएसएफ (CISF) और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक मे इबोला के प्रभाव से बचने के लिए किए जाने वाले सुरक्षा उपायों और यात्रियों की जांच व्यवस्था पर चर्चा की गई| आधिकारियों ने एयरपोर्ट पर आने वाली यात्रियों की निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कारवाई करने के निर्देश दिए है| एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा की यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे है|

बैठक में विशेष रूप से विदेश से आने वाले यात्रियों कि कड़ी निगरानी ,स्वास्थ्य जांच को और मजबूत बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्तिथि से बहार निकलने की तैयारियों पर जोर दिया गया है| एयरपोर्ट मे आने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग जारी कर दी गई है |

यदि किसी भी यात्री में बुखार ,सिरदर्द, उलटी या अन्य संदिग्ध लक्षण पाए जाते है तो उसे तुरंत अलग करना और जांच के लिए अस्पताल भेजना अनिवार्य कर दिया गया है|

संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि एयरपोर्ट के साथ-साथ पूरे जिले में विदेश से लौटने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध मरीज के मिलने पर तुरंत उसे अलग रखने और सैंपल लेने की व्यवस्था की जाए। होटल, गेस्ट हाउस और मेडिकल कॉलेजों में भी जरूरी स्वास्थ्य नियम लागू कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूर बरतें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, समय-समय पर हाथ धोते रहें और यदि कोई लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


गाजियाबाद में खौफनाक वारदात: 11वीं के छात्र की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या, ‘बकरा हलाल’ देखने के विवाद में वारदात का आरोप

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित नवनीत विहार कॉलोनी से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। त्योहार के दिन 11वीं कक्षा के एक छात्र की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि छात्र सूर्या पर उसके पूर्व परिचित असद (उर्फ अरशद) और उसके साथियों ने जानलेवा हमला किया। पेट में चाकू घोंपे जाने के बाद सूर्या करीब 200 मीटर तक जान बचाने के लिए भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया और दोबारा कई बार वार किए। अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को सूर्या ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

मूल रूप से एटा के रहने वाले पीड़ित परिवार के मुताबिक, 11वीं का छात्र सूर्या अपने दोस्तों के साथ घर के पास घूम रहा था। इसी दौरान असद ने उसे फोन कर गली नंबर दो में मिलने बुलाया। आरोप है कि केले के गोदाम के पास असद और उसके साथियों ने सूर्या से पूछा कि ‘क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है?’ सूर्या के इनकार करने और वहां से लौटने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर असद ने सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया। सूर्या पेट में फंसे चाकू के साथ ही जान बचाने के लिए भागा, लेकिन हमलावरों ने उसे रास्ते में गिराकर उसी चाकू से पांच-छह बार और वार किए। गंभीर हालत में सूर्या को नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई।

एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना 28 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। मृतक के भाई यश चौहान की तहरीर पर पहले जानलेवा हमले का केस दर्ज किया गया था, जिसे अब हत्या (धारा 302) में तब्दील कर दिया गया है। मुख्य आरोपी असद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। इलाके में स्थिति संवेदनशील और मिश्रित आबादी होने के कारण एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंदू संगठनों ने भी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की मां ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी रहे मौजूद

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को देहरादून स्थित ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर पहुंचने पर नितिन नवीन ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण की कामना की।


रुड़की के होटल में मिला प्रेमी जोड़े का शव, प्रेम-प्रसंग में आत्मघाती कदम उठाने की आशंका

रुड़की: शहर के डबल फाटक क्षेत्र स्थित एक होटल में शुक्रवार दोपहर एक युवक और युवती के शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच में दोनों द्वारा कोई जहरीला पदार्थ (कीटनाशक) खाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, नाथुखेड़ी (सागर) निवासी युवक और लंढौरा क्षेत्र की रहने वाली युवती ने बृहस्पतिवार शाम को इस होटल में एक कमरा किराए पर लिया था। शुक्रवार सुबह जब होटल का स्टाफ सफाई के लिए आया और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उस वक्त कर्मचारी उन्हें सोता हुआ समझकर लौट गए। दोपहर करीब 12 बजे चेकआउट का समय होने पर जब दोबारा कुंडी खटखटाई गई और कोई हलचल नहीं हुई, तो होटल प्रबंधन को अनहोनी का शक हुआ।

होटल मैनेजर ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मास्टर की (दूसरी चाबी) से कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे। जांच करने पर उन्हें मृत पाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ साक्ष्य भी जुटाए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा हुआ लग रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि परिजनों की नाराजगी या किसी अन्य पारिवारिक विवाद के चलते दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है।


IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टे का भंडाफोड़: मोबाइल दुकान की आड़ में चल रहा था खेल, नकदी और लैपटॉप के साथ 3 गिरफ्तार

जालंधर : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों पर चल रहे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने वेस्ट हलके से तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर देर रात की गई इस छापेमारी (रेड) में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुख्य संचालक व मोबाइल विक्रेता केशव मदान, जसनूर और उनके एक अन्य साथी के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा अवैध कारोबार शहनाई पैलेस रोड पर स्थित एक मोबाइल शॉप की आड़ में चलाया जा रहा था। दिन में यह सामान्य दुकान दिखती थी, लेकिन रात में यहाँ से ऑनलाइन सट्टेबाजी का सिंडिकेट ऑपरेट होता था। एसीपी वेस्ट (ACP West) आतिश भाटिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ये आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान भोले-भाले लोगों को बहुत कम समय में पैसे दोगुने करने का झांसा देते थे और उन्हें सट्टेबाजी के दलदल में धकेल रहे थे।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि केशव मदान अपने साथियों के साथ मिलकर इस बेटिंग नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल तरीके से संचालित कर रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य बड़े सफेदपोशों और मुख्य सप्लायर्स के चेहरों से भी पर्दा उठने की उम्मीद है।


आवास सचिव ने रुद्रपुर में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

1872 प्रधानमंत्री आवास जल्द होंगे लाभार्थियों को आवंटित

रुद्रपुर। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने रुद्रपुर विधानसभा की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया । और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1872 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों द्वारा अभी तक निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया गया है, उनसे शीघ्र धनराशि जमा कराकर आवंटन प्रक्रिया को गति दी जाए।

उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति आवास 3 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जबकि 3 लाख रुपये लाभार्थी को जमा करने होते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 185 लाभार्थियों द्वारा पूरी धनराशि जमा की जा चुकी है, जबकि 222 लाभार्थियों को पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से भुगतान हेतु सूचित किया गया है।

सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि आवास परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। परिसर में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भी उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्रिशूल चौक के समीप लोक निर्माण विभाग की 6.5 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित ‘कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर’ बहुमंजिला परियोजना विकसित की जानी है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा इसकी प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने रामपुर रोड स्थित प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार 48 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की 72 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है।
सचिव ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इसके उपरांत उन्होंने त्रिशूल चौक से मेडिकल कॉलेज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा कि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 1872 आवास लगभग तैयार हैं और हमारी प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिले। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, ट्रांसपोर्ट नगर और कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।


कई महीनों से फरार चल रहे नशा तस्कर अर्शदीप की तड़के सुबह गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी

मोगा (पंजाब): पंजाब के मैहना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कपूरे में शुक्रवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कई आपराधिक मामलों में वांछित (वांटेड) चल रहे 30 वर्षीय युवक की अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान गांव बधनी कलां के रहने वाले अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है। वारदात उस समय हुई जब वह एक धार्मिक स्थल से माथा टेककर वापस लौट रहा था। पुलिस ने मृतक की मां के बयानों के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

मैहना थाना के इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने बताया कि अर्शदीप सिंह पिछले करीब पांच महीनों से घर से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में शराब और चिट्टा (नशीले पदार्थ) तस्करी से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें पुलिस को उसकी तलाश थी। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को अर्शदीप अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिलों पर धर्मकोट के गांव इंदरगढ़ स्थित पीर बाबा झिड़ी वाले की दरगाह पर गया था। शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे लौटते समय गांव कपूरे की त्रिकोणी के पास हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। सिर में गोली लगने के कारण अर्शदीप की मौके पर ही मौत हो गई।

सुबह-सुबह हुई इस फायरिंग से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सूत्रों के हवाले से खबर है कि धार्मिक स्थल से लौटते वक्त अर्शदीप का अपने ही साथियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी इस थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।


नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून को आयोजित होगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देगा नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन

देहरादून। उत्तराखंड की दुर्गम नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून 2026 को आयोजित होने वाला ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ भारत में तेजी से विकसित हो रहे एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना के समन्वय से आयोजित यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने, सैन्य-नागरिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा हिमालय के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक संभावनाओं को नई पहचान देने का प्रयास है।

चमोली जनपद में भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित नीति घाटी अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई वाले दुर्गम भूभाग और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, भौगोलिक दूरस्थता और सीमित आधारभूत सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र अब तक अपेक्षाकृत कम विकसित रहा है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन जैसे आयोजन इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसे सतत पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इस अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी एवं 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें पेशेवर खिलाड़ियों के साथ-साथ शौकिया धावक भी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को तीव्र चढ़ाई, कम ऑक्सीजन स्तर और बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता देश की सबसे चुनौतीपूर्ण सहनशक्ति दौड़ों में से एक मानी जा रही है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है।

इस आयोजन की एक विशेषता नागरिक प्रशासन और भारतीय सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय है। नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना की लॉजिस्टिक क्षमता, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन विशेषज्ञता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टेंट एवं आवास व्यवस्था से लेकर चिकित्सा सहायता और मार्ग सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, सेना की भागीदारी आयोजन को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने में अहम योगदान दे रही है।

यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। आयोजन के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या से होम-स्टे, परिवहन, भोजन एवं गाइड सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही यह सीमावर्ती गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के व्यापक उद्देश्य को भी समर्थन प्रदान करेगा।

यह आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा के अनुरूप भी है। प्रतिभागियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस क्षेत्र को एक जीवंत और सुलभ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन भी इस आयोजन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। आयोजकों द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा प्रतिभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सके।

आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। समन्वय बैठकें, मार्ग सर्वेक्षण, चिकित्सा योजना एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिभागियों एवं स्थानीय समुदायों में इस आयोजन को लेकर उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, एकता और प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन दर्शाता है कि खेल किस प्रकार विकास, राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र गौरव का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।


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