Friday, May 29th, 2026

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कूड़े के ढेर में मिले शव का सनसनीखेज खुलासा, पत्नी ने साढू के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

Daily Archives: 29/05/2026

कूड़े के ढेर में मिले शव का सनसनीखेज खुलासा, पत्नी ने साढू के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के डबुआ थाना क्षेत्र में युवक की हत्या कर शव को कूड़े के ढेर में फेंकने के मामले का क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ गुड्डू सहित शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले दो अन्य सह-आरोपियों प्रेमचंद और अजेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस का रहने वाला है और वर्तमान में डबुआ के उत्तम नगर में रह रहा था।

साली और साढू ने रची थी हत्या की साजिश

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि यह वारदात बीती 22 अप्रैल की रात को अंजाम दी गई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी जितेंद्र ने अपनी साली (जो मृतक जयवीर की पत्नी है) के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची थी। दोनों ने मिलकर जयवीर की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए उन्होंने शव को पहले घर के पास जंगल में फांसी पर लटकाने की कोशिश की।

गुमराह करने के लिए कूड़े के ढेर में फेंका शव

जब वे अपने पहले प्लान में कामयाब नहीं हुए, तो पुलिस को गुमराह करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों की मदद ली गई। 23 अप्रैल की सुबह जयवीर के शव को डबुआ-पाली रोड पर स्थित एक कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। मृतक के भाई धर्मबीर (निवासी एटा, उत्तर प्रदेश) की शिकायत और हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की थी।

अब तक पत्नी समेत कई आरोपी जेल की सलाखों के पीछे

क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले में मृतक की पत्नी और उसके साले चंद्रप्रकाश समेत चार लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी जितेंद्र और शव को ठिकाने लगाने के लिए जगह बताने व मदद करने वाले साढू प्रेमचंद और उसके बेटे अजेन्द्र को भी दबोच लिया गया है। अदालत में पेशी के बाद सभी नए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


अब अदालतों में नहीं चलेगी लंबी प्रतीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने तय की फैसलों की समयसीमा

पूजा भट्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है तो मामला किसी अन्य पीठ को सौंपा जा सकता है| वहीं, यदि फैसले के कारण 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं तो मामला वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है|शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोटों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे इन दिशानिर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके|देश की न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों और फैसलों में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्ट्स के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना अनिवार्य होगा। अदालत का मानना है कि लंबे समय तक फैसले लंबित रहने से न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी कमजोर पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से जुड़े मामलों को लेकर भी अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि जमानत आदेश आदर्श रूप से अगले ही दिन जारी किया जाए और तुरंत जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि कैदियों की रिहाई में अनावश्यक देरी न हो।इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंडरट्रायल कैदियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी रिहाई उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नए दिशा-निर्देशों के तहत अदालत पहले फैसले का प्रभावी हिस्सा (ऑपरेटिव पार्ट) खुले कोर्ट में सुनाएगी, जबकि विस्तृत कारण सात दिनों के भीतर संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जिस दिन किसी मामले में फैसला सुरक्षित रखा जाए, उसकी जानकारी भी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि पक्षकारों को स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा का पालन नहीं किया गया तो मामला दूसरी पीठ को सौंपा जा सकता है। वहीं, यदि फैसले के विस्तृत कारण 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं, तो केस वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट्स के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिए हैं कि वे इन दिशानिर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष रखें और इनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।न्यायपालिका के इस कदम को “त्वरित और पारदर्शी न्याय” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आम लोगों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।


भाजपा का मिशन हैट्रिक, उत्तराखंड में बढ़ी हलचल

आयुषी

उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लगातार दौरों के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड पहुंचने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी ने मिशन 2027 के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। देवभूमि में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लक्ष्य के साथ भाजपा संगठन अब बूथ से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक एक्टिव मोड में दिखाई दे रहा है।

भाजपा के लिए उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण प्रदेश माना जाता है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में पार्टी के सबसे बड़े चेहरे लगातार उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का मकसद केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में जोश भरना, संगठन को मजबूत करना और चुनावी जमीन तैयार करना भी माना जा रहा है।पिछले साल नवंबर में राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का विजन भी सामने रखा। पीएम मोदी के दौरे ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त ऊर्जा भरने का काम किया।

इसके बाद फरवरी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और कमजोर बूथों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई।मार्च में गृहमंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को चुनावी मंत्र दिया, जबकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी में जनसभा के जरिए कुमाऊं क्षेत्र में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन किया। इन दौरों ने साफ कर दिया कि भाजपा अब चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुकी है।

अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष बूथ प्रबंधन, माइक्रो प्लानिंग और उन सीटों पर फोकस कर रहे हैं जहां पिछले चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है—हर बूथ मजबूत, हर कार्यकर्ता सक्रिय और हर क्षेत्र में संगठन की मजबूत पकड़।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा लगातार बड़े नेताओं के दौरों के जरिए केवल संगठन को सक्रिय नहीं कर रही, बल्कि जनता के बीच मजबूत राजनीतिक संदेश भी देने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है, क्योंकि भाजपा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मिशन 2027 उसके लिए सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई है।


भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री धामी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता रहे मौजूद 

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष, प्रदेश प्रभारी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।


मोर के बच्चे को मारने पर कुत्ते की रॉड से पीट-पीटकर हत्या, आरोपी युवक गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के सरोजनीनगर (बिजनौर थाना) क्षेत्र के नटकुर गांव में बेजुबान जानवर के साथ क्रूरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने अपने घर के बाहर बैठे कुत्ते पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी जान ले ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया है।

मोर की मौत का बदला लेने के लिए की हत्या पुलिस के मुताबिक, नटकुर गांव के रहने वाले रमन गौतम को मंगलवार को अपने खेत में एक मोर का बच्चा मिला था, जिसे वह अपने घर ले आया था। उसी दिन शाम को एक आवारा कुत्ते ने उस मोर के बच्चे को मार डाला। इस बात से गुस्साए रमन ने अपना आपा खो दिया और रास्ते में बैठे उसी कुत्ते पर लोहे की भारी रॉड से हमला कर दिया। आरोपी ने कुत्ते को तब तक पीटा जब तक कि उसकी मौके पर ही मौत नहीं हो गई।

शव को नहर में फेंका, लोगों के विरोध को किया अनसुना

घटना के समय मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने युवक को रोकने का प्रयास किया और उसके इस कृत्य का कड़ा विरोध किया। लेकिन आरोपी ने किसी की एक न सुनी और क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मृत कुत्ते के शव को घसीटते हुए ले गया और पास की नहर में फेंक दिया।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज

इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बिजनौर थाना पुलिस ने फुटेज का संज्ञान लेते हुए आरोपी रमन गौतम के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने गुरुवार रात को ही आरोपी को उसके घर से दबोच लिया और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का सीएम आवास में किया स्वागत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन संगठन को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने दोनों नेताओं के नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी को उनके मार्गदर्शन से निरंतर मजबूती मिल रही है। इस अवसर पर संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।


मेरठ सनसनी: 3 दिन से लापता महिला का श्मशान में मिला शव, गला दबाकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के पूठा गांव स्थित श्मशान घाट में गुरुवार सुबह एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान लक्खीपुरा निवासी मुस्कान के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से लापता थी। प्राथमिक जांच के अनुसार, महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की सघन जांच कर रही है।

परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के पिता अनीस और दो भाइयों (राजन व सागर) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस को मृतका के मोबाइल से ऐसे पांच नंबर मिले हैं जिन पर वह पिछले तीन दिनों से लगातार संपर्क में थी। पुलिस ने इन पांचों युवकों को भी हिरासत में ले लिया है, जो मेरठ के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज में दिखी मृतका जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें मुस्कान अकेली ही एक ई-रिक्शा में बैठकर जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस को घटनास्थल से ही मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने पर दो नंबर किसी होटल से जुड़े हुए भी पाए गए हैं, जिसकी पुलिस बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार शुरुआती चिकित्सकीय परीक्षण में डॉक्टरों ने मृतका के साथ किसी भी तरह के दुष्कर्म की बात से इनकार किया है। हालांकि, मौत के सही कारणों और पूरी स्थिति का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।


आईपीएल 2026- क्वालिफायर-2 मुकाबले में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स होंगी आमने-सामने

मुल्लांपुर में होगा बड़ा मुकाबला

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर मुकाबले में शुक्रवार को गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। मुल्लांपुर के महाराजा यदविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले पर सभी क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचकर 31 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से भिड़ेगी। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा बन गया है।

गुजरात टाइटंस को पहले क्वालिफायर में आरसीबी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर शानदार अंदाज में क्वालिफायर-2 में जगह बनाई। राजस्थान की जीत के सबसे बड़े हीरो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए थे। अब गुजरात के सामने सबसे बड़ी चुनौती वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी को रोकने की होगी।

वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में विपक्षी गेंदबाजों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं। उन्होंने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस और कगिसो रबाडा जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ भी बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की है। हालांकि कुछ मुकाबलों में वह शॉर्ट गेंद पर आउट हुए हैं और गुजरात के गेंदबाज इसी रणनीति के साथ मैदान पर उतर सकते हैं। पिछले मैच में मोहम्मद सिराज ने उन्हें इसी तरह आउट किया था, लेकिन उससे पहले वैभव ने सिराज की गेंद पर शानदार छक्का भी जड़ा था।

राजस्थान रॉयल्स को इस अहम मुकाबले में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी और तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर से काफी उम्मीदें होंगी। टीम के लिए ध्रुव जुरेल ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेली हैं, जबकि कप्तान रियान पराग मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। राजस्थान की टीम अपने मौजूदा संयोजन से संतुष्ट नजर आ रही है और प्लेइंग-11 में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।

वहीं गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी काफी हद तक शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर पर निर्भर है। अगर टॉप ऑर्डर जल्दी आउट हो जाता है तो टीम दबाव में आ सकती है। हालांकि राहुल तेवतिया का हालिया फॉर्म गुजरात के लिए राहत की खबर है। गेंदबाजी में राशिद खान, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा पर बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है। पिछले मुकाबले में डैथ ओवरों में खराब गेंदबाजी गुजरात की हार की बड़ी वजह बनी थी, इसलिए टीम इस बार उस गलती को सुधारना चाहेगी।

अगर दोनों टीमों के बीच अब तक के रिकॉर्ड की बात करें तो गुजरात का पलड़ा भारी रहा है। आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच खेले गए 10 मुकाबलों में से सात में गुजरात ने जीत दर्ज की है, जबकि राजस्थान को सिर्फ तीन मैचों में सफलता मिली है। ऐसे में गुजरात इस शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

मौसम की बात करें तो मुल्लांपुर में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है और बारिश की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। हालांकि अगर किसी कारण मुकाबला पूरा नहीं हो पाता है और सुपर ओवर भी संभव नहीं होता, तो लीग स्टेज में बेहतर स्थिति के आधार पर गुजरात टाइटंस सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी।

गुजरात और राजस्थान के बीच यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 7 बजे होगा। मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर उपलब्ध रहेगी।

संभावित प्लेइंग-11

राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवान फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, यश राज पुंजा।

गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, निशांत सिद्धू, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।


दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: 14 साल के बच्चे से कुकर्म और वीडियो वायरल करने वाले दोषी को 10 साल की जेल, ₹8 लाख जुर्माना

नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद कड़ा और संवेदनशील फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पड़ोसी 14 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ डिजिटल कुकर्म और यौन उत्पीड़न करने वाले एक व्यक्ति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) वैभव मेहता ने अपराध की क्रूरता को ध्यान में रखते हुए दोषी पर 8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी राशि पीड़ित बच्चे को उसके पुनर्वास और मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि इस घिनौनी हरकत ने मासूम बच्चे को गहरे शारीरिक और मानसिक आघात (Mental Trauma) में धकेल दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना नवंबर 2023 की है। दोषी मोहम्मद फरीद ने पड़ोस में रहने वाले इस बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया और उसका यौन उत्पीड़न किया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने इस पूरी वारदात का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद उसने बच्चे को धमकी दी कि अगर उसने किसी को भी इस बारे में बताया, तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार डालेगा। इस खौफ के कारण मासूम बच्चा महीनों तक घुटता रहा और उसने किसी से कुछ नहीं कहा।

इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट होने के बाद खुला राज

घटना के करीब 10 महीने बाद, आरोपी ने उस आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित बच्चे ने हिम्मत जुटाई और अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

कोर्ट ने खारिज की बचाव पक्ष की दलीलें

ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष (Defense) ने केस को कमजोर करने के लिए कई तर्क दिए, जिन्हें अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया:

  • FIR में देरी पर कोर्ट का रुख: बचाव पक्ष का कहना था कि 10 महीने बाद एफआईआर दर्ज होना मामले को संदिग्ध बनाता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आरोपी की जान से मारने की धमकी के कारण बच्चा डरा हुआ था। इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड होने के बाद उसका शिकायत दर्ज कराना पूरी तरह स्वाभाविक और तर्कसंगत है।

  • वीडियो से छेड़छाड़ का दावा फेल: डिफेंस ने दावा किया कि वीडियो एडिटेड है। लेकिन अदालत ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए साफ किया कि वीडियो पूरी तरह असली है और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या जालसाजी नहीं हुई है।

  • पैसों के विवाद का झूठा एंगल: आरोपी ने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया था कि 5 से 10 हजार रुपये के आपसी लेन-देन के विवाद के कारण उसे फंसाया जा रहा है, जिसे कोर्ट ने पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत माना।

पीड़ित बच्चे की अडिग गवाही बनी सजा का आधार

अदालत ने अपने फैसले में 14 वर्षीय पीड़ित की बहादुरी और उसकी गवाही को सबसे मुख्य आधार माना। जज वैभव मेहता ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि पुलिस शिकायत से लेकर, मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज धारा 164 के बयान और फिर कोर्ट ट्रायल के दौरान भी बच्चे का बयान पूरी तरह एक समान और अडिग रहा। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की सच्चाई को साबित करने के लिए उसकी यह अटूट गवाही पूरी तरह पर्याप्त है।


ऋषिकेश में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित होकर खेत में गिरा ट्रक, दो लोगों की मौत

ऋषिकेश। भद्रकाली तिराहे से आगे ब्रह्मानंद मोड़ के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक और एक महिला की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक अचानक संतुलन खो बैठा और करीब 20 मीटर गहरी ढलान में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के साथ सड़क किनारे लगे दो भारी कंक्रीट डिवाइडर भी टूटकर नीचे जा गिरे। डिवाइडर पास की झोपड़ी पर जा गिरे, जहां रह रही महिला उसकी चपेट में आ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं ट्रक चालक भी वाहन के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य चलाकर डिवाइडर के नीचे दबी महिला को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं चालक को स्थानीय लोगों द्वारा पहले ही अस्पताल भेज दिया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान चालक फारुख निवासी बहादरपुर, लक्सर हरिद्वार तथा कौशल्या (42 वर्ष) पत्नी सुरेश निवासी बावाड़ी शिवपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


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