Wednesday, May 27th, 2026

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आस्था के रास्ते पर परेशानी! केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गंदगी से श्रद्धालु परेशान

Daily Archives: 27/05/2026

आस्था के रास्ते पर परेशानी! केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गंदगी से श्रद्धालु परेशान

आयुषी

देवभूमि उत्तराखंड में आस्था का सबसे बड़ा पर्व मानी जाने वाली चारधाम यात्रा इस समय करोड़ों श्रधालुओं की भावनाओं का केंद्र बनी हुई है|लेकिन भगवान के दर्शन की इस पवित्र यात्रा में श्रधालुओं को अब प्रकृति की कठिनाइयों से ज्यादा जूझना पड़ रहा है घोड़ों और खच्चरों की लीद,कीचड़ और दुर्गंध से|खासकर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के पैदल मार्गों पर हालात ऐसे बन गए हैं कि श्रधालुओं की भक्ति अब परीक्षा में बदलती दिखाई दे रही है|

सुबह से लेकर देर शाम तक हजारों यात्री इन संकरे और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर आगे बढ़ते हैं,लेकिन हर कुछ कदम पर फैली लीद,कीचड़ और बदबूदार रास्ते उनकी यात्रा को बेहद कठिन बना रहे हैं|बारिश के बाद स्तिथि और भयावह हो जाती है|कई जगहों पर रास्ते इतने फिसलन भरे हो चुके हैं कि बुजुर्ग,महिलाएं,औए बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं|मीडिया पर लगातार वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं,जिनमें श्रद्धालु बदबू और गंदगी के बीच यात्रा करने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं|

कई यात्रियों ने सवाल उठाया है कि जब हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम पहुंचते है तो आखिर व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार क्यों नहीं हो पा रहा| कुछ श्राद्धलुओं ने तो यहां तक कहा कि कई स्थानों पर “ऑक्सीजन से ज्यादा बदबू महसूस हो रही है|”पैदल मार्गों पर उड़ती धूल,कीचड़ और लीद का मिश्रण संक्रमण के खतरे को भी बढ़ा रहा है|स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गंदगी और नमी के कारण बैक्टीरिया और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है|

“सरकार का दावा है कि रोपवे बनेगा तो बलेगी तस्वीर”
इस पूरे मुद्दे पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा गई कि सरकार लगातार यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है|उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केदारनाथ और अन्य धामों के लिए रोपवे परियोजनाएं बड़ी राहत साबित होंगी|रोपवे बनने के बाद घोड़ों और खच्चरों पर निर्भरता कम होगी और यात्रा मार्ग अधिक स्वच्छ और सुगम बन पाएंगे|

मंत्री ने यह भी बताया कि घोड़ों और खच्चरों की लीद से बायो-ब्रिकेट (फायरब्रिक) बनाने की योजना पर काम शुरू किया जा चुका है | इसके लिए विशेष चूल्हे भी मंगवाए गए हैं ताकि कचरे को उपयोगी ईंधन में बदला जा सके|सरकार का दावा है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यात्रा मार्गों की सफाई में भी मदद मिलेगी|

सतपाल महाराज का यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें उन्होंने कहा कि “चारधाम तपस्या की भूमि है, थोड़ा कष्ट तो उठाना ही पड़ेगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।चारधाम यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान और करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित करना अब सरकार और प्रशासन दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।


उत्तराखंड में कांग्रेस का बड़ा दांव, राहुल गांधी भरेंगे चुनावी हुंकार

आयुषी

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करीब चार साल बाद उत्तराखंड दौरे पर आने की तैयारी में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिहाज से कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।कांग्रेस संगठन इस दौरे को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश स्तर से लेकर जिला इकाइयों तक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की रैलियों के जरिए कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं, महिला सुरक्षा और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बना रही है।

राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय बाद किसी बड़े राष्ट्रीय नेता के उत्तराखंड दौरे से संगठन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए “बूस्टर डोज” साबित होगा।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं और रैली स्थलों, भीड़ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोल सकते हैं। खासकर महंगाई, युवाओं की नौकरी, अग्निपथ योजना, पलायन और पर्यटन व्यवस्थाओं को लेकर बीजेपी को घेरने की तैयारी है।वहीं बीजेपी भी राहुल गांधी के दौरे को हल्के में नहीं ले रही। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस जनता का भरोसा पहले ही खो चुकी है और राहुल गांधी का दौरा केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है।

राहुल गांधी के संभावित उत्तराखंड दौरे ने प्रदेश की राजनीति को समय से पहले गर्मा दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राहुल गांधी अपनी सभाओं में उत्तराखंड की जनता को कौन सा नया राजनीतिक संदेश देते हैं और कांग्रेस इस दौरे को कितना बड़ा जनसमर्थन दिला पाती है।


पेट्रोल-डीजल के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी से,आम आदमी का खर्चा हुआ दुगना

पूजा भट्ट

महंगाई का सामना करने वाली आम जनता को ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एक और बड़ा झटका लगा है| पिछले 10 दिनों मे यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों मे असामान्य बढ़ोतरी हुई है|

सोमवार, 26 मई को सीएनजी के दाम में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई|25 मई को पेट्रोल मे 2.61 रुपये और डीजल मे 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई|इसके बाद देहरादून में हिंदुस्तान पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल की कीमत 100.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.90 रुपये प्रति लीटर हो गई है| वहीं पावर-95 पेट्रोल 108.93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है|इससे पहले 15 मई को लगभग 3 रुपये, मई को करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी| कुल मिलाकर पीछले 10 दिनों में पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है|

लगातार बढ़ रही कीमतों से गरीब और मध्यम वर्ग का मासिक बजट बिगड़ गया है| लोगों को रोजमर्रा के खर्च की चिंता सताने लगी है| स्थानीय नागरिकों का कहना है, “कुछ दिन पहले ही दाम बढ़े थे और अब फिर इजाफा हो गया है| कई सालों बाद पेट्रोल ने फिर से 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर लिया है| इसका सबसे ज्यादा प्रभाव मिडल और लोअर मिडल क्लास पर पड़ा है क्योंकि ज्यादातर लोग दुपहिया या छोटे वाहनों पर निर्भर है|देश की जनता का मानना है की वे पिछले 10-15 दिनों में चार बार दाम बढ़ने से बेहद परेशान है|

उत्तराखंड पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मित्तल ने कहा, “फिलहाल दश में ईंधन का कोई बड़ा संकट नहीं है|भारत की तुलना में कई अन्य देशों मे हालत ज्यादा खराब है |भारत में लगातार सप्लाइ बनी हुई है| वीकेंड या छुट्टियों में डिमांड बढ़ने से कभी कभी हल्की दिक्कत आती है, लेकिन उसे संभाल लिया जाता है| कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग दो गुनी हो चुकी हैं। तेल कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। ऐसे में सरकार ने कुछ राहत देने के उद्देश्य से दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार खुद भी बड़ा आर्थिक बोझ उठा रही है ताकि जनता पर ज्यादा दबाव न पड़े।उन्होंने आगे कहा, “पिछले कई वर्षों तक कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, जबकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। अब डॉलर और क्रूड ऑयल दोनों महंगे हो रहे हैं। ऐसे में सरकार भी कुछ बोझ जनता के साथ साझा कर रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो आने वाले समय में दाम घटाए भी जा सकते हैं|”


कोटा में10 वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या, झाड़ियों में मिला शव

बच्चे के शव पर चोट के निशान, घटनास्थल से खून से सना पत्थर बरामद

कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में झाड़ियों के बीच 10 वर्षीय बच्चे का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत बेहद खराब होने के कारण स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है।

खेलते-खेलते लापता हुआ था बच्चा

मृतक की पहचान मयंक मीणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 25 मई की शाम मयंक घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने रेलवे कॉलोनी थाने में बच्चे की गुमशुदगी की सूचना दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा किशोर

जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें एक 15 वर्षीय किशोर मयंक को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस ने संदिग्ध किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

झाड़ियों में मिला शव

देर रात वर्कशॉप के सामने झाड़ियों में बच्चे का शव बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक शव पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और सिर पर भारी वस्तु से हमला किए जाने की आशंका है। घटनास्थल से खून से सना पत्थर भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे पैसों के लेनदेन का कोई विवाद तो नहीं था। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि मयंक और संदिग्ध किशोर के बीच करीब 100 रुपये को लेकर बातचीत हुई थी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


जमीन विवाद में खूनी संघर्ष- रोहतास में महिला की पीट-पीटकर हत्या

आठ लोगों पर केस दर्ज

रोहतास। बिहार के रोहतास जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां नौहट्टा थाना क्षेत्र में एक महिला की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और मातम का माहौल है। मृतका की पहचान 30 वर्षीय सविता देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

खेत में हुआ विवाद, महिला पर जानलेवा हमला

जानकारी के मुताबिक सविता देवी बुधवार सुबह अपने एक साल के बच्चे को साथ लेकर खेत में भिंडी तोड़ने गई थीं। इसी दौरान परिवार के कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने पर महिला पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

बच्चे के सामने हुई वारदात

घटना के वक्त महिला का छोटा बच्चा भी उसके साथ मौजूद था। वारदात के बाद बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला दम तोड़ चुकी थी। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जमीन विवाद बना हत्या की वजह!

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका के परिवार और गोतिया-पट्टीदारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसी विवाद के चलते यह खूनी घटना हुई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही नौहट्टा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


गंदे कूलर पैड्स बन सकते हैं बीमारियों की वजह, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित

गर्मी के दिनों में राहत पाने के लिए ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच कूलर कम खर्च में ठंडी हवा देने का अच्छा विकल्प माना जाता है। लेकिन अगर इसकी समय-समय पर सफाई न की जाए, तो यही कूलर स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर कूलर के गंदे पैड्स हवा के साथ धूल, बैक्टीरिया और फंगस फैलाकर कई बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बिना साफ किए इस्तेमाल किए जाने वाले कूलर में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। जब कूलर चलता है तो ये दूषित कण हवा के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे सांस संबंधी समस्याएं और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है।

गंदे कूलर पैड्स से निकलने वाली हवा कई बार खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसके अलावा फंगस और धूल के कारण आंखों में जलन, त्वचा पर खुजली और एलर्जी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। कई बार कूलर से बदबूदार हवा आने लगती है, जिससे कमरे का वातावरण असहज हो जाता है और सिरदर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कूलर की टंकी में जमा गंदा पानी भी संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है। दूषित पानी में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जो हवा के माध्यम से शरीर में पहुंचकर बुखार और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए गर्मियों में कूलर की नियमित सफाई बेहद जरूरी मानी जाती है।

कूलर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने के लिए हर दो से तीन दिन में पानी बदलना चाहिए। साथ ही कूलर पैड्स और टंकी की नियमित सफाई करनी चाहिए। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि ताजी हवा आती रहे। जरूरत पड़ने पर एंटी-बैक्टीरियल लिक्विड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर कूलर को न केवल लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है, बल्कि परिवार को कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।


मुख्यमंत्री धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुनीं उनकी समस्याएं

अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी, गोविंद टम्टा, डॉ. नवीन भट्ट, अमित कुमार पांडे, भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एएसपी डॉ. उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का नया गाना ‘चुनरी चुनरी’ हुआ रिलीज

बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन की आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। इस बार चर्चा की वजह फिल्म का नया गाना ‘चुनरी चुनरी’ है, जिसे 90 के दशक के सुपरहिट ट्रैक का रीक्रिएटेड वर्जन बताया जा रहा है। गाने में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की झलक देखने को मिली है, लेकिन रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

दरअसल, सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया ओरिजिनल ‘चुनरी चुनरी’ आज भी फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। ऐसे में इसके नए वर्जन को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा थीं। हालांकि, कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि पुराने गाने का जादू नए संस्करण में नजर नहीं आया। कुछ लोगों ने इसे क्लासिक गाने के साथ छेड़छाड़ बताया, तो कई फैंस ने सलमान-सुष्मिता की जोड़ी को याद करते हुए पुराने गाने की तारीफ की।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “ओरिजिनल गाने की फीलिंग ही अलग थी।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “पुराने गानों का रीमेक बनाना बंद कर देना चाहिए।” कई लोगों ने यह भी कहा कि नए गाने में वह ऊर्जा और केमिस्ट्री दिखाई नहीं दी, जो पहले वाले गाने में देखने को मिली थी।

फिल्म को लेकर पहले से ही गानों और म्यूजिक राइट्स को लेकर विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि फिल्म निर्माता वाशु भगनानी ने कुछ म्यूजिक कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी बीच मेकर्स ने फिल्म का यह चर्चित गाना रिलीज कर दिया, जिसने सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है।

डेविड धवन के निर्देशन में बनी ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक रोमांटिक-एंटरटेनर फिल्म बताई जा रही है। फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

(साभार)


मातृशक्ति और वंचित बच्चों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य का कार्य- कुसुम कंडवाल

ऋषिकेश में ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान’ द्वारा विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं बाल वस्त्र वितरण समारोह का आयोजन

वरिष्ठ नागरिकों की सेवा का जज्बा अनुकरणीय, समाज को दिशा देने का काम कर रहा ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान: कुसुम कंडवाल

ऋषिकेश- मीरा नगर स्थित माहेश्वरी गार्डन में ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान, लखनऊ’ के तत्वाधान में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, आंगनबाड़ी शिशु वस्त्र वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस पुनीत और सेवाभावी कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में विख्यात चिकित्सक डॉ. डी.के. श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुड़ियाल, डॉ. राणा , श्रीमती सुंदरी कंडवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विशेषकर मातृशक्ति और बच्चों ने पहुँचकर स्वास्थ्य लाभ लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान’ और संस्था के संस्थापक व कार्यक्रम आयोजक डीसी श्रीवास्तव के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि को इस उम्र में भी, सीनियर सिटीजन होने के बावजूद, संस्था के पदाधिकारियों के भीतर समाज सेवा का जो अद्भुत जोश और जज्बा है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। उन्होंने रेखांकित किया कि संस्था द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र में समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित कर गरीब, वंचित और आंगनबाड़ी के बच्चों की सेहत व जरूरतों की चिंता की जाती है, जो कि अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा की जब इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को वस्त्र, बिस्कुट, चॉकलेट, पेंसिल बॉक्स व अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्री वितरित की गई, तो बच्चों के चेहरों पर अनमोल मुस्कान बिखर गई। इसके साथ ही महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी नि:स्वार्थ पहल से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जुड़ने का संबल मिलता है।
इस विशाल सेवा यज्ञ को सफल बनाने में मातृशक्ति और स्थानीय गणमान्य सहयोगियों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शशि राणा, शोभा कोठियाल, भावना, चंद्रकांता, विमला सजवाण, रेखा, आशा रावत, उषा लखेड़ा, राजेश्वरी सेमवाल, प्रेमबाला, मधु सहित अनेक देवतुल्य कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।

संस्था के संस्थापक व कार्यक्रम आयोजक डीसी श्रीवास्तव ने सभी सहयोगियों और उपस्थित जनसमुदाय का हृदय से आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद तबके के उत्थान के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करते आ रहा है और हमेशा करेंगे, जिसके लिए समस्त समाज का स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद सदैव अपेक्षित है।


अब खिलाड़ी कर सकेंगे विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं के साथ अभ्यास- रेखा आर्या

प्रदेश में स्थित सरकारी खेल सुविधाओं के लिए देनी होगी न्यूनतम फीस

शासनादेश को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने जारी किया फीस का विस्तृत विवरण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय खेल 2025 के लिए तैयार की गई विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं को अब खिलाड़ियों और आम खेल प्रेमियों के लिए “पे एंड प्ले” व्यवस्था के तहत खोलने का फैसला किया है। खेल विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार प्रदेश के विभिन्न स्टेडियमों, खेल मैदानों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग अब निर्धारित शुल्क देकर नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं खेल विभाग को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिसे खेल विकास निधि में जमा किया जाएगा।

प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार की थी और अब सरकार चाहती है कि इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग प्रदेश के खिलाड़ियों के हित में हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेल सुविधाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत देहरादून स्थित राजत जयंती खेल परिसर, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और परेड ग्राउंड सहित विभिन्न खेल परिसरों में एथलेटिक्स, शूटिंग, स्क्वैश, इक्वेस्ट्रियन, आइस स्पोर्ट्स, क्रिकेट, बॉलिंग, फेंसिंग, जिम्नास्टिक, लॉन टेनिस, पिकलबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, फुटबॉल, स्विमिंग, हैंडबॉल और हॉकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शासनादेश में कई खेलों के लिए प्रति घंटा किराया और मासिक सदस्यता शुल्क भी तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर शूटिंग के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये प्रति घंटा और 5000 रुपये मासिक सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि स्क्वैश कोर्ट के लिए 300 रुपये प्रति घंटा और 6000 रुपये मासिक शुल्क तय किया गया है। बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, जिम्नास्टिक और अन्य खेलों के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के साथ चेंजिंग रूम, वॉशरूम, सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग लेन, कोचिंग सहायता और आधुनिक उपकरणों का लाभ भी मिलेगा।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्राप्त होने वाली आय का उपयोग खेल परिसरों के रखरखाव, उपकरणों के उन्नयन और नई सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।

सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को दस्तावेज सत्यापन के बाद निशुल्क सुविधा देने का भी प्रावधान रखा है। इसके अलावा भविष्य में खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने के लिए स्काउटिंग कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार बुकिंग और समय स्लॉट की सुविधा यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बन सके।


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