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राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में IMA में पहली बार एक साथ गूँजेगा महिला-पुरुष कैडेट्स का कदमताल

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राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में IMA में पहली बार एक साथ गूँजेगा महिला-पुरुष कैडेट्स का कदमताल

पूजा भट्ट

आइएमए में 13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड इस बार एतिहासिक होने जा रही है |भारतीय सैन्य अकादमी के 94 साल के इतिहास मे यह पहली बार होगा जब महिला कैडेट्स भी पुरुष कैडेटों के साथ कदम ताल करती हुई नजर आएगी | खास बात यह है की इन गौरवशाली लम्हों की साक्षी बनने के लिए स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड का निरीक्षिण करेगी और शामिल कैडेट्स की सलामी स्वीकार करेगी |

आइएमए मे महिला कैडेटों की बढ़ती भागीदारी को भारतीय सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था में एक बड़े और एतिहासिक बदलाव की नजर से देखा जा रहा है |यह बदलाव सेना में लैंगिक समानता , महिलाओं की बढ़ती भूमिका और आधुनिक सैन्य सोच को दर्शाता है | इसे भविष्य मे किसी महिला अधिकारी के सेना प्रमुख बनने की दिशा मे एक महत्वपूर्ण और एतिहासिक कदम माना जा रहा है |
जानकारी के मुताबिक महिला कैडेटों के प्रवेश के उपरांत आइएमए मे बुनियादी ढांचे स लेकर आवास ,प्रशिक्षण व्यवस्था,खेल सुविधाओं और मेडिकल यूनिट तक में आवश्यक बदलाव किए गए है | प्रशिक्षण के दौरान महिला और पुरुष कैडेटों को समान अवसर प्रदान कराए जा रहे है और सभी के लिए समान नियम व गुणवत्ता के मानक लागू किए जा रहे है |

अब तक भारतीय सेना मे महिला अधिकारियों को मुख्यतः आफिसर्स ट्रैनिंग अकादमी चेन्नई से प्रक्षीकक्षण देकर कमीशन दिया गया है |लेकिन भारतीय सैन्य अकादमी में महिला कैडेटों की ट्रैनिंग को एक बड़े संरचनात्मक बदलाव के रूप मे देखा जा रहा है |

दिसंबर 2023 मे अकादमी ने एक अहम कदम उठाते हुए ‘जेनटल्मैन कैडेट’ की जगह ‘ऑफिसर कैडेट’ शब्द को अपनाया | इसे सैन्य व्यवस्था में समानता और आधुनिक सोच की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना गया है|

13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि 94 वर्षों की गौरवशाली परंपरा और भविष्य के नए सैन्य ढांचे के बीच एक एतिहासिक कड़ी भी बनेगी|
अगस्त 2022 मे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में 19 महिला कैडेटों का पहला बैच शामिल हुआ था| तीन वर्षों के कठिन प्रशिक्षण के बाद मई 2025 मे इनमें से 18 कैडेट सफलतापूर्वक स्नातक हुई |
इनमे से आठ कैडेटों ने भारतीय सेना में सेवा का चयन किया और 15 जुलाई 2025 को आइएमए मे प्रवेश लिया | फिलहाल ये सभी महिला कैडेट यहाँ एक वर्ष के कठोर सैन्य प्रशिक्षण से गुजर रहीं हैं और 13 जून को ‘अंतिम पग’ के साथ अपने सैन्य सफर की नई शुरुआत करेंगी |


आर्थिक मोर्चे पर वित्त मंत्री का बड़ा संदेश – डर नहीं विश्वास जरूरी

पूजा भट्ट

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ है | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमान ने साफ कहा कि कुछ लोग बेवजह डर का माहौल बना रहा है, जबकि जरूरत है लोगों मे विश्वास जगाने की | उन्होंने भरोसा दिलाया की भारत की घरेलू अर्थगव्यवस्था लचीली और सकारात्मक बनी हुई है |

मुंबई मे सिडबी के कार्यक्रम मे बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा की बाहरी झटकों के बावजूद सार्क की नीतियाँ एसी बनाई गई हैं ज अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखें | उन्होनें यह भी जोड़ा की सरकार का फोकस देश की विकास दर को बनाए कहना औ लोगों का भरोसा मजबूत करना है |

सीतारमान ने एमएसएमई सेक्टर की चुनौतियों को लेकर चिंता जताई | उन्होनें बताया की करीब 8.1 लाख करोड़ रुपए के भुगतान अटके हुए हैं, जिससे छोटे उद्योगों की कार्यशाली पूंजी प्रभावित हो रही है | उन्होनें सार्वजनिक उपकर्मों से अपील की कि 45 दिनों के भीतर भुगतान को राहत मिल सके |

आर्थिक मजबूती के संकेत देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी (GST) कलेक्शन 8.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 22 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। बैंकिंग क्षेत्र का समर्थन भी लगातार मिल रहा है, जिसके तहत रिटेल कर्ज (18.1%), कृषि कर्ज (15.5%) और एमएसएमई क्षेत्र के कर्ज (18.2%) में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है | इसके अलावा, ट्रैक्टर, यात्री वाहन और दोपहिया वाहनों की बढ़ती बिक्री के साथ-साथ सरकारी बैंकों के घटते एनपीए (NPA) जैसी बातें मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक स्थिरता का स्पष्ट संकेत दे रही हैं।

सरकार ने मएउफैक्चरींग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की ‘भव्य योजना’ शुरू की है |इसके तहत देशभर में 50 नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे, जिससे एमएसएमई, स्टार्टअप और निवेशकों को बड़ा फायदा मिलेगा |

पेट्रोल –डीजल पर उत्पाद शुल्क मे कटौती का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इससे सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा, लेकिन आम जनता और अर्थव्यवस्था को राहत देना प्राथमिकता है |


250 से ज्यादा फायर अलर्ट के बीच चकराता के जंगलों में भयनकर आग

पूजा भट्ट

उत्तराखंड के जंगल इन दिनों आग की लपेटों मे घीरते जा रहे है और बढ़ती गर्मी ने हालातों को और भयानक बना दिया है | मसूरी के कैमल बैक क्षेत्र मे भीषण आग की घटना के बाद अब चकराता के बरोरी जंगल भी धधक उठे है,जिससे आसपास की आबादी में धेशत का माहौल है|

रविवार को स्थिति इतनी गंभीर रही कि पूरे प्रदेश में जुंगलों में आग को लेकर 250 से ज्यादा अलर्ट जारी करने पड़े | वन विभाग ,फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन की टीमें देर रात तक आग पर काबू पाने कलिए जूझती रही |

मसूरी के कैमल बैक क्षेत्र में निरंकारी भवन के नीचे चीड़ के जंगल मे लगी आग ने देखते ही देखते करीब आधा हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया | लाखों रुपए की वन संपदा जलकर राख हो गई | करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया|इलाके म आबादी होने के कारण लोगों में अफर तफरी मच गई थी |

दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के कारण फायर ब्रिगैड की गाड़ियां समय से नहीं पहुँच पाई जिसके कारण वन कर्मचारियों को पैदल ही जंगल म उतरकर आग भुजानी पड़ी| चीड़ के जंगले में फैली सुखी पीरुल ने आग को और भढ़काया, जिससे हालात काबू से बाहर होते नजर आए |

चकराता मे बरोरी के पास जंगल में लगी आग पर करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया |
वहीं साहिया – क्वानू मार्ग के फैडुलनी क्षेत्र में आग लगने से दो मँजीला दुकान जलकर राख हो गई |

दहरडून जिले मे भी हालात चिंताजनक बने हुए है | बीते 24 घंटों में आग लगने की 21 घटनाएं सामने आई |फायर सर्विस का एमर्जेंसी नंबर लगभग हर घंटे बजट रहा |इनमे देहरादून शहर मे 12 ,डोईवाला और विकासनगर में तीन –तीन और ऋषिकेश मे दो घटने दर्ज कराई है |
लगतर बढ़ते तापमान और सूखी वनस्पति ने जंगलों को बारूद का ढेर बना दिया है |वन विभाग ने लोगों से अपील ली है कि जंगलों मे आग न लगाए और किसी भी घटना की तुरंत सूचना दे-क्यूंकी एक छोटी सी लापरवाही एक बड़े खतरे का मोड ले सकती है |


सुपर एल नीनो से फैली दहशत ,150 साल पुराना मंज़र दोबारा देखने को मिल सकता है

पूजा भट्ट

150 साल पहले आए एल नीनो के लौटने की संभावना बताई जा रही है | वैज्ञानिकों ने रिसर्च मे बताया की वर्तमान समय मे जिस प्रकार के हालत बन रहे है वे 1877 मे आए सुपर अल नीनो से काफी हद तक समान है | 1877 मे आए सुपर एल नीनो के प्रभाव से करीब 5 करोड़ लोगों की मृत्यु हो गई थी और आगे भी कई सालों तक विश्व के अधिकतर हिस्सों मे अकाल की स्तिथि बनी हुई थी |दुनियाभर के वैज्ञानिक बढ़ते दिनों के साथ बढ़ते तापमान के रिकार्ड को देखकर चिंतित है | उन्हें आज के समय से 148 साल पूर्व आए सुपर अल नीनो की वापसी की चिंता सता रही है |

आजसे करीब 150 साल पहले हमारी धरती पर मौसम का एक एस विकराल रूप देखने को मिल था जिसके बारे मे बात करने से आज भी कुछ लोग सहेम जाते है |उस समय पूरा विश्व एक रेयर सुपर अल नीनो इफेक्ट का शिकार हो गई थी |धरती के तापमान मे 3 डिग्री का आधिक्य हुआ था चारों तरफ आकाल, सूखा और भुखमरी के हालात बन गए थे | हमारे अपने देश भारत मे ही 1 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी | वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है की प्रशांत महासागर के एक प्रमुख क्षेत्र मे पानी का तापमान लगभग 2.7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया था इस असमान वृद्धि ने वैश्विक वर्षा पैटर्न को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया |प्रीमणस्वरूप दुनिया के क्षेत्रों मे लंबे समय तक सुख पद गया था जिससे कृषि व्यवस्था संकट मे आ गई थी |अनुमानों के अनुसार ,इस जलवायु आपदा के कारण भोजन की भारी कमी और बीमारियों के प्रकोप ने पृथ्वी की लगभग 4% आबादी को खत्म कर दिया था ,यदि इसी अनुपात को आज के समय मे देखा जाए तो यह संख्या करीब 250 मिलियन लोगों के बराबर होगी,जो इस आपदा के विकराल रूप को दर्शाती है

क्या है सुपर एल नीनो ?
एल नीनो एक प्रकार्तिक जलवायु चक्र है ,जो आमतौर पर हर दो से सात साल के बीच विकसित होता है |इस चक्र के दौरान वैश्विक मौसम प्रणाली मे बड़ा बदलाव देखने को मिलता है,जिसमे एक गर्म चरण (एल नीनो) और एक ठंडा चरण (ला नीनो) शामिल होता है |ऐल नीनो की स्थिति मे प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों मे समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है |यह गरम पानी धीरे धीरे फैलता है और वायुमंडल के सतह मिलकर पृथ्वी के औसत तापमान को प्रभावित करता है | प्रमाणस्वरूप ,कई महीनों तक वैश्विक तापमान मे बढ़ोतरी देखि जा सकती है| जब समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता ,तो आम बोलचाल मे इसे ‘सुपर ऐल नीनो’ कहा जाता है| वर्तमान परिस्थितियों पर नजर डालें तो ट्रापिकल पेसिफिक क्षेत्र में समुद्र का तापमान इस सदी के मुकाबले तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है |हालांकि अभी इसे पूरी तरह पुष्टि नहीं मिली है ,लेकिन संकेत साफ हैं की एक मजबूत एल नीनो प्रणाली विकसित हो सकती है|

अब एक बार फिर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ रही है ,पूर्वानुमान संकेत दे रहे है की वर्ष के अंत तक समुद्र जल का तापमान औसत से 3 डिग्री सेल्सियस से अधीक बढ़ सकता है ,यह स्थिति एक सुपर अल नीनो का रूप ले सकता है, जो लगभग 150 वर्ष पहले आए उस विनाशकारी अल नीनो से भी ज्यादा शक्तिशाली साबित हो सकता है|विशेषज्ञों का मानना है की 1870 के दशक की तरह ही एक बार फिर कई वर्षों तक सूखा और अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं | हालांकि , इस बार स्थिति और भी गंभीर हो सकती है ,क्योंकि वर्तमान मे पृथ्वी का वायुमंडल और महासागर उस समय की तुलना मे कहीं अधिक गर्म है | यही बढ़ता तापमान इस खतरे को और गहरा बना देते है |इसका सीधा अर्थ है की यदि एसा सुपर अल नीनो आता है,तो उससे जुड़े चरम प्रभाव पहले से कहीं अधिक विनाशकारी और व्यापक हो सकते है |


ईरान युद्ध के बीच भारत में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

वसुधा शर्मा

ईरान युद्ध के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आठ दिनों के भीतर तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम औसतन 90 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ाए गए। वहीं, उत्तर भारत के कई हिस्सों में सीएनजी की कीमत में भी ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।

नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर हो गया है।

दिल्ली-NCR में सीएनजी की कीमत अब ₹81.09 प्रति किलो हो गई है।

15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब तक कुल करीब ₹4.80 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। पहली बार दोनों ईंधनों के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए गए थे, जबकि इसके बाद 19 मई और 23 मई को औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की दो और बढ़ोतरी की गई।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर दबाव बढ़ा है। इसी के चलते ईंधन कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।

सरकार ने पहली ₹3 प्रति लीटर बढ़ोतरी के बाद बताया था कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर लगातार घाटे में चल रही हैं। हालांकि, इस बढ़ोतरी से कंपनियों के रोजाना होने वाले करीब ₹250 करोड़ के नुकसान में कमी आई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब भी लगभग ₹750 करोड़ प्रतिदिन का घाटा हो रहा है।

शनिवार (23 मई 2026) की ताजा बढ़ोतरी का असर प्रीमियम और हाई-ऑक्टेन ईंधनों पर भी पड़ा है। दिल्ली में प्रीमियम डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़कर ₹97.81 प्रति लीटर हो गई है। वहीं, हाई-ऑक्टेन पेट्रोल XP95 की कीमत 87 पैसे बढ़कर ₹106.63 प्रति लीटर पहुंच गई है।


हाईवे पर CCTV लगाकर सेना की गतिविधियों पर नजर, पाकिस्तान भेजी फुटेज: पंजाब में आरोपी गिरफ्तार

सृष्टि राणा

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है।

दलजिंदर सिंह ढिल्लों (SSP) के अनुसार, चक्क धारीवाल गांव निवासी बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू ने नेशनल हाईवे-44 के पठानकोट-जम्मू मार्ग पर सुजानपुर के पास एक दुकान में CCTV कैमरा लगाया था।सिंह ने बताया कि यह कैमरा सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए लगाया गया था।

पुलिस का कहना यह भी है कि कैमरे की फुटेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पाकिस्तान और विदेश में मौजूद लोगों तक भेजी जा रही थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि उसने जनवरी महीने में इंटरनेट आधारित CCTV कैमरा लगाया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि उसे दुबई में बैठे एक अज्ञात व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। इसके बदले उसे 40 हजार रुपये भी दिए गए थे।

आरोपी के पास से एक CCTV कैमरा और इंटरनेट WiFi राउटर भी बरामद किया गया है।

पुलिस को पठानकोट-जम्मू हाईवे पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद सुजानपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

इस मामले में बलजीत सिंह के अलावा विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का, बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरणप्रीत सिंह उर्फ तन्नू को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी आपराधिक और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और सीमा पार जुड़े तारों की जांच कर रही है। साथ ही इस कथित जासूसी मामले में फंडिंग कहां से हो रही थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पंजाब में इससे पहले भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी मॉड्यूल का खुलासा हो चुका है। पिछले महीने पंजाब पुलिस ने ऐसे दो नेटवर्क पकड़े थे, जो चीन में बने सोलर पावर CCTV कैमरों के जरिए सेना से जुड़े संवेदनशील इलाकों की लाइव फुटेज पाकिस्तान भेज रहे थे।

इनमें से एक मॉड्यूल को जालंधर की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से चीन में बना CCTV कैमरा, USB से जुड़ी सोलर प्लेट और 4G कनेक्टिविटी वाला उपकरण बरामद किया गया।

वहीं दूसरा मॉड्यूल कपूरथला पुलिस ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर पकड़ा। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से विदेशी हैंडलर्स से जुड़े चार मोबाइल फोन, एक SIM आधारित CCTV कैमरा और एक WiFi सेट बरामद हुआ।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ये मॉड्यूल अलग-अलग जगहों पर SIM आधारित और सोलर पावर CCTV कैमरे लगाकर सेना और रक्षा प्रतिष्ठानों जैसी संवेदनशील जगहों पर नजर रख रहे थे। इसके बाद मोबाइल ऐप के जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजी जा रही थी।

डीजीपी के मुताबिक, चीन में बने ये कैमरे 4G कनेक्टिविटी और सोलर पावर से चलते हैं, इसलिए इन्हें बिना किसी वायरिंग के आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

जालंधर की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी की पहचान फिरोजपुर के सहांके गांव निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा के रूप में हुई थी। वहीं कपूरथला ऑपरेशन में पकड़े गए आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के डोना मत्तर निवासी सोना और छंगा खुर्द गांव निवासी संदीप सिंह उर्फ सोनू के तौर पर हुई।

काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर के असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सिमरतपाल सिंह ढींडसा ने बताया कि सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से एक CCTV कैमरा, सोलर प्लेट और एक SIM कार्ड बरामद किया था।

वहीं कपूरथला मॉड्यूल को लेकर एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि सेना कैंट इलाके के आसपास संदिग्ध निगरानी की गुप्त सूचना मिलने के बाद मॉडल टाउन स्थित एक दुकान पर छापेमारी की गई।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुकान किराए पर लेकर पास के एक पोल पर SIM आधारित कैमरा लगाया था, ताकि सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर, जिसकी पहचान ‘फौजी’ के रूप में हुई है, ने कैमरा लगाने के लिए आरोपियों को 35 हजार रुपये दिए थे।

उन्होंने कहा कि आरोपी संदीप ड्रग तस्करी के मामले में भी शामिल था। जांच में पता चला है कि उसे उसी पाकिस्तानी हैंडलर की ओर से ड्रोन के जरिए भेजी गई एक किलो हेरोइन की सप्लाई के लिए 50 हजार रुपये मिले थे।


आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान PoK में अज्ञात बंदूकधारियों के हाथों ढेर

वसुधा शर्मा

2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल मास्टरमाइंड्स हमजा बुरहान की PoK में गोली मारकर की हत्या।
40 से अधिक CRPF जवानों की शहादत वाले पुलवामा हमले का आरोपी हमजा बुरहान उर्फ अरजुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर, गुरुवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मारा गया।
अल बद्र आतंकी संगठन का कमांडर हमजा बुरहान अप्रैल 2022 में भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था। पुलवामा हमले के बाद वह PoK में शिक्षक बनकर छिपा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, मुज़फ्फराबाद के गोजरा स्थित एक निजी कॉलेज का प्रिंसिपल बना हमजा गुरुवार सुबह कॉलेज से बाहर निकलते समय हमलावरों के निशाने पर आ गया। अज्ञात हमलावरों ने उस पर नज़दीक से कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई।

“प्रिंसिपल के सिर में तीन गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया,” पुलिस ने पत्रकारों को बताया।

हालांकि, सूत्रों ने PTI को बताया कि हमले के बाद हमज़ा बुरहान की मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया है कि एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और हमले में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर भाग रहा था, तभी स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।”

हमज़ा बुरहान कौन था?
हमज़ा बुरहान कई आतंकी मामलों में भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने से जुड़ा हुआ था। वह 18 नवंबर 2020 को CRPF जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले समेत कई अन्य आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहा। हालांकि, 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले का सीधा मास्टरमाइंड वह नहीं था। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। लेकिन हमजा बुरहान पर दक्षिण कश्मीर में कट्टरपंथ फैलाने और आतंकियों की भर्ती के उस नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप था, जिसने ऐसे हमलों को बढ़ावा दिया। बड़े स्तर पर चली तलाश अभियान के बाद हमज़ा बुरहान PoK भाग गया था। बाद में भारत के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे आतंकवादी घोषित कर दिया।

40 CRPF जवानों की शहादत वाला पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। इस हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर एयरस्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।


करवा चौथ के व्रत को खास बनाता है अपनों का साथ और प्यार

Karwa Chauth Special: भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है, जहाँ अनेक पर्व बिना किसी भेदभाव के मनाए जाते हैं और हर कोई इन रंग-बिरंगे उत्सवों में डूब जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार जिसे कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है करवा चौथ जो सुहागिन महिलाओं का सबसे प्रमुख व्रत है। इस दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्र देव के उदय होने तक निर्जला उपवास रखकर मनाती हैं।

महिलाओं को चिरसुहागिन का मिलता है आशीर्वाद 

हिंदू परंपरा के अनुसार यह व्रत केवल पति-पत्नी के रिश्ते को ही मजबूत नहीं करता, बल्कि परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग भी खोलता है। माना जाता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक रखने वाली महिलाओं को चिरसुहागिन यानी जो सदैव अपने पति के जीवित रहते हुए सौभाग्यवती बनी रहे का आशीर्वाद मिलता है।

करवा चौथ से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथाएँ 

करवा चौथ से जुड़ी कई लोककथाएँ प्रचलित हैं, जिनमें कुछ सबसे प्रसिद्ध हैं:

रानी वीरवती की कथा जिसमे सात भाइयों के छल के कारण समय से पहले व्रत तोड़ने पर उनके पति की मृत्यु हो गई, लेकिन देवी पार्वती की कृपा और सच्चे संकल्प से उन्हें दोबारा जीवन प्राप्त हुआ।

महाभारत कालीन कथा जिसमे द्रौपदी ने अर्जुन की कठिन तपस्या के समय भगवान कृष्ण के कहने पर करवा चौथ का व्रत रखा और पांडवों की परेशानियाँ दूर हो गई।

करवा और मगरमच्छ की कथा के अनुसार करवा नामक पत्नी ने अपने पति को मगरमच्छ से बचाने के लिए यमराज तक को श्राप देने का साहस दिखाया और पति को जीवनदान दिलाया।

सावित्री-सत्यवान की कथा को तो जगविख्यात है जिसमे सावित्री के अटूट व्रत और तपस्या के आगे यमराज को भी सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े थे।

करवा चौथ का महत्त्व

यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और त्याग का प्रतीक है। ख़ासतौर से यहाँ उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मनाया जाता है, जहाँ महिलाएँ अपने पति की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं। करवा चौथ का समय रबी की फसल की शुरुआत के साथ भी जुड़ा है। इस दिन महिलाएँ करवा (मिट्टी के बर्तन) में गेहूँ भरकर मंगलकामना करती हैं। प्राचीन समय में यह व्रत महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने और ससुराल में अकेलेपन को दूर करने का अवसर भी देता था।

अब यह पर्व केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। कई पति भी अपनी पत्नियों के साथ उपवास रखते हैं। यह बदलाव करवा चौथ को और भी खास बना देता है क्योंकि यह दोनों के प्रेम, सम्मान और साझेदारी का प्रतीक बन गया है। हर त्यौहार अपने आप में ख़ास है बस उसे बनाने के पीछे का कारण उसे और ख़ास बनाता है।


क्या करें जब व्रत के दौरान शरीर जवाब देने लगे?

Navratri Vrat Special: नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना और आत्म-संयम का पर्व होते हैं। व्रत रखने वाले लोग न केवल खान-पान में संयम बरतते हैं, बल्कि मन, वाणी और व्यवहार को भी सात्विक बनाते हैं। लेकिन जब नौ दिनों के उपवास का अंतिम दिन आता है और शरीर थका हुआ हो, पेट में खालीपन हो और कमजोरी महसूस हो, तो एक सवाल उठता है: “क्या अब भी भूखे ही रहना सही है?”

भूख लगना कोई दोष नहीं 

व्रत का अर्थ भूख से लड़ना नहीं है, बल्कि आत्मनियंत्रण और भक्ति के साथ संयमित जीवन जीना है। जब शरीर संकेत देने लगे कि अब उसे ऊर्जा की आवश्यकता है, तब उस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। आख़िरकार, एक थका हुआ शरीर, ध्यान और भक्ति में कितना लग सकेगा?

क्या करें जब व्रत के दौरान बहुत भूख लगे?

1. फलाहार करें, व्रत न तोड़े

अगर व्रत में अन्न नहीं खा रहे हैं, तो व्रत के अनुकूल फल, दूध, मखाने, साबूदाना खिचड़ी या सिंघाड़े के आटे से बनी चीज़ें खा सकते हैं। इससे व्रत बना भी रहेगा और शरीर को ऊर्जा भी मिलेगी।

2. पानी और दूध का सेवन करें

कभी-कभी डिहाइड्रेशन से भी भूख और थकावट ज़्यादा लगती है। नींबू पानी (बिना नमक), नारियल पानी या ठंडा दूध पिएं। यह तुरंत राहत देगा।

3. मन से क्षमा मांगें, यदि नियम टूटे

यदि कभी अनजाने में व्रत का नियम टूट भी जाए, तो मन में अपराधबोध पालने की आवश्यकता नहीं। मां दुर्गा करुणामयी हैं। सच्चे मन से प्रार्थना करें, “माँ, मैं मन से आपके चरणों में हूँ, यदि कोई भूल हुई हो तो क्षमा करें।”

क्या न करें?

भूख से परेशान होकर कोई निषेधित चीज़ न खाएं (जैसे लहसुन, प्याज, अनाज आदि)।

भूखे रहकर चिड़चिड़ापन या क्रोध न करें, यह व्रत की पवित्रता को नष्ट कर सकता है।

दूसरों को दोष न दें या अपनी भक्ति को दिखावा न बनाएं।

जहाँ भावना, वहीं सच्ची भक्ति

भक्ति शरीर से नहीं, मन और श्रद्धा से होती है। नवरात्रि का उद्देश्य सिर्फ उपवास नहीं, बल्कि स्वयं को मां की शक्ति में लीन करना है। ऐसे में यदि शरीर थक रहा है, तो फलाहार करके, माँ का नाम लेकर, और ध्यानपूर्वक व्रत पूरा करना भी उतना ही पुण्यकारी है। भूख लगना प्राकर्तिक है तो ऐसे में मन में किसी भी तरह की ग्लानी का भाव न रखे और आगे जो ठीक लगे वही करे।

नवरात्रि का हर दिन, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना होती है। यह सभी दिन केवल भूखे रहने का नहीं, बल्कि माँ से अपने जीवन में सिद्धि, शक्ति और शांति की कामना करने का है। अतः यदि भूख लगे, कमजोरी हो, तो खुद को दोषी न समझें। माँ की कृपा में विश्वास रखें, और अपने व्रत को श्रद्धा से पूर्ण करें। “भक्ति में नियम हैं, परंतु सबसे बड़ा नियम प्रेम है।”


कहानियों की दुनिया का जश्न और भारत के 10 शानदार पॉडकास्ट

International Podcast Day: हर साल 30 सितंबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट दिवस (International Podcast Day) एक ऐसा दिन है जब दुनियाभर के पॉडकास्ट प्रेमी, श्रोता और निर्माता इस माध्यम का उत्सव मनाते हैं। यह दिन केवल पसंदीदा पॉडकास्ट सुनने के लिए नहीं, बल्कि उन क्रिएटर्स का आभार जताने का भी दिन है, जो हमें हर दिन नए अनुभवों से जोड़ते हैं, चाहे वो कॉमेडी हो, इतिहास, स्वास्थ्य, या सस्पेंस से भरी कहानियाँ।

इतिहास: कैसे शुरू हुआ यह दिन?

इस दिवस की शुरुआत 2013 में स्टीव ली ने एक रेडियो शो सुनते समय की। उन्होंने सोचा, “जब सीनियर सिटीज़न डे हो सकता है, तो पॉडकास्ट डे क्यों नहीं?” फिर 2014 में National Podcast Day के रूप में अमेरिका में पहली बार इसे मनाया गया। लेकिन जल्द ही इस आइडिया ने अंतरराष्ट्रीय रूप ले लिया और आज यह दुनिया भर के 100+ देशों में मनाया जाता है।

क्यों मनाते हैं ये दिन?

पॉडकास्ट ने हमारे मीडिया उपभोग की शैली को बदल दिया है। अब सीखना, हँसना, प्रेरित होना या बस समय बिताना, सब पॉडकास्ट से संभव है। यह दिन नई कहानियाँ खोजने, श्रोताओं से जुड़ने और खुद एक पॉडकास्टर बनने की प्रेरणा देता है।

 कैसे मनाएं अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट दिवस?

 नई पॉडकास्ट खोजें, कुछ नया सुनें, कुछ नया सीखें।

पसंदीदा पॉडकास्टर को धन्यवाद कहें, सोशल मीडिया पर या ईमेल से।

#InternationalPodcastDay हैशटैग के साथ शेयर करें, अपने पसंदीदा पॉडकास्ट।

लिसनिंग पार्टी रखें, दोस्तों के साथ मिलकर पॉडकास्ट सुनें।

पॉडकास्ट को सपोर्ट करें, रिव्यू दें या सब्सक्राइब करें।

भारत के 10 बेहतरीन पॉडकास्ट चैनल्स

भारत में पॉडकास्टिंग ने बीते कुछ वर्षों में तेज़ी से ग्रोथ की है। यहां हम लाए हैं भारत के टॉप 10 पॉडकास्ट चैनल्स की सूची, जो कंटेंट, क्वालिटी और लोकप्रियता में बेजोड़ हैं:

1. The Ranveer Show – BeerBiceps

Host: रणवीर इलाहाबादिया

Genre: मोटिवेशन, लाइफ लेसन्स, बिजनेस, स्पिरिचुअलिटी

YouTube और Spotify दोनों पर लोकप्रिय।

2. The Musafir Stories

Genre: ट्रैवल और भारत की अनसुनी जगहों की कहानियाँ

ट्रैवल लवर्स के लिए बेस्ट।

3. Bhaskar Bose – By Red FM

Genre: फिक्शन, मिस्ट्री, थ्रिलर

डिटेक्टिव भास्कर बोस की आवाज़ में रोमांच।

4. Hindi Kahaniyan – Suno Kahani

Genre: शॉर्ट स्टोरीज़, लोक कथाएँ, प्रेरक कहानियाँ

पारिवारिक सुनने के लिए उपयुक्त।

5. Indian Noir – By Nikesh Murali

Genre: क्राइम, थ्रिलर, हॉरर (हिंदी और इंग्लिश दोनों में)

शानदार साउंड डिज़ाइन और वॉयस एक्टिंग।

6. The Habit Coach – By Ashdin Doctor

Genre: सेल्फ इम्प्रूवमेंट, डेली हैबिट्स

छोटे, असरदार पॉडकास्ट एपिसोड।

7. Pyaar Ka Punch – By Gaana Originals

Genre: लव, रिलेशनशिप और इमोशन्स

यंग ऑडियंस के बीच हिट।

8. Maed in India – By Mae Thomas

Genre: इंडी म्यूज़िक और आर्टिस्ट इंटरव्यू

म्यूज़िक लवर्स के लिए अनमोल।

9. Cyrus Says – By Cyrus Broacha

Genre: ह्यूमर, पॉलिटिक्स, लाइफ

फन के साथ थॉट-प्रोवोकिंग बातचीत।

10. Kahaani Express – By RJ Karan

Genre: इमोशनल कहानियाँ, जीवन से जुड़ी बातें

दिल को छू जाने वाली कहानियाँ।

अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि कहानी कहने और सुनने की कला का उत्सव है। चाहे आप पॉडकास्ट सुनते हों या बनाते हों, 30 सितंबर को कुछ समय पॉडकास्ट के लिए ज़रूर निकालें। “हर आवाज़ के पीछे एक कहानी होती है, और हर कहानी के पीछे एक पॉडकास्टर।” लोकल पॉडकास्टर को भी सुने जो इस दुनिया से जुड़े हो, उन्हें भी सुनना एक बेहतर विकल्प हो सकता है इसमें दा टाइम पास शो, आईटीजी टॉक्स, दा स्माल टाउन शो, देवभूमि डायलाग पॉडकास्ट जैसे कई नाम शुमार है।


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