Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

क्या करें जब व्रत के दौरान शरीर जवाब देने लगे?

Tag Archives: fasting

क्या करें जब व्रत के दौरान शरीर जवाब देने लगे?

Navratri Vrat Special: नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना और आत्म-संयम का पर्व होते हैं। व्रत रखने वाले लोग न केवल खान-पान में संयम बरतते हैं, बल्कि मन, वाणी और व्यवहार को भी सात्विक बनाते हैं। लेकिन जब नौ दिनों के उपवास का अंतिम दिन आता है और शरीर थका हुआ हो, पेट में खालीपन हो और कमजोरी महसूस हो, तो एक सवाल उठता है: “क्या अब भी भूखे ही रहना सही है?”

भूख लगना कोई दोष नहीं 

व्रत का अर्थ भूख से लड़ना नहीं है, बल्कि आत्मनियंत्रण और भक्ति के साथ संयमित जीवन जीना है। जब शरीर संकेत देने लगे कि अब उसे ऊर्जा की आवश्यकता है, तब उस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। आख़िरकार, एक थका हुआ शरीर, ध्यान और भक्ति में कितना लग सकेगा?

क्या करें जब व्रत के दौरान बहुत भूख लगे?

1. फलाहार करें, व्रत न तोड़े

अगर व्रत में अन्न नहीं खा रहे हैं, तो व्रत के अनुकूल फल, दूध, मखाने, साबूदाना खिचड़ी या सिंघाड़े के आटे से बनी चीज़ें खा सकते हैं। इससे व्रत बना भी रहेगा और शरीर को ऊर्जा भी मिलेगी।

2. पानी और दूध का सेवन करें

कभी-कभी डिहाइड्रेशन से भी भूख और थकावट ज़्यादा लगती है। नींबू पानी (बिना नमक), नारियल पानी या ठंडा दूध पिएं। यह तुरंत राहत देगा।

3. मन से क्षमा मांगें, यदि नियम टूटे

यदि कभी अनजाने में व्रत का नियम टूट भी जाए, तो मन में अपराधबोध पालने की आवश्यकता नहीं। मां दुर्गा करुणामयी हैं। सच्चे मन से प्रार्थना करें, “माँ, मैं मन से आपके चरणों में हूँ, यदि कोई भूल हुई हो तो क्षमा करें।”

क्या न करें?

भूख से परेशान होकर कोई निषेधित चीज़ न खाएं (जैसे लहसुन, प्याज, अनाज आदि)।

भूखे रहकर चिड़चिड़ापन या क्रोध न करें, यह व्रत की पवित्रता को नष्ट कर सकता है।

दूसरों को दोष न दें या अपनी भक्ति को दिखावा न बनाएं।

जहाँ भावना, वहीं सच्ची भक्ति

भक्ति शरीर से नहीं, मन और श्रद्धा से होती है। नवरात्रि का उद्देश्य सिर्फ उपवास नहीं, बल्कि स्वयं को मां की शक्ति में लीन करना है। ऐसे में यदि शरीर थक रहा है, तो फलाहार करके, माँ का नाम लेकर, और ध्यानपूर्वक व्रत पूरा करना भी उतना ही पुण्यकारी है। भूख लगना प्राकर्तिक है तो ऐसे में मन में किसी भी तरह की ग्लानी का भाव न रखे और आगे जो ठीक लगे वही करे।

नवरात्रि का हर दिन, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना होती है। यह सभी दिन केवल भूखे रहने का नहीं, बल्कि माँ से अपने जीवन में सिद्धि, शक्ति और शांति की कामना करने का है। अतः यदि भूख लगे, कमजोरी हो, तो खुद को दोषी न समझें। माँ की कृपा में विश्वास रखें, और अपने व्रत को श्रद्धा से पूर्ण करें। “भक्ति में नियम हैं, परंतु सबसे बड़ा नियम प्रेम है।”


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp