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हवाई यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: 60 प्रतिशत सीट नियम फिलहाल ठंडे बस्ते में

Category Archives: बिजनेस

हवाई यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: 60 प्रतिशत सीट नियम फिलहाल ठंडे बस्ते में

रत्नप्रिया 

एयरलाइंस के कड़े विरोध के बाद सरकार ने लिया यू-टर्न, अब होगी दोबारा समीक्षा

Air Travel Latest Rule: देश में हवाई यात्रा से जुड़े नियमों में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार ने फ्लाइट बुकिंग से जुड़े 60% सीट वाले प्रस्तावित नियम को फिलहाल रोक दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस फैसले को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए कहा है कि इस पर फिर से विचार किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, यह नियम एयरलाइंस को अपनी कुल सीटों का एक बड़ा हिस्सा एक तय ढांचे में उपलब्ध कराने से जुड़ा था। लेकिन इसे लागू करने से पहले ही एविएशन सेक्टर की कंपनियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

Federation of Indian Airlines (FIA), जिसमें IndiGo, Air India, SpiceJet और Akasa Air शामिल हैं, ने सरकार को बताया कि यह नियम उनके ऑपरेशन्स और कमाई पर असर डाल सकता है।

एयरलाइंस का कहना है कि इस तरह के प्रावधान से टिकट प्राइसिंग सिस्टम बिगड़ सकता है और इंडस्ट्री के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फिलहाल इस आदेश को लागू करने से रोक दिया है। मंत्रालय का कहना है कि सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।

यात्रियों के लिए क्या मायने?
अभी के लिए यात्रियों को किसी नए नियम का सामना नहीं करना पड़ेगा। टिकट बुकिंग और किराए पहले की तरह ही चलते रहेंगे।

आगे क्या?
अब सबकी नजर सरकार की अगली समीक्षा पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि यह नियम लागू होगा या नहीं।


गुड फ्राइडे पर बंद रहे भारतीय शेयर बाजार, 6 अप्रैल से फिर शुरू होगी ट्रेडिंग, अप्रैल में एक और छुट्टी

रत्नप्रिया

BSE-NSE पर नहीं हुआ कोई कारोबार, ग्लोबल मार्केट में मिला-जुला रुख

Good Friday Stock market Closed:  गुड फ्राइडे के अवसर पर शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों ही प्रमुख एक्सचेंजों पर आज किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग नहीं हुई।

इस दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) से जुड़े सभी सेगमेंट बंद रहे। इसके साथ ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अन्य कमोडिटी बाजारों में भी पूरे दिन कारोबार ठप रहा।

अब निवेशकों और ट्रेडर्स को बाजार खुलने के लिए सोमवार, 6 अप्रैल 2026 तक इंतजार करना होगा, जब बाजार सामान्य समय के अनुसार फिर से खुलेगा।

अप्रैल में एक और बड़ी छुट्टी

गौरतलब है कि अप्रैल महीने में यह एकमात्र छुट्टी नहीं है। इसके बाद 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर भी शेयर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में इस महीने निवेशकों को ट्रेडिंग प्लान बनाते समय इन छुट्टियों का ध्यान रखना होगा।

क्या है बाजार का सामान्य समय?

आम दिनों में भारतीय शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलते हैं। सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक प्री-ओपन सेशन होता है, जिसके बाद मुख्य ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:30 बजे तक चलती है।

ग्लोबल बाजारों का हाल

वैश्विक बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स बढ़त में रहे। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 1.34 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.73 प्रतिशत तक उछला।

हालांकि चीन का CSI 300 इंडेक्स हल्की गिरावट में रहा, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग के बाजार ईस्टर हॉलिडे के चलते बंद रहे। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो गुरुवार को वॉल स्ट्रीट हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी निवेशकों की चिंता का कारण बनी हुई है। आज गुड फ्राइडे के चलते अमेरिका के बाजार भी बंद हैं।

पिछले कारोबारी दिन का प्रदर्शन

इससे पहले गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई थी।

सेंसेक्स 185 अंकों की बढ़त के साथ 73,319 पर बंद हुआ।

निफ्टी 33 अंक चढ़कर 22,713 के स्तर पर पहुंचा।

रुपये में भी मजबूती देखने को मिली और इसने कई वर्षों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त दर्ज की।

हालांकि बाजार में व्यापक रूप से मिश्रित रुख रहा। जहां लार्जकैप शेयरों ने सहारा दिया, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा मजबूत रहा और इसमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी सेक्टर में भी तेजी दर्ज की गई।

वहीं ऑटो, फार्मा, मीडिया और पीएसयू बैंक सेक्टरों में दबाव नजर आया, जिससे बाजार की कुल चाल सीमित रही।


अप्रैल की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ, जानिए किन 5 बदलावों का पड़ेगा सीधा असर

रत्नप्रिया

April 2026 Price Hike: अप्रैल महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि खर्च बढ़ाने वाली साबित हुई है। 1 अप्रैल से कई ऐसे बदलाव लागू हुए हैं, जिनका असर सीधे आपकी जेब पर पड़ने वाला है। घरेलू गैस से लेकर बैंकिंग और यात्रा तक, कई जरूरी सेवाएं महंगी हो गई हैं।

1. LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव

नए महीने के साथ रसोई गैस की कीमतों में बदलाव किया गया है। इससे घर का बजट प्रभावित हो सकता है, खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका असर ज्यादा दिखेगा।

2. हवाई सफर हुआ महंगा (ATF की कीमत बढ़ी)

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में इजाफा होने से फ्लाइट टिकट्स महंगे हो सकते हैं। यानी अब हवाई यात्रा करना पहले के मुकाबले थोड़ा और खर्चीला होगा।

3. ATM से पैसे निकालना पड़ा भारी

बैंकिंग नियमों में बदलाव के तहत अब तय सीमा से ज्यादा बार ATM इस्तेमाल करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जो बार-बार कैश निकालते हैं।

4. शेयर बाजार में लेनदेन महंगा (STT बढ़ा)

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। इससे निवेशकों की लागत में इजाफा होगा।

5. कार खरीदना हुआ महंगा

ऑटो कंपनियों ने भी नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

कुल मिलाकर, अप्रैल का पहला दिन आम आदमी के लिए कई महंगी खबरें लेकर आया है। ऐसे में अपने खर्चों की सही प्लानिंग करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।


प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा, सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर

प्रति लीटर 2 रुपये से ज्यादा बढ़ी कीमत

नई दिल्ली। देश में प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 20 मार्च 2026 से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के तहत प्रति लीटर करीब 2 से 2.30 रुपये तक का इजाफा किया गया है, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद ‘स्पीड’ और ‘पावर’ जैसे हाई-परफॉर्मेंस ईंधन की कीमत बढ़कर 113 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर Hindustan Petroleum Corporation Limited के ‘पावर पेट्रोल’ और Indian Oil Corporation Limited के ‘XP95’ जैसे ब्रांडेड ईंधनों पर पड़ा है। ये प्रीमियम फ्यूल मुख्य रूप से बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और अधिक माइलेज के लिए उपयोग किए जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल इस वृद्धि को केवल प्रीमियम पेट्रोल तक सीमित रखा है, जिससे सामान्य पेट्रोल उपयोग करने वाले बड़े वर्ग पर सीधा असर नहीं पड़ा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर और दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


दिवाली से पहले सरकार का तोहफा, जीएसटी दरों में बड़ी कटौती

दूध, पनीर, ब्रेड और दवाएं हुईं सस्ती, पान मसाला-सिगरेट पर बढ़ा टैक्स

22 सितंबर से लागू होंगी नई जीएसटी दरें

नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत का बड़ा पैकेज दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में व्यापक कटौती का ऐलान किया। अब कई रोजमर्रा की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती होंगी, जबकि कुछ लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर कर बढ़ा दिया गया है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।

जीएसटी में संशोधन के बाद अधिकांश वस्तुएं 5% और 18% स्लैब में आ गई हैं। कई उत्पादों को जीरो टैक्स (0%) श्रेणी में रखा गया है, जबकि तंबाकू, पान मसाला और शुगरी ड्रिंक्स जैसे आइटम अब 40% ‘सिन टैक्स’ स्लैब में आ गए हैं।

क्या सस्ता हुआ?

दूध, पनीर, छेना, ब्रेड, खाखरा और चपाती पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।

बटर, खोआ, घी और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12% से घटकर 5% टैक्स पर आ गए हैं।

33 जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस/एलआईसी पॉलिसियों पर टैक्स शून्य कर दिया गया है।

कृषि और बागवानी मशीनरी, ट्रैक्टर, ट्यूब-टायर, कीटनाशक और उर्वरक सामग्री पर टैक्स 18% से घटकर 5% हो गया है।

मोटरसाइकिल (350 सीसी तक), एसी, टीवी, डिशवॉशर और छोटे वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है।

क्या महंगा हुआ?

कोल्ड ड्रिंक, शुगरी बेवरेज और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक अब 40% स्लैब में चले गए हैं।

लग्जरी कारें, रेसिंग कारें और 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलें भी महंगी हो गई हैं।

पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।

जुआ, कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और रेस क्लब में एंट्री भी अब 40% जीएसटी स्लैब में आएगी।

रिवॉल्वर, पिस्तौल और निजी उपयोग के लिए विमान व नाव पर भी 40% टैक्स लगेगा।

सरकार का दावा है कि इस फैसले से आम और मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी, जबकि हानिकारक व विलासिता वाली वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स लगाकर राजस्व भी बढ़ाया जाएगा।


जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार से खुलेगी अर्थव्यवस्था, घटेगा अनुपालन बोझ: वित्त मंत्री सीतारमण

चेन्नई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक खुला, पारदर्शी और सरल बनाएंगे। इसके साथ ही ये सुधार अनुपालन बोझ (compliance burden) को भी कम करेंगे, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी।

वित्त मंत्री चेन्नई में आयोजित सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रही थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य विनियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत में कटौती करना और स्टार्टअप्स व एमएसएमई को अधिक सक्षम बनाना है।

सीतारमण ने कहा, “कल और परसों होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक से इन सुधारों की योजनाबद्ध शुरुआत हो रही है। आने वाले महीनों में यह पहल भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खुली और पारदर्शी बनाएगी। साथ ही छोटे व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी।”

जनधन खातों की सफलता पर प्रकाश

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जनधन योजना की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें अब तक 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन खातों में से 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जबकि 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं — यह वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता (asset quality) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे देश की बैंकिंग प्रणाली और अधिक स्थिर और मजबूत हुई है।

डिजिटल जागरूकता पर राष्ट्रपति मुर्मू की चिंता

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, देश में अब भी डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट पहुंच और वित्तीय जागरूकता के मामले में कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, “बैंकिंग सेवाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है, लेकिन अब वक्त है कि लोगों को तकनीकी और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से बेहतर रूप से जोड़ने पर ध्यान दिया जाए।“

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका बेहद अहम है और बैंकिंग क्षेत्र को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होना चाहिए।


अमेरिका ने भारत के निर्यात पर लगाया 50% टैरिफ, ट्रंप प्रशासन का फैसला भारतीय उद्योगों पर सीधा प्रभाव

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: भारत से अमेरिका को होने वाले 48 अरब डॉलर से अधिक के वार्षिक निर्यात पर बुधवार से 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लागू हो गया है। यह निर्णय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में लिए गए उस आदेश का हिस्सा है, जिसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर ‘जुर्माना टैरिफ’ लगाया गया है।

इसमें से 25% शुल्क पहले ही 7 अगस्त से प्रभावी हो चुका था, जबकि अतिरिक्त 25% शुल्क 27 अगस्त से लागू हो गया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जारी मसौदा आदेश के मुताबिक, यह फैसला भारत-केंद्रित है, जबकि चीन जैसे बड़े रूसी तेल आयातकों को इस आदेश से बाहर रखा गया है।

किन उत्पादों पर असर?

नए टैरिफ का सीधा असर भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • कपड़ा और परिधान

  • रत्न और आभूषण

  • झींगा और समुद्री उत्पाद

  • चमड़ा व जूते

  • रसायन

  • विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी

  • पशु उत्पाद

हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस दायरे से बाहर रखा गया है, जैसे कि:

  • फार्मास्यूटिकल्स

  • ऊर्जा उत्पाद

  • इलेक्ट्रॉनिक सामान

पुराने शिपमेंट को आंशिक राहत

नोटिस के अनुसार, 27 अगस्त 12:01 बजे (अमेरिकी समयानुसार) से पहले जो उत्पाद अमेरिका के लिए रवाना हो चुके हैं और उपभोग के लिए मंजूरी प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें टैरिफ से छूट दी जाएगी। लेकिन जो माल अमेरिका के गोदामों में पड़ा है और अभी तक उपभोग के लिए मंजूरी नहीं मिली है, उस पर पूर्ण 50% शुल्क लागू होगा।

प्रतिस्पर्धा बढ़ी, पड़ोसी देशों को फायदा

भारत के लिए चिंता की बात यह है कि अब अमेरिकी बाजार में उसके प्रतिस्पर्धी देशों के उत्पाद सस्ते हो जाएंगे। इन देशों पर टैरिफ अपेक्षाकृत कम है:

  • म्यांमार (40%)

  • थाईलैंड, कंबोडिया (36%)

  • बांग्लादेश (35%)

  • इंडोनेशिया (32%)

  • चीन, श्रीलंका (30%)

  • मलेशिया (25%)

  • वियतनाम, फिलीपीन (20%)

रोजगार पर संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़े हुए टैरिफ के कारण भारत के कपड़ा, आभूषण, मशीनरी, रसायन और चमड़ा उद्योग प्रभावित होंगे। इससे इन क्षेत्रों में रोजगार छिनने की आशंका भी गहरा गई है।

भारत के विकल्प और जवाबी कदम

  • नए निर्यात बाजार तलाशना, विशेषकर यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में।

  • भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है।

  • ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, इस टैरिफ से भारत का 66% अमेरिकी निर्यात प्रभावित होगा।

अमेरिका का दोहरा रवैया?

जहाँ अमेरिका भारत पर रूसी तेल व्यापार को लेकर प्रतिबंध लगा रहा है, वहीं खुद अमेरिकी कंपनी एक्सोन मोबिल को रूस में फिर से तेल उत्पादन शुरू करने की कोशिशें जारी हैं। इससे अमेरिका की नीति पर दोहरे मापदंड का आरोप लग रहा है।


Tesla Model Y भारत में लॉन्च, 15 मिनट की चार्जिंग में चलेगी 238 KM

मुंबई में खुला पहला शोरूम, कीमत 60 लाख से शुरू, सितंबर से शुरू होगी डिलीवरी

नई दिल्ली। टेस्ला ने भारत में अपने पहले शोरूम की लॉन्चिंग के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धूम मचा दी है। कंपनी ने अपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक ‘Model Y’ को भारत में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है। मुंबई के बीकेसी स्थित मैक्सिटी मॉल में टेस्ला का पहला शोरूम खुल चुका है, और डिलीवरी सितंबर 2025 से शुरू होगी।

बुकिंग हुई शुरू
टेस्ला ने अपनी वेबसाइट पर Model Y की बुकिंग शुरू कर दी है, जो फिलहाल मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि जो ग्राहक फुल-सेल्फ ड्राइविंग (FSD) फीचर वाला वेरिएंट लेना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए अतिरिक्त 6 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।

वेरिएंट्स और परफॉर्मेंस
Tesla Model Y को भारत में दो वेरिएंट्स में उतारा गया है:

लॉन्ग रेंज RWD:
यह वेरिएंट सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर से लैस है, जो 295 हॉर्सपावर और 420 Nm टॉर्क पैदा करता है। यह कार एक बार चार्ज करने पर 500 किमी तक चल सकती है और सिर्फ 5.6 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

लॉन्ग रेंज AWD:
ड्यूल मोटर से लैस इस वेरिएंट की रेंज 622 किमी है। इसमें 384 bhp की पावर और 510 Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी टॉप स्पीड 217 किमी प्रति घंटा है और यह मात्र 4.6 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

चार्जिंग टेक्नोलॉजी
Model Y को टेस्ला की फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह केवल 15 मिनट में 238 किमी की दूरी तय करने लायक चार्ज हो सकती है।

सेफ्टी फीचर्स
सभी वेरिएंट्स में लेवल-2 ADAS तकनीक दी गई है, जिसमें फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग, ऑटोमैटिक इमर्जेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और स्पीड लिमिट असिस्ट जैसे एडवांस फीचर्स शामिल हैं। साथ ही, कार में 6 स्टैंडर्ड एयरबैग्स भी दिए गए हैं।

डिजाइन और इंटीरियर
Tesla Model Y भारत में कुल 7 एक्सटीरियर कलर ऑप्शन और 2 इंटीरियर ट्रिम्स के साथ उपलब्ध होगी। इसमें 15.4 इंच का फ्रंट टचस्क्रीन, 8 इंच का रियर डिस्प्ले, पावर-एडजेस्टेबल सीट्स और स्टीयरिंग कॉलम, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, 19-इंच क्रॉसफ्लो व्हील्स, ग्लास रूफ और पावर रियर लिफ्टगेट जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं।


Meta ने पेश किया अपना नया AI ऐप, ChatGPT को देगा सीधी टक्कर

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अब मेटा (Meta) ने भी बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी ने अपना नया AI ऐप Meta AI लॉन्च कर दिया है, जो Llama 4 लैंग्वेज मॉडल पर आधारित है। यह ऐप अब Google Play Store और Apple App Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। यूज़र्स अब इस ऐप को अपने स्मार्टफोन में अलग से डाउनलोड कर सकते हैं और इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। मेटा का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI के ChatGPT को टक्कर देने वाला माना जा रहा है, जो फिलहाल दुनिया का सबसे लोकप्रिय AI चैटबॉट है।

Meta AI को एक मल्टी-फंक्शनल AI असिस्टेंट के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो सवाल-जवाब, टेक्स्ट जनरेशन, राइटिंग, कोडिंग और अन्य कई कामों में सहायता कर सकता है। मेटा का दावा है कि Llama 4 मॉडल की ताकत के साथ यह ऐप यूज़र्स को तेज़, स्मार्ट और सहज अनुभव प्रदान करेगा। AI बाजार में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मेटा का यह कदम तकनीकी दुनिया के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।

बता दें कि अभी तक Meta AI का इस्तेमाल करने के लिए या तो WhatsApp, Instagram, Facebook या Messenger की जरूरत पड़ती थी या कंपनी की वेबसाइट पर जाना पड़ता था लेकिन अब आप स्टैंडअलोन ऐप के जरिए भी मेटा AI को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। ChatGPT जैसे अन्य AI ऐप्स में जहां कुछ सर्च करने और फोटो बनाने जैसी सुविधाएं मिलती है तो मेटा का AI ऐप इससे भी एक कदम आगे निकल गया है। जी हां, इस ऐप में तो कंपनी ने खास डिस्कवर फीड को भी ऐड किया है जहां से आप ये जान सकते हैं कि दुनियाभर में लोग किस तरह से AI ऐप पर सर्च कर रहे हैं।

इन्हें देखकर आप भी अपने हिसाब से चीजों को AI का इस्तेमाल करके खोज सकते हैं। मेटा ने इस डिस्कवर फीड की एक फोटो शेयर की है जिसमें एक यूजर अपने AI से तीन इमोजी में उनका समरी देने के लिए कह रहा है जिसे वो बाद में अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। मेटा एआई ऐप में डिस्कवर फीड यह पता लगाने का बेहतर स्पेस दे रही है कि दूसरे लोग एआई का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। आप लोगों द्वारा शेयर किए जा रहे सबसे अच्छे प्रॉम्प्ट देख सकते हैं, या उन्हें रीमिक्स करके अपना बना सकते हैं। हालांकि आप चाहें तो इसे कंट्रोल भी कर सकते हैं, यानी जब तक आप इसे पोस्ट नहीं करते तब तक आपके फीड पर कुछ भी शेयर नहीं किया जाएगा। केवल वो इंटरैक्शन ही फ़ीड पर दिखाई देंगे जिन्हें यूजर खुद शेयर करेगा।

इस ऐप में रेगुलर AI ऐप की तरह काफी फीचर्स मिल जाते हैं लेकिन इस लॉन्च के साथ मेटा ने अपने वॉयस मोड को भी बेहतर बनाया है। ऐप इमेज जेनरेशन और एडिटिंग जैसे मेटा एआई फीचर्स भी ऑफर कर रहा है, जो अब आपके एआई असिस्टेंट के साथ वॉयस या टेक्स्ट चैट के जरिए किया जा सकता है। मेटा इन दिनों भारत में रे-बैन मेटा ग्लास लाने की भी तैयारी कर रहा है।


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