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शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले

Category Archives: बिजनेस

शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। गुरुवार को बकरीद के कारण बंद रहे बाजार में आज निवेशकों ने खरीदारी का रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बाजार ने बुधवार की गिरावट से उबरते हुए सकारात्मक संकेत दिए।

कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में 350 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली और यह 76 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 24 हजार के करीब कारोबार करता नजर आया। हालांकि कुछ समय बाद बाजार में हल्की बिकवाली हावी हुई, जिससे बढ़त सीमित हो गई। सुबह करीब 9:27 बजे सेंसेक्स लगभग 76 हजार के स्तर पर और निफ्टी 23,900 के ऊपर कारोबार करता दिखा।

विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेत और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा बना रहा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में शुरुआती तेजी ने बाजार को समर्थन दिया। वहीं रुपये में भी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती दर्ज की गई।


शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 150 अंक लुढ़का, निफ्टी 24 हजार के नीचे

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स में 150 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। शुरुआती सत्र में खासतौर पर एविएशन और टेलीकॉम सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स एक समय 260 अंकों से ज्यादा गिरकर 76,200 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,000 के आसपास आ गया। सुबह करीब 9:19 बजे सेंसेक्स 99 अंकों की कमजोरी के साथ 76,389 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ 24,004 के आसपास बना रहा। इस दौरान भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 95.40 पर पहुंच गया।

शेयरों की बात करें तो इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, ट्रेंट, टाइटन कंपनी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में करीब 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओरइंफोसिस , टेक महिंद्रा, टीसीएस, बीईएल और एचसीएल टेक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में व्यापक दबाव नजर आया। ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो सेक्टर में गिरावट रही, जबकि पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती दर्ज की गई।


शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23950 के पार

नई दिल्ली- घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार बढ़त के साथ शुरुआत की। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर नजर आए। सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाकर 76,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया।

बाजार में तेजी की मुख्य वजह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके साथ ही रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर करीब 95.35 पर पहुंच गया, जो विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की चिंता कम की है। Brent Crude Oil करीब 5% से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई पर दबाव कम होगा और कंपनियों के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार के लिए एक चुनौती बनी हुई है, जिससे आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयर दबाव में रहे।


उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद

नई दिल्ली- सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुख देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में खरीदारी के चलते सेंसेक्स 231.99 अंकों की मजबूती के साथ 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक चढ़कर 23,719.30 के स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार की शुरुआत में भी बाजार में तेजी का माहौल बना रहा। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में नरमी की उम्मीद और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। एशियाई बाजारों में भी इस दौरान मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 332 अंकों से अधिक उछलकर 75,500 के पार पहुंच गया था, वहीं निफ्टी भी 23,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हालांकि दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच बाजार ने अंत में बढ़त बनाए रखी।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और डेरिवेटिव्स से जुड़े अनुबंधों की एक्सपायरी को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की जरूरत है।


आईटी और FMCG शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में, सेंसेक्स 135 अंक टूटा

नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार बेहद सीमित दायरे में रहा और दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि रियल्टी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 135 अंकों की गिरावट के साथ 75,183.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी मामूली कमजोरी के साथ 23,654.70 पर बंद हुआ। बाजार में पूरे दिन निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बड़े शेयर कमजोर रहे। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और कई रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे छोटे निवेशकों का भरोसा कायम दिखाई दिया।

दिन के कारोबार में बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और बजाज फिनसर्व के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। वहीं ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो और ट्रेंट के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये बाजार के टॉप गेनर्स रहे।

उधर, बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया विक्स करीब 3.36 प्रतिशत गिरकर 17.82 पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह संकेत है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और बाजार में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।


हवाई यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: 60 प्रतिशत सीट नियम फिलहाल ठंडे बस्ते में

रत्नप्रिया 

एयरलाइंस के कड़े विरोध के बाद सरकार ने लिया यू-टर्न, अब होगी दोबारा समीक्षा

Air Travel Latest Rule: देश में हवाई यात्रा से जुड़े नियमों में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार ने फ्लाइट बुकिंग से जुड़े 60% सीट वाले प्रस्तावित नियम को फिलहाल रोक दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस फैसले को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए कहा है कि इस पर फिर से विचार किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, यह नियम एयरलाइंस को अपनी कुल सीटों का एक बड़ा हिस्सा एक तय ढांचे में उपलब्ध कराने से जुड़ा था। लेकिन इसे लागू करने से पहले ही एविएशन सेक्टर की कंपनियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

Federation of Indian Airlines (FIA), जिसमें IndiGo, Air India, SpiceJet और Akasa Air शामिल हैं, ने सरकार को बताया कि यह नियम उनके ऑपरेशन्स और कमाई पर असर डाल सकता है।

एयरलाइंस का कहना है कि इस तरह के प्रावधान से टिकट प्राइसिंग सिस्टम बिगड़ सकता है और इंडस्ट्री के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फिलहाल इस आदेश को लागू करने से रोक दिया है। मंत्रालय का कहना है कि सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।

यात्रियों के लिए क्या मायने?
अभी के लिए यात्रियों को किसी नए नियम का सामना नहीं करना पड़ेगा। टिकट बुकिंग और किराए पहले की तरह ही चलते रहेंगे।

आगे क्या?
अब सबकी नजर सरकार की अगली समीक्षा पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि यह नियम लागू होगा या नहीं।


गुड फ्राइडे पर बंद रहे भारतीय शेयर बाजार, 6 अप्रैल से फिर शुरू होगी ट्रेडिंग, अप्रैल में एक और छुट्टी

रत्नप्रिया

BSE-NSE पर नहीं हुआ कोई कारोबार, ग्लोबल मार्केट में मिला-जुला रुख

Good Friday Stock market Closed:  गुड फ्राइडे के अवसर पर शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों ही प्रमुख एक्सचेंजों पर आज किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग नहीं हुई।

इस दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) से जुड़े सभी सेगमेंट बंद रहे। इसके साथ ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अन्य कमोडिटी बाजारों में भी पूरे दिन कारोबार ठप रहा।

अब निवेशकों और ट्रेडर्स को बाजार खुलने के लिए सोमवार, 6 अप्रैल 2026 तक इंतजार करना होगा, जब बाजार सामान्य समय के अनुसार फिर से खुलेगा।

अप्रैल में एक और बड़ी छुट्टी

गौरतलब है कि अप्रैल महीने में यह एकमात्र छुट्टी नहीं है। इसके बाद 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर भी शेयर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में इस महीने निवेशकों को ट्रेडिंग प्लान बनाते समय इन छुट्टियों का ध्यान रखना होगा।

क्या है बाजार का सामान्य समय?

आम दिनों में भारतीय शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलते हैं। सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक प्री-ओपन सेशन होता है, जिसके बाद मुख्य ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:30 बजे तक चलती है।

ग्लोबल बाजारों का हाल

वैश्विक बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स बढ़त में रहे। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 1.34 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.73 प्रतिशत तक उछला।

हालांकि चीन का CSI 300 इंडेक्स हल्की गिरावट में रहा, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग के बाजार ईस्टर हॉलिडे के चलते बंद रहे। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो गुरुवार को वॉल स्ट्रीट हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी निवेशकों की चिंता का कारण बनी हुई है। आज गुड फ्राइडे के चलते अमेरिका के बाजार भी बंद हैं।

पिछले कारोबारी दिन का प्रदर्शन

इससे पहले गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई थी।

सेंसेक्स 185 अंकों की बढ़त के साथ 73,319 पर बंद हुआ।

निफ्टी 33 अंक चढ़कर 22,713 के स्तर पर पहुंचा।

रुपये में भी मजबूती देखने को मिली और इसने कई वर्षों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त दर्ज की।

हालांकि बाजार में व्यापक रूप से मिश्रित रुख रहा। जहां लार्जकैप शेयरों ने सहारा दिया, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा मजबूत रहा और इसमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी सेक्टर में भी तेजी दर्ज की गई।

वहीं ऑटो, फार्मा, मीडिया और पीएसयू बैंक सेक्टरों में दबाव नजर आया, जिससे बाजार की कुल चाल सीमित रही।


अप्रैल की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ, जानिए किन 5 बदलावों का पड़ेगा सीधा असर

रत्नप्रिया

April 2026 Price Hike: अप्रैल महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि खर्च बढ़ाने वाली साबित हुई है। 1 अप्रैल से कई ऐसे बदलाव लागू हुए हैं, जिनका असर सीधे आपकी जेब पर पड़ने वाला है। घरेलू गैस से लेकर बैंकिंग और यात्रा तक, कई जरूरी सेवाएं महंगी हो गई हैं।

1. LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव

नए महीने के साथ रसोई गैस की कीमतों में बदलाव किया गया है। इससे घर का बजट प्रभावित हो सकता है, खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका असर ज्यादा दिखेगा।

2. हवाई सफर हुआ महंगा (ATF की कीमत बढ़ी)

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में इजाफा होने से फ्लाइट टिकट्स महंगे हो सकते हैं। यानी अब हवाई यात्रा करना पहले के मुकाबले थोड़ा और खर्चीला होगा।

3. ATM से पैसे निकालना पड़ा भारी

बैंकिंग नियमों में बदलाव के तहत अब तय सीमा से ज्यादा बार ATM इस्तेमाल करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जो बार-बार कैश निकालते हैं।

4. शेयर बाजार में लेनदेन महंगा (STT बढ़ा)

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। इससे निवेशकों की लागत में इजाफा होगा।

5. कार खरीदना हुआ महंगा

ऑटो कंपनियों ने भी नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

कुल मिलाकर, अप्रैल का पहला दिन आम आदमी के लिए कई महंगी खबरें लेकर आया है। ऐसे में अपने खर्चों की सही प्लानिंग करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।


प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा, सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर

प्रति लीटर 2 रुपये से ज्यादा बढ़ी कीमत

नई दिल्ली। देश में प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 20 मार्च 2026 से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के तहत प्रति लीटर करीब 2 से 2.30 रुपये तक का इजाफा किया गया है, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद ‘स्पीड’ और ‘पावर’ जैसे हाई-परफॉर्मेंस ईंधन की कीमत बढ़कर 113 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर Hindustan Petroleum Corporation Limited के ‘पावर पेट्रोल’ और Indian Oil Corporation Limited के ‘XP95’ जैसे ब्रांडेड ईंधनों पर पड़ा है। ये प्रीमियम फ्यूल मुख्य रूप से बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और अधिक माइलेज के लिए उपयोग किए जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल इस वृद्धि को केवल प्रीमियम पेट्रोल तक सीमित रखा है, जिससे सामान्य पेट्रोल उपयोग करने वाले बड़े वर्ग पर सीधा असर नहीं पड़ा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर और दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


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