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गैस सप्लाई पर प्रशासन की नजर, होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश

Category Archives: राष्ट्रीय

गैस सप्लाई पर प्रशासन की नजर, होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में राहत, गैस बुकिंग की अवधि 45 दिन से घटाकर 25 दिन

देहरादून। एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन किया गया है, जो गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रख रही है।

प्रशासन की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में गैस की मांग, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को राहत देते हुए गैस बुकिंग की अवधि 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी गई है।

एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए गए हैं। इन माध्यमों से अब तक कुल 33 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिन पर जिला पूर्ति विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक दिन में करीब 10,424 घरेलू उपभोक्ताओं और 412 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई। वर्तमान में जिले में 34,487 घरेलू और 1,207 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

जिला प्रशासन का कहना है कि गैस की उपलब्धता और आपूर्ति को लगातार बढ़ाया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


खाड़ी संकट में भी देश, प्रदेश पीएम मोदी के नेतृत्व में एकजुट- भट्ट

प्रयाप्त स्टॉक! सिर्फ अफवाह, पैनिक खरीदारी, जमाखोरों से बचने की जरूरत

हिमाचल में तेल की कीमत बढ़ाने वाली कांग्रेस, युद्ध से मंहगाई की अफवाह फैलाती है!

देहरादून। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी युद्ध संकट में भी देश और प्रदेश पीएम मोदी के नेतृत्व में एकजुट खड़ा है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, संसद के दोनों सदनों में प्रधानमंत्री द्वारा बताई देश की क्षमता और तैयारियों पर जनता को पूरा भरोसा है। लिहाजा हम सभी को उनकी अपील पर अफवाह, पैनिक खरीदारी और जमाखोरों से बचने की जरूरत है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में पश्चिम एशिया संकट भारत की स्थिति और नीति स्पष्ट करने से देशवासी निश्चिंत हो गए हैं। एक स्वाभाविक लीडर की तरह एक बार फिर संकट की घड़ी में उन्होंने सामने आकर भरोसा दिलाया है कि संकट विकट है लेकिन हमारी तैयारी और एकजुटता इसका सामना करने में सक्षम है। पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर देश में 53 लाख मैट्रिक टन रिजर्व है जो लगभग 2 महीने तक काम आ सकता है। इसी तरह देश की कुल जरूरत का 30 फ़ीसदी स्वदेशी उत्पादन के साथ खाड़ी देशों और अन्य देशों से लगातार एलपीजी सप्लाई जारी है। हम उन चुनिंदा देशों में है जिसके जहाज युद्धरत होमुर्ज खाड़ी से निकलकर सुरक्षित आ रहे हैं, अब तक 5 जहाज आ गए हैं और बाकी भी आने की उम्मीद है। इसी तरह खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा पर भी प्राथमिकता से प्रयास जारी हैं।

उन्होंने आग्रह किया कि पीएम के कथानुसार, अक्सर विपरीत परिस्थितियों में कुछ लोग लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। हमें ऐसी स्थिति में फैलने वाली अफवाहों और झूठ से सावधान रहने की जरूरत है। देश में प्रयाप्त स्टॉक है, लिहाजा हम सबको पैनिक खरीदारी बचना चाहिए। क्योंकि ऐसे करने से जमाखोरों और घोटालेबाजों को अवसर मिलता है। उन्होंने कहा, देश को पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है कि आम जनता को संकट से दूर रखने के लिए कटिबद्धता से कार्य कर रही है। देश ने एकजुटता से कोरोना जैसी महामारी का सामना किया है, लिहाजा इस संकट का सामना करने में भी हम सक्षम हैं।

वहीं उन्होंने विपक्षी कांग्रेस को देशहित में नकारात्मक राजनीति से बचने का आग्रह किया। कहा, देश ने कोराना संकट में इनके नेताओं का भ्रम और अफवाह फैलाने का रवैया देखा है। एक बार फिर यही कोशिश खाड़ी युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों में कांग्रेस कर रही है। प्रदेश और देश के लोगों को आज भी विपक्ष के इस ड्रामे और दोगली नीति पर भरोसा नहीं है। क्योंकि वो देख रही है कि देश में खाड़ी संकट का सबसे पहले लाभ उठाने की कोशिश कांग्रेस की हिमाचल सरकार ने की है। वो युद्ध से मंहगाई का डर तो दिखा रहे हैं। लेकिन अपने राज्य में युद्ध की आपदा को अवसर में बदलते हुए तेल के दामों में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। वहां सुक्खू सरकार ने अपने कुप्रबंधन से वहां आए आर्थिक संकट का सामना करने के लिए युद्ध के नाम पर ये दाम वृद्धि की हैं।


परेडग्राउंड आटोमेटेड पार्किंग जनमानस को विधिवत् समर्पित, मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

शहर में ट्रैफिक सुधार की पहल, तीन स्थानों पर बनी ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए परेड ग्राउंड में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड पार्किंग का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित कर दिया गया है। इस सुविधा का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।

करीब 472.23 लाख रुपये की लागत से बनी इस ऑटोमेटेड पार्किंग में एक साथ 111 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान करना और यातायात को सुचारू बनाना है।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा शहर में चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड पार्किंग विकसित की जा रही है। इसके तहत परेड ग्राउंड के अलावा तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता) और कोरोनेशन क्षेत्र (18 वाहन क्षमता) में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

पार्किंग व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने “फ्री सखी कैब सेवा” भी शुरू की है। इसके तहत पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए नजदीकी भीड़भाड़ वाले इलाकों तक मुफ्त पहुंचाया जाएगा। इसके लिए टाटा पंच ईवी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।

इसके साथ ही शहर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ईवी मिनी बस शटल सेवा शुरू करने की योजना है, जिससे पार्किंग स्थलों से प्रमुख स्थानों तक आवाजाही आसान होगी और निजी वाहनों का उपयोग कम किया जा सकेगा।

जिला प्रशासन की यह पहल न केवल देहरादून को जाम से राहत दिलाने में मददगार साबित होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।


चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियों के संबंध में कहा कि चार धाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान उत्तराखण्डवासी देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं—जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन—सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जानकारी दी कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद चार धाम दर्शन कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन एवं प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग—के साथ अभी से समन्वय एवं संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर चार धाम यात्रा से संबंधित आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। शासन को चार धाम यात्रा की तैयारी की निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं चार धाम यात्रा की तैयारियों की जल्द ही समीक्षा करेंगे |

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से चार धाम यात्रा-2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।


आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश

बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) एवं बीएलए का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित करें-  जिला निर्वाचन अधिकारी

हर विधानसभा व जिला स्तर पर सहायता केंद्र होंगे स्थापित

पौड़ी। आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में पुनरीक्षण से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए सभी नोडल अधिकारियों को समन्वय से कार्य करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों द्वारा अभी तक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए-2) की नियुक्ति नहीं की गयी है, वे इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करें, ताकि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में समन्वय एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सटीकता आएगी। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) एवं बीएलए-2 का प्रशिक्षण एक साथ कराएं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध, व्यवस्थित एवं एकरूपता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें, ताकि सभी कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर सकें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां इस प्रकार सुनिश्चित की जाएं कि पुनरीक्षण की तिथि घोषित होते ही योजना का तत्काल और प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके।

मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र एवं जिला स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं, जहां मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया जा सके। इन सहायता केंद्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी अपना नाम खोज सकेंगे। इस सुविधा के बारे में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को सरलता से समझने हेतु फ्लोचार्ट बनाकर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे भी आमजन को जागरुक कर सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि पुनरीक्षण का कार्य हेतु पोस्टर, बैनर एवं अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाया जाए।

बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह द्वारा यह जानकारी दी गयी कि वर्ष 2003 एवं 2025 की मतदाता सूचियां संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गयी हैं, जिससे सूची के मिलान एवं सत्यापन का कार्य अधिक सुगमता एवं सटीकता के साथ किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि पुनरीक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ऐसे सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) कार्मिकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजें, जिन्हें पूर्व में निर्वाचन कार्य का अनुभव हो, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अमानचित्रित मतदाताओं के चिन्हीकरण एवं उन्हें संबंधित मतदान केंद्रों से जोड़ने की कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाय। बैठक में राजनीतिक दलों के सदस्यों ने अपने सुझाव भी दिए।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण आरईएस विनोद जोशी, ईओ नगर पालिका संजय कुमार व राजनीतिक दलों से विनोद नेगी, भरत रावत, अनुज कुमार, राजेंद्र रावत, सहित अन्य अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले प्रो. परविंदर कौशल

आगामी दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करने हेतु कृषि मंत्री को दिया आमंत्रण

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति प्रो. परविंदर कौशल ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. कौशल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आगामी दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश में कृषि, उद्यान एवं वानिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने की सहमति व्यक्त की तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


मिलेट्स और कृषि गतिविधियां बन रहे सहकारिता के मजबूत आधार

रेशम, साइलेज व सामूहिक खेती से मजबूत होगी किसानों की आर्थिकी

देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता के माध्यम से बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक कार्य किया जा रहा है। कृषि, मिलेट्स, रेशम उत्पादन, सब्जी क्रय, बायोफर्टिलाइजर वितरण, साइलेज विक्रय और सामूहिक सहकारी खेती जैसी गतिविधियों से समितियों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है तथा किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है।

राज्य में मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 53,000 कुंतल मंडुवा की खरीद की गई है। इस खरीद पर सहकारी समितियों को ₹100 प्रति कुंतल सेवा शुल्क के आधार पर लगभग ₹53 लाख की आय प्राप्त हुई है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों के माध्यम से साइलेज का वितरण किया जा रहा है। राज्य में कुल 181 केंद्रों (गढ़वाल में 96 और कुमाऊं में 85) के माध्यम से लगभग 20,000 टन उच्च गुणवत्ता का साइलेज विक्रय किया गया है, जिससे सहकारी समितियों को लगभग ₹63 लाख की आय प्राप्त हुई है।

उत्तराखंड सहकारी संघ के माध्यम से टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों में पांच सहकारी समितियों द्वारा किसानों से सीधे सब्जियों की खरीद की जा रही है। वर्तमान वर्ष में अब तक किसानों से लगभग ₹1.50 करोड़ मूल्य की सब्जियों की खरीद की जा चुकी है, जिन्हें बाजार में बेहतर मूल्य पर विक्रय किया गया है। इस प्रक्रिया में सहकारी समितियों को लगभग ₹3 लाख की आय प्राप्त हुई है। आगामी 1 अप्रैल से 22 सहकारी समितियों के माध्यम से सब्जी क्रय कार्य का विस्तार किया जाएगा, जिससे समितियों को 2 प्रतिशत लाभांश प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त बायोफर्टिलाइजर के क्रय-विक्रय में भी सहकारी समितियां सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रही हैं, जिससे 14 समितियों को लगभग ₹68.38 लाख की आय प्राप्त हुई है।

माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना के अंतर्गत अनुपयोगी भूमि को उपयोग में लाते हुए फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में चमोली और पौड़ी जनपद में लगभग 500 नाली भूमि पर गुलाब और ग्लेडियोलस के फूलों की खेती सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही है। अब तक इस पहल से समितियों को लगभग ₹10 लाख की आय प्राप्त हो चुकी है और भविष्य में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
इसी क्रम में धान खरीद कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य की 115 गृह सहकारी समितियों को लगभग ₹63 लाख की आय प्राप्त हुई है।

सहकारिता क्षेत्र में रेशम उत्पादन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन अपने सदस्य कीटपालन सहकारी समितियों के माध्यम से कच्चे रेशम कोया का उत्पादन कराता है और जिन कीटपालकों को अपने उत्पाद के विपणन में कठिनाई होती है, उन्हें 100 प्रतिशत विपणन सुविधा और त्वरित भुगतान उपलब्ध कराया जाता है।

वर्तमान में राज्य में लगभग 6500 रेशम कीटपालक रेशम उत्पादन से जुड़े हुए हैं। इनमें से लगभग 4000 कीटपालकों से फेडरेशन द्वारा करीब 25,000 किलोग्राम कच्चे रेशम कोया की खरीद की जाती है। इस कच्चे रेशम को पूर्ण उत्पादन श्रृंखला में उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के रेशमी उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
फेडरेशन के माध्यम से वर्तमान में 150 से अधिक बुनकर परिवारों को रेशम बुनाई के कार्य से जोड़ा गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 15,000 से अधिक मानव दिवसों का रोजगार सृजित हो रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन द्वारा लगभग ₹6.30 करोड़ मूल्य के रेशम उत्पादों का उत्पादन किया गया, जबकि ₹2.53 करोड़ के रेशम वस्त्रों का विक्रय किया गया।

उत्तराखंड सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, कीटपालकों और बुनकरों को बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिलेट्स, सब्जी क्रय, बायोफर्टिलाइजर, रेशम उत्पादन और सामूहिक खेती जैसी गतिविधियों से सहकारी समितियों की आय में वृद्धि हो रही है और भविष्य में इन गतिविधियों का और अधिक विस्तार किया जाएगा।

बयान-
राज्य सरकार लक्ष्य प्रदेश में सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। सहकारिता का सीधा लाभ किसानों, काश्तकारों, कारीगरों और युवा उद्यमियों को मिले इसके लिये ठोस नीतियां तैयाकर कर धरातल पर उतारी जा रही है। – डाॅ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने चैत्र नवरात्रि के षष्ठम दिन 251 कन्याओं का पूजन कर लिया आशीर्वाद

बेटियों की निश्छल मुस्कान में होता है ईश्वर का वास- गणेश जोशी 

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने चैत्र नवरात्रि के षष्ठम दिन देहरादून के आर्यनगर स्थित मंदिर में मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने 251 कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि बेटियों की निश्छल मुस्कान में ईश्वर का वास होता है और उनकी सेवा से आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कन्या पूजन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख, शांति व समृद्धि का वास होता है।

इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना करते हुए कहा कि मां महागौरी सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल का किया निरीक्षण

प्रदेश सरकार नागरिकों को सुलभ, सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है- सुबोध उनियाल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने के उपरांत मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपचाराधीन जनों से मिलकर उनके हाल-चाल जाने तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से संवाद कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं पर फीडबैक भी लिया।

इस अवसर पर मंत्री उनियाल ने अस्पताल के चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और उन्हें बेहतर समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को सुलभ, सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर निरीक्षण एवं समीक्षा की जाएगी, जिससे आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


वात्सल्य योजना के तहत 3 करोड़ 2 लाख रुपए लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3 करोड़ 2 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की।

कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत जनवरी 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फरवरी में 5057 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 51 लाख 71 हजार रुपए मंगलवार को जारी किए गए हैं। जबकि मार्च महीने के लिए कुल 5025 लाभार्थियों के 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।

इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।

इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।


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