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जिलाधिकारी के निर्देशों पर शिकायतों का त्वरित समाधान, पेयजल आपूर्ति बहाली को प्राथमिकता

Category Archives: राष्ट्रीय

जिलाधिकारी के निर्देशों पर शिकायतों का त्वरित समाधान, पेयजल आपूर्ति बहाली को प्राथमिकता

पूर्व में दर्ज शिकायतों का हो रहा प्रभावी निस्तारण

सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा, शिकायतों के समयबद्ध व संतोषजनक निस्तारण के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 17 शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराते हुए शेष प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता मिलन, सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गंभीरता, प्राथमिकता और संतोषजनक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन, जनता दर्शन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने एल-1 स्तर पर लंबित शिकायतों की प्रत्येक सप्ताह नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित अधिकारियों को समीक्षा बैठक में स्वयं उपस्थित रहकर अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही समाधान के बाद शिकायतकर्ता को निस्तारण की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा।

जनता मिलन कार्यक्रम में चमना के ग्रामवासियों ने गेंठी-छेडा पम्पिंग योजना से पेयजल आपूर्ति बाधित होने, खड़ेत तल्ला के धीरेन्द्र सिंह ने हर घर नल योजना के तहत पेयजल संयोजन दिये जाने, कोटद्वार के सुरेन्द्र प्रसाद की वार्ड 29 घमण्डपुर के घनानंद विहार कालोनी में पांच परिवारों की बाधित पेयजल आपूर्ति को सुचारु कराये जाने संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान से सम्बन्धित अधिकारियों को कल हीं कनिष्ठ अभियंताओं को मौके पर भेजकर उनकी उपस्थिति में शिकायत के अनुरुप परीक्षण करते हुए शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

कलगढ़ी ग्रामवासियों ने गांव के पास आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुए पुल को हटाये जाने और झुके हुए विद्युत पोल को अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने की फरियाद पर जिलाधिकरी ने एनएच श्रीनगर को 30 जून की डेड लाईन देते हुए क्षतिग्रस्त पुल को हटाने जबकि विद्युत पोल को लेकर अधिशासी अभियंता को कल ही जेई को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। तहसील लैंसडौन के खडेती निवासी प्रकाश चन्द्र ने अपनी शिकायत में कहा कि एनएच विभाग द्वारा उनके शहीद भाई की स्मृति में बनाये गये शहीद स्मृति द्वार को तोड़ा गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एनएच के अधिकारी को इसके पुर्ननिर्माण को लेकर लिखित रुप में आश्वस्त करने को कहा। विकासखण्ड पाबौ के रा. उ. मा. वि. चौरखाल के खेल मैदान के बीच पेयजल जल निर्माण निगम द्वारा बनाये जा रहे कमरे कार्य रुकवाते हुए ग्रामीणों और शिक्षक अभिभावक संघ की अपेक्षा के अनुरुप इसे अन्य उपयुक्त जगह पर बनाये जाने को कहा।

जनता मिलन कार्यक्रम में दर्ज शिकायतों का जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में विभगों द्वारा त्वरित गति से निस्तारण भी किया जा रहा है। हाल हीं में दर्ज पेयजल संबंधी शिकायतों पर विभागीय स्तर से त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जिसमें विकासखण्ड कोट के पयाल ग्रामवासियों द्वारा पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए विभाग द्वारा पाइपलाइन बदलकर पेयजल आपूर्ति सुचारू की गई। इसी प्रकार ग्राम प्रधान धौलकण्डी द्वारा एनएच श्रीनगर के निर्माण कार्यों से पेयजल लाइन प्रभावित होने की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में लाइन को तत्काल दुरुस्त करवाया गया। फल्द्वाड़ी में पेयजल समस्या को लेकर गणेश चंद्र भट्ट द्वारा की गई शिकायत का भी समाधान कर दिया गया है। वहीं गहड़ और धनक ग्रामवासियों की शिकायतों के अनुरूप पेयजल आपूर्ति बहाली का कार्य विभागीय स्तर पर गतिमान है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर स्थलीय परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ आर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ शिवमोहन शुक्ला, सीओ तपेश कुमार चंद, डीएफओ सिविल सोयम पावन नेगी, डीडीओ मनविंदर कौर, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, सीवीओ डॉ विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, अधिशासी अभियंता लोनिवि रीना नेगी, जल संस्थान के टी.एस. रावत, जल निगम के नवनीत कटारिया, विद्युत विभाग के अभिनव रावत, ग्रामीण निर्माण विभाग के विनोद जोशी, एएमए भावना रावत, प्रभारी पुरातत्व अधिकारी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, डीपीओ देवेंद्र थपलियाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ शैलेंद्र पांडेय, जिला युवा कल्याण अधिकारी रवींद्र फोनिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी जयबीर रावत, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एआरटीओ एन के ओझा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (सेनि) करन सिंह मंगल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सचिन भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की तैयारी तेज

एसआईआर-2026 के तहत घर-घर पहुंचेंगे गणना फार्म, बीएलओ को मिला विशेष प्रशिक्षण

देहरादून। आगामी निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026) को सफल और प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को नगर निगम सभागार में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजरों और सहायक कार्मिकों के लिए दूसरे चरण का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना रहा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो सके।

लोकतंत्र की मजबूती का आधार है सटीक मतदाता सूची:- गौरव चटवाल (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी धर्मपुर विधानसभा)
प्रशिक्षण कार्यक्रम में धर्मपुर विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी गौरव चटवाल ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सटीक और अद्यतन मतदाता सूची पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में त्रुटियों को न्यूनतम करने और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन प्रक्रिया की पहुंच सुनिश्चित करने में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कार्मिकों से पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

8 जून से शुरू होगा गणना फार्म वितरण अभियान
प्रशिक्षण में एसआईआर-2026 के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 8 जून से 17 जून 2026 तक पहले चरण में गणना फार्मों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवधि में बीएलओ अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता तक गणना फार्म पहुंचाएंगे। अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार अथवा पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से छूट न पाए।

18 जून से प्राप्त किए जाएंगे भरे हुए फार्म
अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 18 जून से होगी। इस दौरान बीएलओ मतदाताओं से भरे हुए एवं हस्ताक्षरित गणना फार्म प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मतदाता को फार्म जमा करने के बाद दूसरी प्रति पर प्राप्ति रसीद अवश्य प्रदान की जाए। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहेगी। साथ ही वितरण और प्राप्ति से संबंधित सभी अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

डिजिटल तकनीक से होगी रियल टाइम निगरानी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक गणना फार्म को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज्ड कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इससे निर्वाचन संबंधी सूचनाओं का रियल टाइम संकलन, सत्यापन और निगरानी संभव हो सकेगी। बीएलओ को एप के नवीनतम संस्करण के उपयोग, डेटा एंट्री, दस्तावेज अपलोड और ऑनलाइन सबमिशन की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

मतदाताओं को भी मिलेगी ऑनलाइन सुविधा
निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल प्लेटफॉर्मों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप और ईसीआई नेट पोर्टल के माध्यम से गणना फार्म डाउनलोड कर सकते हैं, उसे भरकर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे मतदाताओं को इन सुविधाओं के प्रति जागरूक करें, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन सके।

बीएलओ को वितरित की गई प्रशिक्षण सामग्री और किट
प्रशिक्षण सत्र में गणना फार्म को बीएलओ एप पर अपडेट करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अंतिम डेटा सबमिशन की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी दक्षता बढ़ने से पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। इसके लिए सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री और कार्य निष्पादन हेतु विशेष किट भी उपलब्ध कराई गई।

हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य
गौरव चटवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य केवल मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों से समयबद्ध एवं जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से कार्य करने की अपील की।

अधिक सटीक और अद्यतन होगी मतदाता सूची
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि एसआईआर-2026 अभियान के माध्यम से धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को और अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। साथ ही यह अभियान पात्र मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा की प्रतिमा का अनावरण

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के शेरबाग रोड स्थित पार्क में अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले जी महाराज उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके अद्वितीय योगदान को नमन किया।कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को सम्मानित कर उनके राष्ट्र निर्माण एवं देश सेवा में दिए गए योगदान को नमन किया।

कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले जी महाराज ने इस प्रयास के लिए समिति के सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य वीर सपूतों में अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा का नाम विशेष सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। उन्होंने कहा कि देहरादून सहित समूचे गोरखा समुदाय के लिए कैप्टन थापा साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान के प्रतीक हैं। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आजाद हिन्द फौज के वीर जवानों ने देश की आजादी के लिए जिस समर्पण, जज्बे और त्याग का परिचय दिया, वह राष्ट्र के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों के संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्थापित की गई यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा के नाम पर देहरादून में भव्य द्वार के निर्माण हेतु ₹30 लाख की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि द्वार का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने समिति के सदस्यों को इस प्रयास के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर नेपाली भाषा समिति अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा, पीबीओआर अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट, ज्योति कोटिया, वंदना ठाकुर, सपना मल्ल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुली

 रंग-बिरंगे फूलों की दुनिया का होगा दीदार

घांघरिया/चमोली। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। चमोली जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सोमवार से पर्यटकों के लिए खोल दी गई। घाटी के खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में पर्यटकों का स्वागत किया गया।

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ पुष्प प्रजातियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष जून माह में घाटी को पर्यटकों के लिए खोला जाता है और अक्टूबर के अंत अथवा बर्फबारी शुरू होने तक यहां भ्रमण किया जा सकता है।

मानसून के आगमन के साथ घाटी में हजारों प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल खिलने लगते हैं। जुलाई से सितंबर के बीच घाटी अपनी पूरी खूबसूरती पर होती है। इस दौरान ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता, कोबरा लिली समेत सैकड़ों दुर्लभ फूल घाटी को रंगों की चादर से ढक देते हैं, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को गोविंदघाट से करीब 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर घांघरिया पहुंचना होता है। इसके बाद घांघरिया से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय कर घाटी के प्रवेश द्वार तक पहुंचा जाता है। घाटी के भीतर केवल दिन के समय भ्रमण की अनुमति है और सभी पर्यटकों को सूर्यास्त से पूर्व वापस लौटना अनिवार्य होता है।

घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय, होटल, होमस्टे, घोड़ा-खच्चर संचालकों और अन्य कारोबारियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन अवसर पर रेंजर चेतना कांडपाल, चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने 276 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

33 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी- सीएम

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को बताया सरकार की उपलब्धि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यसेवक सदन में आयोजित समारोह में नगर एवं ग्राम नियोजन, प्राविधिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास तथा वन विभाग में चयनित 276 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने नवचयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत भी है।

नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में वन विभाग के 109, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 88, प्राविधिक शिक्षा विभाग के 65 तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के 14 अभ्यर्थी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को यह सफलता वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बल पर मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके चलते युवाओं को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। नवचयनित कार्मिकों से अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में चयनित युवा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्मिक सुनियोजित विकास को गति देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग के युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे, जबकि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं को मजबूत करेंगे। वन विभाग में चयनित युवा राज्य की वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में अहम योगदान देंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएंगे।


हरिद्वार में बड़ा हादसा- श्रद्धालुओं से भरी बस सड़क पर पलटी, एक महिला की मौत

गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालु हादसे का शिकार, कई यात्री घायल 

हरिद्वार। हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब श्रद्धालुओं से भरी एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। दुर्घटना में राजस्थान की एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के दौरान सामने से आ रहा एक डंपर भी नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे स्थित ढाबे में जा घुसा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के मुताबिक यह दुर्घटना शांतिकुंज के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। राजस्थान से आए श्रद्धालुओं का एक जत्था गंगा स्नान के बाद अपने घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी बस को पीछे किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि बैक करते समय चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन अचानक पलट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस को पलटता देख सामने से आ रहे डंपर चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे बने एक ढाबे में जा घुसा। इस दौरान वहां खड़ी एक बुलेरो भी डंपर की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बस के पलटते ही यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया।

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने राजस्थान के नागौर निवासी भंवर सिंह की पत्नी 50 वर्षीय पुष्पकवर को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि आपदा परिचालन केंद्र से सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा गया। बस में कुल 45 यात्री सवार थे। दुर्घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। वहीं, शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में बस को बैक करते समय संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।


पद्मभूषण सम्मान मिलने पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भगत सिंह कोश्यारी को दी बधाई

गणेश जोशी ने की भगत सिंह कोश्यारी से शिष्टाचार भेंट

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान मिलने पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर गणेश जोशी ने कहा कि पद्मभूषण सम्मान, भगत सिंह कोश्यारी के लंबे सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भगत सिंह कोश्यारी के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, समसामयिक मुद्दों और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। गणेश जोशी ने भगत सिंह कोश्यारी के स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए पुनः बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


सीएम धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को “पद्म भूषण” मिलने पर दी बधाई

भगत सिंह कोश्यारी का सम्मान पूरे देश के लिए प्रेरणा- मुख्यमंत्री 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के प्रति समर्पित योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सम्मान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी ने अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में सदैव जनसेवा, सादगी और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास और राष्ट्र निर्माण की विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री, सांसद, राज्यपाल और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में श्री कोश्यारी ने जो आदर्श स्थापित किए हैं, वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और विकास के विभिन्न आयामों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।


पेंचक सिलाट खेल में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल- रेखा आर्या

दो दिवसीय प्रतियोगिता में शामिल हुए ढाई सौ खिलाड़ी

देहरादून। आमवाला में स्थित मल्टीपरपज हॉल में खेल मंत्री रेखा आर्या ने सातवीं उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का समापन किया। कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न वर्गों में विजेता खिलाड़ियों को पदक देकर सम्मानित किया। उत्तराखंड पेंचक सलाट संगठन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के कुल आठ जनपदों से 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

समापन अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पहले यह खेल उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में जब प्रदेश के खिलाड़ियों ने इस खेल में मेडल जीते तो इसे खेल नीति का हिस्सा बनाया गया।

खेल मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में इस खेल में नए खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं और बीते 1 साल में प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

उन्होंने कहा कि पेंचक सिलाट जैसा खेल हमें अनुशासन, परिश्रम और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है। अब युवा न सिर्फ इस खेल में कैरियर बना सकते हैं, साथ ही यह उनके लिए अपने आप को फिट रखने का भी शानदार जरिया है।

खेल मंत्री ने कहा कि अब अभिभावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने लगे हैं, जो कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव है। इसलिए खिलाड़ियों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें।

इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष केवल किशन भारतीय, महासचिव बबलू दिवाकर, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार आदि उपस्थित रहे।


उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है- सीएम

राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है-  मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व परिवर्तन भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शनिवार को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषयक विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है तथा डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। आज भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड शिक्षा, ज्ञान और अध्यात्म की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। राज्य सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन शिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में स्थापित सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन और अनुसंधान को नई दिशा देगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को भविष्य के अनुरूप कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री-लिंक्ड पाठ्यक्रमों तथा स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और प्रबुद्धजनों से विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष अजय कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, विशेषज्ञ एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


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