Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

मुख्यमंत्री धामी ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

Category Archives: राष्ट्रीय

मुख्यमंत्री धामी ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी किया निरीक्षण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश में चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में निकाला शहद

30 बक्सों से निकला 60 किलोग्राम से अधिक शहद

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में शहद उत्पादन के लिए स्थापित किए गए मधुमक्खी के बक्सों से शहद निकाला। उन्होंने जानकारी दी कि 30 बक्सों से लगभग 60 किलोग्राम शहद निकाला गया। उन्होंने इस कार्य के तकनीकी विशेषज्ञों से शहद उत्पादन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

कृषि मंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में 9000 से अधिक कृषक मधुमक्खी पालन व्यवसायिक रूप से कर रहे हैं, जिससे लगभग 3300 एमटी का उत्पादन हो रहा है। इसके अतिरिक्त कई कृषक छोटे स्केल पर भी मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। कृषिको द्वारा मुख्यतः इन्डिका और मेलिफेरा प्रजातियों से शहद का उत्पादन किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने हर जिले में एक मधुग्राम और जनपद चम्पावत व देहरादून में दो मधुग्राम भी चयनित किये गये हैं। मंत्री जोशी ने कहा कि मधुमक्खी उत्पादन से कृषक अपने आय को बढ़ा सकते हैं और यह उन कृषकों के लिए अत्यधिक लाभदायक है जिनके पास भूमि उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में शहद के प्रसंस्करण हेतु 13 मधु प्रसंस्करण इकाईयॉ स्थापित हैं, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता 200 मै0टन प्रतिदिन से भी अधिक है। राज्य में मौनपालन को बढ़ावा देने हेतु केन्द्रपोषित बागवानी मिशन योजनान्तर्गत 40 प्रतिशत अनुदान, राज्य सेक्टर की मधुग्राम योजनान्तर्गत 40 प्रतिशत टॉपअप प्रदान करते हुए कुल 80 प्रतिशत अनुदान से लाभान्वित किया जा रहा है। पर-परागण के लिए परिवहन पर 750 रुपये प्रति मौनबॉक्स अनुदान प्रदान किया जा रहा है। केन्द्रपोषित राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन एवं शहद मिशन योजनान्तर्गत मौनपालन से सम्बन्धित इकाई स्थापना हेतु 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

कृषि मंत्री जोशी ने कहा प्रदेश को शहद एवं सह-मौन उत्पादों के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान दिलाने हेतु सरकार द्वारा 110 करोड़ से अधिक की लागत से मौनपालन नीति अनुमोदित की गयी है, जिसके अन्तर्गत विस्तृत वेल्यूचैन स्थापित करते हुए मौनपालकों तथा कृषकों को 80 प्रतिशत तक अनुदान से लाभान्वित करने की व्यवस्था की गयी है। उत्तराखण्ड में उत्पादित होने वाला शहद उच्च गुणवत्ता युक्त है। सरकार के विभिन्न प्रयासों के माध्यम से शहद उत्पादन के लिए किसानों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय दोगुनी हो उस दिशा में यह शहद उत्पादन से जुड़कर कृषक अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते है।

इस अवसर पर बागवानी मिशन के निदेशक महेन्द्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी डा0 डी0के0 तिवारी, पिंकी स्वयं सहायता समूह से पिंकी, किरन आदि सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


श्री राम हमें मर्यादा, आदर्श जीवन, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं- गणेश जोशी

मथुरा में आयोजित श्रीराम कथा में पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

मथुरा। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज उत्तरप्रदेश के जनपद मथुरा स्थित गऊ ग्राम परखम में दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यासपीठ पर विराजमान निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के मुखारविंद से श्री राम कथा का श्रवण किया।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने व्यासपीठ पर विराजमान महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि श्री राम हमें मर्यादा, आदर्श जीवन, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनका जीवन हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वृंदावन में श्री बांके बिहारी के दर्शन किए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना कर श्री बांके बिहारी का आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वृंदावन में इस्कॉन द्वारा स्थापित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में भगवान कृष्ण के दर्शन पूजन कर उनके आशीर्वाद लिया।


सीएम धामी ने तात्या टोपे की पुण्यतिथि पर किया नमन, उनकी वीरता और बलिदान को किया याद

धामी बोले—तात्या टोपे का संघर्ष देशभक्ति का अनुपम उदाहरण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी तात्या टोपे की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने तात्या टोपे को माँ भारती का अमर सपूत बताते हुए उनके साहस और बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 1857 की क्रांति में तात्या टोपे ने अपने अद्वितीय युद्ध कौशल, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जिस रणनीति और साहस के साथ संघर्ष किया, वह देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।


आईएसबीटी क्षेत्र में कार-ट्रक की जोरदार टक्कर, SDRF ने ट्रक में फंसे युवक को निकाला सुकुशल बाहर

घायल युवक को अस्पताल भेजा गया

देहरादून। देहरादून के मोहबेवाला स्थित आईएसबीटी क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति ट्रक में बुरी तरह फंस गया, जिसे बाद में SDRF टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 08:07 बजे कंट्रोल रूम के जरिए SDRF को हादसे की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सहस्त्रधारा पोस्ट से उप निरीक्षक लक्ष्मी रावत के नेतृत्व में टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि कार में सवार घायलों को जिला पुलिस पहले ही अस्पताल भिजवा चुकी थी। इसके बाद SDRF टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और ट्रक में फंसे व्यक्ति जुनैद (निवासी बागपत) को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद घायल को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।


दून इंटरनेशनल स्कूल ने रचा नया इतिहास, सीबीएसई 10वीं में 100% रिजल्ट

शानदार उपलब्धि: दून इंटरनेशनल स्कूल का सीबीएसई 10वीं में शत-प्रतिशत रिजल्ट

देहरादून। दून इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को कायम रखते हुए सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कुल 142 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 47 विद्यार्थियों ने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया।

विद्यालय के छात्र रुद्राक्ष रावत (रोल नंबर 25113331) ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर स्कूल परिवार में हर्ष का माहौल है।

विषयवार प्रदर्शन भी बेहद उत्कृष्ट रहा। 22 विद्यार्थियों ने अंग्रेज़ी में, 22 विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तथा 8 विद्यार्थियों ने सामाजिक विज्ञान में पूर्णांक 100 अंक प्राप्त किए।

विद्यालय के निदेशक एच.एस. मान, प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश बर्त्वाल एवं समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। वर्षों से विद्यालय के छात्र लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


उत्तराखंड एविएशन सेक्टर पर उठे सवाल, क्या सुरक्षा मानकों से हो रहा समझौता.?

पात्रता शर्तों की व्याख्या, ऑपरेटर चयन और नियामकीय निष्पक्षता को लेकर बहस तेज, पारदर्शी जांच की मांग

देहरादून- उत्तराखंड के संवेदनशील एविएशन सेक्टर में इन दिनों कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिम भरे हवाई मार्गों वाले इस राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाएं केवल सुविधा नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों, ऑपरेटरों की पात्रता और नियामकीय निष्पक्षता को लेकर उठ रहे प्रश्न स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय बन गए हैं।

पात्रता मानकों पर उठे प्रश्न
मामले के केंद्र में उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) द्वारा हेलीकॉप्टर चार्टर ऑपरेटरों के पंजीकरण हेतु निर्धारित दिशा-निर्देश हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत ऑपरेटर के लिए पिछले दो वर्षों का दुर्घटना-मुक्त संचालन रिकॉर्ड एक अहम पात्रता शर्त माना गया है। यह प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के अधिकांश हवाई मार्ग उच्च जोखिम वाले और मौसम पर निर्भर होते हैं, जहां छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

ऑपरेटर को लेकर चर्चाएं तेज
उद्योग से जुड़े विभिन्न स्रोतों के हवाले से यह चर्चा सामने आ रही है कि एक विशेष ऑपरेटर के संदर्भ में इन पात्रता मानकों की व्याख्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर उस कंपनी से जुड़ी कुछ घटनाओं का उल्लेख किया जा रहा है, जिनमें वर्ष 2019 और 2024 में कथित तौर पर घातक दुर्घटनाएं शामिल रही हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2023 में एक लैंडिंग से जुड़ी घटना का भी जिक्र किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पक्षों से होना अभी बाकी है।

नियामकीय कार्रवाई का भी जिक्र
इसी क्रम में वर्ष 2022 में नियामकीय हस्तक्षेप के तहत कंपनी के संचालन पर अस्थायी रोक लगाए जाने की जानकारी भी चर्चा में है। वहीं, वर्ष 2025 में केदारनाथ क्षेत्र में संचालित एक उड़ान को लेकर यह आरोप सामने आया कि बिना पूर्व अनुमति संचालन किया गया, जिसके बाद सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाए जाने की बात कही गई। इन घटनाओं को लेकर भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।

आपराधिक प्रकरण का संदर्भ
मामले को और संवेदनशील बनाते हुए, संबंधित कंपनी के एक निदेशक का नाम अतीत में एक आपराधिक प्रकरण में सामने आने की चर्चा भी है। वर्ष 2018 में कथित हेलीकॉप्टर टिकटिंग धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी और बाद में न्यायालय से जमानत मिलने की जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति को लेकर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।

सबसे बड़ा सवाल: क्या नियमों में ढील.?
इन तथ्यों और दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या पात्रता मानकों को लेकर किसी प्रकार की ढील या पुनर्व्याख्या की जा रही है? यदि ऐसा है, तो क्या यह सभी ऑपरेटरों पर समान रूप से लागू हो रहा है, या फिर इसमें चयनात्मकता की गुंजाइश है?

विशेषज्ञों की चिंता
एविएशन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकता है। उनका कहना है कि नियमों का कठोर और निष्पक्ष अनुपालन ही इस सेक्टर में विश्वास बनाए रखने का आधार है। यदि किसी भी स्तर पर मानकों को शिथिल किया जाता है, तो दुर्घटना की स्थिति में जवाबदेही तय करना भी जटिल हो सकता है।

विधि विशेषज्ञों की राय
विधि विशेषज्ञ भी इस मुद्दे को गंभीरता से देखते हैं। उनका कहना है कि यदि पात्रता शर्तों में बदलाव या उनकी व्याख्या पारदर्शी तरीके से नहीं की जाती, तो यह न केवल कानूनी विवादों को जन्म दे सकती है, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर सकती है।

बाहरी हितों की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, हाल के समय में संबंधित ऑपरेटर का नाम कुछ बाहरी व्यावसायिक हितों, विशेषकर रियल एस्टेट से जुड़े समूहों के साथ जोड़े जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक देखा जाना जरूरी है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो UCADA की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही संबंधित ऑपरेटर ने इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में स्थिति और अधिक अस्पष्ट बनी हुई है।

पारदर्शी जांच की बढ़ती मांग
इन तमाम सवालों के बीच यह मुद्दा अब केवल एक ऑपरेटर या एक निर्णय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे एविएशन सेक्टर की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि इस तरह के मामलों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच ही एकमात्र रास्ता है, जिससे तथ्यों की पुष्टि हो सके और यदि कहीं कोई कमी या अनियमितता है तो उसे सुधारा जा सके।

आगे क्या.?
उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां हवाई सेवाएं आम जनजीवन और तीर्थाटन से सीधे जुड़ी हैं, वहां सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़ा हर निर्णय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। अब देखना यह होगा कि उठते सवालों के बीच संबंधित संस्थाएं क्या कदम उठाती हैं और क्या इस पूरे मामले पर स्पष्टता सामने आ पाती है या नहीं।


लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए चलाया जाए विशेष अभियान- सीएम धामी

बिना अनुमति शिकायत फोर्स क्लोज करने पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को फोर्स क्लोज करने के मामलों में जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर फोर्स क्लोज की कार्रवाई न की जाए। सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना पर्याप्त कार्यवाही किए यदि कोई अधिकारी शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक दूरभाष संख्या नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए।

उन्होंने शासन के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उनके शीघ्र समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्यक्ष शिकायत की तरह गंभीरता से लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिव स्तर पर प्रत्येक माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब शिकायतकर्ता यह अनुभव करें कि सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा उच्च स्तर पर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री (सीएम) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ए.आई. डेटा संचालन एवं शिकायत प्रबन्धन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें शिकायतों का पूर्वानुमान एवं हाॅट स्पाॅट की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मजबूत समाधान एवं निगरानी प्रणाली को विकसित करने में मदद मिली है। ए.आई. आधारित प्रक्रिया से विभिन्न मौसमों के अनुरूप प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिल रही है। ग्रीष्म कालीन शिकायतांे में प्रमुख रूप से पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास एवं गृह विभाग से शिकायतें शामिल रही हैं, जिनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। सी.एम. हेल्प लाइन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ने के साथ काॅल वाॅल्यूम में वृद्धि के साथ समाधान की राह भी प्रशस्त हुई है। सी.एम. हेल्प लाइन में जनपद वार जन शिकायतों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि उत्तरकाशी और चम्पावत बेहत्तर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अधिकतम जन शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से की वार्ता

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से वार्ता कर ऐसे अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें सभी के लिए प्रेरणाश्रोत बताया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग, उत्तरकाशी में कार्यरत अधिशासी अभियंता मनोज गुसाई और ऊर्जा विभाग, पौड़ी में कार्यरत अधिशासी अभियंता अभिनव रावत से वार्ता की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

मनोज गुसाई ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके द्वारा नियमित रूप से 1905 में आई शिकायत की मॉनिटरिंग की जाती है। साथ ही विभाग के अंतर्गत एक स्पेशल सेल बनाई गई है जो लोगों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करती है। अभिनय रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा विभाग के अंतर्गत कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाई गई है एवं 1905 मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से भी वार्ता की। इसी क्रम में उन्होंने देहरादून की विना ढींगरा की समस्या सुनी। विना ढींगरा ने बताया कि वो मार्च 2023 में सहायक अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई थी। जिसके बाद से उन्हें एनपीएस पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2 दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। श्रीमती बीना ढींगरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

हरिद्वार के तरुण सिंह ने पानी निकासी की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से जुड़े हरिद्वार के जिला अधिकारी को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के सुरेंद्र कुमार नागपाल से भी वार्ता की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित उनके आवास में स्ट्रीट लाइट विगत दिनों से खराब थी, जिस पर उन्होंने 1905 पर शिकायत की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि अगले ही दिन उनकी समस्या का समाधान हो गया, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिवशैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, डाॅ. पंकज कुमार पांडे, चंद्रेश यादव, एस एन पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, श्रीमती रंजना राजगुरू, विशेष सचिव डाॅ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव आलोक पांडे, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं अन्य अधिकारी तथा समस्त जनपदों से जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

एमडीडीए की पारदर्शी कार्यशैली, प्रभावितों को मिल रहा समय पर मुआवजा, 52 को लगभग 21 करोड़ का भुगतान, व 34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री

देहरादून। देहरादून शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी आई है और इससे जुड़े प्रभावितों को मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जा रहा है।

52 संपत्ति धारकों को 21 करोड़ का भुगतान
परियोजना के तहत प्रभावित होने वाली कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्ति धारकों ने अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि प्रभावितों के विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कई प्रभावितों ने अपनी संपत्तियों के हिस्सों को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज सही हैं उनकी प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे ही 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया गया है। जिनकी रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबधित अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

नवीन आढ़त बाजार का निर्माण अंतिम चरण में
परियोजना के तहत बनाए जा रहे नवीन आढ़त बाजार में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। यहां लगभग 95 प्रतिशत तक पार्किंग व्यवस्था तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया आढ़त बाजार न केवल व्यापारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।

यातायात सुधार और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून के यातायात तंत्र को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जाम की समस्या में कमी आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी। इसके साथ ही यह परियोजना शहर के समग्र शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री धामी का फोकस केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर की परिकल्पना को साकार करना है।

प्रभावितों का बढ़ता भरोसा, पारदर्शिता बनी आधार
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रभावितों के हितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया में पारदर्शिता ने लोगों का भरोसा जीता है। कई प्रभावितों ने स्वयं आगे आकर प्रशासन का सहयोग किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

जल्द पूरा होगा आढ़त बाजार निर्माण- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मुआवजा प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। तिवारी ने कहा कि अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष प्रभावितों को भी शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन आढ़त बाजार का निर्माण तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही सभी सुविधाओं के साथ इसे व्यापारियों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण जारी- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। बर्निया ने यह भी बताया कि नवीन आढ़त बाजार में पार्किंग और अन्य विकास कार्य अंतिम चरण में हैं और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न किया जाएगा।


आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

एमडीडीए की पारदर्शी कार्यशैली, प्रभावितों को मिल रहा समय पर मुआवजा, 52 को लगभग 21 करोड़ का भुगतान, व 34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री

देहरादून। देहरादून शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी आई है और इससे जुड़े प्रभावितों को मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जा रहा है।

52 संपत्ति धारकों को 21 करोड़ का भुगतान
परियोजना के तहत प्रभावित होने वाली कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्ति धारकों ने अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि प्रभावितों के विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कई प्रभावितों ने अपनी संपत्तियों के हिस्सों को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज सही हैं उनकी प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे ही 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया गया है। जिनकी रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबधित अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

नवीन आढ़त बाजार का निर्माण अंतिम चरण में
परियोजना के तहत बनाए जा रहे नवीन आढ़त बाजार में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। यहां लगभग 95 प्रतिशत तक पार्किंग व्यवस्था तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया आढ़त बाजार न केवल व्यापारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।

यातायात सुधार और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून के यातायात तंत्र को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जाम की समस्या में कमी आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी। इसके साथ ही यह परियोजना शहर के समग्र शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री धामी का फोकस केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर की परिकल्पना को साकार करना है।

प्रभावितों का बढ़ता भरोसा, पारदर्शिता बनी आधार
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रभावितों के हितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया में पारदर्शिता ने लोगों का भरोसा जीता है। कई प्रभावितों ने स्वयं आगे आकर प्रशासन का सहयोग किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

जल्द पूरा होगा आढ़त बाजार निर्माण- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मुआवजा प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। तिवारी ने कहा कि अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष प्रभावितों को भी शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन आढ़त बाजार का निर्माण तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही सभी सुविधाओं के साथ इसे व्यापारियों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण जारी- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। बर्निया ने यह भी बताया कि नवीन आढ़त बाजार में पार्किंग और अन्य विकास कार्य अंतिम चरण में हैं और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न किया जाएगा।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp