अजमेर – जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सामने आए सनसनीखेज स्कॉर्पियो आगजनी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में हादसा लग रही इस घटना के पीछे चार लोगों की हत्या की साजिश सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी और भांजी महिमा की हत्या कर शवों को स्कॉर्पियो में रखकर आग लगाई गई थी।
मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच की पहली पत्नी सुनीता, उसकी नाबालिग बेटी और बेटे को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि तीनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रात के समय घर के अंदर खेतों में इस्तेमाल होने वाले धारदार हथियार से चारों की गला रेतकर हत्या की। इसके बाद वारदात को दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया और शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाया गया। वहां गाड़ी पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर केवल नाबालिग बेटा गया था, जबकि मां और बेटी घर पर ही रहीं। आग लगाने के बाद वह वापस लौट आया और परिवार ने घटना से अनजान बनने की कोशिश की।
घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सामने आई, जब लोगों ने श्रीरामपुरा रोड पर एक स्कॉर्पियो को जलते देखा। मौके पर पहुंची पुलिस को गाड़ी पूरी तरह जली हुई मिली। तीन शव वाहन के अंदर मिले, जबकि सुरज्ञान देवी अधजली हालत में सड़क किनारे खेत में पड़ी थीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूर्व सरपंच दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। आरोप है कि वह शराब के नशे में अक्सर हिंसक व्यवहार करता था। घटना से एक दिन पहले बेटी के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद पहली पत्नी और बच्चों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
चार लोगों की हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए शवों को जलाने की कोशिश से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और नाबालिग आरोपी की भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।