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दून में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, तीन अलग-अलग मामलों में तीन गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

दून में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, तीन अलग-अलग मामलों में तीन गिरफ्तार

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में पटेलनगर, रायवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में पुलिस टीमों ने चेकिंग और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 136 टेट्रा पैक देसी शराब बरामद की है।

पटेलनगर पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 की शाम चेकिंग के दौरान बाजार क्षेत्र से सुरेंद्र नाम के व्यक्ति को पकड़ा। उसके पास से देसी शराब के टेट्रा पैक बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की पहचान 44 वर्षीय सुरेंद्र पुत्र केयर सिंह, निवासी भूडपुर नयागांव, थाना पटेलनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से 54 टेट्रा पैक देसी शराब बरामद हुई।

इसी तरह रायवाला पुलिस ने 4 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर सत्यनारायण मंदिर से नेपाली फार्म की ओर सोंग नदी पुल के पास चेकिंग की। इस दौरान उमेश कुमार को 51 टेट्रा पैक देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली रायवाला में मुकदमा संख्या 164/26, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी 38 वर्षीय उमेश कुमार पुत्र स्वर्गीय बालचन्द प्रसाद, निवासी कुम्हारवाड़ा ऋषिकेश, देहरादून बताया गया है।

वहीं, ऋषिकेश पुलिस ने 4 अक्टूबर को गोविंद नगर झुग्गी-झोपड़ी के पास से मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए हैप्पी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 28 टेट्रा पैक देसी शराब बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 508/26, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक तीनों मामलों में अवैध शराब की बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।


चाईबासा में महिलाओं से बैंक खातों के जरिए लाखों की ठगी, व्यवसाय का झांसा देकर निकाले 12.57 लाख

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में महिलाओं को स्वरोजगार शुरू कराने का भरोसा देकर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये की निकासी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिलाओं को व्यवसाय शुरू कराने का झांसा दिया गया और बाद में बैंक खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई। मामला कुमारडुंगी प्रखंड के बड़ा रायेकमन के साथ-साथ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो और नरसंडा गांव से जुड़ा है।

मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिला सचिव साधुचरण सिंह कुंटिया ने सोमवार को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में बड़ा रायेकमन, अंधारी निवासी रीता हेम्ब्रम और राजेंद्र कुमार हेम्ब्रम को मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि दोनों ने महिलाओं को व्यवसाय शुरू कराने का भरोसा दिया और बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से उनके खातों से रकम निकलवा ली। इसके बदले पीड़ित महिलाओं को महज 500-500 रुपये दिए गए। कई महिलाओं को उनकी बैंक पासबुक भी नहीं दी गई।

शिकायत के अनुसार, कुल 14 खाताधारकों के बैंक खातों से 12 लाख 57 हजार रुपये निकाले गए। इनमें निकिता हेम्ब्रम के खाते से 2.35 लाख, सुनीका हेम्ब्रम के खाते से 1.90 लाख, सूर्यमुनी महाराणा के खाते से 1.50 लाख और कुनी हेम्ब्रम के खाते से 1.20 लाख रुपये की निकासी शामिल है।

बताया गया है कि अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से रकम निकाले जाने के बाद अब महिलाओं से लोन की वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे पीड़ित परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। मानवाधिकार संगठन ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित महिलाओं की रकम वापस दिलाने की मांग की है।


छह साल के प्रेम संबंध के बाद शादी से इनकार, युवती ने युवक पर पैसे ठगने का लगाया आरोप

अररिया। भरगामा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बांका की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने धनेश्वरी पंचायत के वार्ड संख्या सात निवासी मोहम्मद रब्बान पर पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने और इस दौरान रुपये लेने का आरोप लगाया है। युवती ने रविवार को भरगामा थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के मुताबिक, युवती लंबे समय से अपने परिवार के साथ दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में रह रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद रब्बान से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने उस समय अपना नाम ‘सोनू’ बताया था। दोनों के बीच करीब छह वर्षों तक प्रेम संबंध रहा।

युवती का कहना है कि जब उसने युवक से शादी करने की बात कही तो उसने उसे अपने गांव बुलाया। इसके बाद युवती अपनी मां और भाई के साथ धनेश्वरी पंचायत स्थित युवक के घर पहुंची। वहां दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और मामला शादी से आगे नहीं बढ़ सका।

युवती ने आरोप लगाया कि प्रेम संबंध के दौरान युवक ने उससे कई बार रुपये लिए थे। शादी से इनकार के बाद उसने इसे धोखाधड़ी बताते हुए अपनी रकम वापस दिलाने और युवक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद युवती थाने पहुंची और पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताते हुए लिखित आवेदन सौंपा।

भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार, युवती की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी रुपये ठगी किए जाने के आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है। आवेदन और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


भजनपुरा फायरिंग केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार; 3 पिस्टल और 18 कारतूस बरामद

 दिल्ली। भजनपुरा इलाके में घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान वेलकम निवासी जासिम उर्फ आलू (23) और कैफ उर्फ डीजे (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, 18 कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की ओर से चलाई गई दो गोलियां जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया।

घटना 2 अक्टूबर की देर रात भजनपुरा थाना क्षेत्र के सुभाष विहार, उत्तर घोंडा की गली नंबर-16 की बताई जा रही है। पुलिस को करीब 2:43 बजे फायरिंग की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने घर की बालकनी में आया था। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक वहां पहुंचे। उनके हाथों में पिस्टल थी और उन्होंने शिकायतकर्ता की ओर तथा हवा में गोलियां चला दीं।

फायरिंग में मकान की कांच की रेलिंग और बाहरी दीवार को नुकसान पहुंचा। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। शिकायत के आधार पर भजनपुरा थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों को पकड़ने के लिए विशेष स्टाफ की टीम को लगाया गया। पुलिस टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों की गतिविधियों से जुड़ा अहम सुराग मिला।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि फायरिंग में शामिल दोनों आरोपी नानकसर से तीसरे पुश्ता रोड होते हुए उस्मानपुर की तरफ मोटरसाइकिल से आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित रास्ते पर घेराबंदी कर दी।

पुलिस का कहना है कि करीब 2:45 बजे बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और 18 कारतूस बरामद किए हैं। इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।

जांच में सामने आया है कि जासिम उर्फ आलू के खिलाफ विशेष प्रकोष्ठ में आर्म्स एक्ट का एक मामला पहले से दर्ज है। वहीं, पुलिस को कैफ उर्फ डीजे का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने शिकायतकर्ता के घर पर फायरिंग करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने दावा किया कि उन्हें यह वारदात राशिद उर्फ केबलवाला के कहने पर करने के लिए कहा गया था। अब पुलिस पूरे मामले में अन्य संभावित आरोपितों और वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।


देहरादून में 3 लाख की स्मैक के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार, स्थानीय युवाओं को बेचने की थी तैयारी

देहरादून। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेल नगर पुलिस ने एक युवक को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 10.19 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली पटेल नगर पुलिस की टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को क्षेत्र में चेकिंग के दौरान राशिद नाम के युवक को पकड़ा।

तलाशी के दौरान उसके पास से 10.19 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लालच में नशे की तस्करी में शामिल हुआ था। वह स्मैक को छोटी-छोटी मात्रा में स्थानीय नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राशिद पुत्र इरशाद, निवासी आजाद कॉलोनी, पटेल नगर, देहरादून, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, चौकी प्रभारी आईएसबीटी, उपनिरीक्षक बलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल हरेंद्र और कांस्टेबल आजाद शामिल रहे।


दून पुलिस की सख्ती: ISBT पर लड़ाई-झगड़ा कर रहे 7 हुड़दंगी गिरफ्तार

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर लड़ाई-झगड़ा कर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे सात लोगों को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को पटेलनगर पुलिस को आईएसबीटी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।

पुलिस के समझाने के बावजूद दोनों पक्षों के लोग शांत नहीं हुए और दोबारा मारपीट पर उतारू हो गए। स्थिति बिगड़ने और सार्वजनिक स्थान पर शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मौके से सात लोगों को हिरासत में लेकर धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए लोगों में शोएब (24), मोनिस (21), आरिस (23), सदान (21), फैजान अहमद (34), रहमान (30) और इमरान (40) शामिल हैं। सभी पटेलनगर क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग या शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।


गाजियाबाद में पति ने पीट-पीटकर पत्नी की हत्या का आरोप, भाई को वीडियो कॉल कर दिखाई हालत

गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के सदरपुर में घरेलू विवाद के दौरान 33 वर्षीय महिला की उसके पति ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रेनू के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अलीगढ़ के पिसावा थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की रहने वाली थी। करीब 15 वर्ष पहले उसकी शादी सदरपुर निवासी अरुण से हुई थी। दंपती के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 12 और 9 वर्ष है। अरुण एक फैक्ट्री में काम करता है।

मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अरुण शराब का सेवन करने के बाद अक्सर रेनू के साथ मारपीट करता था। रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि मारपीट के दौरान अरुण ने रेनू के भाई राहुल राठी को वीडियो कॉल किया और उसे रेनू की हालत दिखाई। उसने भाई से कथित तौर पर कहा कि वह आकर रेनू को ले जाए।

वीडियो कॉल के बाद राहुल अपने परिजनों के साथ सदरपुर पहुंचा, लेकिन घर पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों से जानकारी मिली कि रेनू को अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद परिजन संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने रेनू को मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि महिला के सिर पर भारी वस्तु से चोट लगी थी।

मायके पक्ष का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही ससुराल पक्ष के लोग वहां से चले गए थे। इसके बाद राहुल ने पति अरुण समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।

आरोपी पति की तलाश में पुलिस

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि महिला की हत्या के मामले में आरोपी पति की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


आसनसोल के हथियार मामले में वांछित पवन कुमार सिंह बिहार STF के हत्थे चढ़ा, अथमलगोला से गिरफ्तारी

जमुई। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में दर्ज अवैध हथियारों के मामले में फरार चल रहे जमुई के एक आरोपित को बिहार एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए उसे पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र से पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, आरोपित की पहचान सिकंदरा थाना क्षेत्र के रवैय गांव निवासी पवन कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित कोक ओवन थाना में दर्ज कांड संख्या 159/2026 में वांछित था।

बिहार पुलिस मुख्यालय की विशेष कार्य बल शाखा की ओर से 5 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। जानकारी के मुताबिक, कोक ओवन थाने में पवन कुमार सिंह के खिलाफ 25 सितंबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(1)(ए), 25(1बी)(ए), 25(6) और 25(8) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद आरोपित पश्चिम बंगाल से निकलकर बिहार आ गया था और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ठिकाना बदल रहा था। पश्चिम बंगाल पुलिस से मिले इनपुट के बाद बिहार एसटीएफ ने उसकी तलाश शुरू की।

तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ को उसके अथमलगोला में मौजूद होने का सुराग मिला। इसके बाद टीम ने तीन अक्टूबर को इलाके में छापेमारी कर पवन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। आरोपित को ट्रांजिट रिमांड के जरिए पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि उसे संबंधित अदालत में पेश किया जा सके और मामले में आगे पूछताछ की जा सके।


रांची CIP में मनोविज्ञान छात्रा ने साथी छात्र पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR

रांची। कांके थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) में मनोविज्ञान की एक छात्रा ने साथी छात्र पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर कांके थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, पीड़िता सीआईपी में क्लिनिकल मनोविज्ञान की प्रशिक्षु के तौर पर कार्यरत थीं और पोस्ट ग्रेजुएट हॉस्टल में रहती थीं। इसी हॉस्टल में एम.फिल. क्लिनिकल मनोविज्ञान के छात्र सार्थक चौधरी को कमरा नंबर 54 आवंटित था।

शिकायत के मुताबिक, 28 जून की रात करीब 10 बजे पीड़िता साइकोमेट्री सीखने के लिए सार्थक के कमरे में गई थीं। कुछ देर अभ्यास करने के बाद उन्हें चक्कर आने लगे। आरोप है कि सार्थक ने अपनी स्टील की बोतल से उन्हें पानी दिया। पीड़िता के अनुसार, पानी पीने के बाद उनकी तबीयत और स्थिति सामान्य नहीं रही।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसके बाद आरोपी ने उन्हें बिस्तर पर आराम करने के लिए कहा, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसके बावजूद बंद कमरे में उनकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध बनाया गया। शिकायत में पीड़िता ने मुंह ढकने और गर्दन पर दांत के निशान होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पानी में कुछ मिलाए जाने के कारण वह पूरी तरह होश में नहीं थीं।

पीड़िता के अनुसार, उन्हें 29 जून की सुबह करीब पांच बजे कमरे से जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना के समय भय और मानसिक पीड़ा के कारण वह तत्काल अपनी बात सामने नहीं रख सकीं। बाद में उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच टीम संस्थान पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। इसके अलावा घटना वाले दिन का कॉल डंप भी निकाला जाएगा, ताकि मामले से जुड़े लोगों की लोकेशन और अन्य तथ्यों की जांच की जा सके।


पानीपत में फर्जी सरकारी नंबर प्लेट का खेल, पिता-पुत्र पर केस; दोनों कारों में मिले सायरन

पानीपत। हथवाला रोड पर वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर रौब दिखाने के आरोप में पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों कारों पर फर्जी नंबर प्लेट के साथ सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द लिखे थे। दोनों वाहनों में सायरन भी लगे मिले।

आरोपितों की पहचान कृष्णा कालोनी निवासी राहुल और उसके पिता राजबीर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों कारों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

ट्रैफिक जोन प्रभारी सतीश कुमार के अनुसार, चार अक्टूबर को वह पुलिस टीम के साथ हथवाला रोड पुल पर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि राहुल मारुति एर्टिगा पर सरकारी नंबर प्लेट लगाकर सरकारी अधिकारी के तौर पर शहर में घूम रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम एसएफसी होटल के पीछे स्थित गली में पहुंची। वहां सफेद रंग की एर्टिगा कार खड़ी मिली। कार के पीछे लाल अक्षरों में अंग्रेजी में ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ लिखा हुआ था। पास में सफेद रंग की सियाज कार भी मिली, जिसकी डिग्गी पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया पीबीएसएम मिनिस्ट्री’ लिखा था। कार के आगे और पीछे सरकारी पहचान दर्शाने वाली प्लेट भी लगी थी।

पुलिस ने दोनों वाहनों के नंबर चालान मशीन से जांचे, लेकिन रिकॉर्ड में जानकारी नहीं मिली। इसी दौरान राजबीर मौके पर पहुंचा और दोनों कारों को अपना बताया। पुलिस ने जब आरसी मांगी तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

इसके बाद पुलिस ने कारों के चेसिस नंबर के आधार पर जांच की। जांच में एर्टिगा राहुल के नाम पर पंजीकृत मिली, जबकि सियाज राजबीर के नाम पर दर्ज थी। पुलिस के अनुसार दोनों वाहनों में सायरन भी लगे हुए थे।

शिकायत के मुताबिक राहुल ने अपनी कार की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी सरकारी नंबर प्लेट लगाई थी। वहीं राजबीर पर भी अपनी कार की नंबर प्लेट में छेड़छाड़ कर सरकारी पहचान प्रदर्शित करने का आरोप है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


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