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बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट का मुख्य आरोपी पटना से गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट का मुख्य आरोपी पटना से गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय आधार कार्ड और उसके आधार पर बिहार के पते से पासपोर्ट तैयार कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रैकेट के मुख्य आरोपित एजाज कमर को पटना से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एजाज कमर की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एजाज की पत्नी और परिवार के कई सदस्य लंदन में रहते हैं। ऐसे में पुलिस उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा होने के बाद नगर थाना पुलिस ने मोतीझील स्थित कन्हाई कम्युनिकेशन में छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए थे। मौके से साहिल कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के बाद सारण जिले के शिव कुमार पंडित को पकड़ा गया। इसके बाद शनिवार को सुजीत नामक एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी हुई।

नगर थानेदार जेपी सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

पुलिस पूछताछ में एजाज कमर ने बताया कि वह आधार से संबंधित कार्यों के लिए वेंडर के तौर पर काम करता था। उसने MTech की पढ़ाई की है और नौकरी छोड़ने के बाद आधार संबंधी काम से जुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, इसी काम की आड़ में वह फर्जीवाड़े के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। एजाज मूल रूप से आरा का रहने वाला बताया जा रहा है।

जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि एजाज चंडीगढ़ से अपने नेटवर्क को संचालित करता था और उसका संपर्क कई राज्यों में था। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया गया है।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि एजाज आधार अपडेट करने का ठेका लेता था। इसके लिए वह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ऑपरेटर उपलब्ध कराता था। बताया गया है कि ऑपरेटरों से हर महीने करीब 30 हजार रुपये लिए जाते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


मुंगेर में श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान 14 मोबाइल और बाइक चोरी, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

असरगंज । असरगंज थाना क्षेत्र के मासूमगंज गांव में श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी किए गए 14 मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

जानकारी के मुताबिक, मासूमगंज गांव में एक परिवार में श्राद्ध कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में परिवार के लोगों और रिश्तेदारों की व्यस्तता का फायदा उठाकर चोरों ने एक घर से एक साथ 14 मोबाइल फोन चोरी कर लिए। इसके बाद चोरों ने पास के एक अन्य घर में खड़ी मोटरसाइकिल को भी निशाना बनाया।

घटना की शिकायत मिलने के बाद असरगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए मामले में शामिल आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी दौरान मिली जानकारी के आधार पर मासूमगंज निवासी रोशन कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रोशन कुमार ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की गई। इसके बाद उसकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने छोटी कोरियन गांव में छापेमारी कर पप्पू यादव के पुत्र सोनू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

तारापुर डीएसपी देवेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में और कौन लोग शामिल थे और चोरी के मोबाइल व बाइक को किसे बेचने की तैयारी थी। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों का क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से संबंध भी खंगाला जा रहा है।


देहरादून में अवैध शराब पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। अवैध शराब की तस्करी और बिना अनुमति शराब पिलाने वालों के खिलाफ दून पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पटेल नगर थाना पुलिस ने दोनों के कब्जे से अलग-अलग ब्रांड की अंग्रेजी और देशी शराब बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ ही बिना वैध अनुमति प्रतिष्ठानों में शराब पिलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 2 अक्टूबर 2026 की शाम पटेल नगर पुलिस ने रूटीन चेकिंग के दौरान कार्रवाई की।

बाजार क्षेत्र में पुलिस ने सहदेव कुमार को उसके प्रतिष्ठान में बिना लाइसेंस शराब पिलाने के आरोप में पकड़ा। मौके की तलाशी में अलग-अलग ब्रांड की 37 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। वहीं, आईएसबीटी क्षेत्र से पुलिस ने सुरेश साहनी को 58 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्राह्मण वाला, लोहिया नगर निवासी 35 वर्षीय सहदेव कुमार पुत्र राकेश कुमार और ट्रांसपोर्ट नगर, पटेल नगर निवासी 30 वर्षीय सुरेश साहनी पुत्र अर्जुन साहनी के रूप में हुई है।

पुलिस ने सहदेव कुमार के कब्जे से 37 बोतल रॉयल स्टैग और ब्लेंडर्स शराब, जबकि सुरेश साहनी के पास से 58 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद की है। कार्रवाई करने वाली टीम में अपर उपनिरीक्षक विजय प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रदीप, कांस्टेबल विवेक राठी और कांस्टेबल पंकज रावत शामिल रहे।


ढाबे जा रहे युवक पर बाइक सवार हमलावरों ने की फायरिंग, हाथ-पैर में लगी गोली

आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर ढाबे की ओर जा रहे 18 वर्षीय युवक को बाइक सवार दो हमलावरों ने गोली मारकर घायल कर दिया। फायरिंग में युवक के हाथ और पैर में गोली लगी। वारदात के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पकड़ी गांव निवासी 18 वर्षीय आर्यन उर्फ अर्पित यादव का बाईपास के पास ढाबा है। शनिवार करीब दो बजे वह पैदल ढाबे की तरफ जा रहा था। इसी दौरान असिलाई मोड़ के पास अपाचे बाइक पर सवार दो युवक उसके पास पहुंचे और उस पर फायरिंग कर दी। दोनों हमलावरों ने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे।

गोली लगने के बाद आर्यन सड़क पर गिर गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर बाइक से फरार हो चुके थे। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस हमलावरों की पहचान और वारदात के कारणों का पता लगाने के साथ उनकी तलाश में जुटी है।


इंटर छात्र को गोली मारने के मामले में नामजद आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी

आरा। नवादा थाना क्षेत्र के अनाइठ मठिया इलाके में इंटर के छात्र को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अनीश यादव को पटना जिले के दानापुर स्थित उसरी शिवाला मोड़ के पास एक होटल से पकड़ा। उसके पास से स्विफ्ट डिजायर कार और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनाइठ बाजारी मोहल्ले का रहने वाला है। इस मामले में नामजद दूसरा आरोपी पवन कुमार यादव अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

सदर एसडीपीओ-वन सुशील कुमार ने शनिवार को बताया कि 6 सितंबर 2026 की शाम अनाइठ मोहल्ले में पाइपलाइन के पास बाइक सवार आरोपियों ने कृष राज नामक युवक को गोली मार दी थी। गोली उसकी पीठ में लगी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद घायल की शिकायत पर अनीश यादव और पवन कुमार यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के ठिकाने के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद एसपी अवधेश दीक्षित के निर्देश पर डीआईयू और नवादा थाना की टीम ने दानापुर पहुंचकर अनीश यादव को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, घटना के समय कृष राज अपने मोहल्ले के अमन नामक युवक के साथ बाइक से आटा लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान हार्डवेयर दुकान के पास पीछे से बाइक पर आए अनीश और पवन ने कथित तौर पर उसे गोली मार दी और फरार हो गए।

पूछताछ में अनीश ने पुलिस को एक अन्य साथी जगेश यादव के बारे में जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, कांड में इस्तेमाल हथियार जगेश के पास होने की बात सामने आई है। पुलिस अब हथियार बरामद करने और फरार आरोपी पवन कुमार यादव की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


फर्जी पहचान बनाकर खनन कारोबारी से 60 लाख की ठगी, महिला समेत दो गिरफ्तार

भुवनेश्वर। कमिश्नरेट पुलिस ने खनन कारोबारी से कथित तौर पर 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने फर्जी पहचान के जरिए कारोबारी से संपर्क किया और खुद को इंजीनियर बताकर विश्वास में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय दिनेश रंजन दास और 30 वर्षीय सस्मिता सामल के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों को सुंदरपदा स्थित एक अपार्टमेंट से पकड़ा। मामले में शिकायतकर्ता खनन कारोबारी जितेंद्र नाथ पटनायक हैं। पुलिस जांच के अनुसार वर्ष 2024 में सस्मिता की मुलाकात जितेंद्र नाथ पटनायक से हुई थी। उसने कथित तौर पर अपनी पहचान प्रियंका प्रधान के रूप में बताई और खुद को सिविल इंजीनियर बताया। इसके बाद उसने कारोबारी के कार्यालय में नौकरी भी हासिल कर ली।

जांच में सामने आया कि कुछ समय बाद सस्मिता ने कारोबारी को बताया कि वह सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद उसने इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए कारोबारी ने डिजिटल माध्यम से कई बार रकम ट्रांसफर की।

पुलिस के मुताबिक, रकम सस्मिता के एक रिश्तेदार के बैंक खाते में भेजी गई, जो प्रियंका प्रधान के नाम का इस्तेमाल कर रहा था। आरोप है कि सस्मिता और दिनेश ने अलग-अलग बहाने बनाकर कारोबारी से कुल 60 लाख रुपये हासिल किए। पुलिस का कहना है कि दोनों ने इस रकम को निजी जरूरतों और अपनी जीवनशैली पर खर्च किया।

ठगी का पता चलने के बाद कारोबारी ने कैपिटल थाना में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को दिनेश रंजन दास के पूर्व में जाजपुर टाउन थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले में संलिप्त होने की जानकारी भी मिली है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ मामले की आगे जांच कर रही है।


10 किलो से ज्यादा चरस तस्करी मामले में तीन दोषियों को 11-11 साल की सजा

भोपाल। भोपाल की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 10 किलोग्राम से अधिक चरस की तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 11-11 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश मुकेश मलिक की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

अभियोजन के अनुसार, 17 अक्टूबर 2023 को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग चरस की खेप लेकर कोच फैक्ट्री से भानपुर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर एएसआई सूरज रंधावा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू की।

पुलिस ने वहां दोपहिया वाहनों पर कुछ लोगों को आपस में बातचीत करते देखा। इसी दौरान एक व्यक्ति वाहन की डिक्की से सफेद कपड़े का थैला निकाल रहा था। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोपाल के शाहजहानाबाद निवासी 30 वर्षीय सलमान खान तथा बिहार के पश्चिम चंपारण निवासी 19 वर्षीय सोनू कुमार और 30 वर्षीय वीरकिशोर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान बिना नंबर के सफेद दोपहिया वाहन की डिक्की से 20 पैकेट बरामद किए गए, जिनमें 10 किलोग्राम से अधिक चरस रखी थी।

बरामद पदार्थ के नमूने जांच के लिए एफएसएल भेजे गए थे। रासायनिक परीक्षण में उसके चरस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी माना और प्रत्येक को 11 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।


डिलीवरी बॉय की आड़ में स्मैक की सप्लाई, सेलाकुई पुलिस ने आरोपी को दबोचा

देहरादून। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेलाकुई थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 22.81 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6.50 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी सामान डिलीवरी करने के बहाने नशे के आदी लोगों तक स्मैक पहुंचाने का काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 2 अक्टूबर 2026 को सेलाकुई पुलिस ने तेलपुरा स्थित जंगलात चौकी के पास पार्क में आकस्मिक चेकिंग के दौरान कमल चौधरी उर्फ बॉबी को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से 22.81 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

पकड़े गए आरोपी की पहचान कमल चौधरी उर्फ बॉबी पुत्र कटार सिंह, निवासी कुआंखेड़ा, थाना लक्सर, हरिद्वार, हाल किरायेदार शमी चौधरी, राजावाला, सेलाकुई, देहरादून के रूप में हुई है। उसकी उम्र 30 वर्ष बताई गई है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करता है। आरोप है कि वह एक स्थानीय नशा तस्कर से स्मैक खरीदकर लाता था और सामान पहुंचाने की आड़ में इसे नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान कुछ अन्य नशा तस्करों के संबंध में भी जानकारी मिली है, जिनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सेलाकुई में मुकदमा संख्या 147/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया है। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुमेर सिंह, कांस्टेबल वीर सिंह और कांस्टेबल मधुसूदन शामिल रहे।


दिल्ली में वारदात की फिराक में थे तीन युवक, गुरुग्राम क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियारों समेत दबोचा

गुरुग्राम। दिल्ली में आपराधिक वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलाने की कथित साजिश के मामले में गुरुग्राम अपराध शाखा फरुखनगर की टीम ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए हैं। तीनों के खिलाफ थाना सेक्टर-10 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव खेड़ा झांझरोला निवासी अभय उर्फ मौलड़ (20), पटेल नगर, सोनीपत निवासी जतिन उर्फ जोनी (29) और खेड़ा झांझरोला निवासी सागर के रूप में हुई है। टीम ने अभय को गांव गढ़ी फ्लाईओवर के पास न्यू पटौदी-गुरुग्राम रोड से, जतिन को फरुखनगर और सागर को केएमपी फरुखनगर से पकड़ा।

कार्रवाई के दौरान सागर ने पुलिस से बचने के लिए फ्लाईओवर से छलांग लगा दी, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया जाएगा।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अभय को हथियार जतिन ने उपलब्ध कराए थे। वहीं जतिन को ये हथियार उसके अन्य साथियों से मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी विदेश में मौजूद अपने साथियों के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर अवैध वसूली व रंगदारी के लिए रेकी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिल्ली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर भय का माहौल बनाने की योजना में थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जतिन के खिलाफ दिल्ली में आबकारी अधिनियम के तहत पहले से एक मामला दर्ज है। एसीपी नवीन शर्मा ने बताया कि हथियारों की सप्लाई के स्रोत, नेटवर्क और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच की जा रही है।


शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी मुजफ्फरनगर का युवक थुरल से गिरफ्तार

मंडी। शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में मंडी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी युवक को कांगड़ा के थुरल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान सरबट थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर निवासी समीर पुत्र दिलशाद के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक युवती ने शिकायत में बताया कि समीर ने उससे शादी करने का वादा किया था। इसके बाद वह उसे मंडी लेकर आया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि बाद में समीर युवती की बाइक, मोबाइल फोन और नकदी लेकर वहां से चला गया और उसे चंडीगढ़ छोड़ दिया। युवती ने करीब 70 हजार रुपये नकद और गहने ले जाने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद आरोपी ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया।

युवती ने 29 अगस्त को पुलिस से मामले की शिकायत की थी। कुछ समय बाद वह मंडी पहुंची और अपने बयान का वीडियो प्रसारित किया, जिसमें उसने आरोपी का मोबाइल चालू होने के बावजूद पुलिस द्वारा उसका पता नहीं लगा पाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को कांगड़ा के थुरल से गिरफ्तार कर लिया।

एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित सिविल लाइंस थाने से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर थाना सदर मंडी में दर्ज किया गया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।


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