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औरंगाबाद में गोलगप्पे बेचने वाले की हत्या, चारदीवारी के अंदर मिला शव

Category Archives: क्राइम

औरंगाबाद में गोलगप्पे बेचने वाले की हत्या, चारदीवारी के अंदर मिला शव

औरंगाबाद। शहर के शाहपुर मोहल्ले में राम लखन सिंह यादव कॉलेज के पास गोलगप्पे का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह उसका शव चारदीवारी से घिरी खाली जमीन में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी फकीरा मेहता (40) के रूप में हुई है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मृतक की पत्नी रेखा देवी का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों और स्वजन के मुताबिक फकीरा मेहता शाहपुर मोहल्ले में ठेला लगाकर फोकचा (गोलगप्पे) बेचता था। कॉलेज के पास ही उसका ससुराल भी बताया जा रहा है। वह पोखरा मोहल्ले में अजय मेहता के मकान में किराये पर रहता था।

बताया गया कि शनिवार शाम फकीरा घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मोहल्ले की एक गली में उसका ठेला मिला, लेकिन फकीरा का कोई पता नहीं चला। स्वजन और स्थानीय लोगों ने देर रात तक आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

सोमवार सुबह चारदीवारी के भीतर खाली जमीन में उसका शव पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस स्वजन के बयान के साथ अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।


रायपुर क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत का मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून:  रायपुर थाना क्षेत्र के रक्षा विहार मुस्लिम बस्ती में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान इफ्तिखार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली थी कि रक्षा विहार स्थित मस्जिद के पास एक युवक कांच से घायल हो गया है और उसके साथी उसे उपचार के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ले गए हैं, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर रायपुर पुलिस मौके और अस्पताल पहुंची तथा शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून, एसपी ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी डोईवाला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। FSL टीम ने मौके से आवश्यक भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक इफ्तिखार और अनस आपस में मित्र थे तथा शाम के समय अनस के कार्यालय में साथ बैठे थे। इस दौरान दूध पीने को लेकर दोनों के बीच शर्त लगी। दोनों ने करीब एक-एक किलो दूध पीने के बाद आपस में जोर आजमाइश शुरू की। इसी दौरान धक्का लगने से इफ्तिखार कांच के दरवाजे पर गिर गया और टूटे शीशे से गंभीर चोट लग गई। अत्यधिक रक्तस्राव के बाद उसके साथी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

मृतक के परिजनों की तहरीर पर थाना रायपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद तीन आरोपियों को आंचल डेयरी रोड, रायपुर से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी:

आरीश पुत्र मोहम्मद तालीब, निवासी रक्षा विहार, चूना भट्टा, थाना रायपुर, उम्र 28 वर्ष।

अनस पुत्र नसीम अहमद, निवासी रक्षा विहार, चूना भट्टा, थाना रायपुर, उम्र 22 वर्ष।

जावेद पुत्र नईम अहमद, निवासी रक्षा विहार, चूना भट्टा, थाना रायपुर, उम्र 23 वर्ष।


ऋषिकेश में गैंगस्टर एक्ट की बड़ी कार्रवाई, ‘किंग ऑफ उत्तराखण्ड’ सहित तीन गिरफ्तार

ऋषिकेश : ऋषिकेश पुलिस ने संगठित अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी भूमि और पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप कर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों में लिप्त थे। मामले में एक अन्य आरोपी रवि गुप्ता फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर आपराधिक गतिविधियों और विशेष रूप से संगठित अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ गुंडा एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ऋषिकेश पुलिस ने जगजीत उर्फ जग्गा और उसके साथियों के खिलाफ गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में गिरोह संचालित करता था। आरोप है कि गिरोह भूमि एवं पारिवारिक विवादों में पक्षकारों को डराकर अपने हित साधता था। लोगों की फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर वसूली और ब्लैकमेलिंग की जाती थी। इसके अलावा घरों में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के प्रभाव और भय के कारण स्थानीय लोग शिकायत करने से भी डरते थे। वर्ष 2016 से 2026 के बीच जगजीत उर्फ जग्गा और उसके गिरोह से जुड़े आपराधिक मामलों में कुल 11 अभियोग दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

सक्षम न्यायालय से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0सं0 405/2026, धारा 2(ख)(i), 2(ख)(iii)/3 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

‘किंग ऑफ उत्तराखण्ड’ का बोर्ड बरामद

गिरफ्तार आरोपी जगजीत उर्फ जग्गा की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से “KING OF उत्तराखण्ड” लिखा बोर्ड बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस नाम का इस्तेमाल लोगों पर अपना प्रभाव और भय बनाने के लिए करता था।

गिरफ्तार आरोपी

जगजीत उर्फ जग्गा, पुत्र हरविन्द्र सिंह, निवासी मायाकुण्ड, चन्द्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश, उम्र 39 वर्ष — गैंग लीडर।

प्रणव उर्फ राघव बत्रा, पुत्र स्व. अश्वनी बत्रा, निवासी सोमेश्वर नगर, ऋषिकेश, उम्र 20 वर्ष — गैंग सदस्य।

दीपेश कुमार, पुत्र स्व. चरण नाथ, निवासी कृष्णानगर कॉलोनी, आईडीपीएल के पास, ऋषिकेश, उम्र 27 वर्ष — गैंग सदस्य।

वांछित आरोपी

रवि गुप्ता, पुत्र सुरेश चन्द्र गुप्ता, निवासी शिवाजी नगर, ऋषिकेश। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

11 मुकदमों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार आरोपियों से जुड़े आपराधिक मामलों में वर्ष 2016 से 2026 तक कुल 11 अभियोग दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, आबकारी अधिनियम, आईटी एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि संगठित तरीके से लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने और क्षेत्र में भय का वातावरण बनाए जाने के दृष्टिगत गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस टीम

निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, प्रभारी कोतवाली ऋषिकेश

निरीक्षक राकेश गुसाईं, प्रभारी निरीक्षक डोईवाला एवं विवेचक

व0उ0नि0 नवीन जोशी

उपनिरीक्षक देवेन्द्र पंवार

जगमोहन सिंह

विकसित पंवार

बिनेश कुमार

राजनारायण

हेड कांस्टेबल सन्दीप राठी

राकेश पंवार, कांस्टेबल तेजपाल


फार्मा कंपनी में चोरी का खुलासा, कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड

सेलाकुई में दून पुलिस ने चोरी की घटना का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। सेलाकुई क्षेत्र स्थित एक फार्मा कंपनी में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए कंपनी के ही एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कंपनी से 27 किलो Cefixime औषधि पाउडर चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए माल में से 2 किलो Cefixime पाउडर और उसे बेचकर प्राप्त किए गए 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को मैसर्स ईस्ट अफ्रीकन इंडिया ओवरसीज फार्मा सिटी, सेलाकुई के वाइस प्रेसिडेंट एवं अधिकृत प्रतिनिधि जितेंदर कुमार ने थाना सेलाकुई में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि कंपनी में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत अनिल चौहान द्वारा कंपनी की सामग्री में से 27 किलो Cefixime औषधि पाउडर चोरी कर लिया गया है।

तहरीर के आधार पर थाना सेलाकुई में मुकदमा अपराध संख्या 119/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अभियोग दर्ज किया गया।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 22 अगस्त को नामजद आरोपी अनिल चौहान (33 वर्ष) को सेलाकुई क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर सेलाकुई स्थित एक निर्माणाधीन भवन के कमरे से थैले में रखा 2 किलो Cefixime औषधि पाउडर बरामद किया गया। साथ ही चोरी किए गए पाउडर को बेचकर कमाए गए 50 हजार रुपये भी पुलिस ने बरामद किए।

पुलिस के मुताबिक आरोपी शेष चोरी किए गए माल को भी बेचने की फिराक में था। मामले में पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

अनिल चौहान पुत्र राजेश बाबू, निवासी मधु विहार गली नंबर-1, थाना सेलाकुई, देहरादून। मूल निवासी नौगांवा सादाबा, जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश। उम्र 33 वर्ष।

बरामदगी:

2 किलो Cefixime औषधि पाउडर

चोरी के माल को बेचकर प्राप्त 50 हजार रुपये नकद

पुलिस टीम:

उ0नि0 सुमेर सिंह

कां0 इरशाद


प्रेमनगर में सड़क पर मारपीट और हुड़दंग, लाइसेंसी पिस्टल दिखाने वाले समेत तीन गिरफ्तार

देहरादून:  प्रेमनगर क्षेत्र में सड़क पर गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में मारपीट और हुड़दंग करने वाले तीन आरोपियों को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना के दौरान एक आरोपी द्वारा लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर दूसरे पक्ष को डराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, डंडा और घटना में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर कार बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त की रात कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि प्रेमनगर स्थित नेक्स्ट हॉस्टल के पास कुछ लोग आपस में मारपीट कर हुड़दंग कर रहे हैं। सूचना पर प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

फुटेज में सड़क पर बस और फॉर्च्यूनर कार खड़ी दिखाई दी। दोनों वाहनों के पास दो व्यक्तियों के बीच विवाद चल रहा था। एक व्यक्ति के हाथ में डंडा और दूसरे के हाथ में पिस्टल दिखाई दी।

पुलिस ने जांच के बाद झाझरा निवासी गौरव को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है। उसके मुताबिक, नेक्स्ट हॉस्टल के पास फॉर्च्यूनर चालक द्वारा सड़क पर वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने वाहन से डंडा निकालकर फॉर्च्यूनर चालक पर वार कर दिया। इसके बाद फॉर्च्यूनर चालक के साथी मौके पर पहुंचे और पिस्टल दिखाकर उसे धमकाने तथा मारपीट करने का आरोप है।

गौरव से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नीरज राजपूत और मनीष नेगी की पहचान की। दोनों के ग्राफिक एरा अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नीरज राजपूत के नाम पर दर्ज लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर सार्वजनिक स्थान पर मारपीट और हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने, घातक हथियार का प्रदर्शन करने तथा लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार आरोपी

गौरव, निवासी चंदन की पुलिया, वार्ड नंबर 9, प्रेमनगर, देहरादून।

मनीष नेगी, निवासी मांडूवाला, प्रेमनगर, देहरादून।

नीरज राजपूत, निवासी भाऊवाला, थाना सेलाकुई।

बरामदगी

लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल

पांच जिंदा कारतूस

घटना में प्रयुक्त डंडा

फॉर्च्यूनर कार संख्या UK07HF-0102

पुलिस टीम

1- व०उ०नि० मुकेश थलेड़ी, कोतवाली प्रेमनगर
2- उ०नि० अमित शर्मा, चौकी प्रभारी झाझरा
3- उ०नि० जैनेन्द्र राणा चौकी प्रभारी बिधौली
4- उ०नि० जितेंद्र कुमार
5- उ०नि० नौशाद अंसारी
6- का०  संदीप
7- का० अनीस
8- का० संजय
9- का० जगजोत


नकली दवाओं के कारोबार के मुख्य सरगना को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

बिजनौर से गिरफ्तारी, कोटद्वार की नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी से भी जुड़ा रहा है आरोपी

देहरादून:  नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री और ऑनलाइन आपूर्ति करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। एसटीएफ ने गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपी विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी गली नंबर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर, नकली दवाओं के निर्माण और सप्लाई से जुड़े गिरोह का मुख्य संचालक बताया गया है। इससे पहले मामले में जतिन निवासी संभल और गौरव त्यागी निवासी देहरादून को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों की जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बाजार में बेचता था। मामले में एसटीएफ ने सीसीपीएस देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

कोटद्वार की कंपनी पर भी कार्रवाई

एसटीएफ के मुताबिक, 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवाओं के निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। मौके से करीब 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया।

एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में इसी कंपनी का मालिक रहा है। कंपनी पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप सामने आए थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी के संबंध में कार्रवाई और सैंपलिंग किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।

आमजन से एसटीएफ की अपील

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण या बिना वैध लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ को दें।


कानपुर में नशे के लिए वाहन चोरी करने वाला गिरफ्तार, खंडहर स्कूल से 6 बाइक-स्कूटी बरामद

कानपुर। फजलगंज थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी नशे का आदी है और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए बाइक व स्कूटी चोरी कर उन्हें कम कीमत में बेच देता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के खंडहर से छह चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, शुक्रवार देर रात फजलगंज क्षेत्र में पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोककर पूछताछ की गई। जांच में उसकी पहचान मौदहा के विवार थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी छोटू बाघमार उर्फ अर्जुन उर्फ राजू के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह नशे का आदी है। नशे के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर वह दोपहिया वाहन चोरी करता था और बाद में उन्हें सस्ते दामों पर बेच देता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी काफी समय से चोरी किए गए वाहनों को एक खंडहरनुमा बंद स्कूल में छिपाकर रख रहा था।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छह बाइक और स्कूटी बरामद की हैं। बरामद वाहनों के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये वाहन किन इलाकों से चोरी किए गए थे।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले भी शामिल हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके वाहन चोरी के नेटवर्क और पूर्व की वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।


कटिहार में दिनदहाड़े चाकूबाजी, 20 वर्षीय युवक की मौत; बड़ा भाई घायल, आरोपी गिरफ्तार

 कटिहार। पोठिया थाना क्षेत्र के पोठिया बाजार स्थित फौजी चौक के पास शनिवार को दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान रविदास टोला वार्ड संख्या-14 निवासी गणेश रविदास के रूप में हुई है। घायल उसके भाई त्रिलोक रविदास का इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार किसी बात को लेकर गणेश और सौरव कुमार के बीच विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही देर में कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और आरोप है कि सौरव ने गणेश पर चाकू से कई वार कर दिए। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके बड़े भाई त्रिलोक पर भी चाकू से हमला किया गया।

घटना के बाद दोनों घायलों को फलका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने गणेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि त्रिलोक का उपचार जारी है।

वारदात के कारण को लेकर मृतक की मां और घायल भाई के बयान अलग-अलग सामने आए हैं। मृतक की मां सुखो देवी का आरोप है कि आरोपी युवक कथित रूप से स्मैक बेचने का काम करता था और गणेश पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बना रहा था। गणेश के इनकार करने पर आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। बेटे को बचाने पहुंचे त्रिलोक को भी चाकू मारने का आरोप है।

वहीं, घायल त्रिलोक ने पुलिस को बताया कि विवाद खेत में कद्दू की फसल की सिंचाई को लेकर हुआ था। उसके अनुसार सौरव ने गणेश से खेत में पटवन के काम में मदद करने को कहा था। गणेश के मना करने पर दोनों में कहासुनी हुई और विवाद बढ़ने पर चाकूबाजी हो गई। इसी दौरान गणेश बीच-बचाव करने पहुंचा और आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच स्मैक के लेन-देन को लेकर विवाद होने की चर्चा भी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अलग-अलग बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलते ही पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कटिहार भेज दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस मामले की जांच के साथ घटना के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


शादी और सरकारी नौकरी का झांसा देकर नर्सिंग स्टाफ से 32 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्त पूर्व में स्वास्थ विभाग में संविदा पर फार्मेसिस्ट के पद पर था नियुक्त

देहरादून। शादी और स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग स्टाफ से करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने आरोपी चारू चन्द्र जोशी को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को पीड़िता ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत है। उसकी मुलाकात आरोपी चारू चन्द्र जोशी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए उच्चाधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा किया। इसके बाद शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग तिथियों में पीड़िता से करीब 32 लाख रुपये ले लिए।

शिकायत के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

पुलिस टीम ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर देहरादून पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित किया और टीम को वहां रवाना किया। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर 21 अगस्त को पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से आरोपी चारू चन्द्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद आरोपी को पिथौरागढ़ की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया और उसे देहरादून लाया गया।

पहले स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर था आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ नैनीताल जनपद में धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें उसे जेल जाना पड़ा। इसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया।

पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने अपनी पूर्व नौकरी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी पहचान का फायदा उठाना शुरू किया। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताकर अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा करता और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था।

पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वर्तमान मामले में पीड़िता से प्राप्त रकम का अधिकांश हिस्सा उसने अपने खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों के सेटलमेंट के लिए संबंधित लोगों को दे दिया। पुलिस अब आरोपी द्वारा बताए गए तथ्यों का दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर धोखाधड़ी करना सामने आया है। किसी परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क में होने के प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं।

आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार आरोपी चारू चन्द्र जोशी के खिलाफ नैनीताल, ऋषिकेश, काशीपुर और देहरादून में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2022 के कई धोखाधड़ी के मामले, दुष्कर्म का मामला और वर्ष 2024 का धोखाधड़ी का मुकदमा शामिल है। वर्तमान में नेहरू कॉलोनी थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी उपनिरीक्षक मनोज नौटियाल, चौकी प्रभारी जोगीवाला उपनिरीक्षक गिरीश चन्द्र बडोनी, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, कांस्टेबल विपिन सेमवाल, एसओजी की हेड कांस्टेबल किरन और कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।


देहरादून में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पर्दाफाश, 192 कार्ड बरामद

देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान में विकासनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 192 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, कार, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक 21 अगस्त को हरबर्टपुर चौक के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग स्विफ्ट कार और मोटरसाइकिल से विकासनगर क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना थी कि आरोपी एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं और इलाके में भी किसी घटना की तैयारी में हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पोंटा रोड स्थित ढालीपुर पुल से पहले आम के बगीचे के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान स्विफ्ट कार में सवार चार संदिग्धों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने इन कार्डों को अलग-अलग लोगों से ठगी कर हासिल करने की बात बताई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहारनपुर निवासी जगमोहन, मुजफ्फरनगर निवासी नीटू, सहारनपुर निवासी सोनू और रुड़की निवासी आशु कुमार के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह एटीएम बूथों के आसपास ऐसे लोगों की तलाश करता था, जिन्हें पैसे निकालने में मदद की जरूरत होती थी। आरोपी बुजुर्गों, महिलाओं और सीधे-सादे लोगों को मदद का भरोसा देकर उनका एटीएम कार्ड चालाकी से बदल देते थे। इसके बाद किसी तरह पिन की जानकारी हासिल कर खातों से रकम निकाल लेते थे।

पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी मौके से जल्दी फरार होने के लिए कार और बाइक को घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ा रखते थे। गिरोह के सदस्य विकासनगर में भी इसी तरह की ठगी करने की तैयारी में थे।

पुलिस जांच में आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। आरोपी पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और असम समेत कई स्थानों पर एटीएम ठगी और धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विकासनगर कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामदगी में 192 एटीएम/डेबिट कार्ड, एक देसी तमंचा, दो कारतूस, स्विफ्ट कार, बिना नंबर की मोटरसाइकिल, 1,200 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।


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