Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

चकबंदी लेखपाल रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

चकबंदी लेखपाल रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

पीड़ित से भूमि सीमा संशोधन के नाम पर मांगी थी 20 हजार की घूस, विजिलेंस ने दबोचा

हरिद्वार। लक्सर में चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर हुआ है। विजिलेंस टीम ने एक चकबंदी लेखपाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी, पीड़ित से भूमि सीमा संशोधन के एवज में रिश्वत मांग रहा था।

विजिलेंस टीम ने बताया कि पकड़े गए लेखपाल सुभाष कुमार, फिलहाल कानूनगो का कार्यभार भी संभाल रहे थे। लक्सर निवासी एक व्यक्ति अपनी भूमि की सीमा में संशोधन के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर लगा रहा था।

दो दिन पहले जब पीड़ित की सुभाष कुमार से मुलाकात हुई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से काम के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। बाद में यह राशि घटाकर 20 हजार रुपये तय की गई।

रिश्वत देने के बजाय पीड़ित ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। योजना के तहत जब पीड़ित पैसे लेकर कार्यालय पहुंचा, तब पहले से तैनात ट्रैप टीम ने सुभाष कुमार को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।

विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने जानकारी दी कि आरोपी के घर और कार्यालय पर छापेमारी की जा रही है, जहां से कुछ अहम दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई है। आरोपी को विशेष विजिलेंस अदालत में पेश किया जाएगा।


अमृतसर में हेरोइन तस्करी का बड़ा खुलासा, 6 किलो से अधिक नशीला पदार्थ बरामद

पंजाब | अमृतसर में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। जिला शहरी पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार व्यक्तियों को हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों के पास से कुल मिलाकर 6 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सरबजीत उर्फ जोबन (खंड वाला), धर्म सिंह और कुलबीर सिंह (अजनाला निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सरबजीत के साथ एक नाबालिग तस्कर भी पकड़ा गया है।

ड्रोन के जरिए आई थी नशे की खेप

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान स्थित तस्कर गिरोह ने ड्रोन के माध्यम से हाल ही में सीमा पार से हेरोइन की खेप भेजी थी। इस खेप को सरबजीत और उसके नाबालिग साथी ने रिसीव किया था। गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन दोनों को दबोच लिया और इनके कब्जे से 1 किलो हेरोइन बरामद की गई।

पूछताछ में खुला नेटवर्क का राज

आगे की पूछताछ में इन दोनों ने धर्म सिंह और कुलबीर सिंह के नाम उजागर किए। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर उनके पास से 5 किलो से अधिक हेरोइन जब्त की। यह बरामदगी नशा तस्करों के नेटवर्क के दायरे को उजागर करती है।

सीमापार तस्कर से सीधा संपर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सरबजीत उर्फ जोबन का सीधा संपर्क सीमा पार बैठे कुख्यात ड्रग तस्कर राणा से था, जो पहले से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एयरपोर्ट थाना और छेहरटा थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सभी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और आगे की बरामदगी भी सुनिश्चित हो सके।


दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था बहुस्तरीय धर्मांतरण गिरोह, सात राज्यों की युवतियाँ फँसी जाल में

बरेली : देशभर में अवैध धर्मांतरण के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने दिल्ली से लेकर झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक अपना जाल फैला रखा था। दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड निकला है, जिसने सात राज्यों की दर्जनों युवतियों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण कराया।

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि धर्मांतरण के बाद कुछ युवतियों को गिरोह का हिस्सा बना दिया गया, जो देश के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करती थीं। गिरोह के तरीकों और संपर्क स्रोतों को लेकर जांच जारी है।

10 गिरफ्तार, दिल्ली में था मुख्य अड्डा

इस गिरोह की गिरफ्त में आईं सदर क्षेत्र की दो बहनों के अपहरण मामले की जांच से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने अब तक कोलकाता और अन्य राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गोवा निवासी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान का नाम सामने आया।

इसके बाद पुलिस ने रहमान को गिरफ्तार किया और फिर उसके बेटे अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और चेले जुनैद कुरैशी को भी दबोच लिया। तीनों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

धर्मांतरण के बाद निकाह, फिर नेटवर्क में शामिल

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान ने कई युवतियों को पहले मानसिक रूप से प्रभावित कर दिल्ली बुलाया, फिर हॉस्टल में ठहराया जाता था। इसके बाद अपने घर बुलाकर इस्लाम की शिक्षा दी जाती थी, कलमा पढ़वाया जाता था, और अंततः निकाह करा दिया जाता था।

उत्तराखंड की दो युवतियों ने तो अब गिरोह के लिए ही काम करना शुरू कर दिया है। ये युवतियाँ कॉलेज में पढ़ने वाली अन्य युवतियों को इस्लाम के बारे में बताती हैं और जो तैयार होती हैं, उन्हें गिरोह के अन्य सदस्य संपर्क कर दिल्ली बुला लेते हैं।

मौलाना कलीम सिद्दीकी का शागिर्द निकला रहमान

अब्दुल रहमान पर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम करने का आरोप है। कलीम के जेल जाने के बाद गिरोह की पूरी कमान रहमान ने संभाल ली थी। पुलिस का कहना है कि उसके मोबाइल फोन से कई युवतियों की जानकारियाँ और संपर्क नंबर मिले हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए फंडिंग अलग-अलग स्रोतों से की जाती थी। रहमान के बेटे जूतों का व्यापार दिखाकर इस अवैध काम को छुपाते थे। घर में आने वाली हर युवती का धर्मांतरण कराया जाता था।

पुलिस जुटा रही अन्य राज्यों से जानकारी

पुलिस की टीमों ने महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित यूपी के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली और गाजियाबाद की युवतियों और उनके परिवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। अन्य मामलों में जल्द खुलासे की संभावना है।


राजस्थान से बिहार चुनाव में खपाने के लिए लाई जा रही 18 लाख की शराब जब्त — दो तस्कर लखनऊ में गिरफ्तार

लखनऊ: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शराब तस्करी को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं। इसी कड़ी में लखनऊ की पीजीआई पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान से लाई जा रही अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप को जब्त कर लिया। 18 लाख रुपये मूल्य की शराब से लदी पिकअप गाड़ी को डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास पकड़ा गया।

सूचना पर कार्रवाई, शराब छिपाने के लिए बना रखा था फर्जी कैबिनेट

डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सोनू बागरिया और सीताराम बागरिया, दोनों जयपुर (राजस्थान) के निवासी हैं। पुलिस को बुधवार रात करीब एक बजे सूचना मिली थी कि डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास किसान पथ की सर्विस लाइन पर एक संदिग्ध पिकअप वैन खड़ी है।

मौके पर पहुंची पीजीआई पुलिस और सर्विलांस टीम ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें कैरट से बने कृत्रिम कैबिनेट मिले, जिनके नीचे अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपाई गई थीं।

फर्जी नंबर प्लेट, चुनाव में खपाने की थी योजना

पकड़ी गई पिकअप पर कूटरचित (फर्जी) नंबर प्लेट लगी थी, ताकि जांच से बचा जा सके। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह शराब बिहार में आगामी चुनाव के दौरान खपाने के लिए ले जाई जा रही थी। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी लागू है, इसलिए चुनाव के समय शराब तस्करी का ग्राफ तेजी से बढ़ता है।

162 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद, जांच जारी

पुलिस ने मौके से 162 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही वाहन और मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस अब शराब तस्करी के नेटवर्क और इसके संभावित राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि किन इलाकों में शराब खपाने की योजना थी।


धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़: देहरादून का रूपेंद्र बना अबू रहमान, कश्मीर कनेक्शन की भी पुष्टि

देहरादून: उत्तर भारत में धर्मांतरण गिरोह की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा आगरा पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आया है। गिरोह के 10 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कई हैरान कर देने वाली जानकारियां उजागर हुई हैं। इनमें छह ऐसे लोग हैं जो मूलतः हिंदू धर्म से थे, लेकिन धर्म बदलकर अब मुस्लिम पहचान में जी रहे हैं।

धर्म बदलकर बने ‘अबू रहमान’, ‘मुस्तफा’ और ‘इब्राहिम’

गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल उत्तराखंड के देहरादून निवासी रूपेंद्र सिंह बघेल अब अबू रहमान बन चुका है। इसी तरह दिल्ली का मनोज अब मुस्तफा, कोलकाता का ऋतिक मोहम्मद इब्राहिम, जयपुर का पियूष अली, और आगरा की दो बहनें सोया व अमीना बन चुकी हैं।

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह केवल युवतियों को नहीं, पुरुषों को भी निशाना बना रहा है। खासकर वे लोग जो बेरोजगारी, पारिवारिक कलह या सामाजिक तिरस्कार से जूझ रहे हैं — इन्हें निशाना बना कर ब्रेनवाश किया जाता है।

“तुम्हारा भगवान कहाँ है?” — ब्रेनवॉश का तरीका

गिरोह के सदस्य हिंदू युवाओं को यह कहते हैं कि “अगर तुम्हारा भगवान होता तो तुम्हारी मदद जरूर करता।” इसके विपरीत, इस्लाम धर्म में मदद के लिए खुदा अपने बंदे भेजता है। इस तर्क के जरिए उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता है।

इनमें से कई युवाओं को कश्मीर भेजकर मुजाहिद बनने की ट्रेनिंग देने की योजना थी। गिरफ्तार दो बहनों ने पुलिस को बताया कि धर्मांतरण गिरोह का एक मजबूत कश्मीरी नेटवर्क भी सक्रिय है।

कश्मीरी छात्र-छात्राएं बनते हैं ‘ब्रेनवॉशिंग’ का औजार

धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान का मुख्य हथियार है कश्मीर से आए युवा छात्र-छात्राएं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ये लोग कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान जानबूझकर नमाज अदा करते हैं, बहस छेड़ते हैं, जातिवाद, वर्णव्यवस्था और हिंदू धर्म की सामाजिक कुरीतियों पर सवाल उठाते हैं। धीरे-धीरे युवाओं को फुसलाकर धर्म परिवर्तन की दिशा में धकेला जाता है।

“रिवर्ट” कोड: पहचान बदलने का नया तरीका

एक अन्य अहम खुलासा यह हुआ कि धर्मांतरण करने वालों को सोशल मीडिया पर “रिवर्ट” टैग दिया जाता है, जिसका अर्थ होता है — “वापस लौटना” (Return to Islam)। इसका इस्तेमाल यह जताने के लिए किया जाता है कि उन्होंने ‘असली धर्म’ को फिर से स्वीकार किया है।

उत्तराखंड में भी गहराई तक फैला नेटवर्क

गिरफ्तार लोगों की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में गिरोह की सक्रियता है। पिछले कुछ वर्षों में हजारों लोग, विशेषकर युवतियां, गायब बताई जा रही हैं, जिनमें से कई मामलों का धर्मांतरण से संबंध हो सकता है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी, बड़े खुलासे अभी बाकी

पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी बड़ी साजिश सामने आ सकती है। एसआईटी की जांच जारी है और गिरोह के आर्थिक स्रोत, प्रशिक्षण कैंप्स और वैचारिक नेटवर्क पर गहराई से जांच की जा रही है।


इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर प्रेमजाल में फंसाकर महिला से दुष्कर्म — आरोपी गिरफ्तार,

बरेली: मुंबई की एक विवाहित महिला को सोशल मीडिया पर प्रेमजाल में फंसाकर कस्बे के एक किराये के मकान में बंधक बनाकर कई दिनों तक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बंधक बनाई गई महिला को मुक्त कराकर उसके पति के साथ मुंबई भेज दिया गया है।

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, बना अपराध का रास्ता

कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि पीड़िता मूल रूप से जिला रायबरेली की निवासी है, लेकिन वह अपने पति और पांच साल के बेटे के साथ मुंबई में रहती थी। कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती मोहित निवासी ग्राम नाद अलगनी, फरीदपुर से हुई। दोनों के बीच ऑनलाइन प्रेम संबंध बने और इसी बहाने मोहित ने महिला को मुंबई से कस्बा आंवला बुला लिया।

किराये के मकान में बनाया बंधक, किया कई दिन दुष्कर्म

आरोपी मोहित महिला को आंवला लाकर एक किराये के मकान में बंधक बनाकर रखा और उस पर शारीरिक व मानसिक अत्याचार करता रहा। यह सिलसिला कई दिनों तक चला, जब तक कि महिला ने किसी तरह से सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पति को मदद के लिए संदेश नहीं भेज दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

पीड़िता की सूचना मिलते ही सीओ नितिन कुमार के निर्देशन में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित मुक्त कराया। आरोपी मोहित को भी गिरफ्तार कर गुरुवार दोपहर को जेल भेज दिया गया।

पति के साथ लौटी पीड़िता, आगे की जांच जारी

बंधक बनाकर रखी गई महिला को गुरुवार को उसका पति थाने लेकर पहुंचा और उसे अपने साथ मुंबई ले गया। इस मामले में पुलिस ने महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरा सहयोग किया। अब विधिक प्रक्रिया के तहत मामले की जांच जारी है।


CBI बनकर फंसाया, डिजिटल अरेस्ट में कैद कर 47 लाख ठगे — तीन साइबर ठग लखनऊ में गिरफ्तार

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर एक महिला से 47 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने एक डर और भ्रम का जाल बुनकर पीड़िता को पूरी तरह मानसिक दबाव में लेते हुए यह ठगी की।

रीता भसीन को बनाया था शिकार

18 जुलाई को रीता भसीन नामक महिला ने साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया था कि कुछ लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और 47 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता को फोन पर बताया गया कि उनके आधार और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है और उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाने में एफआईआर दर्ज है।

इसके बाद वीडियो कॉल पर आरोपियों ने पुलिस वर्दी पहनकर उन्हें धमकाया और फर्जी अरेस्ट वारंट भेजा। महिला को डराकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रखा गया और घर से बाहर न निकलने की धमकी दी गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार, थाना जैसा था सेटअप

इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में की गई जांच के बाद सुल्तानपुर निवासी अनुराग तिवारी, रायबरेली के प्रखर प्रताप सिंह, और अंबेडकरनगर के अनुपम सिंह को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी लोगों को वीडियो कॉल पर फंसाने के लिए थाने जैसा सेटअप और पुलिस वर्दी का इस्तेमाल करते थे।

इनके पास से:

  • 2 मोबाइल फोन

  • 14 डेबिट कार्ड

  • 7 चेकबुक
    बरामद की गईं।

  • डिजिटल अरेस्ट का ताना-बाना

आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए पीड़ित को कहते थे कि उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद उन्हें स्काइप या अन्य वीडियो कॉलिंग माध्यमों पर नजरबंद रखते थे। डर का माहौल बना कर, पीड़ित को किसी से बात न करने देने की रणनीति के तहत, वे धोखे से रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।

पांच खाते फ्रीज, 10.5 लाख की बरामदगी

पुलिस जांच में आरोपियों के पांच बैंक खातों में जमा 10.5 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। ये राशि पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।


नैनीताल में ऑपरेशन कालनेमि: तेलंगाना के दो संदिग्ध बाबाओं की गिरफ्तारी,

नैनीताल : उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रदेशभर में फर्जी बाबाओं के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत नैनीताल में दो संदिग्ध बाबाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये बाबा तेलंगाना राज्य के निवासी बताए जा रहे हैं, जो बाजार क्षेत्र में हस्तरेखा पढ़ने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे थे।

पुलिस को देखकर घबरा गए बाबा, पूछताछ में खुली पोल

गुरुवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर एसओ रमेश बोहरा की अगुवाई में पुलिस टीम बाजार क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो बाबा संदिग्ध अवस्था में घूमते नजर आए। जब पुलिस टीम ने उन्हें रोका, तो वे घबरा गए और संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में दोनों की पहचान तेलंगाना निवासी बालकृष्ण और तिरूपाते के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वे नैनीताल में पिछले कुछ समय से रह रहे थे और लोगों की हस्तरेखा (Palm Reading) के माध्यम से भविष्य बताने का कार्य कर रहे थे।

हरिनगर की महिला ने दिया था ठिकाना, हुई चालानी कार्रवाई

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हरिनगर निवासी एक महिला अलका ने इन बाबाओं को अवैध रूप से अपने घर में ठहराया था। पुलिस ने इस पर 5,000 रुपये की चालानी कार्रवाई करते हुए महिला को चेतावनी दी है।

एसओ रमेश बोहरा ने कहा कि “अवैध रूप से घूमने वाले संदिग्ध लोगों को शरण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

फर्जी बाबाओं पर प्रदेशभर में सख्ती

उत्तराखंड में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ये बाबा अक्सर धार्मिक चोले में लोगों को धोखा देने, अंधविश्वास फैलाने और आर्थिक शोषण करने में लिप्त पाए जाते हैं।

एसएसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि “प्रदेश में धार्मिक आस्था के नाम पर किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। समाज में भ्रम और ठगी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


उत्तराखंड: 92 मदरसों में छात्रवृत्ति घोटाला, सीएम धामी ने SIT जांच के दिए निर्देश

देहरादून:  उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में गरीब और अल्पसंख्यक छात्रों के हक में चल रही छात्रवृत्ति योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से वितरित की जाने वाली छात्रवृत्ति में भारी गड़बड़ी पाई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राज्य के 92 मदरसों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली।इस घोटाले ने प्रदेश में शिक्षा के नाम पर चल रही लूट-खसोट की परतें उधेड़ कर रख दी हैं।

 मुख्यमंत्री धामी ने दिए SIT जांच के निर्देश

छात्रवृत्ति घोटाले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने साफ कहा,गरीब छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री के अनुसार यह मामला केवल आर्थिक भ्रष्टाचार का नहीं,बल्कि शिक्षा और सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ का है।

मदरसों की भूमिका संदिग्ध, मदरसा बोर्ड ने किया समर्थन

रिपोर्ट्स के अनुसार घोटाले में सबसे अधिक मदरसों की संलिप्तता पाई गई है। कई मदरसों ने छात्रों के नाम और दस्तावेजों की फर्जी प्रविष्टियां करवा कर स्कॉलरशिप राशि अपने खाते में डलवाई। जांच में कई ऐसे संस्थान भी सामने आए हैं, जहां कागज़ों में दर्ज छात्र वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं।

हालांकि, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती समूह कासमी ने SIT जांच का स्वागत करते हुए कहा, “अगर कोई भी मदरसा दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सही संस्थानों की छवि सुधरेगी।”

घोटाले का असर: छात्रवृत्तियां रुकीं, छात्र निराश

यह पहला मौका नहीं है जब उत्तराखंड में स्कॉलरशिप वितरण में गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी करोड़ों रुपए के घोटाले हो चुके हैं, जिससे वास्तविक हकदार छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा। फीस न भर पाने और पढ़ाई अधूरी रह जाने की वजह से सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।


आईटीबीपी जवान संजय यादव की पीट-पीटकर हत्या, पुरानी रंजिश में गई जान

गया (बिहार) :  गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहियाईन गांव में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) में कार्यरत 30 वर्षीय जवान संजय यादव की गांव में ही पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। वह छुट्टी पर घर आए हुए थे और जल्द ही नए स्थानांतरण स्थल पर योगदान देने वाले थे।

घर लौटे जवान की नहीं हो सकी वापसी

मूल रूप से बिहियाईन गांव के निवासी संजय यादव वर्तमान में देहरादून में तैनात थे और हाल ही में उनका स्थानांतरण छत्तीसगढ़ किया गया था। परिवार से मिलने वे कुछ दिनों की छुट्टी लेकर गांव आए थे, लेकिन एक पुरानी रंजिश ने उनकी जिंदगी छीन ली।

घटना के बाद गांव में तनाव

गुरुवार की शाम संजय यादव पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान का शव पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया है और अंत्येष्टि की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के आने का इंतजार है।

आधे दर्जन से अधिक ग्रामीण हिरासत में

वजीरगंज थाना पुलिस ने हत्या के मामले में करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश ही कारण है, हालांकि जांच के बाद ही पुष्टि की जाएगी।

देश सेवा करने वाला जवान बना रंजिश का शिकार 

संजय यादव एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। उनकी अचानक और असामयिक हत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और विभाग को गमगीन कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp