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अजनाला सेक्टर में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, हथियारों की खेप के साथ संदिग्ध तस्कर गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

अजनाला सेक्टर में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, हथियारों की खेप के साथ संदिग्ध तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर- भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अजनाला सेक्टर में बीएसएफ की 117 बटालियन ने गुरुवार देर रात एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक संदिग्ध तस्कर को दबोचा है। यह कार्रवाई भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांव हरड़ खुर्द के पास की गई। सुरक्षा बलों ने आरोपी के पास से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है, जिसे देखकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

 प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार तस्कर के पास से घातक 1 एके-47 राइफल, 25 आधुनिक पिस्तौल, 47 मैगजीन, 1 बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी खेप पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और आकाओं द्वारा भारतीय सीमा में भेजी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियारों की भारी तादाद को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसका इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए होना था। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि कहीं स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले देश या पंजाब में अस्थिरता फैलाने और किसी बड़े वीआईपी को निशाना बनाने के लिए तो यह सप्लाई नहीं भेजी गई थी।

 फिलहाल बीएसएफ, पंजाब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पकड़े गए आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि सीमा पार से आ रहे हथियारों के इस नेटवर्क के तार देश के किन-किन राज्यों और स्थानीय मददगारों से जुड़े हैं। हाल के दिनों में ड्रोन के जरिए बढ़ती तस्करी को देखते हुए पूरी भारत-पाकिस्तान सीमा पर चौकसी और ज्यादा बढ़ा दी गई है।


दिल्ली में गवाहों को डराने की साजिश! शाहाबाद डेरी में ‘सनी हत्याकांड’ के पीड़ित परिवार के घर पर अंधाधुंध फायरिंग

नई दिल्ली: राजधानी के बाहरी दिल्ली स्थित शाहाबाद डेरी इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के सी-ब्लॉक में गुरुवार शाम को एक घर पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में जो बात सामने आ रही है, वो बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दो साल पहले हुए चर्चित ‘सनी हत्याकांड’ के पीड़ित परिवार को निशाना बनाकर यह फायरिंग की है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है।

 चश्मदीदों के मुताबिक, गुरुवार शाम अचानक कुछ अज्ञात हमलावर सी-ब्लॉक पहुंचे और सीधे सनी के परिवार के घर पर गोलियां बरसा दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग सहम गए। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इसे पीड़ित परिवार को डराने या गवाही से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 फायरिंग की आवाज सुनते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किए हैं।


तुगलक रोड में कबाड़ी को मारी गोली, पुरानी रंजिश के एंगल पर जांच तेज

नई दिल्ली: राजधानी के बेहद सुरक्षित और वीआईपी इलाके तुगलक रोड में बृहस्पतिवार रात ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंप मच गया। अज्ञात बदमाशों ने एक 51 वर्षीय कबाड़ी को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घायल की पहचान सुंदर नर्सरी स्थित झुग्गी बस्ती के रहने वाले मोहम्मद रफीक उर्फ बाबा रफीक के रूप में हुई है। घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

 नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने बताया कि रात करीब 9:45 बजे कंट्रोल रूम को एक महिला का फोन आया, जिसने फायरिंग की जानकारी दी। महिला के मुताबिक, 3 से 4 हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से भागते हुए देखे गए। सूचना मिलते ही तुगलक रोड थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

 शुरुआती जांच में पुलिस इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जता रही है। दिलचस्प बात यह है कि घायल मोहम्मद रफीक का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से 4 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसकी पुरानी दुश्मनी और हाल के विवादों के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।

 क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से सबूत जुटा लिए हैं। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान घायल रफीक ने कुछ संदिग्धों के नाम बताए हैं, जिसके आधार पर पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके अलावा, हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और दावा किया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


1500 रुपये के विवाद में युवक की हत्या, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

जमशेदपुर: मानगो के ओलीडीह ओपी क्षेत्र में मंगलवार रात को महज 1500 रुपये के पुराने बकाए को लेकर एक 21 वर्षीय युवक देवदास गौड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी व जमीन कारोबारी नीरज प्रधान, उसके भाई शिवा गौड़ और मृतक के सगे चचेरे भाई देवाशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल थार कार, देशी पिस्तौल और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।

 पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतक देवदास अपने चचेरे भाई देवाशीष के साथ शंकोसाई रोड नंबर चार स्थित आरोपी नीरज प्रधान के घर गया था। वहां चारों ने एक साथ बैठकर शराब पी। नशा बढ़ने पर देवदास और नीरज के बीच 1500 रुपये के लेन-देन को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि नीरज ने शिवा की देशी पिस्तौल निकालकर देवदास की गर्दन पर बेहद करीब से गोली दाग दी।

 गोली चलने के बाद घबराए आरोपी सबूत मिटाने की नीयत से गंभीर रूप से घायल देवदास को अपनी थार कार में लादकर एमजीएम (MGM) अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने नाजुक हालत देखते हुए उसे तुरंत टीएमएच (टाटा मेन हॉस्पिटल) ले जाने की सलाह दी। लेकिन पुलिस के डर से आरोपियों ने समय बर्बाद किया और अत्यधिक खून बह जाने के कारण बुधवार तड़के देवदास की मौत हो गई।

 अस्पताल से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को आरोपियों ने गुमराह करने की कोशिश की और बार-बार घटनास्थल बदलते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने सख्ती से पूछताछ कर सच उगलवा लिया। इस मामले में शुरुआत में एक एएसआई (ASI) का नाम सामने आने से हड़कंप मचा था, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने साफ किया कि उनकी इस हत्याकांड में कोई संलिप्तता नहीं है और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। मृतक देवदास सरायकेला-खरसावां के राजनगर का रहने वाला था और अपने बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा था।


रायबरेली में चौकीदार हत्याकांड का खुलासा, प्रेम प्रसंग में मौसेरे भाई ने की हत्या

रायबरेली: बछरावां थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा गांव में पानी की टंकी पर सो रहे चौकीदार बिंदा प्रसाद की नृशंस हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस और एसओजी (SOG) टीम ने बड़ा खुलासा किया है। घटना के महज तीन दिन के भीतर पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है, जो कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा मौसेरा भाई निकला। हत्या की वजह मृतक की पत्नी से आरोपी के अवैध प्रेम संबंध और एकतरफा जिद थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 जून की सुबह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पानी की टंकी परिसर में बिंदा प्रसाद का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा मिला था। अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो परिजनों और ग्रामीणों से कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली, जिससे शक की सुई मौसेरे भाई राज किशोर पर जाकर टिकी।

 क्षेत्राधिकारी महराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी राज किशोर (निवासी बाबूखेड़ा, उन्नाव) ने कड़ाई से की गई पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अविवाहित आरोपी राज किशोर के अपनी भाभी (मृतक की पत्नी) के साथ पिछले तीन साल से प्रेम संबंध थे। वह उसे अपने साथ भगा ले जाना चाहता था, लेकिन महिला ने अपने पति और बच्चों का हवाला देकर जाने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद आरोपी ने बिंदा प्रसाद को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची। रविवार की देर रात वह चुपके से पानी की टंकी परिसर पहुंचा और चारपाई पर गहरी नींद में सो रहे बिंदा प्रसाद के सिर पर बांके (धारदार हथियार) से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


देहरादून में जुए के बड़े अड्डे पर पुलिस का छापा, विदेशी नागरिक समेत 13 गिरफ्तार

गोपनीय सूचना के आधार पर दून पुलिस में राजपुर क्षेत्र में की औचक छापेमारी

क्षेत्राधिकारी डालनवाला के नेतृत्व में मकान में चल रहे जुए के खेल का पुलिस ने किया भाड़ाफोड़

01 विदेशी नागरिक सहित 13 जुआरियो को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मौके पर अभियुक्त के कब्जे से ताश की गड़डी, चिप्स तथा जुए में लगायी जा रही 1,52,870/- रुपये तथा 41 अमेरिकी डॉलर हुए बरामद

 देहरादून- वर्तमान में सम्पूर्ण राज्य में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में पुलिस टीमो द्वारा सभी थाना क्षेत्रों लगातार सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए ऐसे अभियुक्तों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 17/06/2026 को राजपुर पुलिस को गोपनीय माध्यम से राजपुर क्षेत्र में हैलीपेड के पास एक घर बडे स्तर पर अवैध जुआ के संचालित होने की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर तत्काल क्षेत्राधिकारी डालनवाला के नेतृत्व में थाना राजपुर तथा SOG की सयुक्त टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा राजपुर क्षेत्र में हैलीपेड के पीछे क्रिस ज्योति स्कूल को जाने वाली रोड के बांयी ओर एक निजी मकान में औचक छापेमारी की कार्यवाही की गयी, मौके पर पुलिस टीम द्वारा उक्त मकान के कमरे में 04 टेबलो में जुआ खेल रहे 01 अमेरिकन नागरिक सहित 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 167 ताश की गड्डियां, 625 डाइस, जुए में इस्तेमाल 118 चिप्स तथा 1,52,870 रुपये नगद व 41 अमेरिकी डॉलर बरामद हुये। अभियुक्तो के विरुद्ध थाना राजपुर पर मु0अ0स0 – 118/26 धारा 3/4/5 जुआ अधिनियम पंजीकृत किया गया।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :–

1- तेनजिंग निमा पुत्र छोटे निमा निवासी ग्रुप नंबर 05, हाउस नंबर 82, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र 51 वर्ष

2- तेनजिन छोगे पुत्र स्व० दोरर्जी निवासी हाउस नंबर 86, सेक्टर शाक्य, तिब्बतन कॉलोनी, जनपद सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, उम्र 46 वर्ष

3- पेमा वन्सु पुत्र गोम्पो वन्सु निवासी हाउस नंबर 85, ग्रुप नंबर 06, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र- 59 वर्ष

4- फूखु सिरिगं पुत्र स्वर्गीय नीरजु दोर्जे निवासी कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र- 51 वर्ष

5- सिरीगं फुसंको पुत्र स्वर्गीय सिडु तेनजिन निवासी गैम्बलिंग, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र- 41 वर्ष

6- तेनजिगं पुत्र वाण्डा निवासी गैम्बलिंग, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र 53 वर्ष

7- तासी दाण्डो पुत्र गुरसे निवासी वाले, ओरेगन, यूएसए , उम्र 67 वर्ष हाल – तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून

8- ढिले फुर्सत पुत्र स्वर्गीय सोनम निवासी हाउस नंबर 18, ग्रुप नंबर 02, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र- 42 वर्ष

9- श्रृंग धुन्धो पुत्र स्वर्गीय ताम्डिगं निवासी तिब्बतन कॉलोनी, नालापानी, थाना रायपुर, देहरादून, उम्र- 65 वर्ष

10- योटीन जासू पुत्र छुडुप निवासी हाउस नंबर 20, ग्रुप नंबर 02, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र- 54 वर्ष

11- धारगिल पुत्र सोनम निवासी हाउस नंबर 92, ग्रुप नंबर 01, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र 65 वर्ष

12- धुन्डुप पुत्र लोपसगं चोपेल निवासी हाउस नंबर 54, ग्रुप नंबर 04, तिब्बतन कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र 56 वर्ष

13- गैलसिगं पुत्र यूंडू निवासी तरला नागल, निकट हेलीपैड, सहस्त्रधारा रोड, थाना राजपुर, देहरादून, उम्र – 47 वर्ष

बरामदगी का विवरण –

1- 167 ताश की गड्डी
2- 625 डाईस
3- 118 चिप्स जुए में इस्तेमाल
4- 152870 /- रुपये नगद
5- 41 अमेरिकी डॉलर

पुलिस टीम :-

1- श्री नितिन लोहानी, क्षेत्राधिकारी डालनवाला
2- थानाध्यक्ष पी0डी0 भट्ट, थाना राजपुर
3- व0उ0नि0 प्रवेश रावत, थाना राजपुर
4- उ0नि0 दीपक द्विवेदी, चौकी प्रभारी आईटी पार्क
5-उ0नि0 महावीर सिंह

एसओजी टीम:-

1- उ0नि0 संदीप लोहान, प्रभारी SOG नगर
2- हे0का0 किरन कुमार
3- कानि0 ललित
4- कानि0 विशाल
10- का0चा0 अजब


दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में घरेलू सहायिका की हत्या, डॉक्टर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माउंट कैलाश इलाके से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नामचीन त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर ने अपनी 45 वर्षीय घरेलू सहायिका की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका की पहचान मीना (45) के रूप में हुई है, जिसका लहूलुहान शव डॉक्टर के घर के पास ही स्थित एक इमारत की छत से बरामद किया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी डॉक्टर को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, आज सुबह करीब 11:36 बजे पीसीआर (PCR) के जरिए सूचना मिली थी कि माउंट कैलाश में एक इमारत की छत पर महिला खून से लथपथ पड़ी है। जानकारी मिलते ही एसीपी कालकाजी, एसएचओ अमर कॉलोनी और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। वहाँ शव के पास ही आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता (उम्र 50 से अधिक, एमबीबीएस) मौजूद था। पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए आरोपी डॉक्टर ने बताया कि उसने पहले क्रिकेट बैट (बल्ले) से मीना पर ताबड़तोड़ वार किए और फिर चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी।

 मृतका मीना पिछले लंबे समय से डॉक्टर मनीष गुप्ता के घर पर घरेलू सहायिका  के रूप में काम कर रही थी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक और क्राइम टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए बल्ले और चाकू को बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतने लंबे समय से काम कर रही महिला की हत्या के पीछे मुख्य मकसद  क्या था।


भिवानी में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, फसल मुआवजा पास कराने के नाम पर रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार

भिवानी: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को भिवानी जिले में एक बड़ी सफलता मिली है। एसीबी की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए भिवानी के गांव गुजरानी में तैनात एक पटवारी को किसान से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ (Red Handed) गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी यह घूस किसान को उसकी खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाने के नाम पर वसूल रहा था।

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पटवारी की पहचान हर्ष छाबड़ा के रूप में हुई है। गुजरानी गांव के ही रहने वाले पीड़ित किसान मंजीत ने बताया कि उसकी फसल के मुआवजे की फाइल को पास करने के लिए पटवारी हर्ष ने शुरुआत में 15 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता मंजीत रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने सूझबूझ दिखाते हुए पटवारी से मोलभाव किया और सौदा 10 हजार रुपये में तय कर लिया। इसके तुरंत बाद मंजीत ने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाल बिछाया। जैसे ही किसान मंजीत ने पटवारी हर्ष छाबड़ा को रिश्वत की रकम थमाई, वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ गहन पूछताछ शुरू कर दी है।


झज्जर के जितेंद्र हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चौथा आरोपी अमित गिरफ्तार, भेजा गया जेल

झज्जर: डीघल गांव के निवासी जितेंद्र की सनसनीखेज हत्या के मामले में झज्जर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीआईए (CIA) झज्जर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के चौथे आरोपी अमित (निवासी गांगटान, झज्जर) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

सीआईए झज्जर के प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर फोगाट ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल निर्देशन में टीम लगातार काम कर रही थी। अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक तथ्यों और अपने मजबूत गुप्तचर नेटवर्क (सटीक अनुसंधान) का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी अमित को दबोचा जा सका।

गौरतलब है कि इस हत्याकांड के बाद सभी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए थे। इससे पहले झज्जर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में शामिल एक नाबालिग सहित तीन मुख्य आरोपियों को मुंबई से ढूंढ निकाला था और उन्हें गिरफ्तार किया था। अमित की गिरफ्तारी के साथ ही इस केस में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या अब चार हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नई गिरफ्तारी से मामले की कड़ियों को जोड़ने और जांच को कानूनी रूप से मजबूत बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।


अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, आठ आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर: पंजाब पुलिस ने सीमा पार  से होने वाली अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। अमृतसर जिला शहरी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करों के पास से भारी मात्रा में अवैध असला बरामद किया है, जिसमें 11 अत्याधुनिक पिस्तौल और आठ जिंदा कारतूस शामिल हैं।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये हथियार पंजाब और आसपास के इलाकों में बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए मंगाए गए थे। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी विदेश में बैठे कुछ बड़े आकाओं और हथियार सप्लायरों के सीधे संपर्क में थे, जो वहां से इस पूरे अवैध सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे हैं। इन हथियारों को स्थानीय गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने की योजना थी।

री इस बड़ी कार्रवाई के बाद अमृतसर के थाना एयरपोर्ट, थाना सदर और थाना छेहरटा में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सीमा पार तस्करी, अवैध हथियारों की आमद और संगठित अपराध  के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


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