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बहादुरगढ़ में बेखौफ बदमाश: आसंडा गांव में घर के बाहर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गोली लगने से गंभीर घायल

Category Archives: क्राइम

बहादुरगढ़ में बेखौफ बदमाश: आसंडा गांव में घर के बाहर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गोली लगने से गंभीर घायल

बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ क्षेत्र के आसंडा गांव में शुक्रवार रात बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर के बाहर अपनी गाड़ी से उतरे एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए रोहतक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

 हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त (Retired) इंस्पेक्टर दयानंद राठी ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनका 33 वर्षीय बेटा मंजेश खेती-बाड़ी का काम करता है। 19 जून की रात करीब सवा नौ बजे मंजेश अपनी एंडेवर (Endeavour) गाड़ी से वापस घर लौटा था। वह जैसे ही गाड़ी से उतरा, पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

 हमलावरों ने मंजेश को निशाना बनाते हुए करीब चार से पांच राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली मंजेश की दाईं तरफ कमर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। गोलियों की आवाज सुनकर जब परिवारवाले और ग्रामीण बाहर दौड़े, तो आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।

परिजनों ने तुरंत घायल मंजेश को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे। सूचना मिलते ही आसौदा थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


IGI एयरपोर्ट पर 34 करोड़ से अधिक की हेरोइन बरामद, कुआलालंपुर से आए यात्री को दबोचा

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर तैनात सीमा शुल्क (कस्टम) अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टर्मिनल-3 पर चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कुआलालंपुर (मलेशिया) से आ रहे एक भारतीय यात्री के पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस हेरोइन की अनुमानित कीमत लगभग 34.67 करोड़ रुपये आंकी गई है।

 कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 16 जून को की गई। शक के आधार पर यात्री की प्रोफाइलिंग की गई और जैसे ही वह आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर ग्रीन चैनल पार करने की कोशिश कर रहा था, मुस्तैद अधिकारियों ने उसे रोक लिया।

 जब यात्री के पास मौजूद दो ट्रॉली बैग की एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई, तो उसमें कुछ संदिग्ध सामान दिखाई दिया। बैग की बारीकी से तलाशी लेने पर उसके भीतर से सफेद पाउडर वाले चार (04) पैकेट बरामद हुए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने शुरुआती जांच और केमिकल टेस्टिंग की, तो उस पाउडर के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। जब्त की गई हेरोइन का कुल नेट वजन 6,934 ग्राम (करीब 7 किलोग्राम) मापा गया है।

कस्टम विभाग ने नशीले पदार्थ और उसे छुपाने के लिए इस्तेमाल किए गए पैकिंग मटीरियल को तुरंत जब्त कर लिया। इसके साथ ही आरोपी भारतीय यात्री को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। सीमा शुल्क विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और दिल्ली में यह खेप किसे डिलीवर की जानी थी। मामले की आगे की जांच जारी है।


नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा मासूम सकुशल बरामद, बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार

नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDRS) थाना पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ तीन महिलाओं समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद भी कर लिया है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, हरिद्वार और बदायूं के रहने वाले हैं।

 रेलवे यूनिट के डीसीपी बी. भरत रेड्डी ने बताया कि बीते 25 मई को एक महिला ने अपने डेढ़ वर्षीय बेटे के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित महिला अपने पति से अलग रहकर अक्सर स्टेशन के मुख्य हॉल में रात गुजारती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर याकूब खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने स्टेशन और आसपास के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें तीन संदिग्ध बच्चे को ले जाते हुए दिखे। टेक्निकल इनपुट और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस की टीम उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची और बच्चे को बरामद कर लिया।

 पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बदायूं की रहने वाली आरती नामक महिला (जिसकी पहले से पांच बेटियां हैं) बेटे की चाहत में बच्चा खरीदना चाहती थी। उसकी बहन पूजा ने उसकी मुलाकात हरिद्वार की प्रीति से कराई, जहां बच्चे का सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ। प्रीति के इशारे पर उसके साथियों (जिया, विशाल और शिवा) ने नई दिल्ली स्टेशन से बच्चे को अगवा किया था। फिलहाल कोर्ट ने आरती और पूजा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य 6 आरोपियों से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस रैकेट के तार मेडिकल सेक्टर से जुड़ते चले गए। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि पिछले डेढ़ साल में इस गिरोह ने 30 से अधिक नवजात बच्चों का सौदा किया है। पुलिस ने अब तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऐसे 24 परिवारों की पहचान की है, जिन्होंने इस गिरोह से बच्चे खरीदे थे।

इस सिलसिले में पुलिस की एक टीम ने बेगमपुर स्थित ‘हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल’ पर छापेमारी की, जिसके संचालक डॉ. विवेकी पर बच्चों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड डॉ. विवेकी, साएबा भाई घमर उर्फ कालिया और प्रतिभा हैं। प्रतिभा और उसकी सहयोगी ओमवती पहले भी बच्चा चोरी के मामले में जेल जा चुकी हैं। पुलिस अब अन्य राज्यों में फैले इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है।


मऊ पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले सद्दाम चूड़ीवाला को 20 साल की कठोर जेल

मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की एक विशेष पोक्सो (POCSO) अदालत ने मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) छांगुर राम की अदालत ने 4 साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

यह सनसनीखेज मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 सितंबर 2019 को शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक 4 वर्षीय अबोध बच्ची को अंधा मोड़ (भीटी) निवासी सद्दामू चूड़ीवाला बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले की गहनता से विवेचना करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी।

 न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने दमदार पैरवी की। सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने कुल 8 गवाहों को पेश कर आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत रखे। हालांकि, बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश कर आरोपी को झूठा फंसाए जाने की दलील दी, जिसे अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया।

विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद सद्दाम चूड़ीवाला को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि यदि दोषी 23 हजार रुपये का अर्थदंड नहीं चुकाता है, तो उसे 2 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, जुर्माना राशि जमा होने पर उसकी 75 प्रतिशत धनराशि पीड़ित मासूम बच्ची को बतौर मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया गया है।


लुधियाना में प्रेमी जोड़े पर हमला, जान बचाने के लिए नहर में कूदे युवक-युवती

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में कूमकलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत नीलो नहर पुल के पास दबंगई और हैवानियत का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां घात लगाए बैठे कुछ बदमाशों ने एक प्रेमी जोड़े का रास्ता रोककर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों के चंगुल से अपनी आबरू और जान बचाने के लिए युवती ने चलती नहर में छलांग लगा दी। उसे डूबता देख उसका दोस्त भी पानी में कूद गया, लेकिन आरोपियों की दरिंदगी इसके बाद भी खत्म नहीं हुई।

 शिकायतकर्ता हरमनदीप सिंह ने बताया कि वह बुधवार को अपनी सहेली के साथ मोटरसाइकिल से गुजर रहा था, तभी कटाणी कलां गांव के दीपी, सुक्खी, रवि और उनके अज्ञात साथियों ने उन्हें घेर लिया। नहर में कूदने के बाद आरोपियों ने दोनों को पानी से बाहर खींचा और फिर किनारे पर लाते ही लोहे की रॉड और लाठियों से युवक (हरमनदीप) पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण युवक अधमरा होकर बेहोश हो गया।

 आरोपी यहीं नहीं रुके; वे लहूलुहान युवक को एक ऑटो में डालकर सिटी सेंटर के सामने ले आए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित की बुजुर्ग मां जसविंदर कौर अपने बेटे की जान की भीख मांगने वहां पहुंचीं। जब मां ने बेटे को छुड़ाने की कोशिश की, तो बेरहम बदमाशों ने उनके साथ भी मारपीट और धक्का-मुक्की की, उन्हें सड़क पर घसीटा और सरेआम अपमानित किया। जाते-जाते आरोपी युवक का मोबाइल भी लूट ले गए।

घायल युवक की मां और उसके बयान के आधार पर थाना कूमकलां पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी/भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी दबंगों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


मलेशिया से डिपोर्ट किए गए दो वांछित आरोपी पंजाब पुलिस की गिरफ्त में, आतंकी नेटवर्क की जांच तेज

चंडीगढ़-  पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को देश विरोधी ताकतों के खिलाफ एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स’ (KZF) के दो मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों को मलेशिया से डिपोर्ट (प्रत्यर्पित) कराकर भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस ने दोनों को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही अपनी हिरासत में ले लिया।

 पकड़े गए आतंकियों की पहचान अंबाला के गुरविंदर सिंह और पटियाला के मंजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी केजेडएफ (KZF) समर्थित उस खतरनाक आतंकी मॉड्यूल के मुख्य साजिशकर्ता हैं, जो पंजाब में ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ (Dedicated Freight Corridor) लाइनों समेत रेलवे के बेहद जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।

 गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने पहले भी इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। यह ग्रुप 23 जनवरी को फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए आईईडी (IED) धमाके और 27 अप्रैल को पटियाला के शंभू के पास उसी कॉरिडोर पर ब्लास्ट की नाकाम कोशिश के लिए जिम्मेदार था। उस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचकर भारी मात्रा में आरपीजी (RPG) लॉन्चर, आरडीएक्स (RDX), आईईडी और हैंड ग्रेनेड बरामद किए थे।

जांच में खुलासा हुआ है कि मलेशिया में बैठे केजेडएफ के हैंडलर्स विदेशी खातों के जरिए पंजाब में सक्रिय गुर्गों तक आतंकी फंड पहुंचा रहे थे। ये दोनों आरोपी उसी टेरर फंडिंग नेटवर्क को संचालित कर रहे थे, जिसका मुख्य मकसद पंजाब की शांति और कानून-व्यवस्था को भंग करना था। 18 जून को दोनों आरोपियों को पटियाला की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इनके पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।


नंदग्राम में दिनदहाड़े फायरिंग, छात्र को लगी गोली, पांच हमलावर फरार

गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में शुक्रवार दोपहर कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरेराह गैंगवार और फायरिंग की वारदात सामने आई है। नंदग्राम थाने के बिल्कुल नजदीक, व्यस्त 100 फुटा रोड पर स्थित एक होटल में खाना खाने आए छात्र तरुण भैया पर बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में एक गोली तरुण के दाएं हाथ (बाजू) में जा धंसी। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।

 एसीपी नंदग्राम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर के समय दो बाइकों पर सवार होकर 5 युवक होटल पर पहुंचे। वहां पहले से खाना खा रहे तरुण और उसके साथी के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब तरुण ने इसका विरोध किया, तो दोनों गुट सड़क पर ही आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर पथराव होने लगा। इसी बीच बाइक सवार युवकों ने अपनी पिस्टल निकालकर 3 से 4 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें से एक गोली तरुण को लग गई।

 लहूलुहान हालत में छात्र तरुण को तुरंत एमएमजी (MMG) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते हैं और इनके बीच पुराना विवाद चल रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी हमलावर सलाखों के पीछे होंगे।


रॉयल सिटी में व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, पड़ोसी और उसके साथी पर कत्ल का शक

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार (18 जून) को कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यहां की रॉयल सिटी (गांव अच्छेजा छपरौला) में 50 वर्षीय एक व्यक्ति की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड से पूरी कॉलोनी और आसपास के इलाके में भारी दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान जीवन किशोर (50) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से फर्रुखाबाद के कायमगंज के रहने वाले थे और फिलहाल बादलपुर की रॉयल सिटी में रह रहे थे। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि जीवन किशोर को किसी ने गोली मार दी है। पुलिस उन्हें तुरंत लहूलुहान हालत में अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ में मृतक के पड़ोसी विशाल कश्यप और उसके साथी विक्की का नाम सामने आया है।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस खौफनाक कत्ल के पीछे कोई पुराना विवाद या आपसी रंजिश हो सकती है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बादलपुर थाना पुलिस ने इस संबंध में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।


पेंशन प्लान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 11 लाख रुपये

आगरा: डिजिटल दौर में साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए हर दिन नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला प्रतापनगर के माधवकुंज इलाके से सामने आया है, जहां खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले एक शातिर ठग ने बुजुर्ग किशनपाल खेत्रपाल के खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के 11 लाख रुपये उड़ा दिए। ठग ने पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल पर एक खतरनाक APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भेजी थी, जिस पर क्लिक करते ही उनका पूरा फोन हैक हो गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित किशनपाल ने पुलिस को बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताते हुए एक बेहतरीन पेंशन प्लान की जानकारी दी। झांसे में लेकर उसने प्लान का ब्रोशर होने का दावा करते हुए ‘पेंशन प्लान’ नाम की एक APK फाइल व्हाट्सएप पर भेज दी। किशनपाल ने जैसे ही उस फाइल पर क्लिक किया, उसमें कुछ नहीं खुला। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट के ₹11 लाख किसी दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर हो गए।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिए लोगों के फोन का पूरा रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं। जैसे ही कोई इस फाइल पर क्लिक करता है, मोबाइल में एक बैकग्राउंड (हिडन) ऐप इंस्टॉल हो जाती है। इसके बाद ठगों को आपके मैसेज, ओटीपी (OTP), कॉल और स्क्रीन रिकॉर्डिंग का पूरा कंट्रोल मिल जाता है। वे आपके फोन में आने वाले बैंकिंग ओटीपी को खुद ही पढ़कर पलक झपकते ही खाता साफ कर देते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित

प्ले स्टोर का ही करें इस्तेमाल: कभी भी किसी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या मैसेज से ऐप डाउनलोड न करें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर का ही उपयोग करें।

‘Unknown Sources’ रखें बंद: अपने एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Install from Unknown Sources’ के ऑप्शन को हमेशा डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखें।

अनुमतियां (Permissions) न दें: अगर कोई सामान्य ऐप आपसे एसएमएस (SMS) या बैंक डिटेल्स का एक्सेस मांगे, तो तुरंत मना कर दें।

तुरंत लें एक्शन: यदि आप किसी बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


संपत्ति विवाद और कर्ज के दबाव में युवक बना डबल मर्डर का आरोपी, चाचा और दोस्त की गोली मारकर हत्या

लालड़ू/मोहाली : हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर इलाकों में बुधवार रात दोहरे हत्याकांड से सनसनी फैल गई। संपत्ति विवाद और कार लोन की किस्तों के दबाव में आकर 24 वर्षीय युवक साहिल मलिक ने पहले अपने सगे चाचा और फिर अपने एक दोस्त की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शवों को ठिकाने लगाकर दिल्ली भागने की फिराक में था, लेकिन सोनीपत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर उसे दबोच लिया।

पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान डेराबस्सी निवासी प्रॉपर्टी डीलर राहुल मलिक (45) और पानीपत निवासी अंकुश अग्रवाल (25) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि करीब 20 साल पहले आरोपी साहिल के पिता ने एक होम लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर चाचा राहुल मलिक ने वह कर्ज भरा और साहिल के परिवार को घर से बेदखल कर दिया था। उस वक्त साहिल सिर्फ 4 साल का था, लेकिन तभी से उसके मन में चाचा के प्रति नफरत की चिंगारी सुलग रही थी। बुधवार रात करीब पौने आठ बजे साहिल ने घोलूमाजरा स्थित चाचा के दफ्तर में घुसकर उन्हें गोलियों से भून दिया।

 हत्या की यह खौफनाक दास्तान यहीं खत्म नहीं हुई। आरोपी साहिल चाचा के शव को घसीटकर अपनी कार में डालकर करीब 150 किलोमीटर दूर पानीपत ले गया। इसके बाद उसने कार लोन की किस्तों के लिए बार-बार टोकने वाले अपने दोस्त अंकुश अग्रवाल को फोन कर बुलाया और कार के अंदर ही उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने दोनों शवों को पानीपत की सिवाह नहर के पास फेंक दिया और दिल्ली की तरफ फरार हो गया।

वारदात के बाद जब आरोपी की गाड़ी अंबाला की तरफ बढ़ी, तो लालड़ू पुलिस ने हरियाणा पुलिस को मैसेज फ्लैश किया। सोनीपत पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपी साहिल को गाड़ी समेत दबोच लिया। समालखा थाना क्षेत्र में दोनों शव बरामद होने के बाद इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, चाचा राहुल के शरीर पर गर्दन, कमर और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। फिलहाल लालड़ू और समालखा थानों में हत्या के अलग-अलग मामले दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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