Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

यातायात पुलिस की सजगता से स्कूटी चोरी की घटना का हुआ खुलासा

Category Archives: क्राइम

यातायात पुलिस की सजगता से स्कूटी चोरी की घटना का हुआ खुलासा

घटना को अंजाम देने वाले 01 विधि विवादित किशोर को लिया संरक्षण में

देहरादून- दून चौक/बुद्धा चौक पर नियुक्त सीपीयू कर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान दून चौक पर एक नाबालिग उम्र 12 वर्ष को खतरनाक तरीके से स्कूटी चलाने पर रोकते हुए चैक किया गया तो स्कूटी सवार नाबालिग स्कूटी संख्या: यू0के0-07- बीएन-5981 के सम्बन्ध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया, जिस पर वाहन के पंजीकरण संख्या के आधार पर वाहन स्वामी से सम्पर्क किया गया तो वाहन स्वामी हरिओम पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी मल्लूगंज, पलटन बाजार, देहरादून द्वारा बताया गया कि उक्त स्कूटी आज प्रातः लगभग 10ः00 बजे निरंजनपुर मंडी क्षेत्र से चोरी हो गई थी तथा वह इसकी प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु थाना जा रहे थे। उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीपीयू कर्मियों द्वारा तत्काल यातायात कंट्रोल के माध्यम से सूचना प्रसारित की गई, तत्पश्चात चौकी धारा, थाना कोतवाली नगर को सूचित कर नाबालिग को स्कूटी सहित उनके सुपुर्द किया गया।

पुलिस टीम:-

1- हे०का० सहदीप
2- कां० अमरीश कुमार


कर्ज से बचने के लिए रची अपहरण की साजिश, पुलिस जांच में खुली पोल

औरेया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने कर्ज के रुपये चुकाने से बचने के लिए खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। शातिर शख्स ने अस्पताल के एक सुरक्षाकर्मी (चौकीदार) के जरिए यूपी-112 पर अपने किडनैपिंग की सूचना दिलवा दी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और शुरुआती जांच में ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस अब झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि मथुरा जनपद के रहने वाले बृज प्रसाद से पश्चिम बंगाल के मूल निवासी शक्ति घोष ने कुछ साल पहले पैसे उधार लिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी शक्ति घोष उधारी के रुपये वापस नहीं कर रहा था। पीड़ित बृज प्रसाद ने पुलिस को बताया कि शक्ति घोष वर्तमान में दिल्ली में रहता है। हाल ही में शक्ति ने रुपये चुकाने का भरोसा दिया और बृज प्रसाद को अपने साथ कार से प्रयागराज चलने को कहा।

 बृज प्रसाद उसकी बातों में आ गया और दोनों कार से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। गुरुवार की रात औरैया के चिचौली पहुंचते ही उनकी कार बीच रास्ते में खराब हो गई। रात अधिक होने के कारण दोनों को चिचौली स्थित ‘सौ शैया अस्पताल’ के परिसर में बने एक साथी डॉक्टर के घर पर पनाह लेनी पड़ी।

शुक्रवार की सुबह शक्ति घोष ने कर्जदार से पीछा छुड़ाने और लेनदेन से बचने के लिए एक खतरनाक पैंतरा आजमाया। उसने अस्पताल के चौकीदार को गुमराह कर यूपी-112 पर फोन करवाया कि उसका अपहरण हो गया है। अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जब पुलिस ने बारीकी से छानबीन की और दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की, तो अपहरण की बात पूरी तरह झूठी निकली।

सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्र ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से आपसी लेनदेन का विवाद है। पैसे न देने पड़े, इसलिए खुद के अपहरण की अफवाह फैलाई गई थी। झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान करने और सरकारी तंत्र का समय बर्बाद करने के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


गुरुग्राम के ज्वेलरी शोरूम में दंपती बनकर पहुंचे शातिर, 4.5 लाख के सोने के झुमके लेकर फरार

गुरुग्राम: साइबर सिटी के व्यस्ततम इलाके सदर बाजार स्थित एक नामचीन ज्वेलरी शोरूम में चोरी की एक अनोखी और शातिर वारदात सामने आई है। यहाँ खुद को पति-पत्नी बताने वाले एक महिला और पुरुष ने सोने का झुमका खरीदने और उसे बुक करने के बहाने करीब साढ़े चार लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। शोरूम प्रबंधन की शिकायत पर गुरुग्राम की शहर थाना पुलिस ने शुक्रवार को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

 सदर बाजार के ‘श्रीराम ज्वेलर्स’ में सेल्सवूमेन के तौर पर कार्यरत शालू सिंह ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि बीते दिनों एक महिला और पुरुष ग्राहक बनकर दुकान पर आए थे। उन्होंने स्टाफ से सोने के झुमके दिखाने की मांग की। काफी देर तक आभूषण देखने के बाद दोनों ने एक जोड़ी झुमके पसंद किए। शातिर ठगों ने शोरूम के स्टाफ का विश्वास जीतने के लिए महज 500 रुपये की टोकन मनी दी और झुमके को बुक कराकर वहां से चले गए। जब तय तारीख बीतने के बाद भी दोनों वापस नहीं लौटे, तो शोरूम की तरफ से उनके दिए नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन वह स्विच ऑफ मिला।

 गुरुवार को जब शोरूम के कर्मचारी साप्ताहिक स्टॉक का मिलान कर रहे थे, तब सोने के झुमकों की एक जोड़ी कम पाई गई। इसके बाद जब शोरूम के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला गया, तो स्टाफ के होश उड़ गए। फुटेज में साफ नजर आया कि आभूषण देखने के बहाने उक्त महिला और पुरुष ने बड़ी ही चालाकी से साढ़े चार लाख रुपये के झुमके पार कर दिए थे।

पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, चोरी हुए झुमके 22 कैरेट सोने के थे, जिनका कुल वजन लगभग 28.58 ग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार और मौजूदा दरों के हिसाब से इनकी कीमत करीब 4.5 लाख रुपये आंकी गई है। शहर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और फुटेज में दिख रहे संदिग्ध चेहरे के आधार पर आरोपियों को दबोचने के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।


दिल्ली में घरेलू विवाद बना मासूम की मौत का कारण, पिता गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के जैतपुर इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पारिवारिक कलह के दौरान एक सिरफिरे पिता ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस दर्दनाक हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दो वर्षीय मासूम बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना जैतपुर के मिथापुर स्थित लखपत कॉलोनी पार्ट-2 की है। 19 जून 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस को पीसीआर (PCR) के जरिए घरेलू हिंसा की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पीड़िता और शिकायतकर्ता आरती ने पुलिस को बताया कि उसका पति चंदन शर्मा (34 वर्ष), जो पेशे से बढ़ई (Carpenter) है, अत्यधिक शराब और नशे का आदी है। वारदात के दिन घरेलू विवाद के बाद चंदन ने आपा खो दिया और अपनी पत्नी व दोनों नाबालिग बच्चों पर लात-घूंसों से अंधाधुंध हमला कर दिया।

आरोपी पिता की इस हैवानियत में दो साल का मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे आनन-फानन में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत से जूझते हुए मासूम ने 20 जून 2026 की सुबह दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद से ही पीड़ित मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

 दिल्ली पुलिस ने वारदात के दिन ही (19 जून) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली थी। बच्चे की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चंदन शर्मा को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य और गवाह जुटा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाकर पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जा सके।


शिमला स्कूल संचालिका हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार शूटर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। पुलिस अदालत ने मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच, वारदात के दौरान का एक बेहद खौफनाक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस फुटेज में नकाबपोश हमलावर अचानक मनीषा मित्तल पर अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शूटरों ने मनीषा मित्तल को बेहद करीब से निशाना बनाया और उनके सिर पर तीन गोलियां दागीं। इनमें से दो गोलियां सिर के आर-पार हो गईं, जबकि एक गोली पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के सिर के भीतर से बरामद की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खाली खोखे भी जब्त किए हैं।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बीते सोमवार को हरियाणा के रोहतक से दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष, निवासी झज्जर) और दीपक (25 वर्ष, निवासी रोहतक) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे देखते हुए पुलिस इस पूरी वारदात को ‘सुपारी किलिंग’ (Contract Killing) और आपसी रंजिश के कोण से जोड़कर देख रही है।

 इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बीती 13 जून को जिस दिन मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या की गई, ठीक उसी दिन स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का तीन साल का कार्यकाल भी पूरा हुआ था। 14 जून 2023 को गठित इस समिति के चेयरमैन मनीषा के भाई हिमांक मित्तल थे। हालांकि, हिमांक मित्तल का दावा है कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और उन पर भी हमला हुआ था।

 वारदात के बाद अभिभावकों की भारी मांग और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल का नियंत्रण पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को आगामी तीन दिनों के भीतर सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपने के सख्त आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में स्कूल के संचालन के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया गया है, जिन्हें अगले छह महीनों के भीतर नई कार्यकारिणी का गठन करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस रिमांड के दौरान शूटरों से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड के मुख्य मास्टरमाइंड को बेनकाब किया जा सके।


नीट परीक्षा से ठीक पहले 22 वर्षीय छात्र ने किया सुसाइड, सोशल मीडिया पर साझा किया आखिरी वीडियो

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत प्रताप विहार क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय एक छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान प्रताप विहार के ए-ब्लॉक निवासी जतिन कुमार के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले छात्र ने अपने मोबाइल से एक मिनट चार सेकंड का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया था।

 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) उपासना पांडेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस को कंट्रोल रूम (डायल-112) के माध्यम से सूचना मिली कि सेक्टर-9, प्रताप विहार में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को जतिन का शव कमरे के फर्श पर पड़ा हुआ मिला और पंखे पर बंधा हुआ फंदा टूटा हुआ था, जिससे आशंका है कि वजन न सह पाने के कारण फंदा टूट गया।

 परिजनों के मुताबिक, जतिन पिछले काफी समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी में जुटा हुआ था और आगामी 21 जून को उसकी परीक्षा होनी थी। बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे तक परिजनों ने उसे कमरे में टहलते और पढ़ाई करते देखा था, जिसके बाद सभी सोने चले गए। सुबह जब उसे जगाने के लिए कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, तो वह मृत अवस्था में पाया गया।

 पुलिस को जांच के दौरान जतिन के मोबाइल से रात करीब 12 बजे रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला है। वीडियो में जतिन ने अपने स्टडी रूम को दिखाते हुए कहा, “हाय, मेरा नाम जतिन है। मैं आज कुछ अलग करने की सोच रहा हूं। मेरे ऊपर किसी भी चीज का कोई दबाव नहीं है। मैं परेशान नहीं हूं, बिल्कुल चिल हूं। हां, थोड़ा डिप्रेस्ड (अवसादग्रस्त) हूं। मुझे नीट परीक्षा की भी कोई टेंशन नहीं है। पापा ने कह दिया है कि टेंशन मत लो, नीट निकलता है तो ठीक है… मैं फिर भी इसका प्रयास करना चाहता हूं। अगर सफल होता हूं तो आप लोग यह वीडियो देखेंगे।”

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं और उसकी एक छोटी बहन है। पुलिस छात्र के दोस्तों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच कर रही है ताकि अवसाद के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद से ही इलाके के छात्रों और अभिभावकों में शोक की लहर है।


शाहदरा रेलवे स्टेशन पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, ट्रेन में चढ़ने को लेकर हुआ था विवाद

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सफर के दौरान मामूली विवाद में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाली घटना सामने आई है। प्लेटफार्म नंबर-3 पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए मामूली विवाद के बाद कुछ यात्रियों ने एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही पूरे रेलवे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया है।

 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना ऋषिकेश से अहमदाबाद जाने वाली ‘योग एक्सप्रेस’ ट्रेन में हुई। बागपत का रहने वाला पंकज धामा ट्रेन के जनरल कोच (सामान्य श्रेणी के डिब्बे) में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। भीड़भाड़ के कारण डिब्बे के दरवाजे पर ही उसकी कुछ अन्य यात्रियों से बहस हो गई। देखते ही देखते बात धक्का-मुक्की से आगे बढ़कर हिंसक मारपीट में बदल गई।

 गुस्साए हमलावरों ने पंकज पर लात और घूंसों की बरसात कर दी। हमला इतना बर्बर था कि पंकज गंभीर चोटों के कारण प्लेटफार्म पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। प्लेटफार्म पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक कांस्टेबल ने तुरंत बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौके से भागने में सफल रहे। अचेत पंकज को तुरंत नजदीकी गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

 रेलवे पुलिस उपायुक्त (DCP) बी. भरत रेड्डी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि योग एक्सप्रेस में सीट या चढ़ने को लेकर हुई कहासुनी के बाद यह हिंसक वारदात हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। शाहदरा स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस घटना के वक्त मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


उज्जैन डबल मर्डर केस का खुलासा, दामाद ने भाई के साथ मिलकर की थी सास और उसके साथी की हत्या

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना राघवी पुलिस ने महुडीपुरा रोड पर मिले एक महिला और पुरुष के शवों की गुत्थी को सुलझाते हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी (मृतका के दामाद) और उसके सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

राघवी थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह बन्देवार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 18 जून को ग्राम महुडीपुरा रोड पर स्थित एक खेत की मेड़ से बैलाखेड़ा निवासी कालूराम वर्मा (40 वर्ष) और मंजुबाई शर्मा (42 वर्ष) के शव बरामद हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जब हत्या की पुष्टि हुई, तो पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण किया, तो तीन संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरखेड़ा बुजुर्ग निवासी अनिल (24 वर्ष) और उसके भाई कालूराम (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, नवदुर्गा कॉलोनी निवासी उनका साथी रफीक (46 वर्ष) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

 पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली है। पुलिस के अनुसार, मृतका मंजुबाई के कालूराम वर्मा के साथ संबंध थे। मंजुबाई की बेटी की शादी आरोपी अनिल से हुई थी, लेकिन शादी के बाद अनिल की पत्नी बार-बार अपने मायके चली जाती थी। अनिल के बार-बार समझाने के बावजूद मंजुबाई और उसके परिवारवाले बेटी को ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से गहरा विवाद और तनाव चल रहा था।

इसी रंजिश के चलते अनिल ने अपने भाई कालूराम और साथी रफीक के साथ मिलकर दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक षड्यंत्र रचा और मौका देखकर मंजुबाई व कालूराम वर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी रफीक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


मुजफ्फरनगर से चल रहे प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

देहरादून-  उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी और नशे के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड में हो रही प्रतिबंधित ‘Mzकैप्सूल’ की तस्करी के मुख्य नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत मुजफ्फरनगर स्थित ‘श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर’ के संचालक सचिन मनिहाल को गिरफ्तार किया गया है।

 इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब बीते 11 मई को हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से भारी मात्रा में यानी करीब 18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले में मंगलौर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान मिले तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर एसटीएफ को पता चला कि इस तस्करी के तार मुजफ्फरनगर के एक मेडिकल स्टोर से जुड़े हुए हैं।

 जांच में सामने आया कि आरोपी फार्मा स्टोर संचालक सचिन मनिहाल विभिन्न दवा कंपनियों से प्रतिबंधित कैप्सूल मंगवाता था। इसके बाद वह देहरादून और हरिद्वार के स्थानीय तस्करों के नेटवर्क के जरिए इन्हें युवाओं और जरूरतमंदों को मूल कीमत से कई गुना ऊंचे दामों पर बेचता था।

एसटीएफ की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला वित्तीय रिकॉर्ड सामने आया है। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच (मात्र पांच महीनों में) आरोपी ने केवल एक दवा कंपनी को कैप्सूल खरीदने के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया था। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार करोड़ों रुपये का था।

 एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन मनिहाल ने प्रतिबंधित कैप्सूलों की अवैध खरीद-फरोख्त और सप्लाई की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने उसके पास से तस्करी में इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

आरोपी द्वारा काली कमाई से बनाई गई अवैध संपत्ति की भी अब जांच की जा रही है, जिसे फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। एसटीएफ और एएनटीएफ की टीमें अब इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स को खंगाल रही हैं ताकि दवा कंपनियों से लेकर सप्लाई चेन में शामिल अन्य आरोपियों को भी बेनकाब किया जा सके।


बीमार बेटे और बुजुर्ग मां ने की आत्महत्या! आर्थिक तंगी और बीमारी को माना जा रहा कारण

बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर से एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किराये के मकान में रहने वाली बुजुर्ग महिला और उनके गंभीर रूप से बीमार बेटे की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 66 वर्षीय कुमुद शर्मा और उनके 36 वर्षीय बेटे अक्षांश के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से सोलन जिले के अर्की का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से बिलासपुर में रह रहा था।

 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुमुद शर्मा शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षिका थीं। उनका बेटा अक्षांश पिछले लंबे समय से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित था। बीते दो-तीन सालों में उसकी तबीयत इस कदर बिगड़ चुकी थी कि वह पूरी तरह से बिस्तर पर आ गया था और उसका चलना-फिरना भी बंद हो गया था। बुजुर्ग मां ही उसकी देखभाल कर रही थीं।

 शुक्रवार दोपहर को जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब आसपास के लोग खिड़की-दरवाजे से घर के भीतर दाखिल हुए, तो मां और बेटे दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे। नजदीकी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 शुरुआती पुलिस जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बेटे की गंभीर बीमारी, लगातार बिगड़ती स्थिति और उससे पैदा हुए मानसिक व आर्थिक तनाव के कारण हताश होकर बुजुर्ग महिला ने बेटे के साथ यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, दोनों ने किस जहरीले पदार्थ का सेवन किया है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp