Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

मुजफ्फरनगर से चल रहे प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर से चल रहे प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर से चल रहे प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

देहरादून-  उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी और नशे के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड में हो रही प्रतिबंधित ‘Mzकैप्सूल’ की तस्करी के मुख्य नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत मुजफ्फरनगर स्थित ‘श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर’ के संचालक सचिन मनिहाल को गिरफ्तार किया गया है।

 इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब बीते 11 मई को हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से भारी मात्रा में यानी करीब 18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले में मंगलौर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान मिले तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर एसटीएफ को पता चला कि इस तस्करी के तार मुजफ्फरनगर के एक मेडिकल स्टोर से जुड़े हुए हैं।

 जांच में सामने आया कि आरोपी फार्मा स्टोर संचालक सचिन मनिहाल विभिन्न दवा कंपनियों से प्रतिबंधित कैप्सूल मंगवाता था। इसके बाद वह देहरादून और हरिद्वार के स्थानीय तस्करों के नेटवर्क के जरिए इन्हें युवाओं और जरूरतमंदों को मूल कीमत से कई गुना ऊंचे दामों पर बेचता था।

एसटीएफ की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला वित्तीय रिकॉर्ड सामने आया है। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच (मात्र पांच महीनों में) आरोपी ने केवल एक दवा कंपनी को कैप्सूल खरीदने के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया था। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार करोड़ों रुपये का था।

 एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन मनिहाल ने प्रतिबंधित कैप्सूलों की अवैध खरीद-फरोख्त और सप्लाई की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने उसके पास से तस्करी में इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

आरोपी द्वारा काली कमाई से बनाई गई अवैध संपत्ति की भी अब जांच की जा रही है, जिसे फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। एसटीएफ और एएनटीएफ की टीमें अब इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स को खंगाल रही हैं ताकि दवा कंपनियों से लेकर सप्लाई चेन में शामिल अन्य आरोपियों को भी बेनकाब किया जा सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp