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राशिद हत्याकांड में दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद दो शूटर गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

राशिद हत्याकांड में दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद दो शूटर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) को राष्ट्रीय राजधानी में गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने दयालपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राशिद हत्याकांड में शामिल दो वांछित (Wanted) अपराधियों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान आतिफ और इस्माइल के रूप में हुई है, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले हैं और कुख्यात अनवर ठाकुर गिरोह से जुड़े हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मृतक राशिद की हत्या अनवर ठाकुर/हारून गिरोह और नसीम गिरोह के बीच लंबे समय से चली आ रही पुरानी रंजिश और गैंगवार का नतीजा थी। अपराधियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उस्मानपुर (तीसरा पुश्ता) से वजीराबाद रोड पर जाल बिछाया था। रात करीब 11:05 बजे जब मोटरसाइकिल पर सवार इन संदिग्धों को रोकने का इशारा किया गया, तो आरोपियों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस बल ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और सूझबूझ दिखाते हुए दोनों बदमाशों को धर दबोचा।

 इस सफल ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 0.32 बोर की दो पिस्तौलें, भारी मात्रा में जिंदा व खाली कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मौके से मिली एक स्कूटी भी जांच में चोरी की पाई गई है। दिल्ली पुलिस की केंद्रीय जिला टीम इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों व उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार, 5 नवजात शिशु सुरक्षित बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम को मानव तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक बेहद सक्रिय अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पांच नवजात शिशुओं को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जिला दिल्ली पुलिस के पुलिस उपायुक्त  जल्द ही एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता  करने जा रहे हैं। इस प्रेस वार्ता में डीसीपी इस गिरोह के तौर-तरीकों, शिशुओं को कहाँ से लाया जा रहा था और इन्हें कहाँ बेचने की योजना थी, जैसे तमाम अहम खुलासों से पर्दा उठाएंगे। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार देश के और किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं।


NEET परीक्षा विवादों के बीच 3 होनहारों ने तोड़ा दम; दिल्ली में पेपर रद्द होने की खबरों से तनाव में आई छात्रा ने किया सुसाइड

नई दिल्ली: देश भर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) को लेकर जारी भारी विवाद और अनिश्चितता के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थियों द्वारा आत्महत्या करने की बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। दिल्ली, राजस्थान और देहरादून में नीट की तैयारी कर रहे तीन होनहार छात्रों ने कथित तौर पर डिप्रेशन और मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया है।

 पहला मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके का है, जहाँ रहने वाली रेणु ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले इस परिवार की बेटी रेणु ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी थी। परिजनों के अनुसार, परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद से वह लगातार गहरे डिप्रेशन में थी। 13 जून को जब उसके पिता अपने ससुर के निधन के कारण ससुराल गए हुए थे और रेणु घर पर अकेली थी, तब उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता से उनकी उम्मीदों पर खरा न उतर पाने के लिए माफी मांगी है।

इसी तरह राजस्थान के सीकर में नीट परीक्षा के अपने तीसरे प्रयास की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने सुसाइड कर लिया। झुंझुनूं निवासी उमेश परीक्षा के मद्देनजर अपनी मां और भाई-बहनों के साथ सीकर में एक फ्लैट में रह रहा था। सीकर में इस हफ्ते छात्र आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। वहीं, देहरादून में भी 23 साल की एक युवती ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना टूटने और नीट परीक्षा पास न कर पाने के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे प्यार करती हूं।”

 इन दुखद घटनाओं के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने उम्मीदवारों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि 21 जून को दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर सक्रिय उन जालसाजों से सावधान रहने की अपील की है जो मोटी रकम के बदले नकली प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे हैं।

 दूसरी तरफ, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के मद्देनजर केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है ताकि संवेदनशील सामग्री या पेपर लीक की अफवाहों को रोका जा सके। सरकार के इस फैसले के खिलाफ मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस याचिका पर आज ही सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है।


पत्नी की हत्या कर सड़क हादसा दिखाने की कोशिश, पति गिरफ्तार

बेलगावी: कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक शख्स ने अपने अवैध संबंधों को बनाए रखने के लिए अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। गोकाक तालुक के शिंडिकुराबेट गांव की रहने वाली सक्कुबाई पटायात की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पति संतोष पटायात को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने हत्या को एक सड़क दुर्घटना का रूप देने की शातिराना कोशिश की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी पोल खोल दी।

 शुरुआती जांच के अनुसार, संतोष अपनी पत्नी सक्कुबाई को बेलहोंगल तालुक के मारकुम्बी गांव में स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर लेकर गया था। मंदिर से वापस लौटते समय, रास्ते में संतोष ने एक कोल्ड ड्रिंक (सॉफ्ट ड्रिंक) में चूहे मारने का जहर और चूड़ियों का महीन पाउडर मिला दिया। उसने अपनी पत्नी को यह कहकर वह ड्रिंक पिला दी कि यह मंदिर का पवित्र प्रसाद है। जैसे ही जहर के असर से सक्कुबाई बेहोश होने लगी, संतोष ने सड़क के किनारे ही उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

 वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए अपनी पत्नी के शव पर अपनी ही मोटरसाइकिल फेंक दी। शातिर आरोपी खुद पुलिस को गुमराह करने के लिए कई घंटों तक लाश के पास सड़क किनारे बैठा रहा और बाद में उसने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दुर्घटना की सूचना दी।

 सक्कुबाई की मौत के संदिग्ध हालात को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ‘बेलगावी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (BIMS) भेजा। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि गला घोंटकर की गई हत्या है। पुलिस ने जब संतोष को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

संतोष और धारवाड़ तालुका की रहने वाली सक्कुबाई की शादी 9 साल पहले हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि संतोष पिछले 4 साल से अपने ही गांव की एक विधवा महिला के साथ प्रेम संबंधों में था और अपनी पत्नी को रास्ते से हटाकर उसके साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहता था। पुलिस ने आरोपी संतोष को गिरफ्तार कर हिंडालगा जेल भेज दिया है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस हत्याकांड में उसकी प्रेमिका की कोई भूमिका थी या नहीं।


थाना छप्पर क्षेत्र में महिला की संदिग्ध मौत: मायके पक्ष का आरोप— पति ने गला दबाकर की हत्या, फिसलकर गिरने की दी थी झूठी कहानी

यमुनानगर-  थाना छप्पर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गधौला में बुधवार सुबह 50 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान महिंद्रो के रूप में हुई है, जो गांव निवासी दर्शन लाल की दूसरी पत्नी थी। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने आपसी विवाद के बाद गला दबाकर महिंद्रो की हत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी भेज दिया है।

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात पति दर्शन लाल और पत्नी महिंद्रो के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान दर्शन लाल ने तैश में आकर महिंद्रो का गला घोंट दिया। वारदात को छुपाने के लिए आरोपी पति ने मृतका की बहन को फोन कर झूठी कहानी सुनाई कि महिंद्रो घर में फिसलकर गिर गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई है।

हादसे की खबर मिलते ही मृतका की गोद ली हुई बेटी और मायके पक्ष के अन्य लोग तुरंत गधौला गांव पहुंचे। जब परिजनों ने महिंद्रो के शव को देखा, तो उसके गले पर गहरे दबाव और चोट के निशान पाए गए। हत्या का पुख्ता शक होने पर परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

 सूचना मिलते ही थाना छप्पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में रखवा दिया है। मायके पक्ष ने पुलिस प्रशासन से आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना छप्पर पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


दुमका में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, तीन युवकों पर चाकू से हमला

दुमका: झारखंड के दुमका नगर थाना क्षेत्र के इंद्रानगर जरूवाडीह मोहल्ले में मंगलवार की रात एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ महज मामूली कहासुनी के बाद कुछ किशोरों ने तीन युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

 मिली जानकारी के मुताबिक, जरूवाडीह इलाके में पिछले तीन दिनों से साइकिल का खेल चल रहा था। मंगलवार की शाम बाबी अंसारी अपने दो दोस्तों—आदिल आलम और मोहम्मद हसनैन के साथ इस खेल को देखने गया था। रात करीब 9:00 बजे जरूवाडीह के ही रहने वाले तीन किशोर अपने चार अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुंचे। किसी बात को लेकर इन किशोरों की बाबी और उसके दोस्तों से कहासुनी हो गई। उस वक्त स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया था।

 विवाद शांत होने के बाद तीनों दोस्त वहाँ से हटकर तजमूल अंसारी के दरवाजे पर आकर बैठ गए। इसी बीच आरोपी किशोर अपने साथियों के साथ फिर वहाँ धमक पड़े और गाली-गलौज करने लगे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, किशोरों ने जान से मारने की नीयत से बाबी, हसनैन और आदिल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवकों की चीख-पुकार और शोर सुनकर जब तक आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, तब तक सभी हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।

 घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अशोक राम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। पुलिस ने घायल बाबी अंसारी के बयान के आधार पर तीन किशोरों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने रात में ही छापेमारी कर तीन मुख्य नाबालिग आरोपियों को धर दबोचा। बुधवार को पूछताछ के बाद तीनों को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह (रिमांड होम) भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


जालंधर में 25 राउंड फायरिंग से सनसनी, युवक के पेट में लगी गोली

जालंधर: पंजाब के जालंधर में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम गैंगवार और गोलीबारी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार सुबह करीब 6:00 बजे जालंधर के शहीद बाबू लाभ सिंह नगर इलाके में बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों द्वारा करीब 25 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरा इलाका गोलियों की गूंज से दहल उठा।

 इस जानलेवा हमले में राहुल नाम के एक युवक के पेट में गोली लगी है। वारदात के तुरंत बाद उसे बेहद गंभीर हालत में जालंधर के सत्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी है। इस सरेआम हुई वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी डर और खौफ का माहौल बना हुआ है।

 शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष के तार कुछ समय पहले मकसूदां सब्जी मंडी में हुए ‘सत्ता’ नामक युवक के कत्ल से जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि अमरजीत नाम का युवक निहंग बाने (पारंपरिक पोशाक) में अपने कई साथियों के साथ हथियार लेकर मौके पर पहुंचा था। इन हमलावरों ने पुरानी रंजिश और बदले की नीयत से राहुल, गुल्ली और उनके साथियों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

 वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अमरजीत अपने साथियों समेत मौके से बड़ी आसानी से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर पहुंच गया है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूसों के खोल बरामद किए हैं और हमलावरों की धरपकड़ के लिए इलाके की नाकेबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चिट्टा तस्करी मामले में मुख्य आरोपी करसोग से गिरफ्तार

शिमला- हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जिला शिमला पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 17 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी के मामले में गहन तफ्तीश करते हुए मुख्य भूमिका निभाने वाले आरोपी जगत राम उर्फ जग्गू (34 वर्ष) को मंडी जिले के करसोग क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को नशा तस्करी के स्थानीय नेटवर्क पर पुलिस का एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला शिमला के सुन्नी पुलिस थाने में 13 मई 2026 को एनडीपीएस  एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें 17 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इस केस में पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों—महेश कुमार और मनोरमा देवी को गिरफ्तार कर लिया था, जो इस समय न्यायिक हिरासत  में जेल में बंद हैं।

शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की जांच टीम ने मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़े वित्तीय लेन-देन  कॉल डिटेल रिकॉर्ड ) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि करसोग के भथल का रहने वाला जगत राम उर्फ जग्गू लगातार महेश कुमार के संपर्क में था और दोनों के बीच पैसों का संदिग्ध लेन-देन भी हुआ था। साक्ष्यों से साफ हुआ कि जग्गू ने ही महेश और मनोरमा की मदद से चिट्टे की इस खेप की व्यवस्था की थी।

पुख्ता सबूत हाथ लगते ही शिमला पुलिस की टीम ने 16 जून को करसोग के सनारली इलाके में अचानक दबिश देकर आरोपी जगत राम को दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े नशा सप्लायरों के नामों का भी खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।


स्टोर रूम में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, पुलिस को घरेलू कलह की आशंका, जांच शुरू

पंतनगर: ऊधमसिंह नगर जिले के पंतनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगला इलाके में मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 27 वर्षीय विवाहिता का शव उसके घर के स्टोर रूम में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के बाद से ही इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले को शुरुआती तौर पर घरेलू कलह से जोड़कर देख रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार की रहने वाली काजल (27 वर्ष) का विवाह साल 2020 में पवन कुमार से हुआ था। पवन पंतनगर विश्वविद्यालय के सामान्य खंड में संविदा पर बतौर जेई (JE) तैनात हैं और फिलहाल नगला में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच पवन और उनके पिता किसी काम से बाहर गए हुए थे, जबकि घर में अन्य सदस्य मौजूद थे।

काफी देर तक जब काजल दिखाई नहीं दी, तो परिजनों ने उसे आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर जब तलाश शुरू की गई, तो स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। किसी तरह जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। काजल अंदर लाल रंग की रस्सी के सहारे एग्जॉस्ट फैन के कुंडे से लटकी हुई थी। परिजनों ने आनन-फानन में उसे नीचे उतारा और स्थानीय पुलिस को इस बात की इत्तला दी।

घटना की जानकारी मिलते ही पंतनगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने के लिए तत्काल उस स्टोर रूम को सील कर दिया। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। काजल को तुरंत रुद्रपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की डेढ़ साल की एक मासूम बेटी है, जिसके सिर से अब मां का साया उठ चुका है। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

पंतनगर के थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सुसाइड की असली वजह क्या थी, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस मायके पक्ष और ससुराल पक्ष दोनों से पूछताछ कर हर पहलू को खंगाल रही है।


अपहरण और लूटकांड के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में एक युवक के सनसनीखेज अपहरण और लूटपाट के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बुधवार सुबह बरवाला इंडस्ट्रियलエリア (औद्योगिक क्षेत्र) के पास क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपेश (निवासी चरखी दादरी) और योगेश (निवासी भिवानी) के रूप में हुई है। दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल भी बरामद की है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से एक आरोपी का संबंध कुख्यात ‘रोहित गोदारा गैंग’ से बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

क्या था पूरा मामला?

वारदात की तारीख: 15 जून की शाम पिंजौर के रहने वाले मनजिंदर सिंह का एचएमटी (HMT) क्षेत्र से चार युवकों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था।

लूटपाट का तरीका: बदमाशों ने चाकू की नोक पर पीड़ित को स्कॉर्पियो गाड़ी में बंधक बनाया और हाईवे पर घुमाते रहे। इस दौरान आरोपियों ने उससे 12 हजार रुपये कैश, मोबाइल फोन और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए मोटी रकम हड़प ली।

फरार होने की कोशिश: बदमाशों ने पीड़ित के ही मोबाइल का इस्तेमाल कर गाड़ी में पेट्रोल भी डलवाया और बाद में उसे बरवाला अनाज मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम कर रही थी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मंगलवार देर रात ही दो आरोपियों को दबोच लिया था। अन्य आरोपियों की तलाश में जब बुधवार सुबह पुलिस टीम गुप्त सूचना के आधार पर बरवाला पहुंची, तो घिरे हुए बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।


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