Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

जालंधर में सरेआम गुंडागर्दी: निहंग बाणे में आए हमलावर ने युवक पर बरसाईं गोलियां, जांच में जुटी पुलिस

Category Archives: क्राइम

जालंधर में सरेआम गुंडागर्दी: निहंग बाणे में आए हमलावर ने युवक पर बरसाईं गोलियां, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर: पंजाब के जालंधर में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए सरेआम फायरिंग का मामला सामने आया है। यहाँ एक पुराने विवाद के चलते निहंग बाणे (पोशाक) में आए एक युवक ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस जानलेवा हमले में राहुल नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए सत्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित राहुल सुबह अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान अचानक आए हमलावर ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

 सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस गोलीबारी का संबंध कुछ समय पहले मकसूदां सब्जी मंडी में हुए एक कत्ल के मामले से जोड़ा जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और फरार हमलावर की  की तलाश जारी है।


गाजियाबाद में 4.55 करोड़ की ज्वेलरी चोरी का खुलासा, शोरूम कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

गाजियाबाद – गाजियाबाद पुलिस ने आरडीसी स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी की वारदात का पर्दाफाश कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की पूरी साजिश शोरूम में कार्यरत एक कर्मचारी ने अपने परिजनों और करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर रची थी।

पुलिस के अनुसार, करीब 4.55 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण चोरी होने के मामले में मुख्य आरोपी नितिन वर्मा, उसके पिता संजय वर्मा तथा नितिन की मित्र काजल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 3.16 करोड़ रुपये के सोने के गहने और 6.5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की कड़ियां एक संदिग्ध फोन कॉल से जुड़ीं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी और पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

वहीं, इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी चितरंजन उर्फ चिंटू और उसकी साथी सानिया अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम कानपुर सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।

पुलिस का कहना है कि शेष चोरी गए आभूषणों की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।


एसएसबी और वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, चंदन की लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार

बलरामपुर (उत्तर प्रदेश): भारत-नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 9वीं वाहिनी और वनकटवा वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदन की लकड़ी की तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। टीम ने चौधरीडीह गांव के पास से तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ बोटा (टुकड़े) चंदन की कीमती लकड़ी, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक लाल रंग की कार और एक मोटरसाइकिल को सीज कर दिया गया है।

वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) शत्रोहन लाल ने बताया कि एसएसबी के गंदेलानाका पोस्ट को पुख्ता सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 614(63) से करीब 10 किलोमीटर भीतर भारतीय क्षेत्र में एक लाल रंग की कार से चंदन की लकड़ी की अवैध तस्करी होने वाली है। सूचना मिलते ही एसएसबी की क्यूआरटी (QRT) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौधरीडीह गांव में जाल बिछाया।

सोमवार की रात सिरसिया की तरफ से एक लाल कार आती दिखी, जिसके आगे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक रास्ता साफ होने का इशारा (पायलटिंग) करते हुए चल रहे थे। टीम ने जब घेराबंदी की, तो आरोपी गाड़ियां छोड़कर भागने लगे, जिन्हें दौड़ाकर दबोच लिया गया।

कार की तलाशी लेने पर उसके अंदर से चंदन की लकड़ी के आठ बड़े बोटे बरामद हुए। परिवहन या कटान से जुड़े वैध दस्तावेज न होने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुशील पांडेय (निवासी नेवादा तारपत, कानपुर), सत्येंद्र सिंह (निवासी नदीह खुर्द, कानपुर) और महेश (निवासी मुबारकपुर टीला, कन्नौज) के रूप में हुई है। वन विभाग जब्त की गई लकड़ी की पैमाइश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत का आकलन करने में जुटा है।

सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग का वनकटवा रेंज कीमती लकड़ियों जैसे खैर, सागौन और साखू की अवैध कटान के लिए लंबे समय से संवेदनशील रहा है। पूर्व में इस रेंज के रेंजर राजेश पाठक को भी खैर की लकड़ी की तस्करी के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। 6 महीने पहले भी पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें कुछ सफेदपोशों के करीबियों के नाम सामने आए थे। पुलिस अब इस मामले में भी तस्करों के स्थानीय नेटवर्क और लकड़ी ग्रामीण क्षेत्र की है या वन्य क्षेत्र की, इसकी गहनता से जांच कर रही है।


प्राणघातक हमले के मामले में जिला अदालत का बड़ा फैसला, दो दोषियों को 4-4 साल की जेल

बहराइच: बहराइच की जिला अदालत ने प्राणघातक हमले के एक बेहद गंभीर और पुराने मामले में त्वरित न्याय करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला जज राजेश कुमार सिंह ने दोनों दोषियों को चार-चार वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न अदा करने की स्थिति में दोषियों को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की मजबूत पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) गिरीश चंद्र शुक्ल ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसरगंज थाना क्षेत्र के सिदरखा कुंडासर निवासी राम सिंह ने 20 नवंबर, 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक, टेड़वा सरैया के रहने वाले बलराज और देशराज उनके बेटे पप्पू उर्फ धर्मेंद्र कुमार सिंह को मक्के की दवाई करवाने के बहाने अपने घर बुलाकर ले गए थे। वहां दोनों ने रंजिश के तहत पप्पू पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया और उसे जलती हुई आग में ढकेल दिया, जिससे उसका दाहिना पैर बुरी तरह जल गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी पाया। मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद दोषियों का सजायाबी वारंट तैयार कर उन्हें तत्काल कारावास भुगतने के लिए जेल रवाना कर दिया गया है।

एक अन्य मामले में, विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अरविंद कुमार गौतम ने नानपारा कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक (Sub-Inspector) मनीष यादव के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि उप निरीक्षक द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद न्यायालय के समक्ष आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत न करना बेहद आपत्तिजनक और आदेश की अवहेलना है। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 19 जून के लिए नोटिस जारी कर उप निरीक्षक से व्यक्तिगत जवाब तलब किया है।


दयालपुर में सरेआम फायरिंग से दहली राजधानी, बाइक सवार बदमाशों ने 40 वर्षीय राशिद को गोलियों से भूना

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए अज्ञात हमलावरों ने सरेआम गोलीबारी कर एक 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की पहचान राशिद (40) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दयालपुर में हमलावरों ने राशिद पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

वारदात से जुड़ा एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन संदिग्ध व्यक्ति मौके पर पहुंचते हैं। इनमें से दो हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। बाइक रुकते ही आरोपी वाहन से उतरते हैं और राशिद पर बेहद करीब से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर देते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बड़ी आसानी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं।

 पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके संभावित ठिकानों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इलाके में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि बदमाशों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


रूस में बैठे गैंगस्टर सचिन के नेटवर्क पर STF का शिकंजा, पत्नी ममता रानी गिरफ्तार

अंबाला- विशेष कार्य बल (STF) की अंबाला यूनिट ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने रूस में बैठकर भारतीय सरजमीं पर आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे कुख्यात गैंगस्टर सचिन की पत्नी और गैंग की सक्रिय सदस्य ममता रानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला भारत में अपने पति के गैंग को वित्तीय (फाइनेंशियल) मदद और लॉजिस्टिक सहायता मुहैया करा रही थी।

डीएसपी अमन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि करनाल के गांव धनौरा की रहने वाली ममता रानी का पति गैंगस्टर सचिन लंबे समय से रूस में छिपा हुआ है। वह विदेश में सुरक्षित बैठकर डिजिटल माध्यमों से भारत में मौजूद अपने शूटरों और गुर्गों को निर्देश देता है। गैंग द्वारा व्यापारियों से की जाने वाली रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से आने वाले काले धन का प्रबंधन भारत में ममता रानी ही संभाल रही थी। हथियार जुटाने से लेकर शूटरों तक पैसे पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी की थी।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एसटीएफ अंबाला ने बीते 15 मार्च को यमुनानगर के थाना छप्पर में संगठित अपराध धारा 111 और आर्म्स अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस दौरान गैंग के कुछ गुर्गों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला था कि वे यमुनानगर के एक कार सेल-परचेज व्यवसायी की हत्या करने की फिराक में थे। इस साजिश की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच टीम सीधे मास्टरमाइंड सचिन की पत्नी ममता रानी तक पहुंच गई।

प्राथमिकी दर्ज होने और गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ममता रानी भी विदेश भाग गई थी। लेकिन एसटीएफ की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पुख्ता खुफिया इनपुट और तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) के आधार पर एसटीएफ ने जाल बिछाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के अन्य मददगारों और बैंक खातों का पता लगाया जा सके।


नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही 23 वर्षीय रिया ने लगाई फांसी, कमरे से सुसाइड नोट बरामद

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक 23 वर्षीय छात्रा ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रिया कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिया कुमारी पिछले कुछ समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही थी। शुरुआती जांच और सुसाइड नोट के आधार पर यह बात सामने आ रही है कि पढ़ाई में मनमुताबिक सफलता नहीं मिलने के कारण वह काफी समय से हताश और मानसिक तनाव में थी। इसी निराशा के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।


पॉक्सो मामले में कार्रवाई न होने से टूट गया परिवार, दंपति ने बेटी संग जहर खाकर दी जान देने की कोशिश

कुरुक्षेत्र- नाबालिग बेटी से जुड़े पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिस की कथित ढीली कार्रवाई और आरोपियों की धमकियों से तंग आकर एक न्याय-पीड़ित परिवार ने खौफनाक कदम उठा लिया। हताश माता-पिता ने अपनी मासूम बेटी के साथ जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। इस आत्मघाती कदम से पहले दंपति ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपना दर्द बयां किया था। घटना के तुरंत बाद तीनों को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

पीड़ित दंपति ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। लाइव वीडियो में भावुक और लाचार दिख रहे दंपति ने पुलिस को शाम 4 बजे तक का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपनी बेटी के साथ जान दे देंगे।

दंपति ने फेसबुक लाइव के दौरान स्थानीय पुलिस और कुछ रसूखदार लोगों पर मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को लगातार गाली-गलौज और केस वापस लेने की धमकियां दे रहे हैं। पुलिस की निष्क्रियता और समाज से न्याय न मिलने के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।

जहर खाने से पहले दंपति ने एक विस्तृत सुसाइड नोट भी तैयार किया था, जिसे उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया। इस नोट में उन्होंने अपनी इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर फरार आरोपियों, कुछ स्थानीय मददगारों और लापरवाह पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।


तनिष्क शोरूम में करोड़ों की चोरी का एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नितिन वर्मा अभी भी फरार

गाजियाबाद: कविनगर थाना पुलिस ने राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) स्थित मशहूर तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में एक आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुरादनगर निवासी चितरंजन उर्फ चींटू के रूप में हुई है। हालांकि, वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड और शोरूम का सेल्समैन नितिन वर्मा घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा ने करीब एक महीने पहले ही 5 मई को शोरूम में नौकरी शुरू की थी। चोरी की वारदात को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार रात को नितिन ने अपना जन्मदिन होने का बहाना बनाकर आरडीसी के एक ढाबे पर पार्टी दी थी। इस पार्टी में शोरूम का पूरा स्टाफ और सुरक्षाकर्मी शामिल हुए थे।

आशंका जताई जा रही है कि इसी पार्टी के दौरान नितिन ने शोरूम के कैशियर गौतम राज के पास रहने वाली चाबियों को चालाकी से हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, रात में ड्यूटी पर तैनात रहने वाला सुरक्षाकर्मी भी वारदात के समय मौके से गायब था, जिसके कारण उसकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

शोरूम के प्रबंधक रोहित अरोड़ा (निवासी कालकाजी, दिल्ली) ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सुरक्षाकर्मी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि शोरूम का शटर खुला हुआ है। मौके पर पहुंचने पर सोने-चांदी के करोड़ों के आभूषण गायब मिले।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि सुबह करीब सात बजे दो युवक पैदल ही शोरूम पहुंचे थे। उन्होंने चाबी से शटर का ताला खोला और अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने पहले सीसीटीवी कैमरों को बंद करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद वे पहली मंजिल पर गए और शोकेस में रखी महंगी ज्वेलरी बैग में भरकर मात्र 25 मिनट के भीतर फरार हो गए। फुटेज के आधार पर स्टाफ ने मुख्य आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा (निवासी मोदीनगर) की पहचान की।

एसीपी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी चितरंजन से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी के जेवरों की बरामदगी और फरार मुख्य आरोपी नितिन वर्मा के ठिकाने का पता लगाया जा सके। नितिन का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया गया था, जिसमें उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।


टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर ₹1.56 करोड़ की साइबर ठगी, यूपी से दो अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली की शाहदरा जिला पुलिस ने देश भर के लोगों से करीब 1.56 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुरादाबाद में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी मोहम्मद सादिक (32) और जावेद अंसारी (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, बैंक खाते और अन्य अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मुख्य साइबर ठगों (किंगपिन) के लिए काम करते थे। इनका मुख्य काम ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ (फर्जी या किराए के बैंक खाते) उपलब्ध कराना था। इन खातों के जरिए कुछ ही दिनों के भीतर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया था।

शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 9 अप्रैल को शाहदरा की रहने वाली एक महिला ने 21 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि ठगों ने टेलीग्राम ऐप पर मैसेज भेजकर उसे घर बैठे निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया था। शुरुआत में महिला को ऐप पर फर्जी मुनाफा दिखाया गया, जिससे झांसे में आकर उसने धीरे-धीरे 21 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जब पीड़िता ने मुनाफे की रकम निकालने (विड्रॉ) की कोशिश की, तो ठगों ने उस पर और पैसे निवेश करने का दबाव बनाया। महिला द्वारा और पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने उसे टेलीग्राम पर ब्लॉक कर दिया।

पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों की पड़ताल के बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया। शाहदरा थाना पुलिस अब मोहम्मद सादिक और जावेद अंसारी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp