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ब्याजखोरों के आतंक से परेशान ऑटो चालक ने लगाया फंदा, सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

Category Archives: क्राइम

ब्याजखोरों के आतंक से परेशान ऑटो चालक ने लगाया फंदा, सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके से ब्याजखोरी के जानलेवा जाल का एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां कर्ज और ब्याजखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर 48 वर्षीय एक ऑटो चालक ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान सुंदर लाल के रूप में हुई है। आत्महत्या करने से ठीक पहले सुंदर लाल ने अपने मोबाइल फोन से एक भावुक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने राहुल और अंकुर नाम के दो आरोपियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो सामने आने के बाद जाफराबाद थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

सुंदर लाल द्वारा बनाए गए सुसाइड वीडियो से खुलासा हुआ है कि उन्होंने राहुल से 30 हजार रुपये और अंकुर से 20 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। आरोपियों ने महज कुछ ही दिनों में भारी-भरकम ब्याज जोड़कर 30 हजार की रकम को 1.20 लाख और 20 हजार की रकम को 70 हजार रुपये बना दिया। आरोपी यहीं नहीं रुके, वे सुंदर लाल पर रोजाना पैसे चुकाने का दबाव बना रहे थे। राहुल हर दिन 2000 रुपये और अंकुर 1500 रुपये की डिमांड कर रहा था। एक ऑटो चालक के लिए हर दिन 3500 रुपये का ब्याज चुका पाना नामुमकिन था, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस के मुताबिक, सुंदर लाल मौजपुर की गली नंबर-6 में अपनी पत्नी सोनिया के साथ रहते थे। वह रात के समय कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास ऑटो चलाते थे। चूंकि वह रात भर बाहर रहते थे, इसलिए उनकी पत्नी रात में पास ही रहने वाले अपने भाई के घर सोने चली जाती थीं और सुबह लौट आती थीं। 10 जून की रात को भी सुंदर लाल के काम पर जाने से पहले उनकी पत्नी भाई के घर चली गईं। अगली सुबह जब वह वापस घर लौटीं, तो उन्होंने सुंदर लाल को घर के जाल से फंदे पर लटका पाया।

सुसाइड वीडियो में सुंदर लाल ने रोते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार ने भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाफराबाद थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और परिवार व आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फरार चल रहे दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।


शराब पीने से रोकने पर पति ने की पत्नी की गला दबाकर हत्या, 12 घंटे शव के साथ सोया; आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालिंदी कुंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शराब पीने से मना करने पर अपनी 19 वर्षीय पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 12 घंटे तक पत्नी के शव के साथ सोता रहा। अगले दिन दोपहर में जब उसकी आंख खुली, तो उसने हत्या को खुदकुशी का रूप देने की नाकाम कोशिश की। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और कड़ाई से की गई पूछताछ के आगे आरोपी की चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मदनपुर खादर की फेज-2 जेजे कॉलोनी के रहने वाले अंकित (25) ने 23 अगस्त, 2025 को निशा (19) से प्रेम विवाह किया था। घटना वाले दिन (5 और 6 जून की दरमियानी रात) अंकित अपने घर के बाहर दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। निशा ने उसे ऐसा करने से मना किया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। रात करीब 2 बजे घर के अंदर झगड़ा इतना बढ़ गया कि अंकित ने निशा का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद नशे में धुत अंकित शव के पास ही सो गया।

अगले दिन दोपहर करीब 2 बजे सोकर उठने के बाद अंकित ने मामले को रफा-दफा करने के लिए निशा के शव को पंखे से चुन्नी बांधकर लटकाने की कोशिश की और बाहर आकर शोर मचाने लगा कि उसकी पत्नी ने फांसी लगा ली है। वह पुलिस और पड़ोसियों के सामने फूट-फूटकर रोने का नाटक भी करने लगा।

निशा की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने हत्या के पीछे सांप्रदायिक एंगल और गैंगरेप जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर हंगामा किया था। तनाव को देखते हुए पुलिस ने एसडीएम जांच के साथ-साथ अंकित के दोस्तों और पड़ोसियों से गहन पूछताछ की।

अब मामले की पूरी जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि परिजनों द्वारा लगाए गए गैंगरेप या मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत हैं। इस हत्याकांड में अंकित के अलावा किसी और की भूमिका नहीं है और न ही इसमें कोई दूसरे समुदाय का मुद्दा या साजिश शामिल है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।


यमुनानगर में करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप, महिला ने अधिवक्ता समेत 10 लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव मुजाफ्त से धोखाधड़ी और अपहरण का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ने एक स्थानीय अधिवक्ता (वकील) और उसके सहयोगियों सहित कुल दस लोगों पर उसके पति को बंधक बनाकर करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक जमीन हड़पने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता ने सोमवार को यमुनानगर के एसपी कमलदीप गोयल से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।

गांव मुजाफ्त निवासी अमनजीत कौर ने एसपी को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति लंबे समय से अत्यधिक शराब पीने के आदी हैं, जिसके कारण उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती। वर्तमान में उनका इलाज पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में चल रहा है। आरोप है कि पति की इसी मानसिक और शारीरिक कमजोरी का फायदा उठाकर एक वकील और उसके साथियों ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। साजिश के तहत आरोपियों ने पहले उनके पति को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया और फिर एक फर्जी इकरारनामा तैयार करवा लिया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री आसानी से कराने के लिए उनके पति का एक फर्जी आधार कार्ड भी तैयार करवाया, जिसमें उनका पता बदलकर किसी दूसरे गांव का दर्शा दिया गया। इसके बाद, बीती 17 मार्च 2026 को आरोपियों ने उनके पति को अगवा कर लिया। पति के अचानक लापता होने के बाद महिला अपने बच्चों के साथ उन्हें लगातार तलाशती रही और इस संबंध में थाना व्यासपुर में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं लगा।

बाद में महिला को पता चला कि आरोपियों ने ₹1.25 करोड़ प्रति एकड़ की कीमती जमीन को हड़पने की नीयत से उनके पति को बंधक बनाकर किसी गुप्त स्थान पर रखा हुआ था। किसी तरह पति को उनके चंगुल से छुड़वाया गया। इसके कुछ समय बाद आरोपी सीधे उनके खेतों पर पहुंच गए और यह दावा करते हुए कब्जा छोड़ने की धमकी दी कि उन्होंने यह जमीन कानूनी रूप से खरीद ली है। पीड़िता का कहना है कि जब से उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई है, तब से आरोपी पक्ष द्वारा पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।


विनोद कश्यप हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी, सहसपुर पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को दबोचा

विकासनगर (देहरादून): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहसपुर थाना अंतर्गत बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता और शिक्षक विनोद कश्यप की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांचवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले रविवार को चार आरोपियों को दबोचा गया था। वहीं, पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद मृतक के परिजन शव के पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गए हैं, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

घटना शनिवार देर रात की है, जब बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के लिए पानी लेने को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोप है कि पड़ोसी पक्ष के लोग हाथों में हथौड़े, लाठी-डंडे और बेलचे लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सहसंयोजक व निजी स्कूल के शिक्षक विनोद कश्यप के घर में घुस गए। हमलावरों ने पूरे परिवार पर बेरहमी से हमला कर दिया। इस हमले में विनोद कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई अशोक, राजेश और भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

विनोड कश्यप की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया। गुस्साए लोगों ने हत्यारोपियों के घरों में तोड़फोड़ की और आगजनी का प्रयास किया। जब स्थिति संभालने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पुलिस ने इस हिंसा को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और सरकारी काम में बाधा डालने, तोड़फोड़ व पथराव करने के आरोप में 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

एसएसपी और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से मामले के मुख्य आरोपियों को जल्द ही दबोच लिया गया। पुलिस ने बैरागीवाला गांव निवासी मुख्य आरोपी मासूम के दो बेटों रज्जाक व जावेद सहित दो अन्य आरोपियों सलमान और शहबाज को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पांचवें आरोपी इम्तियाज पुत्र शमसुद्दीन (निवासी लखनवाला, सहसपुर) को भी दबोच लिया गया। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।


इस्माईला गांव में सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका में जांच तेज

रोहतक: हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला थाना अंतर्गत इस्माईला गांव में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय जलघर (वाटरवर्क्स) की डिग्गी के पास एक युवक का सिर कटा शव बरामद हुआ। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एफएसएल (FSL) की फॉरेंसिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान गांव के ही 9बी इलाके के रहने वाले 33 वर्षीय नीरज के रूप में हुई है।

पानी सप्लाई करने पहुंचे कर्मचारियों ने देखा शव
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जब पब्लिक हेल्थ विभाग के कर्मचारी हमेशा की तरह पानी की सप्लाई शुरू करने के लिए जलघर की डिग्गी के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। वहां जमीन पर खून से लथपथ नीरज का शव पड़ा हुआ था। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना गांव के गणमान्य लोगों और पुलिस को दी। पुलिस जांच में सामने आया कि नीरज एक फैक्टरी में मजदूरी करता था, लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से वह काम पर नहीं जा रहा था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे तक नीरज घर पर ही था, जिसके बाद वह किसी काम से बाहर निकला और सुबह उसकी मौत की खबर आई।

जान बचाने के लिए जलघर की तरफ दौड़ा था नीरज
घटनास्थल और आसपास के निरीक्षण के बाद पुलिस ने एक मकान के बाहर ईंटों के बीच छुपाई गई खून से सनी ‘कस्सी’ (फावड़ा) बरामद की है। इसके अलावा नीरज की चप्पलें और कमीज भी शव से काफी दूरी पर पड़े मिले।

पुलिस का अनुमान है कि नीरज पर हमला करने वाले आरोपियों की संख्या दो से तीन रही होगी। शुरुआती हमले के बाद नीरज अपनी जान बचाने के लिए जलघर की तरफ दौड़ा होगा, लेकिन हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और कस्सी से उसकी गर्दन काटकर उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे कस्सी को वापस मकान मालिक के घर के बाहर ईंटों में छिपाकर फरार हो गए।

स्थानीय लोगों पर शक, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्यारे गांव के ही हो सकते हैं, जिन्हें गलियों और रास्तों की अच्छी जानकारी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस टीम गांव के रास्तों, घरों और आसपास की दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है ताकि हमलावरों का सुराग लगाया जा सके।


ग्रेटर नोएडा में दोस्त ही निकला कातिल, सोने के कड़ों के लालच में की हत्या; शव जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में कासना कोतवाली पुलिस ने तीन दिन पहले नहर किनारे मिले एक युवक के जले हुए शव की गुत्थी को सुलझाते हुए उसके ही दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 19 वर्षीय शहजाद उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। आरोप है कि शहजाद ने सोने के कड़े लूटने की नीयत से अपने घनिष्ठ मित्र की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

मां के कड़े चोरी कर बेचने निकला था मृतक
एडीसीपी (ग्रेटर नोएडा) संतोष कुमार ने बताया कि 12 जून को चीरसी गांव के पास नहर किनारे एक आंशिक रूप से जला हुआ अज्ञात शव मिला था। बाद में उसकी पहचान दनकौर क्षेत्र के दौला राजपुर निवासी 23 वर्षीय हुजैफ के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि हुजैफ नया मोबाइल खरीदना चाहता था और एयर कंडीशनर (AC) का काम शुरू करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। परिवार से पैसे न मिलने पर उसने अपनी मां के चार सोने (पीली धातु) के कड़े चोरी कर लिए थे और उन्हें बेचने के लिए अपने दोस्तों और शहजाद से मदद मांगी थी।

कड़ों पर नियत खराब हुई, सुनसान जगह ले जाकर उतारा मौत के घाट
हुजैफ के पास सोने के कड़े होने की जानकारी मिलते ही शहजाद की नीयत खराब हो गई। 12 जून को कड़े बिकवाने का झांसा देकर वह हुजैफ को अपनी बाइक पर बैठाकर चंद्रावल गांव के पास नहर किनारे ले गया। वहां दोनों ने पहले नशा किया और फिर मौका देखकर शहजाद ने डंडे से हुजैफ के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

डर के मारे दोबारा लौटा और शव को लगा दी आग
हत्या करने के बाद आरोपी कड़े लेकर भाग गया था, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उसे डर सताने लगा कि कहीं हुजैफ जिंदा न बच गया हो। इस खौफ के कारण वह दोबारा घटनास्थल पर लौटा। शव की पहचान पूरी तरह मिटाने के लिए उसने अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला, शव पर छिड़का और आग लगा दी। हालांकि, आग की लपटें तेज होने और ग्रामीणों के आने के डर से वह शव को नहर में फेंकने का अपना प्लान पूरा किए बिना ही वहां से भाग निकला।

पुलिस की तीन विशेष टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से सोमवार को आरोपी शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना डंडा, तीन कड़े और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली गई है। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


होशियारपुर में ग्रंथी ने की आत्महत्या: धार्मिक पाठ की कमाई में हिस्सा न देने पर मिली थी धमकी, 6 आरोपी गिरफ्तार

होशियारपुर (पंजाब): पंजाब के होशियारपुर जिले के माहिलपुर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ धार्मिक पाठों से होने वाली आय (कमाई) के हिस्से को लेकर उपजे विवाद के बाद, 28 वर्षीय एक ग्रंथी जसपाल सिंह ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मृतक के पिता की शिकायत पर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

आय में हिस्सा न देने पर मिला अपमान और धमकी
पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के पिता जगदीश सिंह, जो स्वयं एक गुरुद्वारे में ग्रंथी के रूप में सेवा निभाते हैं, ने बताया कि उनका बेटा जसपाल सिंह विभिन्न गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ और सहज पाठ करने की सेवा करता था। लगभग छह महीने पहले ही उनका परिवार माहिलपुर क्षेत्र के एक गुरुद्वारे में सेवा के लिए आया था।

आरोप है कि बीती 9 जून को कुछ लोग जसपाल सिंह के पास पहुंचे और उन्होंने इलाके में करवाए जा रहे धार्मिक पाठों से होने वाली आय में अपने हिस्से की मांग की। जब जसपाल ने इससे साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जसपाल पर धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन का झूठा आरोप लगाकर उसे समाज में मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित भी किया।

मानसिक तनाव के चलते उठाया आत्मघाती कदम
पिता के अनुसार, सरेआम हुए इस अपमान और लगातार मिल रही धमकियों के कारण जसपाल सिंह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था। इसी तनाव के चलते 12 जून की शाम उसने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

“इस पूरे मामले की जड़ धार्मिक आय से जुड़ा विवाद है। जगदीश सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।”

थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने  सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।


बठिंडा में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप में दो गिरफ्तार

बठिंडा: पंजाब के बठिंडा में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि देश विरोधी तत्वों ने सैन्य और पुलिस बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बठिंडा-मलोट रोड पर बिना अनुमति के सोलर पावर आधारित एक हाईटेक खुफिया कैमरा लगाया था। इस कैमरे की लाइव फुटेज पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी एजेंटों तक पहुंचाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की सरगर्मी से तलाश जारी है।

सरकारी बिजली के खंभे पर लगा था ‘सिम कार्ड’ वाला कैमरा
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया कि मुख्य हाईवे (बठिंडा-मलोट रोड) पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभों पर मार्च महीने के दौरान यह सोलर कैमरा स्थापित किया गया था। इस खुफिया कैमरे में एक सक्रिय सिम कार्ड लगा हुआ था, जिसके जरिए संदिग्ध दूर बैठकर भी लाइव निगरानी कर रहे थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस कैमरे का मुख्य उद्देश्य राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा (बॉर्डर) की ओर जाने वाली भारतीय सेना की मूवमेंट और सुरक्षा बलों की तैनाती पर नजर रखना था।

9 जून को दर्ज हुआ था केस, टेक्निकल इनपुट से हुई गिरफ्तारी
इस बेहद संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बठिंडा डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। थाना थर्मल बठिंडा में 9 जून को आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

काउंटर इंटेलिजेंस और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से 10 जून को अमृतसर के अजनाला निवासी 40 वर्षीय अशोक सिंह को गिरफ्तार किया। अशोक से पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के आधार पर 14 जून को उसके ही गांव के 22 वर्षीय आकाशदीप सिंह को भी दबोच लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं तार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस स्थान को चुना था ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले सैन्य वाहनों की आवाजाही को आसानी से ट्रैक किया जा सके। पूछताछ में दो और स्थानीय मददगारों के नाम सामने आए हैं जिन्हें मामले में नामजद कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर की साजिश नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।


मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर सनसनी: होमस्टे में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, मुंह से निकल रहा था खून

मसूरी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित कियाना टिपरीधार क्षेत्र के एक होमस्टे से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दिल्ली से घूमने आए एक नवविवाहित दंपती में से 27 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह कमरे में महिला का शव बेसुध हालत में मिला और उसके मुंह से खून निकल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जहां फार्मासिस्ट ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

आईटी सेक्टर में कार्यरत था दंपती, नवंबर में हुई थी शादी
प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, मृतका की पहचान पी. राधा गायत्री (27 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विशाखापट्टनम की रहने वाली थी और वर्तमान में अपने पति सौम्या श्रीचरण के साथ शकरपुर, पूर्वी दिल्ली में रह रही थी। दोनों आईटी (IT) क्षेत्र में कार्यरत थे; पति पुणे में जबकि मृतका गुरुग्राम में नौकरी करती थी। दोनों की शादी हाल ही में 8 नवंबर 2025 को हुई थी।

ऋषिकेश से होते हुए पहुंचे थे मसूरी; कमरे में मिले खून के निशान
पुलिस जांच में सामने आया कि यह दंपती 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचा था और 14 जून की रात करीब 11:30 बजे इस होमस्टे में ठहरा था। पति के बयान के अनुसार, रात करीब 3:30 बजे दोनों कमरे में सो गए थे। सुबह जब पति की आंख खुली, तो उसने देखा कि राधा गायत्री के मुंह से खून निकल रहा था और वह कोई हलचल नहीं कर रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि कमरे के अंदर भी खून के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला और गहरा गया है।

“घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी गई है, जो विशाखापट्टनम से मसूरी के लिए रवाना हो चुके हैं। कमरे में मिले खून के निशानों और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस मामले की  जांच कर रही है।


पूर्वी दिल्ली में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, शातिर वाहन चोर गिरफ्तार; चार चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिले के ऑटो थेफ्ट सप्रेशन स्क्वॉड (AATS) ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 30 वर्षीय आकाश के रूप में हुई है, जो खिचड़ीपुर (कल्याणपुरी) का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर चोरी के चार दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।

गाजीपुर चौक के पास जाल बिछाकर दबोचा
डीसीपी (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि सड़क पर होने वाले अपराधों और वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एएटीएस की टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया गया था। एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद सिंह के नेतृत्व में गठित टीम (जिसमें एसआई देवेंद्र, एएसआई प्रवीण, हेड कांस्टेबल विक्रांत और कांस्टेबल मनीष शामिल थे) 13 जून की रात गाजीपुर चौक के पास चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान करीब 10:40 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की सफेद होंडा एक्टिवा के साथ राजबीर कॉलोनी इलाके में घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत नाला रोड पर घेराबंदी कर आरोपी आकाश को रोक लिया। जांच करने पर पता चला कि वह जो स्कूटी चला रहा था, वह थाना कल्याणपुरी इलाके से चोरी की गई थी।

पार्क में छुपाकर रखे थे चोरी के अन्य वाहन
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आकाश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने वाहन चोरी के बड़े रैकेट का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने त्रिलोकपुरी स्थित एक पार्क से तीन अन्य चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए। जांच में सामने आया कि ये वाहन दिल्ली के शकरपुर, लक्ष्मी नगर और प्रीत विहार थानों के अंतर्गत आने वाले इलाकों से चुराए गए थे। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह इन चोरी की गाड़ियों को किसे बेचने वाला था और इस गैंग में कौन-कौन शामिल है।


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