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कुरुक्षेत्र में पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़, गोली लगने के बाद दो आरोपी गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

कुरुक्षेत्र में पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़, गोली लगने के बाद दो आरोपी गिरफ्तार

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस और दो संदिग्ध बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को पिहोवा क्षेत्र में हुई लूट की एक वारदात में शामिल आरोपियों की तलाश थी। इसी दौरान गांव मुर्तजापुर के पास पुलिस टीम की संदिग्धों से आमना-सामना हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बचने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई।

मुठभेड़ के दौरान विशाल नामक आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे तत्काल लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके साथी लविश को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घायल आरोपी विशाल करीब 12 दिन पहले ही जर्मनी से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था। वहीं, दूसरा आरोपी लविश कैथल जिले के गांव किठाना का निवासी बताया जा रहा है।


2 साल की उम्र में पिता ने जिसे बेचा, 14 साल तक झेली बंधुआ मजदूरी और दरिंदगी; 4 पर केस दर्ज

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना से मानव तस्करी और नाबालिग के शोषण का एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 16 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगाया है कि जब वह महज दो साल की थी, तब उसके नशेड़ी पिता ने उसे एक दंपती को सौंप दिया था। इसके बाद अगले 14 वर्षों तक उसे बंधुआ मजदूरी, बेरहम मारपीट और अंततः जबरन शारीरिक शोषण का नरक झेलना पड़ा, जिससे वह गर्भवती भी हो गई।

नशेड़ी पिता ने महज 2 साल की उम्र में किया सौदा
पीड़िता के अनुसार, उसके पिता मनोज (जिनका दो साल पहले निधन हो चुका है) अत्यधिक नशे के आदी थे। पिता के प्रताड़ना भरे व्यवहार से तंग आकर पीड़िता की मां बहुत पहले ही अपने मायके चली गई थी। मां के जाने के बाद पिता ने अपनी दो साल की मासूम बेटी को हीरा राम और रेखा नामक दंपती के हवाले कर दिया। आरोप है कि इस दंपती ने बच्ची को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा और सालों तक उसे जानवरों की तरह पीटते व प्रताड़ित करते रहे।

16 की उम्र में दोबारा बेची गई, दरिंदगी से हुई गर्भवती
नरक का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। जब पीड़िता करीब 16 वर्ष की हुई, तो हीरा राम और रेखा ने मोटी रकम लेकर उसे साहिल और मीना नाम के व्यक्तियों को बेच दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी साहिल ने उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ लगातार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस दरिंदगी के कारण नाबालिग गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

दिल्ली में ‘जीरो FIR’ के बाद लुधियाना ट्रांसफर हुआ मामला
किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर पीड़िता अपनी मां के पास पहुंची और सुरक्षित स्थान पर आने के बाद दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिल्ली में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज होने के बाद इस केस को लुधियाना ट्रांसफर किया गया। अब लुधियाना के थाना जमालपुर की पुलिस ने मुख्य आरोपी साहिल, मीना, हीरा राम और रेखा के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी, मारपीट और जबरन शारीरिक संबंध बनाने जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी साहिल और उसके साथी अब भी उसका पीछा कर रहे हैं और शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।


भ्रूण लिंग जांच मामले में चार दोषियों को सजा, डॉक्टर और दलाल को तीन-तीन साल की कैद

कुरुक्षेत्र। हरियाणा की कुरुक्षेत्र अदालत ने कोख में ही बेटियों को मारने वाली मानसिकता और अवैध लिंग जांच रैकेट के खिलाफ एक नजीर पेश करने वाला सख्त फैसला सुनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवेंद्र की अदालत ने गर्भ में भ्रूण लिंग जांच  के मामले में एक एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर, एक दलाल और टेस्ट कराने आए दंपती समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों की दया याचिका को पूरी तरह खारिज करते हुए इस अपराध को महिलाओं की गरिमा और लैंगिक समानता पर सीधा प्रहार बताया है।

डॉक्टर और दलाल को 3-3 साल का कठोर कारावास

अदालत ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर (शांतिनगर) निवासी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. कौशल कुमार और लाडवा (रविदास नगर) निवासी दलाल संदीप कुमार को पीसी-पीएनडीटी (PC-PNDT) एक्ट की विभिन्न धाराओं और आईपीसी की धारा 120-बी (साजिश रचने) के तहत दोषी पाया। दोनों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा और ₹5,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जांच कराने पहुंचे माता-पिता को भी 1 साल की जेल

अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल रैकेट चलाने वालों, बल्कि अवैध जांच को बढ़ावा देने वाले माता-पिता को भी नहीं बख्शा। करनाल (इन्द्री) के गोदपुर निवासी दंपती रेखा और रिंकू, जो अपने गर्भस्थ शिशु की लिंग जांच कराने पहुंचे थे, उन्हें पीसी-पीएनडीटी एक्ट की धारा 6(सी) के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

‘सभ्य समाज के लिए गंभीर खतरा’ — अदालत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान दोषियों ने अपने छोटे बच्चों, बीमार माता-पिता और पहली बार अपराध में शामिल होने का हवाला देकर कोर्ट से रहम की गुहार लगाई थी। मगर सरकारी वकील ने इसका कड़ा विरोध किया। न्यायाधीश ने सजा का ऐलान करते हुए कहा कि यह मामला समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवता और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ एक गंभीर अपराध है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।


पटना के वीआईपी इलाके में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग, सरकारी कर्मचारी की पत्नी बनी शिकार

पटना। बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब वे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला कदमकुआं थाना क्षेत्र के काजीपुर इलाके का है, जहां शुक्रवार की देर शाम बदमाशों ने दिनदहाड़े एक सरकारी आवास के मुख्य द्वार पर खड़ी महिला से सोने की चेन लूट ली और आसानी से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

डीएम कार्यालय के स्टेनो के घर को बनाया निशाना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, काजीपुर रोड नंबर 1 स्थित मकान संख्या 10 (सरकारी आवास) के बाहर शुक्रवार शाम करीब छह बजे अर्चना कुमारी अपने बच्चों के साथ खड़ी थीं। अर्चना कुमारी के पति राजेश कुमार त्रिवेदी पटना के जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत हैं। जब वह घर के मुख्य गेट पर ही मौजूद थीं, तभी एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन उड़ा ली।

₹3 लाख की थी चेन, CCTV में कैद हुए बदमाश

वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर अपराधी तेजी से दक्षिण दिशा की ओर रफूचक्कर हो गए। पीड़िता के मुताबिक लूटी गई सोने की चेन करीब 20 ग्राम की थी, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही कदमकुआं थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दोनों बदमाशों की हरकतें और मोटरसाइकिल साफ नजर आ रही है, हालांकि हेलमेट पहनने के कारण उनके चेहरे स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस ने अर्चना कुमारी के लिखित बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और बाइक नंबर के जरिए लुटेरों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।


ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स सप्लाई रैकेट का खुलासा, दो नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक वन कोतवाली पुलिस ने कॉलेज छात्रों और रिहायशी सोसायटियों को निशाना बनाने वाले एक हाई-टेक ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नाइजीरियाई मूल के दो विदेशी नागरिकों को प्रतिबंधित और बेहद नशीले मादक पदार्थों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर लेकर डिमांड के आधार पर छात्रों को सिंथेटिक ड्रग्स की होम डिलीवरी कर रहे थे।

₹5 लाख की हाई-ग्रेड एमडीएमए बरामद

डीसीपी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्मशान भूमि कट के पास चेकिंग के दौरान एक दिल्ली नंबर की स्कूटी को रोका। तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 39.27 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए (MDMA) और मेथामफेटामाइन श्रेणी के प्रतिबंधित ड्रग्स बरामद हुए। इसके अलावा उनके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई है, जिसे ये आरोपी 5 हजार रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से बेचते थे।

छात्र वीजा पर आकर फैलाई नशे की जड़ें

पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी एंथनी चिनवुबा उर्फ डेविड और अमोस मूसा उर्फ लकी के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में बिसरख की नेचर वैली सोसायटी और नॉलेज पार्क-3 की सोसायटियों में छिपकर रह रहे थे। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी साल 2018 में स्टूडेंट वीजा पर भारत आए थे और पिछले 3 साल से लगातार दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स तस्करी के काले कारोबार में लिप्त थे।

सप्लाई चेन खंगालने में जुटी पुलिस

पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे दिल्ली के एक सप्लायर से थोक में ड्रग्स खरीदकर लाते थे और फिर ग्रेटर नोएडा की सोसायटियों व कॉलेजों के छात्रों को व्हाट्सएप के जरिए जाल में फंसाकर बेचते थे। ईकोटेक वन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। अब पुलिस इनके पूरे नेटवर्क और दिल्ली के मुख्य सप्लायर की तलाश में जुट गई है।


गर्ल्स हॉस्टल की महिला सुरक्षा गार्ड ने बिल्डिंग से कूदकर की आत्महत्या, पुलिस जांच जारी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित एक निजी कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वहां कार्यरत एक 19 वर्षीय महिला सुरक्षा गार्ड ने हॉस्टल की बहुमंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महिला को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव बना वजह

ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी (ADCP) संतोष कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतका की पहचान पारुल (19 वर्ष) पत्नी सौरभ चौधरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जनपद मेरठ की रहने वाली थी। पारुल नॉलेज पार्क क्षेत्र के एक गर्ल्स हॉस्टल में बतौर सुरक्षा गार्ड ड्यूटी कर रही थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतका का अपने पति के साथ कुछ पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी घरेलू कलह और अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

घटना के समय जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे, जिनसे पुलिस ने पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और परिजनों से शिकायत मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


बच्ची के फूल तोड़ने पर भड़का विवाद, घर में घुसकर परिवार पर हमला; सात घायल

 गाजियाबाद। पड़ोसियों के बीच की आपसी रंजिश और गुस्सा किस कदर इंसान को अंधा कर सकता है, इसका एक खौफनाक मामला भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव नंगौला अमीपुर में सामने आया है। यहां महज दो साल की एक मासूम बच्ची द्वारा पड़ोसी के आंगन से फूल तोड़ लेने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि पड़ोसी पक्ष ने पूरे परिवार पर सरिये, फावड़े और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में दो साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है।

बच्ची को पीटने का विरोध करने पर भड़का विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव नंगौला अमीपुर निवासी आसिफ और फुरकान के परिवार पास-पड़ोस में रहते हैं। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे आसिफ की दो वर्षीय पुत्री अनाया आंगन में खेलते हुए पड़ोसी के घर के पास चली गई और वहां लगा एक फूल तोड़ लिया। इस बात से नाराज होकर पड़ोसी की पत्नी ने मासूम बच्ची को धक्का देकर गिरा दिया और उसकी पिटाई कर दी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब उसकी बुआ सायदा और बहन रिजा विरोध दर्ज कराने पहुंचीं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी।

घर में घुसकर किया जानलेवा हमला, तोड़फोड़

मामला यहीं शांत नहीं हुआ; कुछ ही देर में आरोपी पक्ष के लोग हाथों में लोहे के सरिये, फावड़े और लाठी-डंडे लेकर आसिफ के घर में घुस गए। हमलावरों ने घर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हद तो तब हो गई जब कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम के सामने भी आरोपी मारपीट करते रहे। आखिरकार पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां फटकार कर हमलावरों को मौके से खदेड़ा।

एक युवक की हालत नाजुक, पुलिस जांच में जुटी

इस बर्बर हमले में आसिफ पक्ष के सायदा, समरीन, आरिफ, अयाज, रिजा, सलमान और दो वर्षीय मासूम अनाया लहूलुहान हो गए। सभी घायलों को तुरंत मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां से अयाज की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर (दिल्ली/मेरठ) के लिए रेफर कर दिया है।

पीड़ित पक्ष की ओर से भोजपुर थाने में नामजद तहरीर दी गई है। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना का संज्ञान ले लिया है। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।


मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस एवं 6.81 ग्राम अवैध स्मैक हुई बरामद

एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में नशा तस्करों के मंसूबों को नाकाम करती दून पुलिस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान को सफल बनाने के लिए देहरादून पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत विकासनगर कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से स्मैक और चरस बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान विकासनगर पुलिस की टीमों ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आसन बैराज बस अड्डा क्षेत्र के ढालीपुर से नफीस नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 6.81 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।

वहीं दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने पीएचसी कुंजा के पास से मारुफ उर्फ काला को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मारुफ उर्फ काला पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी

मारुफ उर्फ काला (29 वर्ष), निवासी कुंजा ग्रांट, विकासनगर, देहरादून
नफीस (30 वर्ष), निवासी बड़ा रामपुर, थाना सहसपुर, देहरादून

बरामदगी

212 ग्राम अवैध चरस
6.81 ग्राम अवैध स्मैक

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


मुंबई एयरपोर्ट पर ₹11.8 करोड़ का ड्रग्स बरामद: बैंकॉक से लौट रही केरल की पूर्व ‘ब्यूटी क्वीन’ ट्रॉली बैग में गांजा ले जाते गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े और हाई-प्रोफाइल मामले का भंडाफोड़ किया है। बैंकॉक से एयर इंडिया की उड़ान से लौटी केरल की एक पूर्व ब्यूटी पेजेंट रनर-अप को 11.8 करोड़ रुपये की कीमत के हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महिला के पास से कुल 11.8 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ है, जिसे उसने अपने ट्रॉली बैग में बेहद शातिर तरीके से छुपाया था।

ब्यूटी कॉन्टेस्ट की रनर-अप और बैंक मैनेजर है आरोपी

गिरफ्तार की गई महिला की पहचान हर्षा सनी के रूप में हुई है। हर्षा एक प्रतिष्ठित निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत है और पिछले साल केरल में आयोजित एक राज्य स्तरीय ब्यूटी प्रतियोगिता में रनर-अप भी रह चुकी है। 10-11 जून की दरमियानी रात जब वह बैंकॉक से मुंबई एयरपोर्ट पहुंची, तो नियमित जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को उसका व्यवहार संदिग्ध लगा। गहन तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग से वैक्यूम-सील किए हुए 12 पैकेट बरामद हुए, जिनमें एनडीपीएस (NDPS) किट की जांच में हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई।

‘अजनबी दोस्त ने दिया था बैग’ — आरोपी का अजीब दावा

कस्टम की कड़ी पूछताछ में आरोपी हर्षा सनी ने खुद को बेकसूर बताते हुए एक अजीबोगरीब दलील दी। उसने दावा किया कि बैंकॉक यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे यह बैग भारत ले जाने के लिए सौंपा था। हर्षा के मुताबिक, उसे बैग के अंदर ड्रग्स होने की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, जांच एजेंसियां इस दावे को महज एक बहाना मान रही हैं। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जांच शुरू

कस्टम और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि बैंकॉक से लेकर भारत तक फैले इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में और इतनी महंगी श्रेणी का हाइड्रोपोनिक गांजा भारत लाना किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। हाल ही में भारत-नेपाल सीमा पर भी करोड़ों का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया था, जिसके बाद से हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।


फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार

02 पिस्टल एवं 31 जिंदा कारतूस बरामद

ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में एसटीएफ राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच कर रही है। इसी क्रम में एसटीएफ की जांच के आधार पर 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मामले की विवेचना के दौरान एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में शुक्रवार देर रात दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह (35 वर्ष), निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश और वर्तमान में सितारगंज स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक, तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36 वर्ष), निवासी सितारगंज, ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है।

एसटीएफ के अनुसार आरोपियों के पास से एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल तथा 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने क्या कहा?

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अवैध लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई थीं।

उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक और सहयोगी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब तक की कार्रवाई

एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


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