Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

रोहतक में तीन दिन से लापता किसान का तालाब में मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Category Archives: क्राइम

रोहतक में तीन दिन से लापता किसान का तालाब में मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

रोहतक (हरियाणा)। हरियाणा के रोहतक जिले के खिड़वाली गांव में पिछले तीन दिनों से लापता एक किसान का शव शनिवार सुबह गांव के ही ‘डोभी वाले जोहड़’ (तालाब) में कीचड़ के बीच तैरता हुआ मिला। मृतक की पहचान गांव के ही निवासी रोहताश के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने गांव के ही तीन युवकों पर शराब पीने के बाद हुए झगड़े में रोहताश की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।

बुधवार रात से लापता थे किसान

मृतक के भतीजे अशोक ने शुक्रवार को ही सदर थाने में रोहताश की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि बुधवार रात करीब 12 बजे रोहताश को गांव के ही बलराज, श्रीओम और रविंद्र उर्फ बदलू के साथ जोहड़ के पास देखा गया था, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू ही की थी कि शनिवार सुबह करीब 8 बजे तालाब में शव होने की सूचना मिली।

शव की स्थिति से हत्या का अंदेशा, FSL टीम ने की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक की जीभ बाहर निकली हुई थी, जिससे परिजनों का हत्या का शक और गहरा गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रोहतक पीजीआई (PGI) के डेड हाउस भेज दिया है।

सदर थाना पुलिस के अनुसार, रोहताश के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के विशेष बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। फिलहाल पुलिस नामजद तीनों युवकों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।


शादी के दबाव से परेशान प्रेमी ने की नर्स की हत्या, बिजनौर के गन्ने के खेत से मिला शव

बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मर्डर केस सामने आया है। मुंबई में रहकर सैलून का काम करने वाले 21 वर्षीय युवक फैसल ने शादी का दबाव बनाने पर अपनी 35 वर्षीय प्रेमिका सना की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात को छुपाने के लिए शव को बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में एक गन्ने के खेत में गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया। मुंबई पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर शुक्रवार को बिजनौर से मृतका का शव बरामद कर लिया है।

सैलून में शुरू हुई थी प्रेम कहानी

पुलिस जांच के मुताबिक, मूल रूप से बिजनौर के सैफपुर खादर का रहने वाला फैसल अंसारी मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में एक सैलून में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात अस्पताल में नर्स का काम करने वाली तलाकशुदा सना से हुई। प्रेम संबंधों के चलते सना ने अपने पति को छोड़ दिया था और वह अपने 9 साल के बेटे के साथ रह रही थी। फैसल सना से करीब 15 साल छोटा था। जब फैसल ईद मनाने अपने गांव बिजनौर आया, तो सना भी 29 मई को शादी की जिद लेकर उसके पीछे-पीछे बिजनौर पहुंच गई।

जंगल में ले जाकर की हत्या, शव को खेत में गाड़ा

शादी की बात से पीछा छुड़ाने के लिए फैसल सना को बाइक पर बैठाकर फतेहपुर सभाचंद के जंगल में ले गया। वहां उसने सना का गला घोंट दिया और एक किसान के गन्ने के खेत में शव को दफन कर वापस मुंबई भाग गया। मुंबई लौटने पर जब सना के परिजनों ने उससे पूछताछ की, तो वह ‘कमरे की चाबी खोने’ का बहाना बनाकर उनके साथ चाबी ढूंढने का नाटक करता रहा और परिजनों को गुमराह करता रहा।

कॉल डिटेल (CDR) और मोबाइल लोकेशन से खुला राज

परिजनों की शिकायत पर 2 जून को मुंबई के ओसीवारा थाने में सना की गुमशुदगी दर्ज की गई। मुंबई पुलिस ने जब सना के मोबाइल की आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो आखिरी लोकेशन बिजनौर मिली और फैसल पर शक गहरा गया। पुलिस ने 10 जून को फैसल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। शुक्रवार शाम सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह और मंडावर थाना पुलिस की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट के आदेश पर खेत की खुदाई कराकर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


50 हजार का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, डेयरी संचालक हत्याकांड में था वांछित

लोनी (गाजियाबाद): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोनी थाना पुलिस को शनिवार सुबह एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने गनौली गांव के डेयरी संचालक ओमकार के सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड में शामिल 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव को एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बंथला चिरौड़ी मार्ग पर हुई इस मुठभेड़ में बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चेकिंग के दौरान घेराबंदी, पेड़ से टकराई कार

सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) लोनी, सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शनिवार तड़के पुलिस टीम बंथला चिरौड़ी मार्ग नहर के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर का रहने वाला इनामी बदमाश गौरव एक स्विफ्ट कार से इसी रास्ते से गुजरने वाला है। कुछ ही देर में पुलिस को संदिग्ध कार आती दिखी।

जब पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। इसी आपाधापी में उसकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई।

बदमाश ने की फायरिंग, पुलिस ने दिया मुंहतोड़ जवाब

खुद को पुलिस से घिरता देख आरोपी गौरव ने कार से उतरकर पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी और भागने लगा। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में पुलिस की गोलियां बदमाश के दोनों पैरों में जा लगीं, जिससे वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया।

बरामदगी: आरोपी के पास से पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार बरामद की है।

पूछताछ में उगला मर्डर का राज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी गौरव पर दिल्ली-NCR के अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद हुई शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डेयरी संचालक ओमकार का अपहरण किया था और बाद में उसकी हत्या करके शव को रोहटा मेरठ रोड (गंगानगर) के पास फेंक दिया था। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और इसके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।


ट्रेडिंग और ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर साइबर ठगी, युवक के खाते से दो करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेनदेन

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन बिजनेस और स्टॉक ट्रेडिंग का झांसा देकर एक युवक के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। जालसाजों ने पीड़ित को झांसे में लेकर उसका बैंक खाता, सिम कार्ड और डेबिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और उसमें 2 करोड़ 9 लाख 29 हजार रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन कर डाला। न्यायालय के कड़े आदेश के बाद साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खिलौनों के बिजनेस और ट्रेडिंग का दिया था झांसा

मंदाकिनी विहार (कंडोली) निवासी पीड़ित लवी चौधरी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि सुधीर कुमार मलिक नाम के व्यक्ति ने उसकी मुलाकात दया कृष्ण चंद्र पनेरू से कराई थी। पनेरू ने लवी को बेबी केयर प्रोडक्ट, खिलौनों और स्टॉक ट्रेडिंग के बिजनेस में मोटी कमाई का लालच दिया। शुरुआत में रेजरपे पर खाता खुलवाने के नाम पर पीड़ित से 18 हजार रुपये ऑनलाइन और 20 हजार रुपये नकद ले लिए गए।

दस्तावेज हड़पकर कॉल को किया डायवर्ट

साजिश के तहत आरोपियों ने पीड़ित को नोएडा बुलाया और अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग सर्टिफिकेट बनवाने का बहाना बनाकर उसका सिम कार्ड, करंट अकाउंट की चेकबुक, डेबिट कार्ड, ईमेल आईडी और पासवर्ड अपने कब्जे में ले लिए। इसके साथ ही पीड़ित के मोबाइल की कॉल को दूसरे नंबर पर डायवर्ट करवा दिया। आरोपियों ने खाते से करोड़ों का लेनदेन करने के बाद चेकबुक और डेबिट कार्ड को ब्लॉक कर दिया, ताकि लवी को इस बात की भनक न लग सके।

इंदौर साइबर सेल से समन आने पर खुला राज

इस फ्रॉड का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लवी चौधरी को मध्य प्रदेश की इंदौर साइबर सेल से एक मामले में समन जारी हुआ। जब पीड़ित ने घबराकर आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। आरोपी के हल्द्वानी स्थित घर पर भी ताला लटका मिला। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और साइबर पुलिस की विशेष टीम मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।


रातों-रात अमीर बनने की चाहत में बेटे ने रचा खुद के अपहरण का ड्रामा, पिता से मांगी एक लाख की फिरौती

सागर (मध्य प्रदेश)। रातों-रात अमीर बनने की चाहत और नशे के काले कारोबार की लत ने एक बेटे को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही पिता को रंगदारी का शिकार बना डाला। मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने गांजा तस्करी का धंधा शुरू करने के लिए अपने ही दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। हालांकि, सागर पुलिस और साइबर सेल की तत्परता के आगे यह ड्रामा महज ढाई घंटे भी नहीं टिक सका।

बर्थडे पार्टी के बहाने रची गई साजिश

पुलिस के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र का निवासी पवन जाटव 9 जून को अपने तीन दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर ऑल्टो कार से सागर आया था। इसी पार्टी के दौरान चारों दोस्तों ने आसान तरीके से मोटी रकम ऐंठने का शॉर्टकट प्लान तैयार किया। गुरुवार दोपहर को पवन के साथियों ने उसके पिता राकेश जाटव को फोन कर भारी आवाज में धमकी दी कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है और उसे जिंदा देखने के लिए तुरंत एक लाख रुपये की फिरौती दी जाए।

पिता की सूझबूझ और पुलिस का ‘ढाई घंटे’ का एक्शन

घबराए पिता ने हिम्मत दिखाई और बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। महज ढाई घंटे के भीतर पुलिस ने राजघाट रोड स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह के पास पहाड़ी पर दबिश दी। वहां का नजारा देखकर पुलिस भी दंग रह गई; कथित तौर पर अपहृत पवन अपने उन्हीं दोस्तों के साथ आराम से बैठा हुआ था।

पूछताछ में खुला ‘गांजा तस्करी’ का काला राज

हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो मुख्य आरोपी पवन जाटव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पवन पहले भी गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उसने बताया कि वह बड़े पैमाने पर गांजे का अवैध कारोबार शुरू करना चाहता था, जिसके लिए उसे मोटी पूंजी की जरूरत थी। कहीं से पैसों का इंतजाम न होने पर उसने अपने ही पिता से रकम ऐंठने के लिए खुद के किडनैपिंग का हाई-वोल्टेज ड्रामा रचा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इस संबंध में देवरी थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर मोतीनगर थाने में गहन पूछताछ कर रही है और इस रैकेट से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।


नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटर समेत चार बदमाश अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा: नोएडा कमिश्नरेट में अवैध हथियारों और वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इकोटेक-3 कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर समेत चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से अत्याधुनिक अवैध हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की लग्जरी फॉर्च्यूनर कार जब्त की गई है।

मुखबिर की सूचना पर खेड़ी गोल चक्कर के पास घेराबंदी
एडीसीपी (ADCP) सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम को मुखबिर से बदमाशों के मूवमेंट की सटीक सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने सादुल्लापुर सर्विस रोड स्थित खेड़ी गोल चक्कर के पास जाल बिछाया। नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोककर उसमें सवार चार युवकों को हिरासत में लिया।

आरोपियों की पहचान और हथियारों की बरामदगी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल यादव (निवासी होशियारपुर), यश नागर (निवासी सादुल्लापुर), अभिषेक उर्फ अन्नू (निवासी मिल्क लच्छी) और जोगेंद्र उर्फ हैप्पी (निवासी जलालपुर) के रूप में हुई है। जामा तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित बरामदगी हुई:

राहुल यादव: 01 अवैध पिस्टल और 03 जिंदा कारतूस

यश नागर: 01 अवैध पिस्टल और 02 जिंदा कारतूस

अभिषेक उर्फ अन्नू: 01 अवैध तमंचा और 02 जिंदा कारतूस

जोगेंद्र उर्फ हैप्पी: 01 अवैध तमंचा और 02 जिंदा कारतूस

वाहन: वारदात और आवाजाही में इस्तेमाल हो रही बिना नंबर प्लेट की फॉर्च्यूनर कार।

गिरफ्तार यश नागर है इलाके का हिस्ट्रीशीटर
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, यश नागर, थाना इकोटेक-3 क्षेत्र का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), बलवा, जानलेवा मारपीट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस पकड़े गए अन्य तीनों आरोपियों के भी आपराधिक इतिहास (Crime Record) को खंगाल रही है।

पुलिस का बयान: “चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। अब इस बात की गहनता से तफ्तीश की जा रही है कि बरामद इन अवैध पिस्टलों और तमंचों का इस्तेमाल हाल-फिलहाल में किसी बड़ी वारदात में तो नहीं किया गया। साथ ही इनके हथियारों की सप्लाई चेन और सिंडिकेट से जुड़े अन्य साथियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।”


शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा, 915 ग्राम अफीम के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

शिमला (हिमाचल प्रदेश): जिला शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी और ड्रग्स माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल सेल शिमला को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने 10 और 11 जून की मध्यरात्रि को एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को 915 ग्राम अफीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त करने के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

मध्यरात्रि को नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए तस्कर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, स्पेशल सेल शिमला की टीम क्षेत्र में यातायात जांच और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए छोटा शिमला, ढली, मशोबरा, बसंतपुर, सुन्नी, कधरघाट और जलोग क्षेत्रों में मुस्तैदी से गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को एक गुप्त इनपुट मिला कि एक वाहन में भारी मात्रा में नशा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी गहनता से तलाशी ली।

कार के डैशबोर्ड से बरामद हुई अफीम, आरोपियों की हुई पहचान
वाहन की तलाशी लेने पर उसके डैशबोर्ड के भीतर छुपाकर रखी गई करीब 915 ग्राम अफीम बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

दिनेश ठाकुर (45 वर्ष), निवासी गांव भोग (ठियोग, शिमला)

धर्मेंद्र हिमराल (33 वर्ष), निवासी गांव बनूना (सुन्नी, शिमला)

पूछताछ के दौरान आरोपी बरामद की गई अफीम के संबंध में कोई भी वैध कागजात या दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना सुन्नी में अभियोग संख्या 23/2026 के तहत एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 18 और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से तफ्तीश जारी है। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि अफीम की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस पूरे नशा तस्करी नेटवर्क (बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज) को खंगालने में जुटी है ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


चंदौली के स्कूल में खूनी वारदात, सहपाठी के चाकू हमले में 16 वर्षीय छात्र की मौत

चंदौली (उत्तर प्रदेश): चंदौली कोतवाली क्षेत्र के एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ स्कूल परिसर में पढ़ाई के दौरान दो नाबालिग छात्रों के बीच हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि एक छात्र ने अपने ही सहपाठी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी छात्र की जिला अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर छात्र को मौके से ही हिरासत में ले लिया है।

गणित की क्लास में हुआ खूनी संघर्ष
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह स्कूल में 10वीं कक्षा के बच्चों को गणित पढ़ाया जा रहा था। इसी बीच क्लास में बैठे दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर तकरार शुरू हो गई। देखते ही देखते इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक छात्र ने अपने पास रखे चाकू से सहपाठी लवकुश यादव (16 वर्ष) पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

अस्पताल में छात्र ने तोड़ा दम, भाग रहा आरोपी दबोचा
लवकुश को गंभीर हालत में आनन-फानन में नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना को अंजाम देकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी छात्र उत्कर्ष को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। स्कूल के भीतर छात्र की हत्या की खबर आग की तरह फैल गई, जिससे स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।


फर्जी हथियार लाइसेंस रैकेट पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार, दो आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देश पर अवैध हथियारों के फर्जी लाइसेंस धारकों पर कार्यवाही हुई तेज

एसटीएफ.की फर्जी लाईसेंसधारकों के विरुध कार्यवाही करते हुए कल देर रात्रि रुद्रपुर क्षेत्र से 02 व्यक्तियों को भारी मात्रा में अवैध शस्त्रो व कारतूस सहित किया गिरफ्तार ।

एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में दर्ज कराये गये मुकदमें में एक ओर बड़ी कार्यवाही करते हुए रुद्रपुर क्षेत्र से 01 पम्प एक्शन बन्दूक 12 बोर, 01 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक 30 बोर, 01 पिस्टल 32 बोर, साथ 08 कारतूस (विभिन्न बोर) व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद कर 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार

दिनांकः 10-06-26 की रात्रि को उत्तराखण्ड एसटीएफ ने कार्यवाही करते हुए काशीपुर क्षेत्र से 04 अवैध हथियार व 237 कारतूस एक स्विफ्ट कार से किये गये थे बरामद, जिसमें नामजद फरार अभियुक्त सौरभ अग्रवाल आया एसटीएफ की गिरफ्त में*

एसएसपी एसटीएफ की मॉनिटरिंग में एसटीएफ की कई टीमें कार्यवाही को अंजाम दे रही हैं और अब एसटीएफ. द्वारा 03 अभियोग पंजीकृत कराकर संलिप्त 07 अभियुक्तों को अवैध शस्त्र व फर्जी कूटरचित लाइसेंस के साथ जेल भेजा जा चुका है। *

गिरफतार अभियुक्त ने पूछताछ में किए सनसनीखेज खुलासे जल्दी ही साक्ष्य के आधार पर अन्य अवैध शस्त्र धारकों पर होगी कार्यवाही: SSP STF

 देहरादून- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की जांच के उपरान्त दिनांक 04-06-2026 जनपद ऊधमसिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में FIR No 213/2026 u/s 318(4), 338,336(3),340,61(2), 3(5),111 BNS 2023 पंजीकृत कराया गया था उसी मुकदमें की विवेचना के क्रम में दिनांकः 10-06-26 की रात्रि को उत्तराखण्ड एसटीएफ व जनपद ऊधमसिंह नगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑप्रेशन में कार्यवाही करते हुए काशीपुर क्षेत्र से 04 अवैध हथियार व 237 कारतूस एक स्विफ्ट कार से बरामद किये गये थे, जिन्हें एसटीएफ द्वारा काशीपुर कोतवाली में ले जाकर दाखिल कराया गया था। बरामद अवैध शस्त्र, कारतूस, कूटरचित लाइसेंस एवं वाहन मुकदमा उपरोक्त में नामजद अभियुक्त सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल पुत्रगण राकेश अग्रवाल निवासीगण रामनगर रोड चामुण्डा विहार काशीपुर व दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल निवासी काशीपुर होने पाये गये।

जिस सम्बन्ध में फरार अभियुक्त सौरभ अग्रवाल व अन्य की सुरागरसी-पतारसी कर तलाश हेतु एसटीएफ. की विभिन्न टीमे दबिश दे रही थी, इसी क्रम मे दिनांक 11-06-26 की देर रात्रि को एस0टी0एफ0 द्वारा रुद्र्पुर रोडवेज के पास से काशीपुर में पंजीकृत अभियोग से सम्बंधित अभियुक्त सौरभ अग्रवाल पुत्र राकेश कुमार अग्रवाल निवासी काशीपुर जनपद उधसिंहनगर एवं उसके ड्राईवर अमित पाल पुत्र प्रमोद पाल निवासी कटोराताल थाना काशीपुर जनपद उधसिंहनगर को हिरासत मे लिया गया तथा इनके कब्जे से 01 पम्प एक्शन बन्दूक आँटोमैटिक 12बोर, 01 पिस्टल ऑटोमैटिक 30 बोर, 01 पिस्टल आँटोमैटिक 32 बोर, साथ 08 कारतूस (विभिन्न बोर) व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये गये ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ. द्वारा राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच की जा रही है और एसटीएफ द्वारा राज्य में इस सम्बन्ध में विभिन्न जनपदो में 03 अभियोग दर्ज कर संलिप्त 07 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है तथा अब तक 12 अवैध शस्त्र, 315 कारतूस व फर्जी लाइसेंस बरामद किये जा चुके हैं।

एसएसपी एसटीएफ द्वारा बताया गया की कल रात्रि एसटीएफ को रुद्रपुर क्षेत्र से दो व्यक्तियों के पास भारी मात्रा में अवैध हथियार होने का गोपनीय इनपुट प्राप्त हुआ था जिस पर मेरे द्वारा टीम को निर्देशित किया गया था टीम द्वारा दिनांक 11-06-26 की रात्रि में कार्यवाही करते हुए इनके कब्जे से कब्जे से 01 पम्प एक्शन आँटोमैटिक बन्दूक 12बोर, 01 पिस्टल ऑटोमैटिक 30 बोर, 01 पिस्ट आँटोमैटिक 32 बोर, साथ 08 कारतूस (विभिन्न बोर) व दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये गये ।

एसएसपी एसटीएफ द्वारा यह भी बताया गयी की दिनांक 10-06-26 को काशीपुर क्षेत्र से जो स्विफ्ट कार जिसमे भारी मात्रा में अवैध शस्त्र बरामद हुए थे वह कार गिरफ्तार किये गये अभियुक्त अमित पाल द्वारा सबूतों को मिटाने व साक्ष्य को छुपाने की नियत से काशीपुर में पार्किग मे छुपाकर खडी की गयी थी । एसटीएफ द्वारा अभियुक्त के कब्जे से पूर्व में बरामदा कार की चाबी भी बरामद हुई । पूछताछ में अन्य लोगो के नाम प्रकाश में आये है, जिस पर सूचना विकसित कर कार्यवाही की जा रही है।

उक्त के अतिरिक्त राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

एसटीएफ द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं, सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा।
एसटीएफ से संपर्क हेतु मो.नं. 9412029536

गिरफ्तारी-
1. सौरभ अग्रवाल पुत्र राकेश कुमार अग्रवाल निवासी काशीपुर जनपद उधसिंहनगर
2. अमित पाल पुत्र प्रमोद पाल निवासी कटोराताल थाना काशीपुर जनपद उधसिंहनगर

बरामदगीः-
1. एक पम्प एक्शन बन्दूक 12 बोर
2. एक ऑटोमैटिक पिस्टल .32 बोर मय 01 मैंगजीन
3.एक आटोमैटिक पिस्टल .30 बोर मय 01 मैगजीन
4. 08 जिन्दा कारतूस
5.दो फर्जी लाईसेंस
6. एक चाबी कार की

एसटीएफ उत्तराखण्ड टीमः-
1.निरीक्षक विकास चौधरी
2. निरीक्षक अरुण कुमार
3. निरीक्षक एम0पी0सिंह
4. उ0नि0 विपिन चन्द्र जोशी
5.उ0नि0 कृष्ण गोपाल मठपाल
6. हे0 का0 रविन्द्र सिह बिष्ट
7. हे0 का0 महेन्द्र गिरी
8- हे0का0 सुरेन्द्र सावंत
9.हे0का0 संजय कुमार
10.का0 सोनु पांण्डे
11.किशन चन्द्र शर्मा (सर्विलांस)


दिव्यांग सर्टिफिकेट के नाम पर 44 हजार की रिश्वत, एसीबी ने सीएमओ कार्यालय के ड्राइवर को रंगे हाथ गिरफ्तार

जींद (हरियाणा): हरियाणा के जींद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जींद के नागरिक अस्पताल में हैंडिकैप्ड (दिव्यांग) सर्टिफिकेट बनवाने की आड़ में रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) सिरसा की टीम ने सीएमओ (CMO) कार्यालय के ड्राइवर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी ड्राइवर की पहचान जगदीश के रूप में हुई है।

दिव्यांग सर्टिफिकेट के लिए मांगी थी ₹44,000 की घूस
मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे दिव्यांग सर्टिफिकेट जारी करने के बदले में 44 हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी के अधिकारियों ने प्राथमिक जांच की और मामले का सत्यापन करने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया।

अस्पताल के मुख्य गेट के पास रंगे हाथों गिरफ्तारी
तय योजना के मुताबिक, शुक्रवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि देने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा। अस्पताल के मुख्य गेट के पास स्थित वीटा बूथ के नजदीक जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी ड्राइवर जगदीश को ₹44,000 की नकद राशि थमाई, वैसे ही पूर्व निर्धारित योजना के तहत टीम को इशारा कर दिया गया।

एसीबी अधिकारियों की कार्रवाई: संकेत मिलते ही आस-पास घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तुरंत मौके पर धावा बोल दिया। टीम ने आरोपी ड्राइवर जगदीश को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर ही तलाशी लेने के दौरान उसके कब्जे से रिश्वत में ली गई ₹44,000 की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।

एसीबी की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगामी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई में जुट गई है। इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp