Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

बठिंडा में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप में दो गिरफ्तार

बठिंडा में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप में दो गिरफ्तार

बठिंडा में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप में दो गिरफ्तार

बठिंडा: पंजाब के बठिंडा में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि देश विरोधी तत्वों ने सैन्य और पुलिस बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बठिंडा-मलोट रोड पर बिना अनुमति के सोलर पावर आधारित एक हाईटेक खुफिया कैमरा लगाया था। इस कैमरे की लाइव फुटेज पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी एजेंटों तक पहुंचाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की सरगर्मी से तलाश जारी है।

सरकारी बिजली के खंभे पर लगा था ‘सिम कार्ड’ वाला कैमरा
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया कि मुख्य हाईवे (बठिंडा-मलोट रोड) पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभों पर मार्च महीने के दौरान यह सोलर कैमरा स्थापित किया गया था। इस खुफिया कैमरे में एक सक्रिय सिम कार्ड लगा हुआ था, जिसके जरिए संदिग्ध दूर बैठकर भी लाइव निगरानी कर रहे थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस कैमरे का मुख्य उद्देश्य राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा (बॉर्डर) की ओर जाने वाली भारतीय सेना की मूवमेंट और सुरक्षा बलों की तैनाती पर नजर रखना था।

9 जून को दर्ज हुआ था केस, टेक्निकल इनपुट से हुई गिरफ्तारी
इस बेहद संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बठिंडा डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। थाना थर्मल बठिंडा में 9 जून को आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

काउंटर इंटेलिजेंस और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से 10 जून को अमृतसर के अजनाला निवासी 40 वर्षीय अशोक सिंह को गिरफ्तार किया। अशोक से पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के आधार पर 14 जून को उसके ही गांव के 22 वर्षीय आकाशदीप सिंह को भी दबोच लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं तार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस स्थान को चुना था ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले सैन्य वाहनों की आवाजाही को आसानी से ट्रैक किया जा सके। पूछताछ में दो और स्थानीय मददगारों के नाम सामने आए हैं जिन्हें मामले में नामजद कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर की साजिश नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp