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पट्टाया में सूटकेस से किशोरी का शव मिलने के बाद ऑस्ट्रेलियाई नागरिक गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

पट्टाया में सूटकेस से किशोरी का शव मिलने के बाद ऑस्ट्रेलियाई नागरिक गिरफ्तार

बैंकॉक/पट्टाया: थाईलैंड के मशहूर रिसॉर्ट शहर पट्टाया से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 17 वर्षीय थाई लड़की की बेरहमी से हत्या कर उसका शव सूटकेस में बंद कर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। इस जघन्य हत्याकांड के सिलसिले में थाईलैंड पुलिस ने 46 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक साइमन कारमेन को बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाईअड्डे से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। इमिग्रेशन अधिकारियों और पट्टाया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे पर्थ (ऑस्ट्रेलिया) जाने वाली फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले दबोच लिया।

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा करने में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम कड़ी साबित हुई। गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे मुख्य संदिग्ध साइमन और पीड़ित किशोरी को पट्टाया की एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में एक साथ प्रवेश करते हुए देखा गया था। इसके कुछ घंटों बाद, साइमन को अकेले ही इमारत से बाहर निकलते देखा गया, लेकिन इस बार उसके हाथ में एक बड़ा, काले रंग का भारी सूटकेस था।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि उसने सूटकेस को अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधा और वहां से निकल गया। करीब 9 मिनट तक वह कैमरों की नजर से गायब रहा और जब वापस लौटा तो सूटकेस उसके पास नहीं था। शुक्रवार को लड़की के दोस्तों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद जब पुलिस ने तलाश शुरू की, तो शुक्रवार रात रेलवे ट्रैक के पास से वही लावारिस सूटकेस बरामद हुआ, जिसके अंदर से किशोरी का नग्न शव मिला।

पुलिस के मुताबिक, मृतका के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे और मुंह व नाक से खून बह रहा था, जिससे साफ है कि उसकी मौत से पहले भारी संघर्ष हुआ था। पट्टाया के पुलिस अधीक्षक कर्नल एनेक सारथोंग्यू ने बताया कि संदिग्ध ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के शरीर पर भी खरोंच के निशान मिले हैं, जो वारदात के दौरान पीड़िता द्वारा किए गए बचाव और संघर्ष की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, संदिग्ध साइमन कारमेन ने पूछताछ में लड़की के अपहरण और हत्या के आरोपों से साफ इनकार किया है।

थाई पुलिस का कहना है कि यदि आरोपी के खिलाफ वैज्ञानिक सबूत पुख्ता होते हैं, तो उस पर नाबालिग का अपहरण, हत्या, शव को छिपाना और यौन उत्पीड़न जैसे बेहद गंभीर आरोप तय किए जाएंगे। इधर, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों और व्यापार विभाग ने पुष्टि की है कि वे हिरासत में लिए गए अपने नागरिक को कांसुलर (राजनयिक) सहायता प्रदान कर रहे हैं।

बता दें कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब थाईलैंड सरकार ने विदेशी नागरिकों द्वारा बढ़ती आपराधिक गतिविधियों (सेक्स ट्रैफिकिंग, ड्रग्स और अवैध व्यापार) के मद्देनजर हाल ही में पर्यटकों के लिए वीज़ा-मुक्त प्रवास की अवधि में भारी कटौती की है।


नौकरी का झांसा देकर होटल बुलाया, युवती ने दुष्कर्म के प्रयास का लगाया आरोप

निवाड़ी: नौकरी की तलाश कर रही युवतियों को झांसे में लेकर अपराध को अंजाम देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। निवाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मेरठ मार्ग पर स्थित एक होटल में इंटरव्यू के बहाने एक युवती को बुलाकर दुष्कर्म की कोशिश की गई। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बर्बरता से मारपीट की। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर पीड़िता थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

MNC में नौकरी लगवाने का दिया था झांसा मिली जानकारी के अनुसार, मोदीनगर की एक कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता पिछले कुछ समय से रोजगार की तलाश में थी। इसी दौरान मुरादनगर का रहने वाला अजय नाम का एक युवक उसके संपर्क में आया। अजय ने युवती को एक मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में अच्छी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और उसके शैक्षणिक दस्तावेज मंगवा लिए। इसके बाद उसने कहा कि नौकरी पक्की करने के लिए एक फाइनल राउंड का इंटरव्यू होना है, जिसके लिए उसने युवती को दिल्ली-मेरठ हाईवे पर स्थित एक होटल में बुलाया।

युवती जब तय समय पर होटल पहुंची, तो आरोपी ने उसे पीने के लिए पानी दिया, जिसमें कथित तौर पर कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था। पानी पीते ही युवती बेसुध होने लगी। इसका फायदा उठाकर आरोपी उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। जब पीड़िता ने इंटरव्यू और अधिकारियों के बारे में पूछा, तो आरोपी ने झांसा दिया कि अधिकारी रास्ते में हैं और कुछ ही देर में आ रहे हैं। इसके बाद आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता ने जब हिम्मत दिखाकर विरोध किया, तो आरोपी गाली-गलौज करते हुए उसे बेरहमी से पीटने लगा।

 आरोपी के चंगुल से किसी तरह खुद को छुड़ाकर युवती शोर मचाती हुई होटल से बाहर भागी और सीधे निवाड़ी थाने पहुंच गई। थाना पहुंचकर जब वह पुलिस को आपबीती बता रही थी, इसी बीच आरोपी ने उसके फोन पर कॉल किया। आरोपी ने पुलिस में शिकायत करने पर पीड़िता को जान से मारने और मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया।

 पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। एसीपी (ACP) मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि मुरादनगर के रहने वाले आरोपी अजय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


नाबालिग बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी को आजीवन कारावास

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मांडर थाना क्षेत्र में दो वर्ष पहले दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के मामले में अदालत ने शनिवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। पोक्सो (POCSO) के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अब दोषी सुशील उरांव को अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे काटनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

दिल दहला देने वाली यह सामूहिक दुष्कर्म की घटना 17 अप्रैल 2024 की है। चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार में आयोजित एक मेले को देखने दोनों नाबालिग बहनें गई थीं। वहां उनकी मुलाकात दो अन्य नाबालिग लड़कों से हुई। मेला समाप्त होने के बाद दोनों बहनें उन लड़कों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर के लिए निकलीं।

रास्ते में दोनों नाबालिग आरोपितों ने बहनों को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए। जब पीड़िताओं ने अपने घर जाने की जिद की, तो आरोपितों ने जल्द ही छोड़ देने का झांसा देकर उन्हें रोक लिया और दोनों के साथ दुष्कर्म किया।

 इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने के बाद दोनों नाबालिग आरोपितों ने अपने दोस्त सुशील उरांव को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सुशील उरांव ने भी एक नाबालिग पीड़िता को हवस का शिकार बनाया। वारदात के बाद किसी तरह एक पीड़िता अपराधियों के चंगुल से भाग निकलने में सफल रही और उसने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई। वहीं, दूसरी पीड़िता को आरोपितों ने अगली सुबह बीजुपाड़ा-खलारी रोड स्थित जंगल के पास छोड़ दिया था, जिसे बाद में पुलिस और परिजनों ने सकुशल बरामद किया।

 पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को 24 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जो तब से जेल में ही है। पुलिस जांच में इस मामले के अन्य दो आरोपित नाबालिग पाए गए हैं, जिनके खिलाफ कानून के मुताबिक जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड में सुनवाई चल रही है।


दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों का पीछा कर वीडियो बनाने का आरोप, सोशल मीडिया हैंडलर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम ने सोशल मीडिया पर ‘रोड सेफ्टी वाला’ नाम से पेज चलाने वाले एक 32 वर्षीय इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुरमान सिंह के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह महज कुछ व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए सड़कों पर राह चलती महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को अपनी गाड़ी से जानबूझकर टक्कर मारता था, उनका पीछा करता था और उन पर अभद्र टिप्पणियां करता था। इसके बाद वह बिना उनकी अनुमति के इन घटनाओं का वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड कर देता था।

 यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब दिल्ली के राजा गार्डन निवासी सनी अरोड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी नाबालिग बेटियां जब स्कूटी से जा रही थीं, तभी दो बाइक सवार युवकों ने जानबूझकर उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपियों ने बच्चियों का दूर तक पीछा किया और उनके साथ गाली-गलौज व बदसलूकी की। बाद में पीड़ित परिवार को पता चला कि इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया है।

 पीड़ित पिता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी गुरमान सिंह को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल की प्रारंभिक जांच में ‘रोड सेफ्टी वाला’ के फेसबुक पेज और यूट्यूब अकाउंट का डायरेक्ट एक्सेस मिला है। इसके साथ ही आरोपी के फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं। पुलिस ने इन सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक और डिलीट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


एसटीएफ का बड़ा एक्शन, ट्रामाडोल तस्करी नेटवर्क का एक और आरोपी गिरफ्तार

 लगभग 77 पेटियों (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE (Tramadol) Capsules की अवैध सप्लाई का खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हरिद्वार में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई कर रहा था।

मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों के तहत एसटीएफ प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 11 मई 2026 को एसटीएफ, एएनटीएफ और मंगलौर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना एसटीएफ देहरादून द्वारा की जा रही है।

जांच के दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपी सचिन मनिहाल से मिले साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई। एसटीएफ के अनुसार आरोपी जनवरी 2026 से ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप लेकर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। बिक्री से मिलने वाली रकम में अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि सह-आरोपी को नकद और बैंक खातों के माध्यम से भेजी जाती थी।

विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपी को अब तक करीब 77 पेटियां, यानी लगभग 6,930 डिब्बे प्रतिबंधित SPASMORE (ट्रामाडोल) कैप्सूल विभिन्न खेपों में मिले थे। पुलिस के अनुसार बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी पता चला कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने सह-आरोपी के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, जिनके डिजिटल साक्ष्य एसटीएफ ने जुटा लिए हैं।

एसटीएफ ने आरोपी अंकित कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल फोन और एक वीवो V50e मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पूरे सप्लाई नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस या एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


ऑपरेशन प्रहार- देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो नशा तस्कर गिरफ्तार

गांजा और चरस के साथ दो आरोपी दबोचे गए

देहरादून। देहरादून पुलिस का नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांजा और चरस की तस्करी में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस टीमों ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के दौरान ऋषिकेश और सेलाकुई थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध गांजा और चरस बरामद की है।

पहले मामले में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने 26 जून को शिवाजी नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान विकास साहनी नामक युवक को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से दो किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

वहीं, दूसरी कार्रवाई में थाना सेलाकुई पुलिस ने डिक्सन कंपनी के ग्राउंड के पास से सोमवीर सिंह नामक आरोपी को 180.16 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

देहरादून पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


गुरुग्राम में कैब बनाकर युवक से लूट, पिस्टल दिखाकर खाते से उड़ाए ₹36 हजार

गुरुग्राम: दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक बार फिर ‘कैब गैंग’ का खौफनाक चेहरा सामने आया है। गुरुग्राम के बिलासपुर थाना क्षेत्र में बदमाशों ने फ्लिपकार्ट कंपनी के एक शिफ्ट इंचार्ज को कार में लिफ्ट दी और फिर पिस्टल की नोक पर बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पीड़ित का मोबाइल छीनकर ऑनलाइन माध्यम से ₹36,000 ट्रांसफर करवा लिए और बाद में उन्हें साल्हावास के पास चलती गाड़ी से नीचे फेंककर फरार हो गए।

 मिली जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी के बिठवान गांव के रहने वाले 26 वर्षीय कुलदीप यादव बिनौला स्थित फ्लिपकार्ट कंपनी में शिफ्ट इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। गुरुवार रात करीब 11:00 बजे अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद वह अपने एक सहकर्मी के साथ घर जाने के लिए हाईवे पर सवारी (कैब) का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार आकर रुकी, जिसमें चालक समेत तीन लोग सवार थे।

कसोला चौक जाने की बात कहकर कुलदीप कार में बैठ गए, जबकि उनका सहकर्मी रास्ते में बिलासपुर चौक पर ही उतर गया। सहकर्मी के उतरते ही बदमाशों ने अपना असली रंग दिखा दिया।

आरोपी कुलदीप को सीधे धारूहेड़ा ले गए और वहां एक सुनसान सर्विस रोड पर कार खड़ी कर दी। इसके बाद बदमाशों ने कुलदीप पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी देकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाशों ने डरा-धमकाकर पीड़ित के बैंक अकाउंट से तीन बार में कुल ₹36,000 ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। आरोपी इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कुलदीप से ₹20,000 और ट्रांसफर करने का दबाव बनाया, लेकिन खाते में पैसे न होने के कारण वे कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद वे पीड़ित को साल्हावास बस स्टैंड के पास फेंककर चंपत हो गए।

 पीड़ित की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बदमाशों को पकड़ने के लिए टीमें लगा दी गई हैं।

गंभीर बात यह है कि गुरुग्राम में ठीक एक हफ्ते पहले भी इफको चौक से एक कंपनी एडवाइजर को इसी तरह कार में बिठाकर लूटा गया था। लगातार हो रही इन वारदातों से हाईवे पर रात में सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


अमृतसर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर: पंजाब में सीमा पार से होने वाली हथियारों की तस्करी के खिलाफ अमृतसर जिला शहरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक बड़े इंटरनेशनल अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा बलों ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है, जिसमें 10 अत्याधुनिक पिस्तौल और 9 जिंदा कारतूस शामिल हैं।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती पूछताछ और तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी सरहद पार से संचालित हो रहे एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। ये आरोपी विदेश में छिपे बैठे एक मुख्य तस्कर के सीधे संपर्क में थे और उसी के इशारे पर काम कर रहे थे। सीमा पार से ड्रोन या अन्य अवैध माध्यमों से इन हथियारों की खेप आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी, जिसे बाद में पंजाब और अन्य राज्यों के अलग-अलग आपराधिक गिरोहों (गैंगस्टर्स) तक सप्लाई किया जाना था।

 इस बड़ी खेप की बरामदगी के बाद अमृतसर के थाना छेहरटा और थाना मकबूलपुरा में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हमारी टीमें इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। हथियारों की इस सप्लाई चेन के अंतिम छोर तक पहुंचने और इस गिरोह के मददगारों व अन्य सदस्यों को बेनकाब करने के लिए सघन जांच जारी है। उन्होंने साफ किया कि सीमा पार से संचालित होने वाले किसी भी आपराधिक नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।


काम न करने और लोन की किस्त को लेकर हुआ विवाद,जीजा ने साले को छुरी से गोदा; हत्या के बाद घर में ही बैठा रहा आरोपी

किरतपुर (बिजनौर): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किरतपुर क्षेत्र अंतर्गत भनेड़ा गांव से एक सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार देर रात एक शख्स ने अपने ही सगे साले की छुरी से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद भी आरोपी जीजा मौके से फरार नहीं हुआ, बल्कि पूरी रात ससुराल में ही बैठा रहा। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 मिली जानकारी के अनुसार, भनेड़ा गांव के रहने वाले 22 वर्षीय सचिन का अपने जीजा शील गंगे (निवासी रामपुर, कोतवाली देहात) के साथ विवाद चल रहा था। दरअसल, शील गंगे पिछले दो साल से अपनी पत्नी जूली के साथ ससुराल में ही रह रहा था। जूली बिजनौर की एक पटाखा फैक्ट्री में काम करती थी और उसने महिला स्वयं सहायता समूह से लोन (उधार रुपए) ले रखा था, जिसकी किस्त जमा होनी थी। शील गंगे कोई काम-धंधा नहीं करता था, जिसे लेकर सचिन और उसके बड़े भाई बिट्टू ने नाराजगी जताई थी कि ‘अगर काम नहीं करोगे, तो समूह की किस्त कैसे जमा होगी?’ इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हुई थी।

 विवाद के बाद मामला शांत होने पर सचिन घर की छत पर जाकर सो गया था। लेकिन आरोपी शील गंगे के सिर पर खून सवार था। रात करीब दो बजे वह चुपके से हाथ में छुरी लेकर छत पर पहुंचा और सो रहे सचिन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अत्यधिक खून बहने के कारण सचिन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

 घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी शील गंगे को घर से ही हिरासत में ले लिया। मृतक की मां सावित्री देवी की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी शील गंगे और उसके भाई शेर सिंह के खिलाफ हत्या और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शेर सिंह पर अपने भाई शील गंगे को हत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


घर में पाइप लगाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद, युवक पर चाकू से जानलेवा हमला

बगहा (पश्चिम चंपारण): बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बथवरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चन्द्रहा गांव में एक मामूली बात को लेकर दो पड़ोसी आपस में भिड़ गए। घर में पाइप लगाने जैसी छोटी सी बात पर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक पर चाकू से हमला कर उसे लहुलुहान कर दिया। घायल युवक को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

 मिली जानकारी के अनुसार, चन्द्रहा गांव के रहने वाले छोटा यादव के 26 वर्षीय पुत्र राजेश्वर कुमार अपने घर में पाइप लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी मांगनी यादव ने इस कार्य पर आपत्ति जताई, जिसे लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तू-तू, मैं-मैं इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

आरोप है कि विवाद के दौरान आपा खोकर मांगनी यादव ने राजेश्वर कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में चाकू राजेश्वर के बाएं हाथ पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजनों ने बीच-बचाव किया और घायल राजेश्वर को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में ऑन-ड्यूटी चिकित्सक डॉ. बालेश्वर ने घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने के कारण युवक की स्थिति अब सामान्य है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है। इधर, घटना की भनक लगते ही बथवरिया थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष से आवेदन मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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