पूजा भट्ट
उत्तराखंड के जंगल इन दिनों आग की लपेटों मे घीरते जा रहे है और बढ़ती गर्मी ने हालातों को और भयानक बना दिया है | मसूरी के कैमल बैक क्षेत्र मे भीषण आग की घटना के बाद अब चकराता के बरोरी जंगल भी धधक उठे है,जिससे आसपास की आबादी में धेशत का माहौल है|
रविवार को स्थिति इतनी गंभीर रही कि पूरे प्रदेश में जुंगलों में आग को लेकर 250 से ज्यादा अलर्ट जारी करने पड़े | वन विभाग ,फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन की टीमें देर रात तक आग पर काबू पाने कलिए जूझती रही |
मसूरी के कैमल बैक क्षेत्र में निरंकारी भवन के नीचे चीड़ के जंगल मे लगी आग ने देखते ही देखते करीब आधा हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया | लाखों रुपए की वन संपदा जलकर राख हो गई | करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया|इलाके म आबादी होने के कारण लोगों में अफर तफरी मच गई थी |
दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के कारण फायर ब्रिगैड की गाड़ियां समय से नहीं पहुँच पाई जिसके कारण वन कर्मचारियों को पैदल ही जंगल म उतरकर आग भुजानी पड़ी| चीड़ के जंगले में फैली सुखी पीरुल ने आग को और भढ़काया, जिससे हालात काबू से बाहर होते नजर आए |
चकराता मे बरोरी के पास जंगल में लगी आग पर करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया |
वहीं साहिया – क्वानू मार्ग के फैडुलनी क्षेत्र में आग लगने से दो मँजीला दुकान जलकर राख हो गई |
दहरडून जिले मे भी हालात चिंताजनक बने हुए है | बीते 24 घंटों में आग लगने की 21 घटनाएं सामने आई |फायर सर्विस का एमर्जेंसी नंबर लगभग हर घंटे बजट रहा |इनमे देहरादून शहर मे 12 ,डोईवाला और विकासनगर में तीन –तीन और ऋषिकेश मे दो घटने दर्ज कराई है |
लगतर बढ़ते तापमान और सूखी वनस्पति ने जंगलों को बारूद का ढेर बना दिया है |वन विभाग ने लोगों से अपील ली है कि जंगलों मे आग न लगाए और किसी भी घटना की तुरंत सूचना दे-क्यूंकी एक छोटी सी लापरवाही एक बड़े खतरे का मोड ले सकती है |