Thursday, October 8th, 2026

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उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 461.87 करोड़ की जरूरत: सतपाल महाराज

उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 461.87 करोड़ की जरूरत: सतपाल महाराज

उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 461.87 करोड़ की जरूरत: सतपाल महाराज

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 461.87 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में हुई बैठक में मंत्री ने वर्ष 2026-27 में आपदा से प्रभावित सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आपदा के कारण प्रदेश में कुल 2360 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें से 2329 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि बाकी कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अधिकारियों से लंबित और निर्माणाधीन सड़कों की जिलेवार प्रगति रिपोर्ट लेने को कहा। साथ ही पुलों का समय-समय पर निरीक्षण करने और उनकी स्थिति की निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया।

सतपाल महाराज ने कहा कि सड़कों और पुलों की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए निर्माण सामग्री, डामरीकरण, सड़क की निर्धारित मोटाई और लैब टेस्ट की जांच जरूरी है। उन्होंने थर्ड पार्टी क्वालिटी टेस्ट को भी प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। गुणवत्ता में कमी सामने आने पर संबंधित अधिकारी या एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में करीब 199 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। मंत्री ने इन स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए ताकि सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।

वहीं, गड्ढा पैचवर्क ऐप पर सड़क संबंधी 1953 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 1327 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 626 शिकायतें दूसरे विभागों से संबंधित होने के कारण उन्हें भेज दी गई हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 34 निष्प्रयोज्य पुलों में से 21 पुलों को दोबारा उपयोग में लाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन वाले स्थानों पर पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने तथा रोड साइनेज को स्पष्ट और उचित ऊंचाई पर लगाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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