Thursday, October 8th, 2026

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अयोध्या में तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, पुणे की महिला ने बाबा समेत तीन पर दर्ज कराया केस

Daily Archives: 08/10/2026

अयोध्या में तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, पुणे की महिला ने बाबा समेत तीन पर दर्ज कराया केस

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में धार्मिक आस्था को आधार बनाकर कथित ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि हनुमानगढ़ी के नाम पर तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ और विशेष धार्मिक अनुष्ठान कराने का भरोसा देकर उससे करीब 2 करोड़ रुपये नकद और लगभग 80 लाख रुपये के आभूषण ले लिए गए। मामले में महिला की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाना पुलिस ने एक कथित बाबा समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई तहरीर में पुणे निवासी लक्ष्मी कामा ने आरोप लगाया कि विवेकानंद महाराज नाम के कथित बाबा ने उसे ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, तंत्र-मंत्र और जीवन की परेशानियां दूर करने की बातों के जरिए अपने प्रभाव में लिया। महिला का कहना है कि उसे हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त कराने और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए संकट दूर करने का भरोसा दिलाया गया।

आरोप है कि इसी विश्वास के बाद अलग-अलग मौकों पर महिला से बड़ी रकम और कीमती आभूषण लिए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने करीब दो करोड़ रुपये नकद दिए, जबकि लगभग 80 लाख रुपये के जेवरात भी सौंपे। इनमें चांदी से बना हनुमान जी का मुकुट भी शामिल बताया गया है, जिसे महिला ने मंदिर के लिए देने की बात कही है।

महिला की शिकायत के आधार पर रामजन्मभूमि थाना पुलिस ने विवेकानंद महाराज, उसके कथित चेले सूरज और चालक रत्नाकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए रकम के लेनदेन, आभूषणों और आरोपितों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं धार्मिक अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र या पूजा-पाठ का भरोसा देकर अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम तो नहीं ली गई। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की वास्तविकता सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


टमाटर की कीमतों ने पकड़ी रफ्तार, एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़े मंडी में भाव

25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये किलो पहुंची कीमत

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में टमाटर के दाम एक बार फिर लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ने लगे हैं। पिछले एक महीने में प्रमुख कृषि मंडियों में टमाटर की कीमतों में तेज उछाल आया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की मंडियों में भाव दोगुने से भी अधिक हो गए हैं, जबकि खुदरा बाजार में भी टमाटर की कीमत करीब दोगुनी पहुंच गई है। कारोबारियों के अनुसार, मौसम में बदलाव, पानी की कमी और रात के तापमान में गिरावट के चलते टमाटर की फसल प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर उत्पादन और मंडियों में आने वाली खेप पर पड़ा है।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा तेजी

कृषि मंत्रालय के एगमार्कनेट पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक की कोलार कृषि उपज मंडी समिति में टमाटर का मॉडल भाव 10 सितंबर को 800 रुपये प्रति क्विंटल था। अब यह बढ़कर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं, बेहतर गुणवत्ता वाले टमाटर का भाव 3,000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक दर्ज किया गया है।

आंध्र प्रदेश के चित्तूर की पलमनेर एपीएमसी में भी कीमतों में बड़ा उछाल आया है। यहां टमाटर का भाव एक महीने पहले 1,500 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

हालांकि, महाराष्ट्र के नासिक में स्थिति इसके उलट है। यहां टमाटर के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। एक महीने पहले 2,100 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में अब कीमत करीब 1,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गई है।

मंडियों में कम हुई टमाटर की आवक

टमाटर की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह मंडियों में घटती आवक को माना जा रहा है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण फसल प्रभावित हुई है। एगमार्कनेट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में मंडियों में टमाटर की आवक 1,200 टन से नीचे रही है, जबकि करीब एक महीने पहले यह आंकड़ा लगभग 1,700 टन था।

अक्टूबर की शुरुआत में आवक 950 टन से भी कम हो गई थी। हालांकि, नासिक से अतिरिक्त खेप आने के बाद मंडियों में आपूर्ति में कुछ सुधार देखने को मिला है।

खुदरा बाजार में भी बढ़े दाम

मंडियों में बढ़ी कीमतों का असर अब सीधे खुदरा बाजार पर दिखाई दे रहा है। करीब दो सप्ताह पहले कई प्रमुख शहरों में टमाटर 20 से 25 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था, लेकिन अब इसके दाम बढ़कर लगभग 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में टमाटर करीब 50 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं, दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत लगभग 34 से 40 रुपये प्रति किलो के बीच बताई जा रही है। अगर प्रमुख उत्पादक राज्यों से आवक में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।


बांग्लादेश में डेंगू का कहर, 90 हजार से ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंचे; 281 लोगों की मौत

मानसून के बाद मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस बार बांग्लादेश में डेंगू की स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है। देश में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब तक 90 हजार से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ चुकी है, जबकि 281 लोगों की मौत की सूचना है। अक्टूबर में भी संक्रमण की रफ्तार चिंता बढ़ा रही है।

बांग्लादेश पहले से ही संक्रामक बीमारियों की चुनौती का सामना कर रहा है। इसी बीच डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है। अकेले अक्टूबर में 10,736 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 36 लोगों की मौत हुई।

बीमारी की पहचान में देरी बनी बड़ी चुनौती

डेंगू के बढ़ते मामलों के साथ सबसे बड़ी चिंता मरीजों की समय पर पहचान और इलाज को लेकर सामने आई है। बांग्लादेश के इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी डिजीज कंट्रोल एंड रिसर्च (IEDCR) की समीक्षा में मौत के मामलों का विश्लेषण किया गया।

प्रोफेसर क्वाजी अहमद जाकी के नेतृत्व में की गई समीक्षा में 119 मौतों को शामिल किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि एक तिहाई से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर ही दम तोड़ गए। कई मरीजों में डेंगू की पहचान होने में भी काफी समय लगा।

कई मरीजों में तीन दिन से ज्यादा की देरी

समीक्षा के मुताबिक, कुछ मामलों में डेंगू की पुष्टि होने से पहले मरीजों को तीन दिन या उससे अधिक समय तक बीमारी की सही पहचान का इंतजार करना पड़ा। ऐसे में विशेषज्ञों के लिए समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।

डेंगू के चारों स्ट्रेन सक्रिय होने की खबर

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बांग्लादेश में इस समय डेंगू वायरस के चारों प्रमुख स्ट्रेन सक्रिय बताए जा रहे हैं। इसका एक असर यह भी है कि पहले डेंगू से संक्रमित हो चुके लोगों को दोबारा संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू का दोबारा संक्रमण कुछ परिस्थितियों में गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में पहले संक्रमित रह चुके लोगों को भी बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही से बचने की सलाह दी जाती है।

2023 में सबसे ज्यादा मौतों का रिकॉर्ड

बांग्लादेश में डेंगू का बड़ा प्रकोप पहली बार वर्ष 2000 में सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में डेंगू से 1,705 लोगों की मौत हुई थी, जो देश में इस बीमारी से हुई सबसे अधिक वार्षिक मौतों का आंकड़ा रहा है।

इस साल अब तक 281 मौतें हो चुकी हैं और अक्टूबर में संक्रमण की रफ्तार जारी रहने से स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ी हुई है। मानसून के बाद मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बने रहने पर आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।


ऑनलाइन गेमिंग में मुनाफे का झांसा देकर 1.77 करोड़ की ठगी, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए कम रकम लगाकर ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शिकायतकर्ता से कुल 1 करोड़ 77 लाख 53 हजार 960 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। जांच के दौरान ठगी की रकम में से करीब 14 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने YouTube पर ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट Winadda का विज्ञापन देखा था। इसके बाद कुछ अज्ञात लोगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से WhatsApp के जरिए संपर्क किया और कम निवेश में ज्यादा रिटर्न का लालच देकर उसे रकम लगाने के लिए प्रेरित किया।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान अलग-अलग लेनदेन के जरिए उससे कुल ₹1,77,53,960 की धोखाधड़ी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान एसटीएफ ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनमें हुए पैसों के लेनदेन की पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से लगभग 14 लाख रुपये एक संदिग्ध बैंक खाते में जमा हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इसी खाते में महज चार महीने के भीतर करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ।

बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खाते के धारक की पहचान 41 वर्षीय किशोर पुत्र मदन लाल के रूप में की।

एसटीएफ टीम ने कार्रवाई करते हुए किशोर को राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में साइबर ठगी के नेटवर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या कम समय में अधिक मुनाफे का दावा करने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर भरोसा न करें। किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।


बरेली में पुलिस मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

बरेली। फरीदपुर थाना पुलिस ने बुधवार देर रात बीसलपुर रोड पर साठा पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने की कोशिश के दौरान फायरिंग हुई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में कासिम खां के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को पहले फरीदपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में कासिम के साथ जाहिद अली खां को भी हिरासत में लिया है। दोनों के पास से दो तमंचे, कारतूस, खोखे और एक मोटरसाइकिल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को फरीदपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में मेवा शर्फापुर निवासी कासिम खां वांछित चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग मोटरसाइकिल से बीसलपुर रोड की ओर साठा पुलिया के पास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।

पुलिस का दावा है कि घेराबंदी होते ही आरोपियों ने टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कासिम खां के पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

फिलहाल पुलिस ने बरामद हथियारों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग छात्रा से संपर्क, शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप; POCSO में गिरफ्तारी

चेन्नई। तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में एक निजी स्कूल के शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए छात्रा से संपर्क किया। आरोप है कि बातचीत के बाद उसने छात्रा को अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच संपर्क कब से था और घटना से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।

अधिकारी के मुताबिक, पीड़िता नाबालिग होने के कारण मामले में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

घटना के बाद बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठे हैं। बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करने वालीं राम्या श्रीराम ने कहा कि बच्चों के लिए उम्र के अनुरूप डिजिटल सुरक्षा और निगरानी जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में किसी बच्चे को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, बच्चों को यह समझने में मुश्किल हो सकती है कि कोई भरोसेमंद वयस्क उनकी सीमाओं का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा है।

राम्या श्रीराम ने कहा कि शिक्षक और छात्र के बीच पेशेवर सीमाओं का पालन करना वयस्क की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों की निगरानी और सुरक्षित डिजिटल एक्सेस को भी महत्वपूर्ण बताया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और जांच के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाया जाएगा।


दिग्गज फुटबॉलर पेड्रो रोड्रिग्ज ने फुटबॉल को कहा अलविदा, 39 की उम्र में खत्म किया शानदार सफर

विश्व कप से चैंपियंस लीग तक जीते कई बड़े खिताब

नई दिल्ली। स्पेन के स्टार फुटबॉलर पेड्रो रोड्रिग्ज ने 39 साल की उम्र में पेशेवर फुटबॉल को अलविदा कहने का फैसला किया है। बार्सिलोना और चेल्सी जैसे बड़े क्लबों के लिए खेलने वाले पेड्रो ने अपने करीब दो दशक लंबे करियर में विश्व कप, यूरोपीय चैंपियनशिप और चैंपियंस लीग सहित कई प्रतिष्ठित ट्रॉफियां अपने नाम कीं। पिछले सत्र के बाद इटली के क्लब लाजियो से अलग होने के बाद वह किसी अन्य क्लब से नहीं जुड़े थे। अब सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा की है।

पेड्रो ने अपने करियर के खास पलों का वीडियो साझा करते हुए कहा कि उन्हें लगा कि अब जीवन में आगे बढ़ने और एक नया अध्याय शुरू करने का सही समय आ गया है। उन्होंने अपने फुटबॉल करियर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए खेल को धन्यवाद कहा।

17 साल की उम्र में बार्सिलोना से जुड़े

पेड्रो ने महज 17 वर्ष की उम्र में टेनेरिफ से निकलकर बार्सिलोना की युवा अकादमी का रुख किया था। क्लब की विभिन्न युवा टीमों से होते हुए वह बार्सिलोना बी तक पहुंचे और 2007-08 सत्र में पहली टीम के लिए पदार्पण किया। वर्ष 2009 में उन्होंने बार्सिलोना की सीनियर टीम के साथ अपना पहला पेशेवर अनुबंध किया।

बार्सिलोना की मजबूत टीम में पेड्रो ने जल्द ही अपनी जगह बना ली। 2009-10 सत्र उनके करियर का बेहद खास दौर रहा। वह एक ही सत्र में बार्सिलोना की ओर से खेली गई सभी छह आधिकारिक प्रतियोगिताओं में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने। इस दौरान उन्होंने ला लीगा, कोपा डेल रे, चैंपियंस लीग, स्पेनिश सुपर कप, यूरोपीय सुपर कप और क्लब विश्व कप में गोल किए।

चैंपियंस लीग फाइनल में दागा था यादगार गोल

पेड्रो के करियर का सबसे यादगार मुकाबला 2011 का चैंपियंस लीग फाइनल रहा। वेम्बली में मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ खेले गए फाइनल में उन्होंने बार्सिलोना की ओर से पहला गोल किया। बार्सिलोना ने यह मुकाबला 3-1 से अपने नाम करते हुए चैंपियंस लीग का खिताब जीता था।

चेल्सी से लेकर लाजियो तक जारी रहा सफर

2015 में पेड्रो ने बार्सिलोना छोड़कर इंग्लैंड के क्लब चेल्सी का दामन थामा। यहां भी उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और टीम के साथ कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। इसके बाद वह इटली पहुंचे, जहां उन्होंने रोमा और लाजियो के लिए भी मैदान पर अपना जलवा दिखाया।

लाजियो के साथ 2024-25 सत्र उनका आखिरी सीजन रहा। सत्र समाप्त होने के बाद क्लब से अलग होने के बाद पेड्रो ने किसी अन्य टीम के साथ करार नहीं किया। अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपने पेशेवर करियर पर विराम लगा दिया है।

स्पेन के साथ विश्व कप और यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब

क्लब फुटबॉल के अलावा पेड्रो का अंतरराष्ट्रीय करियर भी उपलब्धियों से भरा रहा। वह स्पेन की उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे, जिसने 2010 में दक्षिण अफ्रीका में फीफा विश्व कप का खिताब जीता था। इसके दो साल बाद 2012 में स्पेन ने यूरोपीय चैंपियनशिप भी अपने नाम की और पेड्रो उस विजेता टीम का हिस्सा रहे।

इस तरह पेड्रो के शानदार करियर में विश्व कप, यूरोपीय चैंपियनशिप और चैंपियंस लीग जैसे फुटबॉल के सबसे बड़े खिताब शामिल रहे। 39 साल की उम्र में संन्यास के साथ उन्होंने खेल के मैदान से विदाई ले ली है और बार्सिलोना, चेल्सी, रोमा, लाजियो तथा स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए अपने प्रदर्शन की यादें छोड़ गए हैं।


नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष शपथ अभियान अब 18 अक्टूबर तक

शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों व स्थानीय निकायों में व्यापक स्तर पर दिलाई जाएगी नशामुक्ति की शपथ

देहरादून।  जनपद में ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष शपथ अभियान की अवधि बढ़ाकर 18 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है। अभियान के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों, स्थानीय निकायों, होटल-होम स्टे, हॉस्टलों और खेल संस्थानों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने अभियान में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों के छात्र-छात्राओं के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, स्थानीय नागरिकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल करने के निर्देश दिए है। साथ ही विभागों को शपथ कार्यक्रमों की सूचना एवं प्रमाण-पत्र संकलित कर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

ऑनलाइन शपथ क्यूआर कोड अथवा https://ashamukt.dosje.gov.in/epledge के माध्यम से ली जा सकेगी। शपथ के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। सभी संबंधित संस्थानों से 18 अक्टूबर तक अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने तथा कार्यक्रमों के फोटोग्राफ एवं निर्धारित सूचना समाज कल्याण विभाग, देहरादून को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


कढ़ी-चावल की रेहड़ी से निवेश के करोड़ों के नेटवर्क तक, पंचकूला में 8 करोड़ से ज्यादा की ठगी की जांच

पंचकूला। ऑनलाइन निवेश के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये जुटाने का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम पुलिस की जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के निवेश घोटाले का खुलासा होने का दावा किया गया है। मामले में कढ़ी-चावल की रेहड़ी लगाने वाले राजेश उर्फ नाना की भूमिका सामने आई है।

पुलिस की जांच के मुताबिक, राजेश को उसके परिचित प्रमोद कंबोज ने कथित तौर पर ब्लूम नाम के एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा था। शुरुआत में राजेश ने करीब 7,500 रुपये लगाए। बाद में यह प्लेटफॉर्म बंद हो गया तो उसने दूसरी निवेश योजना में करीब दो लाख रुपये लगाए। इसके बाद वह कथित तौर पर अन्य लोगों को योजना से जोड़ने लगा।

जांच में सामने आया है कि निवेशकों को जोड़ने के लिए चंडीगढ़, मोहाली समेत कई स्थानों पर बैठकें और सेमिनार आयोजित किए गए। नेटवर्क बढ़ने के साथ राजेश को कथित तौर पर कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट हेड की जिम्मेदारी भी दी गई।

पुलिस के अनुसार, निवेशकों के बीच भरोसा बनाने के लिए आरोपितों की कथित लग्जरी लाइफस्टाइल को भी सामने रखा जाता था। राजेश की ओर से दावा किया गया कि कंपनी ने उसे मर्सिडीज कार उपहार में दी और उसने कम समय में करीब दो करोड़ रुपये कमाए।

जांच के मुताबिक, शुरुआत में बाइक से आने वाले आरोपित बाद में महंगी कारों से कार्यक्रमों में पहुंचने लगे। इस तरह की जीवनशैली देखकर कई कारोबारी और शिक्षित लोग भी कथित निवेश योजनाओं में रकम लगाने के लिए तैयार हो गए।

जांच में कथित तौर पर कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और योजनाओं के नाम सामने आए हैं। इनमें ब्लूम ड्राइव, एलपीएनटी क्रिप्टोकरेंसी, एमएसवीपी (मेटा सायल वर्से प्लान) और सायल वर्से जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस को आशंका है कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एप पर निवेश की रकम और संभावित रिटर्न के आंकड़ों में हेरफेर किया जाता था। आरोप है कि छह महीने में 30 लाख रुपये के निवेश को करीब 68 लाख रुपये तक बढ़ा हुआ दिखाया जाता था। इसके अलावा निवेशकों को दुबई में फ्लैट और प्लॉट दिलाने का लालच दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस कथित निवेश नेटवर्क, लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटा रही है। पीड़ितों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए अदालत से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।


सुबह मुनक्का खाना कितना फायदेमंद? जानें इसके पोषक तत्व और सेवन का सही तरीका

सूखे मेवों में शामिल मुनक्का स्वाद के साथ-साथ कई पोषक तत्वों का स्रोत भी माना जाता है। इसे लोग सीधे खाने के अलावा रातभर पानी में भिगोकर भी खाते हैं। सीमित मात्रा में मुनक्का को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इसका सेवन व्यक्ति की उम्र, खानपान और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर करना बेहतर रहता है।

मुनक्का में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद कर सकता है। नियमित डाइट में सीमित मात्रा में इसे शामिल करने से कब्ज जैसी समस्या में राहत मिल सकती है। इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।

शरीर को मिल सकती है तुरंत ऊर्जा

मुनक्का में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर मौजूद होती है। यही वजह है कि इसे कम मात्रा में खाने से शरीर को ऊर्जा मिल सकती है। सुबह या दिन के समय इसका सेवन किया जा सकता है, लेकिन कुल डाइट में प्राकृतिक शुगर और कैलोरी की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

पोटैशियम भी करता है मदद

मुनक्का में पोटैशियम समेत कई खनिज तत्व पाए जाते हैं। पोटैशियम शरीर में मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम के सामान्य कार्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। संतुलित आहार के साथ मुनक्का इन पोषक तत्वों की पूर्ति में योगदान दे सकता है।

एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर

मुनक्का में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को संपूर्ण स्वास्थ्य का समाधान मानने के बजाय इसे विविध और संतुलित डाइट का हिस्सा रखना बेहतर है।

आयरन का भी मिलता है स्रोत

मुनक्का में आयरन भी मौजूद होता है, इसलिए यह डाइट में आयरन की मात्रा बढ़ाने का एक विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में आयरन की कमी या एनीमिया है, तो केवल मुनक्का पर निर्भर रहना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच के आधार पर उपचार जरूरी है।

भिगोकर खाना कितना सही?

कई लोग मुनक्का को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं। इससे यह नरम हो जाता है और कुछ लोगों के लिए इसे खाना आसान हो सकता है। हालांकि, इसे भिगोने से पोषक तत्वों में कोई असाधारण या चमत्कारी बदलाव होने का दावा नहीं किया जा सकता।

कितनी मात्रा में खाएं?

मुनक्का की सही मात्रा हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं हो सकती। उम्र, दैनिक खानपान, कैलोरी की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसकी मात्रा तय करना बेहतर है। इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करें और साथ में अपने पूरे आहार में शुगर व कैलोरी की मात्रा पर भी नजर रखें।


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