Friday, March 13th, 2026

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टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर

Monthly Archives: March 2026

टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर

टेलीविजन इंडस्ट्री की नौवें हफ्ते की टीआरपी रेटिंग सामने आ गई है, जिसमें इस बार भी कुछ दिलचस्प बदलाव देखने को मिले हैं। कई लोकप्रिय धारावाहिकों के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन दर्शकों की पसंद के आधार पर कुछ शो ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। खास बात यह है कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ लगातार शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि अन्य सीरियल्स की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

टीआरपी की ताजा सूची में पहले स्थान पर एक बार फिर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने कब्जा जमाया है। नौवें हफ्ते में इस शो को 2.1 की रेटिंग मिली है, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले थोड़ी बढ़ी है। धारावाहिक में आ रहे नए मोड़ और ड्रामा दर्शकों को बांधे हुए हैं। शो में मुख्य भूमिका में स्मृति ईरानी नजर आ रही हैं, जिनकी वापसी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

दूसरे स्थान पर लोकप्रिय शो ‘अनुपमा’ रहा है। इस हफ्ते इस सीरियल की टीआरपी 1.9 दर्ज की गई है। पिछले हफ्ते के मुकाबले इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली है। हाल ही में शो की कहानी में आए लीप और नए ट्रैक ने दर्शकों की दिलचस्पी को फिर से बढ़ा दिया है।

वहीं टीआरपी लिस्ट में तीसरे नंबर पर ‘तुम से तुम तक’ ने जगह बनाई है, जिसे 1.7 की रेटिंग मिली है। चौथे स्थान पर ‘उड़ने की आशा’ रहा, जिसकी टीआरपी 1.6 दर्ज की गई। इसके अलावा ‘नागिन 7’ भी टॉप 5 में शामिल रहा, हालांकि इस बार इसकी रेटिंग में थोड़ी गिरावट देखने को मिली और इसे 1.6 की टीआरपी के साथ पांचवां स्थान मिला।

(साभार)


प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण

विधानसभा में उठा गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के चतुर्थ दिवस की द्वितीय पाली (भोजनावकाश के उपरांत) में विपक्ष द्वारा प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा सदन में उठाया गया।

इस पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने पीठ से कहा कि “गैस एक बहुत एसेंशियल कमोडिटी है इसलिए सरकार और प्रशासन को किसी प्रकार की जमाखोरी , डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए, इसका सरकार ध्यान रखें।”

अध्यक्ष ने कहा कि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए इस विषय पर विशेष सतर्कता बरती जाए।


मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज

कहा प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को जानती है

गैरसैंण। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) पर उनके बयान को लेकर लेकर विपक्ष जानबूझ कर हो हल्ला कर रहा है। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण से मेरा आशय यह था कि भराड़ीसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है लेकिन लेकिन उससे नीचे गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पर्यटन डेस्टिनेशन के साथ-साथ अन्य अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण किया जाये। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकें।

महाराज ने कहा कि गैरसैंण के विकास को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया। जबकि उनका बयान ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के अलावा गैरसैंण के पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के दृष्टिगत रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को आरोप लगाने से पूर्व इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन को बनवाने में मेरी क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को अनावश्यक तूल देकर कांग्रेस गैरसैंण के विकास में अवरोध उत्पन्न कर अपना राजनीति उल्लू सीधा करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के विकास को लेकर वह लंबे समय से अपना विचार रखते आये हैं। उनके प्रयासों से ही 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास किया था। इसलिए मेरे बयान को को तोड़-मरोड़कर पेश करके कांग्रेस जनता को बर्गलाने की कतई कोशिश न करें क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को भली-भांति जानती है।

गौरतलब है कि गैरसैंण को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने सम्बन्धी बयान पर महाराज पर विपक्ष ने खूब हमला बोला। साथ ही सोशल मीडिया पर भी महाराज बहुत ट्रोल हो रहे हैं।


जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित

बहुउद्देशीय शिविर में 29 शिकायतें दर्ज, 02 का मौके पर निस्तारण, 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र हेतु भरवाए गए आवेदन

पौड़ी। राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत विकासखंड यमकेश्वर की न्याय पंचायत बड़ोलीबड़ी के अंतर्गत विकास खंड सभागार में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार वैभव जोशी ने की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन पर जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने 29 शिकायतें दर्ज कीं, जिनमें से 02 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 106 लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया जबकि 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु आवेदन पत्र भरवाए गए।

तहसीलदार ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से विभाग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। विभागीय स्टॉलों के जरिये लोगों को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुई शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

नोडल अधिकारी/पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, जिला सहकारिता, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, खाद्य पूर्ति, राजस्व विभाग सहित 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। जिनमें विभिन्न योजनाओं से 106 लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बचन सिंह बिष्ट, कविता डबराल, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन

बीपीटी और एमपीटी छात्र-छात्राओं को जाॅब स्कोप पर दी गई महत्वपूर्णं जानकारियां

एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने जाना कैंसे करें सही स्ट्रीम का चुनाव

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा बीपीटी एवं एमपीटी के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर इंटर्न्स को फिजियोथेरेपी की विभिन्न स्ट्रीमों की जानकारी देकर उन्हें अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही स्ट्रीम का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन, कुलसचिव डॉ. लोकश गंभीर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्व प्रसिद्ध डॉ. अली ईरानी (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट) रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, स्पेशलाइजेशन और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. ईरानी ने छात्रों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी, जिनकी मदद से मरीजों को दर्द से शीघ्र राहत प्रदान की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, न्यूरो फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी, कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी सहित कई विशेषज्ञताएं उपलब्ध हैं। छात्र यदि अपनी रुचि, कौशल और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सही स्ट्रीम का चयन करें, तो इस क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक प्रो. (डॉ.) कीर्ति सिंह, आयोजक प्रो. (डॉ.) नीरज कुमार एवं डॉ. शारदा शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. सोनिया गंभीर और डॉ. मालविका कांडपाल भी उपस्थित रहीं। साथ ही फिजियोथेरेपी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तथा स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की समस्त फैकल्टी भी मौजूद रही।


खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत

खेल विश्वविद्यालय की ओर बढ़ते कदम- रेखा आर्या

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी के गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी खेल अवसंरचना परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 8 करोड़ 57 लाख 13 हजार 171 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन की ओर से जारी आदेश में यह धनराशि खेल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वन विभाग की भूमि की आवश्यकता थी, जिसे केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वन भूमि के उपयोग के बदले नियमानुसार राज्य सरकार को प्रतिपूरक व्यवस्था करनी होती है। इसके तहत जिन पेड़ों का नुकसान होगा, उनकी भरपाई के लिए अन्य स्थानों पर नए वृक्ष लगाए जाने और उसके लिए आवश्यक भूमि तथा धनराशि उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इसी प्रतिपूरक वृक्षारोपण और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने यह धनराशि स्वीकृत की है। आदेश के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण, परामर्श और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यों के साथ-साथ प्रतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस आदेश के जारी होने के बाद खेल विश्वविद्यालय परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है और अब मैदान स्तर पर व्यावहारिक कार्य शुरू होने की प्रक्रिया तेज होगी।


हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

किडनी शरीर का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह खून को फिल्टर कर शरीर से विषैले तत्वों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ता ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित शुगर लेवल किडनी की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी न बरतने पर किडनी से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किडनी का मुख्य कार्य शरीर में मौजूद खून को शुद्ध करना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। एक स्वस्थ किडनी रोजाना बड़ी मात्रा में खून को फिल्टर कर यूरिया, क्रिएटिनिन जैसे जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालती है। इसके साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और रक्त के pH स्तर को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

हाल के वर्षों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर कम उम्र के लोगों में भी किडनी संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खराब खानपान, अनियमित दिनचर्या और बढ़ता तनाव किडनी के लिए जोखिम बढ़ाने वाले प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।

किडनी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, उनमें किडनी की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।

डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ शुगर लेवल किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे फिल्टरिंग सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है, जिसमें पेशाब में प्रोटीन आने लगता है और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी की नाजुक नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती। जब किडनी की कार्यक्षमता घटती है तो शरीर में नमक और पानी जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। जिन लोगों को हाई बीपी और डायबिटीज दोनों समस्याएं होती हैं, उनमें किडनी खराब होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को किडनी की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना और नमक का सीमित मात्रा में सेवन करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ताजे फल-सब्जियों और साबुत अनाज को आहार में शामिल करना भी लाभदायक माना जाता है। प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना किडनी की सेहत के लिए बेहतर होता है।

डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि वजन को नियंत्रित रखें और धूम्रपान व शराब से बचें, क्योंकि ये आदतें किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और ब्लड प्रेशर तथा शुगर को नियंत्रण में रखकर किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)


रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?

ज्योति रौतेला ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा है। तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं। उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है।

प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि आज जब देश में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार सूत्रों के हवाले से क्यों बयानबाजी कर रही है? प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। समस्या इतनी गंभीर है कि दिल्ली हाईकोर्ट में किचन बंद हो गयी है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर सिलेंडर ना होने की वजह से होटल बंद करने का ऐलान कर दिया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। जहां एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 तक पहुंचाकर गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत रहा है। मोदी सरकार एक ओर महंगाई को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें महंगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी सभी चुनावी जनसभाओं में महंगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 12 साल के कार्यकाल में मंहगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाडी आदि उपस्थित थे।


दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना

अभियान के दौरान पहचान संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज न दिखा पाने वाले 49 व्यक्तियों को पुलिस ने लिया हिरासत में

देहरादून। अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत देहरादून पुलिस ने शहर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाहरी जनपदों और राज्यों से आकर रह रहे लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

अभियान के तहत 12 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में कोतवाली नगर क्षेत्र की चौकी लक्ष्मण चौक के अंतर्गत गांधी ग्राम, न्यू पार्क रोड, गुरुद्वारा रोड और मालवीय नगर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले कुल 469 लोगों का सत्यापन किया।

जांच में पाया गया कि कई मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। इस पर पुलिस ने 92 मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए 9 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

इसके अलावा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से रह रहे 49 लोगों को बीएनएसएस की धारा 172 के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने लाया गया। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 49 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान कर 12,250 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा और किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की एक्शन-एडवेंचर फिल्म ‘द ब्लफ’ ओटीटी पर रिलीज होते ही चर्चा में आ गई है। फिल्म को भले ही समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन दर्शकों ने इसे काफी पसंद किया है। यही कारण है कि रिलीज के कुछ ही दिनों में फिल्म ने व्यूअरशिप के मामले में बड़ा रिकॉर्ड बना लिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली ओरिजिनल फिल्मों में शामिल हो गई।

ओटीटी पर टॉप पर पहुंची फिल्म

रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के आखिर में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई ‘द ब्लफ’ ने 27 फरवरी से 5 मार्च के बीच करीब 300.3 मिलियन मिनट की व्यूअरशिप हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ फिल्म स्ट्रीमिंग ओरिजिनल फिल्मों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गई।

अन्य फिल्मों की व्यूअरशिप

इसी अवधि में कई अन्य फिल्मों को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन वे व्यूअरशिप के मामले में ‘द ब्लफ’ से पीछे रहीं।

दूसरे स्थान पर ‘एक्यूज्ड’ – 213.1 मिलियन मिनट

तीसरे स्थान पर ‘फायरब्रेक’ – 177.2 मिलियन मिनट

चौथे स्थान पर ‘पॉल मैककार्टनी: मैन ऑन द रन’ – 156.2 मिलियन मिनट

पांचवें स्थान पर ‘द रेकिंग क्रू’ – 110.6 मिलियन मिनट

प्रियंका की सफलता से खुश फैंस

फिल्म की इस सफलता से प्रियंका चोपड़ा के प्रशंसक बेहद खुश हैं। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अभिनेत्री की तारीफ कर रहे हैं। एक फैन ने लिखा कि प्रियंका इस सफलता की हकदार हैं और उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। वहीं कई लोगों ने फिल्म को शानदार बताते हुए प्रियंका के अभिनय की सराहना की है।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी केमन द्वीप्स की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें प्रियंका चोपड़ा एर्सेल बोर्डेन नाम की महिला का किरदार निभा रही हैं, जो अपने परिवार के साथ शांत जीवन जी रही होती है। लेकिन उसका पुराना दुश्मन कॉनर नाम का खतरनाक समुद्री डाकू उसके परिवार को खतरे में डाल देता है। ऐसे में एर्सेल को अपने पुराने और खतरनाक रूप ‘ब्लडी मैरी’ में वापस आना पड़ता है और अपने परिवार की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

फिल्म से जुड़ी खास बातें

‘द ब्लफ’ का निर्देशन फ्रैंक ई. फ्लावर्स ने किया है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के साथ कार्ल अर्बन, सफिया ओकले-ग्रीन और टेमुएरा मॉरिसन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। यह फिल्म 25 फरवरी 2026 से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है और रिलीज के बाद से ही दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रियता हासिल कर रही है।

(साभार)


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