Monday, March 23rd, 2026

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उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय नेतृत्व कार्यशाला का शुभारम्भ

Daily Archives: 23/03/2026

उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय नेतृत्व कार्यशाला का शुभारम्भ

पौड़ी। जिला उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय उद्यमिता नेतृत्व कार्यशाला का शुभारम्भ सोमवार को किया गया। कार्यशाला में उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं एवं उद्यमियों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा की गयी। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रोजेक्ट स्थापना, भूमि संबंधी प्रक्रियाएँ, मैप अप्रूवल, वित्तीय प्रबंधन एवं वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। बैंक एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों को उद्योग स्थापना से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए योजनाओं की जानकारी भी साझा की। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम में प्रबंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, विवेक चौहान (सचिव, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील गुप्ता (अध्यक्ष, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील कुमार (वित्तीय विशेषज्ञ), भगत सिंह नेगी (जेई, सीडा), रोहित रौतेला (जेई, सिडकुल), कमल थापा (चेयरमैन, सिद्धबाबा कृषक उत्पादन संगठन), विवेक जदली (डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ) सहित अनेक उद्यमी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।


पौड़ी में ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सरकार के चार साल पूरे: पौड़ी में योजनाओं का उत्सव, जनता की भागीदारी से कार्यक्रम रहा विशेष

चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में गूंजा विकास का संदेश, लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ

चार साल की उपलब्धियों का उत्सव, पौड़ी में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों ने किया विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन

पौड़ी। जनपद पौड़ी के प्रेक्षागृह में सोमवार को ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं ज्ञान की देवी माँ शारदे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर बी.आर. मॉडर्न पब्लिक स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की बालिकाओं ने अत्यंत मनमोहक सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। कार्यक्रम में बेमिसाल विकास तथा नयी पहल के चार वर्ष पर आधारित पत्रिका विमोचन भी किया गया। उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वर्चुअल सम्बोधन को भी सुना।

​मुख्य कार्यक्रम से पूर्व, स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने आयोजन स्थल पर लगाए गए विभिन्न विकासपरक स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामोत्थान परियोजना, कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, एलोपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सा तथा राजस्व विभाग द्वारा सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया था।

इस उत्सव के दौरान अतिथियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को भी लाभान्वित किया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दो लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई, साथ ही एक महिला की गोद भराई और एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार भी गरिमामय ढंग से संपन्न कराया गया। इसी क्रम में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए 9 दिव्यांग लाभार्थियों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में सुगमता आयी और चेहरों पर मुस्कान लौट आयी। इस अवसर पर अतिथियों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वर्चुअल संबोधन में सभी को नव संवत्सर तथा नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को सादर नमन किया। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार ने मजबूत अवसंरचना और प्रभावी नीतियों व योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का निरंतर प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जी-20 बैठकों के सफल आयोजन, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसे महत्वपूर्ण मील के पत्थरों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, साथ ही स्टार्टअप्स, बिजली उत्पादन और लखपति दीदी योजना में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ उत्तराखंड रिवर्स पलायन, मत्स्य उत्पादन और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ और ‘इंडिया इनोवेशन इंडेक्स’ के शीर्ष राज्यों में जगह बनाकर उत्तराखंड आज विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

स्थानीय विधायक ने उत्तराखंड सरकार के सफल 4 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है और इसका लाभ अब गांव-गांव तक स्पष्ट रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक देश को अग्रणी बनाने का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून एवं भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों को जनहितकारी बताते हुए प्रदेश के समग्र विकास में सहायक बताया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास हेतु श्रीनगर पंपिंग पेयजल योजना, पौड़ी नगर में सीवर लाइन निर्माण तथा घंडियाल में झील निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं, जो पेयजल, स्वच्छता, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने सफल चार वर्ष पूर्ण करते हुए जनकल्याण को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिनका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई दे रहा है। समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून जैसे कदमों के साथ जनपद पौड़ी में भी विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए पाबौ, सतपुली, यमकेश्वर एवं बीरोंखाल में अल्ट्रासाउंड सेवाएं शुरू की गयी हैं तथा 108 सेवा के साथ विभागीय एंबुलेंस की निःशुल्क परिवहन सेवा का आरंभ किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु 60 केंद्रों का चयन तथा कृषि विभाग द्वारा घेरबाड़ कार्यों के विस्तार के साथ जनपद में कई जनोपयोगी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे-छोटे विकास कार्य भी आमजन के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाते हैं। ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समन्वय से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पा रहा है, और इसी सहभागिता से विकास की गति निरंतर बनी रहेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया, जहां स्थानीय कलाकारों एवं स्कूली बच्चों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक लोकनृत्य एवं लोकगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और ऊर्जा ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया, वहीं उपस्थित जनता की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया, जिससे यह कार्यक्रम सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन के सहयोग से ही इस प्रकार के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो पाते हैं। उन्होंने सभी की सक्रिय भागीदारी और सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समन्वय और सहभागिता के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपेक्षा व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य डॉ शिव प्रसाद नौडियाल व भरत सिंह रावत, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, राजेंद्र टम्टा, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना, बीडीओ दृष्टि आनंद, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, लक्की शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं भरी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।


उपलब्धियों का कालखंड रहे सरकार के चार साल- रेखा आर्या

हल्द्वानी में आयोजित जन-जन की सरकार कार्यक्रम में बोली कैबिनेट मंत्री

हल्द्वानी। सोमवार को हल्द्वानी स्थित खंड विकास कार्यालय सभागार में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सरकार के 4 साल के कार्यकाल को उपलब्धियां से भरा कालखंड बताया।

इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाकर लोगों के प्रमाण पत्र बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बारे में सहायता प्रदान की गई। कैबिनेट मंत्री ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला और युवाओं का सशक्तिकरण, रोजगार व विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।

कार्यक्रम के दौरान 6 पात्र महिलाओं निशा जोशी, इंदिरा आर्या, ममता भट्ट, अर्चना नेगी राधा भंडारी और तारा सान्याल को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। इसके साथ ही रीप परियोजना के तहत विभिन्न महिलाओं को स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर सहायता राशि की चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान चहुंमुखी विकास किया है और उत्तराखंड 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सहयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मेयर गजराज बिष्ट, राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र पांडे, भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष रविंद्र बाली आदि उपस्थित रहे।


जल्द साकार होगा खेल विश्वविद्यालय का सपना- रेखा आर्या

भवन निर्माण के लिए स्वीकृत भूमि का मंत्री ने किया निरीक्षण

हल्द्वानी। उत्तराखंड में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित उस भूमि का निरीक्षण किया, जहां इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसे प्रदेश के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह स्थान केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों के संकल्प, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यहां बनने वाला खेल विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नई दिशा देगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान करेगा। यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल मंत्री के रूप में युवाओं और खिलाड़ियों के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार होता नजर आ रहा है। इस परियोजना को साकार करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनका आभार जताया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का एकेडमिक ब्लॉक और प्रशासनिक भवन तैयार है और आगामी सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू करने की योजना है।

इस दौरान मंत्री ने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका टीमें 1 अप्रैल से शुरू होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

निरीक्षण और कार्यक्रम के दौरान रविंद्र बाली, यशपाल आर्य, लता शाह, लीलावती जोशी, सुनील कुमार, राहुल यादव और गोविंद लटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

जनगणना बड़ी जिम्मेदारी का काम
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को काठगोदाम सर्किट हाउस स्थित सभागार में जनगणना 2027 के मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया है, यह जनगणना ही उसका आधार तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि समस्त विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होती है इसलिए यह बहुत जिम्मेदारी का कार्य है।


धारावी में दिनदहाड़े मर्डर, युवक की उसके ही दोस्त ने की बेरहमी से हत्या

पुलिस ने आरोपी को मौके से किया गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के धारावी इलाके में दिनदहाड़े हुई एक निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। एक युवक की उसके ही दोस्त ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

धारावी क्षेत्र में हुई इस वारदात में 20 वर्षीय युवक की उसके परिचित ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने युवक पर 20 से ज्यादा बार वार किए और गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार, आरोपी हमले के दौरान लगातार धमकियां दे रहा था, जिससे आसपास के लोग खौफ में आ गए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को वहीं से हिरासत में ले लिया। घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना के पीछे के सभी कारणों को खंगाला जा रहा है।

गौरतलब है कि मुंबई में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले भी एक अन्य मामले में घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था, जिसमें महिला की मौत हो गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

कुल मिलाकर, लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

केंद्र ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

नई कार्य संस्कृति विकसित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

उपस्थिति
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।


ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा 20 लाख डॉलर

अलाएद्दीन बोरोजेर्दी बोले—“युद्ध की एक कीमत होती है”

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में नई हलचल तेज होने की आशंका है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) का शुल्क लगाने की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से जुड़े अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसे देश की संप्रभुता और रणनीतिक ताकत का प्रतीक बताया है।

बोरोजेर्दी ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह का कदम उठाना जरूरी है और “युद्ध की एक कीमत होती है”, इसलिए जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज मार्ग को पूरी तरह खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, ईरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि यह रास्ता उसके विरोधियों को छोड़कर अन्य देशों के लिए खुला है, लेकिन अब शुल्क लगाने के फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की पाबंदी या अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।


प्रोटीन शेक फायदेमंद या नुकसानदायक? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है और इसमें प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। आजकल फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोग प्रोटीन शेक का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन क्या ये वास्तव में सेहत के लिए फायदेमंद हैं या नुकसानदायक—इसे समझना जरूरी है।

प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, जो मांसपेशियों के निर्माण, त्वचा और बालों की मजबूती के साथ-साथ एंजाइम और हार्मोन बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को अपने वजन के अनुसार रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। इसकी कमी से कमजोरी, मांसपेशियों में गिरावट और इम्युनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फिटनेस और जिम करने वालों के बीच प्रोटीन शेक काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं। इसके अलावा, प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है। साथ ही, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक होता है।

हालांकि, प्रोटीन शेक दो तरह के होते हैं—एक बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर और दूसरा घर पर बनाए गए प्राकृतिक शेक। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपकी डाइट में दाल, दूध, अंडा, पनीर, सोया और नट्स जैसे स्रोत पर्याप्त हैं, तो अलग से प्रोटीन शेक लेने की जरूरत नहीं होती। वहीं, एथलीट या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोग डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से इसका सेवन कर सकते हैं।

बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर को लेकर कई चिंताएं भी सामने आई हैं। कुछ अध्ययनों में इनमें भारी धातुएं, केमिकल्स और हानिकारक तत्व पाए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा, इनमें शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं, जो पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर भी दबाव पड़ सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कोई समस्या हो।

ऐसे में विशेषज्ञ प्राकृतिक स्रोतों से प्रोटीन लेना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। दूध, दही, पनीर, दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हैं। घर पर भी हेल्दी प्रोटीन शेक तैयार किए जा सकते हैं, जिसमें दूध या दही के साथ फल, नट्स और बीज मिलाकर पोषण बढ़ाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, प्रोटीन शेक का सेवन जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, जबकि संतुलित और प्राकृतिक आहार को प्राथमिकता देना ही सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है।

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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत को राहत, अमेरिका से मंगलूरू पहुंचा एलपीजी कार्गो जहाज

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंचा 

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति के दम पर राहत हासिल की है। अमेरिका और रूस से तेल और गैस की आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दे रही है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका से एलपीजी लेकर कार्गो जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ मंगलूरू बंदरगाह पहुंचा, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिली है।

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंच चुका है। लगातार मिल रही इन आपूर्तियों से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास कई जहाजों के फंसे होने से वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है। सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

इसी बीच मंगलूरू का रणनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। यहां देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जो आपात स्थिति में गैस भंडारण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और रूस से मिल रही आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखेगी।

कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी कूटनीतिक सक्रियता और रणनीतिक तैयारियों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में सफल होता दिख रहा है।


‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, चार दिन में पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 का जबरदस्त दबदबा देखने को मिल रहा है। वीकेंड का पूरा फायदा उठाते हुए फिल्म ने कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। महज चार दिनों में ही 400 करोड़ क्लब में शामिल होकर इसने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।

फिल्म धुरंधर 2 ने रिलीज के बाद से ही शानदार ओपनिंग के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। पहले दिन 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई के बाद फिल्म ने लगातार तीन दिनों तक शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि रविवार को फिल्म ने अपने अब तक के सबसे ज्यादा कलेक्शन के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। चार दिनों में फिल्म की कुल कमाई 450 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है, जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल कर रही है।

इस फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने बेहद कम समय में 400 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली। इससे पहले पुष्पा 2, जवान, पठान और एनिमल जैसी फिल्मों को इस आंकड़े तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा था। ऐसे में ‘धुरंधर 2’ ने तेजी से कमाई कर एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म को विदेशों में भी शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। महज चार दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में करीब 700 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है और बॉर्डर 2 के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है।

हालांकि, सिनेमाघरों में उस्ताद भगत सिंह भी रिलीज हुई है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ के मुकाबले इसका प्रदर्शन फीका नजर आ रहा है। चौथे दिन इस फिल्म की कमाई में गिरावट देखी गई और इसका कुल कलेक्शन अभी 60 करोड़ रुपये के आसपास ही पहुंच पाया है।

कुल मिलाकर, ‘धुरंधर 2’ इस समय बॉक्स ऑफिस पर एकतरफा राज कर रही है और आने वाले दिनों में इसके कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

(साभार)


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