Saturday, March 7th, 2026

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केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह

Daily Archives: 07/03/2026

केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह

हरिद्वार में बोले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जो भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाणपत्र भी सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घुसपैठ, विकास कार्यों और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जो भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हर निर्णय में नकारात्मकता ढूंढते हैं, जबकि केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है और यह कानून सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।

अमित शाह ने राज्य में केंद्र सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में चारधाम परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिला है।

कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों—शैलेष, जसपाल परमार, दुर्गा लाली राजपूत और हसेरी बाई समेत पांच लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लगभग 1100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में हाल ही में नियुक्त हुए करीब 2000 पुलिस कर्मियों ने भी भाग लिया और गृहमंत्री का स्वागत किया।

प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न कानूनों और विकास कार्यों की झलक प्रस्तुत की गई। इनमें समान नागरिक संहिता, नकलरोधी कानून, धर्मांतरण रोकथाम कानून और अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को प्रमुखता से दर्शाया गया।


गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत

स्कार्दू में हालात तनावपूर्ण, कई इलाकों में कर्फ्यू लागू

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। क्षेत्र के प्रमुख शहर स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैन्य बलों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत की खबर है। घटनाओं के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिसके चलते प्रशासन को कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार पहली मार्च से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गए जब प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई की गई। शुरुआती रिपोर्ट में 13 लोगों की मौत की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में घायल लोगों के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।

घटनाओं से नाराज प्रदर्शनकारियों ने स्कार्दू और आसपास के क्षेत्रों में कई सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया। इस दौरान कई भवनों में तोड़फोड़ की गई और कुछ जगहों पर आगजनी भी की गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की है।

इसी बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई की कथित मौत को लेकर पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोगों ने राजधानी इस्लामाबाद सहित कई शहरों में रैलियां निकालकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की।

स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। दूतावास ने बलोचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है।

स्कार्दू में हिंसा के दौरान कई महत्वपूर्ण भवनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें सैन्य अधिकारियों के आवास, नॉर्दर्न लाइट इन्फैंट्री से जुड़े कार्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल, पुलिस अधिकारियों के कार्यालय, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और पर्यटन विभाग के दफ्तर शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर संचार से जुड़े संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया गया।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हालात को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।


चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ

चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं पर नियंत्रण, 8–9 कंपनियां ही होंगी ऑपरेटर — डॉ. आशीष चौहान

देहरादून। आगामी अप्रैल माह से प्रारंभ होने जा रही चारधाम यात्रा 2026 से पूर्व हेली शटल सेवाओं को लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 8 से 9 हेली कंपनियां अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।

यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुगम बुकिंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को देखते हुए हेली सेवाओं के टिकटों की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in / IRCTC के माध्यम से ही ऑनलाइन की जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जी एजेंटों और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना तथा श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से टिकट उपलब्ध कराना है।

चारधाम यात्रा 2026 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ सहित बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अन्य राज्यों से आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को हेली सेवाओं के माध्यम से बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या कालाबाजारी की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने अपने स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो यात्रा के दौरान बुकिंग से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए तत्पर रहेगा।

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि हेली शटल सेवाओं को लेकर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान लगभग 8 से 9 कंपनियां हेली शटल सेवाएं प्रदान करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हेली टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) के सहयोग से संचालित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यात्री हेलीकॉप्टर सेवा के लिए heliyatra.irctc.co.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

डॉ. चौहान ने आगे बताया कि टिकट बुकिंग से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए यूकाडा का कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। इसके अलावा, हेली सेवा से यात्रा करने वाले यात्री अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आईआरसीटीसी के कस्टमर केयर से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं।


किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह बीमारी अधिकतर वयस्कों में देखी जाती थी, वहीं अब कम उम्र के युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी न पीना, असंतुलित आहार और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं। इसलिए समय रहते सावधानी और इलाज बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी में पथरी तब बनती है जब शरीर में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे खनिज पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर धीरे-धीरे क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। पर्याप्त पानी न पीने से इन तत्वों का जमाव बढ़ जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा अधिक हो जाता है। किडनी स्टोन का समय पर उपचार न कराने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

कम उम्र में भी बढ़ रहे मामले

वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप राय के अनुसार अस्पतालों की ओपीडी में अब कम उम्र के लोगों में भी किडनी स्टोन के मरीज बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई बार शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, मरीज को कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन और अन्य समस्याएं होने लगती हैं। कई लोग इस दर्द को सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।

छोटी और बड़ी पथरी का इलाज अलग

डॉक्टरों के मुताबिक 3 से 4 मिलीमीटर से छोटी पथरी कई बार अधिक पानी पीने, दवाइयों और खान-पान में बदलाव से अपने-आप निकल सकती है। लेकिन बड़ी पथरी या लंबे समय तक किडनी में मौजूद पथरी गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। कुछ मरीजों में एक से अधिक पथरी होने पर भी ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।

इलाज में देरी से बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़ी पथरी किडनी और मूत्राशय को जोड़ने वाली नलिका (यूरेटर) में फंस सकती है, जिससे पेशाब का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इससे पेशाब में रुकावट, संक्रमण और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर किडनी को स्थायी नुकसान या किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

बीयर से पथरी निकलने का दावा गलत

कई लोग मानते हैं कि बीयर पीने से पेशाब ज्यादा आता है और इससे किडनी स्टोन निकल सकता है। हालांकि डॉक्टर इस धारणा को गलत बताते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन का इलाज केवल चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार से ही संभव है, इसलिए किसी भी घरेलू धारणा के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरिद्वार में आयोजित “जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम में सहभागिता के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून स्थित अपने कैंप कार्यालय से पार्टी कार्यकर्ताओं को बस द्वारा हरिद्वार के लिए रवाना किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी स्वयं बस में भारतीय जनता पार्टी परिवार के सदस्यों का हाल-चाल जाना। उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय भाव का परिचय दिया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखण्ड आगमन से पार्टी कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह और ऊर्जा का माहौल है। उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के चार वर्ष सेवा, सुशासन और विकास को समर्पित रहे हैं। इन चार वर्षों में राज्य सरकार ने जनहित में अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं, जिनसे उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा पारदर्शी एवं प्रभावी शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार आगे भी इसी प्रकार जनसेवा और विकास के मार्ग पर कार्य करती रहेगी।


जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री धामी ने जन औषधि दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन औषधि दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल देश के करोड़ों लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देशभर में शुरू किए गए जन औषधि केंद्र जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे इलाज पर आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि सरकार के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।


‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये

फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों पर आधारित इस फिल्म से मेकर्स को अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई उम्मीद से काफी कम रही।

पहले दिन की कमाई

रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म ने रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10 लाख रुपये का कारोबार किया है। ओपनिंग डे के हिसाब से यह कलेक्शन काफी कम माना जा रहा है। शुरुआती प्रतिक्रिया से संकेत मिल रहे हैं कि अंधविश्वास पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पा रही है।

फिल्म की कहानी

चरक: फियर ऑफ फेथ की कहानी पश्चिम बंगाल के एक गांव में लगने वाले पारंपरिक चरक मेले के इर्द-गिर्द घूमती है। यह मेला प्राचीन मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है, जहां लोग अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की उम्मीद में कठिन और जोखिम भरी रस्में निभाते हैं। फिल्म आस्था और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को दिखाते हुए तंत्र-मंत्र, अघोरी प्रथाओं और मानव बलि जैसे विषयों के अंधेरे पहलुओं को सामने लाती है।

फिल्म के मुख्य कलाकार

फिल्म में अंजलि पाटिल, सुब्रत दत्ता, साहिदुर रहमान, शशि भूषण और संखदीप बनर्जी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म का निर्माण धवल जयंतीलाल गडा ने सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस और सिपिंग टी सिनेमा के सहयोग से किया है।

कहानी का सार

फिल्म में दिखाया गया है कि गांव के लोग मानते हैं कि चरक मेले में पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान करने से संतान प्राप्ति या अन्य मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। लेकिन इन मान्यताओं के पीछे छिपे अंधविश्वास और खतरनाक परंपराएं कहानी को धीरे-धीरे एक रहस्यमय और डरावने मोड़ तक ले जाती हैं।

(साभार)


नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए

31 संगठित दुकानेंः शहर की हलचल से दूर सुरक्षित फूड स्पेस

देहरादून का नया फूड हबः युवाओं के लिए रोजगार और शहरवासियों के लिए स्वाद

देहरादून। राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में नगर निगम देहरादून द्वारा निर्मित शहर के प्रथम फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है और शीघ्र ही आम जनता के लिए खोला जाएगा।

यह फूड कोर्ट महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के निकट रायपुर-थानों रोड पर स्थापित किया जा रहा है और नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक फूड स्पेस प्रदान करेगा। यहाँ विभिन्न राज्यों और देशों के व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर लेने का अवसर मिलेगा।

थानों रोड पर बन रहे फूड कोर्ट में कुल 31 संगठित दुकानों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। परिसर में स्वच्छता, शौचालय, ओपन डाइनिंग के साथ लाइट शो, बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था और पर्यटकों के लिए वॉकिंग गैलरी/पाथवे की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। थानो-एयरपोर्ट मार्ग के हैवी ट्रैफिक को देखते हुए नगर निगम ने पर्याप्त पार्किंग क्षेत्र का निर्माण भी किया है।

देहरादून नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि देहरादून को उन शहरों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है जहाँ इंदौर मॉडल के अनुसार फूड कोर्ट/फूड पार्क का निर्माण किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फूड पार्क में सौंदर्यकरण, ब्यूटीफिकेशन और साइनबोर्ड का कार्य अंतिम चरण में है। यह फूड कोर्ट पर्यटकों और शहरवासियों के लिए भीड़-भाड़ और ट्रैफिक से दूर, उत्तराखंड के स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का आनंद लेने का नया स्थल प्रदान करेगा।

नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ यह फूड कोर्ट स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार सृजन का भी अवसर प्रदान करेगा और शहर में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप, देहरादून जल्द ही एक नए, आधुनिक और आकर्षक फूड डेस्टिनेशन का लाभ उठाएगा।


सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

सहस्त्रधारा रोड पर डिवाइडर से फूल उखाड़ने की घटना का एमडीडीए ने लिया संज्ञान, फूल उखाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

देहरादून। देहरादून शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को बनाए रखने के लिए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच सहस्त्रधारा रोड पर डिवाइडर में लगाए गए फूलों को उखाड़ने की घटना सामने आई है। निरीक्षण के दौरान सामने आई इस घटना को प्राधिकरण ने गंभीरता से लेते हुए इसे शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्ति के साथ खिलवाड़ करार दिया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा सजावटी फूल-पौधों का रोपण कराया जा रहा है। शहर को स्वच्छ, हरित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सहस्त्रधारा रोड, राजपुर रोड समेत अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के डिवाइडरों को रंग-बिरंगे मौसमी फूलों और सजावटी पौधों से सजाया गया है। इस पहल से शहर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राहगीरों को भी एक सुखद वातावरण मिल रहा है।

एमडीडीए की टीम द्वारा इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में सहस्त्रधारा रोड पर किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि डिवाइडर पर लगाए गए कई फूलों और पौधों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़ दिया गया है। प्राधिकरण की टीम ने मौके की तस्वीरें भी संकलित की हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि लगाए गए पौधों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया है।

प्राधिकरण के अनुसार इस प्रकार की घटनाएं न केवल शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों से किए जा रहे विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। सार्वजनिक धन से किए गए इन प्रयासों को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर मामला है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि शहर की सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और निगरानी को भी और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्राधिकरण ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे देहरादून की हरियाली और सुंदरता को बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाने या उखाड़ने जैसी गतिविधि करते हुए देखा जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल प्राधिकरण अथवा प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

एमडीडीए का मानना है कि देहरादून की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली से है। इसे संरक्षित और समृद्ध बनाए रखना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ प्राधिकरण द्वारा शहर को स्वच्छ, हरित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून शहर की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को बनाए रखना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा सजावटी पौधों का रोपण कराया जा रहा है। यह प्रयास न केवल शहर के सौन्दर्यीकरण को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड पर लगाए गए फूलों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़े जाने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की गतिविधियां शहर की छवि को धूमिल करने के साथ-साथ सरकारी संसाधनों की भी क्षति करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे शहर की हरियाली की रक्षा में प्रशासन का सहयोग करें और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और डिवाइडरों पर लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड पर किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ फूलों को उखाड़े जाने की घटना सामने आई है, जिसकी तस्वीरें भी टीम द्वारा संकलित की गई हैं। उन्होंने कहा कि शहर के सौन्दर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे ऐसे असामाजिक तत्वों की सूचना प्रशासन को दें और शहर की हरियाली को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।


कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई

नेपाल में बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” (RSP) की जीत से भारत-नेपाल संबंध मजबूत होने की संभावना- महाराज

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल में हुए राष्ट्रीय चुनाव में काठमांडू के मेयर रह चुके युवाओं में बेहद लोकप्रिय पूर्व रैपर बालेंद्र शाह (बालेन) और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” को भारी बहुमत से विजयी होने पर शुभकामनाएं दी हैं।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा है कि नेपाल में बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” (RSP) की जीत से भारत-नेपाल संबंध मजबूत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि RSP की “नेपाल फर्स्ट” नीति भारत के साथ संतुलित विकास का रास्ता खोलेगी और पारंपरिक आर्थिक फायदे को बढ़ावा देगी।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” 1950 के भारत-नेपाल संधि को नया स्वरूप देगी और दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ भारत के साथ मिलकर काम करेंगी, जिससे दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिलेगा।


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