Sunday, March 29th, 2026

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धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा कर्कटेश्वर महादेव मंदिर- रेखा आर्या

Daily Archives: 29/03/2026

धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा कर्कटेश्वर महादेव मंदिर- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री ने किया कर्कटेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन

काकडीघाट/अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने काकड़ी घाट में स्थित कर्कटेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया । यह विशाल जनसभा मानसखंड माला मिशन के तहत आयोजित हुई, जिसके अंतर्गत इस प्राचीन मंदिर के विकास के लिए 4.98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यह स्थल स्वामी विवेकानंद की तपस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।

इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति से जुड़े स्थलों का संरक्षण और समग्र विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि काकड़ी घाट जैसे पवित्र स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सुनियोजित कार्य किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

रेखा आर्या ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का कार्य अभूतपूर्व रूप से हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह काशी और अयोध्या जैसे स्थलों का कायाकल्प हुआ है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड के पौराणिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

मंत्री ने विश्वास जताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों की आजीविका के साधनों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम में हरीश परिहार, विमला रावत, बिशन कनवाल, गोपाल दत्त सती, भुवन सिंह फर्त्याल, देवकीनंदन कांडपाल, गोपाल सिंह, देव राम, हेम बिष्ट, जानकी देवी, भुवन चंद जोशी, भोला सिंह परिहार, गोपाल राम, दीवान नेगी, त्रिलोक सिंह रावत, हीरा सिंह फर्त्याल, धर्म सिंह, हरीश, अनीता आर्या, ललित बिष्ट, वीरेंद्र सिंह, कमल राठौर, मोहन सिंह लटवाल, दीवान सिंह जलाल, कैलाश नैनवाल, महेंद्र सिंह रावत, पूरन सिंह, प्रताप सिंह बिष्ट, प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


बनबसा में बनेगा आधुनिक लैंड पोर्ट, पीएम मोदी और नेपाल के पीएम करेंगे शिलान्यास

महाराज के प्रयास रंग लाए, बनबसा लैंड पोर्ट को मिली रफ्तार

देहरादून। चंपावत के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर एक आधुनिक लैंड पोर्ट को विकसित करने के प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रयास फलीभूत हो रहे। लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) उत्तराखंड सरकार के सहयोग से बन रहे इस लैंड पोर्ट को विकसित करने के लिए महाराज पिछले काफी समय से प्रयासरत रहे हैं। अब शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह संयुक्त रुप से इसका शिलान्यास करेंगे।

प्रदेश के सिंचाई, लोक निर्माण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चंपावत के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा (महेंद्र नगर) पर आधुनिक लैंड पोर्ट को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक लैंड पोर्ट भारत नेपाल के बीच संबंधों के साथ-साथ मैत्री के एक नये सेतू के रूप में काम करेगा। लैंड पोर्ट के निर्माण में जो भी बाधायें हैं उन्हें तेजी के साथ दूर किया जा रहा है ताकि परियोजना पर तेजी से काम हो। ज्ञात हो कि चंपावत के बनबसा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा (महेंद्र नगर) पर आधुनिक लैंड पोर्ट को विकसित करने के लिए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कई बार वहां जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के अलावा अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें आयोजित कर नेपाल के राजदूत से भी इस परियोजना के संबंध में बातचीत की। जिसका नतीजा यह रहा कि इस परियोजना के लिए पहले चरण में लगभग ₹500 करोड़ की धनराशि और पर्यावरण मंजूरी, 84 एकड़ वन भूमि का हस्तांतरण और अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने बताया कि इस लैंड पोर्ट के बनने से एक ही परिसर में कस्टम, इमिग्रेशन, सुरक्षा, कार्गो टर्मिनल, यात्री टर्मिनल और स्वास्थ्य इकाई होंगी, यानी सीमा पर व्यापार और यात्री आवागमन के लिए एकीकृत, तेज़ और सुरक्षित प्रणाली विकसित होगी। इसके निर्माण से किसानों और छोटे उत्पादकों की नेपाली बाजारों तक सीधी पहुँच, ट्रांसपोर्ट लागत में कमी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट बनने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। भारत-नेपाल व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना मिलेगा। यह पोर्ट सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदलने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में बड़ा कदम साबित होगा।


पुराना तकिया बिगाड़ सकता है नींद और सेहत, समय पर बदलना जरूरी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अच्छी नींद के लिए महंगे गद्दे और बेड तो खरीद लेते हैं, लेकिन तकिये की सफाई और उसकी स्थिति पर ध्यान नहीं देते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो गंदा या पुराना तकिया सिर्फ नींद ही खराब नहीं करता, बल्कि कई तरह की शारीरिक समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। समय पर तकिया न बदलना और उसकी सफाई में लापरवाही बरतना सेहत पर भारी पड़ सकता है।

रोजाना इस्तेमाल होने वाला तकिया धीरे-धीरे धूल, पसीना, मृत त्वचा कोशिकाएं और बैक्टीरिया का अड्डा बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे तकिये का लंबे समय तक उपयोग करने से शरीर पर नकारात्मक असर पड़ना शुरू हो जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर हर एक से डेढ़ साल के भीतर तकिया बदलने और उसके कवर को नियमित रूप से साफ रखने की सलाह देते हैं।

गर्दन और मांसपेशियों पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराना या खराब तकिया गर्दन को सही सपोर्ट नहीं दे पाता। इससे गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द, अकड़न और लंबे समय में मसल स्ट्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सिर दर्द और माइग्रेन की परेशानी
गलत तकिये के इस्तेमाल से सिर और गर्दन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, गंदे तकिये पर मौजूद बैक्टीरिया भी असुविधा पैदा कर सकते हैं।

त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने का खतरा
पुराने तकिये पर जमा गंदगी और बैक्टीरिया त्वचा के संपर्क में आकर पिम्पल्स, रैश और एलर्जी जैसी दिक्कतों को बढ़ा सकते हैं। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

नींद की गुणवत्ता पर असर
गंदा या असुविधाजनक तकिया नींद को प्रभावित करता है। पर्याप्त और अच्छी नींद न मिलने से थकान, चिड़चिड़ापन और काम में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

आंखों में जलन और संक्रमण का खतरा
धूल और बैक्टीरिया से भरे तकिये के कारण आंखों में जलन, खुजली और लालिमा की समस्या हो सकती है। यह स्थिति उन लोगों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है जो कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


राज्य में गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है- मुख्य सचिव आनंद बर्धन

कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र राज्य में गैस, ईंधन एवं अन्य आवश्यक कमोडिटीज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू एवं कमर्शियल गैस की उपलब्धता, अस्पतालों, शैक्षिक संस्थानों एवं उद्योगों की आवश्यकताएं, आगामी चारधाम यात्रा के दौरान संभावित बढ़ती मांग, उर्वरकों की स्थिति, पीएनजी पाइपलाइन विस्तार, सीएनजी आपूर्ति, कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर नियंत्रण, अफवाह प्रबंधन तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

जनमानस को राहत—कोई कमी नहीं, पैनिक न करें

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक पैनिक होने से बचें।

वैश्विक चुनौती को अवसर में बदलने का आह्वान

उन्होंने कहा कि विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य प्राप्त करने हेतु यह समय ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ने का है। उन्होंने सभी विभागों को घरेलू, औद्योगिक एवं परिवहन क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी

मुख्य सचिव ने पर्यटन व पूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली गैस की अतिरिक्त मांग का सटीक आकलन कर प्लान बनाएं। केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त ईंधन के मांग की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराएं।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई

गैस, कच्चा तेल एवं उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता

मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि यूरिया का अनावश्यक भंडारण न किया जाए तथा एग्रीटेक, फार्मर रजिस्ट्री और वास्तविक खेती के आंकड़ों को मैच करते हुए उर्वरक वितरण को लिंक कर दुरुपयोग रोका जाए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पीएनजी पाइपलाइन से संबंधित अनुमति तुरंत प्रदान की जाए। फार्मा सहित विभिन्न उद्योगों में पाइपलाइन आधारित गैस उपयोग और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दें।

नियमित प्रेस ब्रीफिंग से अफवाहों पर नियंत्रण

जनमानस तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा

मुख्य सचिव ने पीरूल ब्रिकेट, बायोगैस प्लांट, सोलर चूल्हे एवं सोलर कुकर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। नगर निकायों को बायोगैस प्लांट अनिवार्य रूप से बढ़ाने तथा ऊर्जा विभाग को वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार हेतु तेजी से कार्य करने को कहा गया।

परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर

सरकारी एवं निजी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने तथा ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने के निर्देश दिए गए।

प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए सहायता तंत्र

खाड़ी देशों एवं मिडिल ईस्ट में फंसे नागरिकों की सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश देते हुए विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया तथा जिलों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए।

सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों एवं वितरकों पर नियमित निगरानी रखी जाए, स्टॉक रजिस्टर की दैनिक जांच हो तथा आपूर्ति में असंतुलन होने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। शादी समारोह जैसे अवसरों के लिए भी अतिरिक्त गैस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम व एल एल फैनई सहित वरिष्ठ अधिकारी, राज्य स्तरीय समन्वयक तेल कंपनी, आईओसी/ बीपीसीएल/ एचपीसीएल के राज्य स्तरीय अधिकारी सचिवालय सभागार में उपस्थित थे तथा जनपदों से जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित थे।


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