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अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर स्पेसएक्स का कैप्सूल धरती के लिए हुआ रवाना

Category Archives: अंतर्राष्ट्रीय

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर स्पेसएक्स का कैप्सूल धरती के लिए हुआ रवाना

17 घंटे का होगा अंतरिक्ष यात्रियों का सफर 

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर स्पेसएक्स का कैप्सूल धरती के लिए रवाना हो गया है। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 3:27 बजे धरती पर लौटेंगे। सुनीत विलियम्स समेत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री आज सुबह आईएसएस से अनडॉक हो गए। अंतरिक्ष यात्रियों का ये सफर 17 घंटे का होने वाला है। वे फ्लोरिडा के तट पर उतरेंगे। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने पिछले साल 5 जून 2025 को  नासा के मिशन के तहत बोइंग के अंतरिक्ष यान पर बैठकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए उड़ान भरी थी।

वे वहां सिर्फ एक सप्ताह रुकने वाले थे लेकिन अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी आने की वजह से दोनों धरती पर वापस नहीं आ सके। दोनों के लिए 10 दिन का मिशन 9 महीने से अधिक के इंतजार में बदल गया। मिशन प्रबंधक 18 मार्च की शाम के लिए पूर्वानुमानित अनुकूल परिस्थितियों के आधार पर क्रू-9 की पहले वापसी के अवसर को लक्षित करने में जुट गए हैं। ड्रैगन क्राफ्ट पहले ही चार अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़कर सुनीता और बुच को लेने आईएसएस पर पहुंच चुका है। इस बीच, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने उनके स्थान पर पहुंचे चारों नए अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन से संबंधित जानकारियां साझा कीं और कई प्रमुख बातें सिखाईं।

दोनों यात्री नौ माह पूर्व एक सप्ताह के लिए आईएसएस गए थे लेकिन उनका स्टारलाइनर यान खराब हो गया और वे वहीं फंसकर रह गए। अब उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स ड्रैगन का इस्तेमाल किया जा रहा है। नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रोस्कोस्मोस कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी ड्रैगन कैप्सूल में वापस आएंगे। नासा से जुड़े स्टीव स्टिच ने कहा कि बुच और सुनीता ने शानदार काम किया है और हम उन्हें वापस लाने के लिए उत्साहित हैं।

नासा के सेवानिवृत्त अंतरिक्ष यात्री कैडी कोलमैन ने बताया है कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए कोई विशेष ओवरटाइम वेतन नहीं है। ऐसे में अंतरिक्ष यात्री संघीय कर्मचारी हैं, और इस स्थिति में अंतरिक्ष में उनके समय को पृथ्वी पर किसी भी नियमित कार्य यात्रा की तरह ही माना जाता है। अंतरिक्ष यात्री अपना नियमित वेतन पाते रहते हैं। नासा उनके भोजन व आईएसएस पर रहने के खर्च उठाता है। उन्हें प्रतिदिन 4 डॉलर (347 रुपये) दैनिक भत्ता मिलता है। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को अतिरिक्त मुआवजे के रूप में 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलने की संभावना है। हालांकि कोलमैन ने इसे सिर्फ एक अनुमान बताया।

नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया है। मस्क द्वारा एक्स पर पोस्ट एक वीडियो में सुनीता ने कहा, हम जल्द ही वापस आ रहे हैं, इसलिए मेरे बिना वे योजनाएं न बनाएं। हम जल्द ही वापस आ जाएंगे। बुच विलमोर ने कहा, हम सभी मस्क के प्रति अत्यंत सम्मान रखते हैं और जाहिर तौर पर हमारे राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति भी सम्मान और प्रशंसा रखते हुए हम उनकी सराहना करते हैं।


अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को लाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष यान आज हुआ रवाना 

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के धरती पर सुरक्षित वापस लौटने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उनके साथ बैरी विल्मोर भी धरती पर नौ महीने बाद लौटेंगे। दोनों को लाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष यान आज तड़के (भारतीय समयानुसार) रवाना हो गया है। माना जा रहा है कि आज ही देर शाम तक यह अंतरिक्ष यान आईएसएस पर डॉक कर सकता है। इसके बाद सुनीता और बैरी दोनों पृथ्वी पर जल्द से जल्द लौट सकते हैं।

पहले जानें- सुनीता विलियम्स को किस मिशन में भेजा गया था?

5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन पर भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी।

जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के रोटेशनल मिशन (बारी-बारी से मिशन) को अंजाम देने की स्टारलाइनर की क्षमता को दिखाना था। लंबी अवधि की उड़ानों से पहले तैयारी को परखने और जरूरी परफॉर्मेंस डेटा जुटाने के लिए क्रू उड़ान परीक्षण को बनाया गया था।

किस वजह से आईएसएस पर ही फंस गईं सुनीता और बैरी?
हालांकि, अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्टारलाइनर की उड़ान के दौरान, अंतरिक्ष यान के कुछ थ्रस्टर्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। थ्रस्टर्स’ आमतौर पर कम फोर्स वाले रॉकेट मोटर्स को कहा जाता है। थ्रस्टर्स के कमजोर प्रदर्शन के अलावा स्टारलाइनर के हीलियम सिस्टम में कई लीक भी देखे गए। इसके बाद नासा और बोइंग ने अंतरिक्ष यान के बारे में व्यापक डेटा विश्लेषण के जरिए जानकारी जुटाई। इस जांच में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया दुर्घटना के बाद स्थापित हुए संगठन शामिल थे। यह दुर्घटना 1 फरवरी, 2003 को हुई थी। यह दुर्घटना तब हुई थी जब कोलंबिया अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वातावरण में वापस आ रहा था। इस दुर्घटना में सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे जिसमें भारतीय मूल की कल्पना चावला भी शामिल थीं।

सुनीता-बैरी को लौटाने के लिए क्या-क्या किया गया?

1. नासा ने इसके बाद बोइंग के स्टारलाइनर को वापस पृथ्वी पर लौटाने की संभावनाओं को तलाशा। जांच के बाद यह सामने आया कि स्टारलाइनर में यात्रियों को वापस लाना सुरक्षित नहीं होगा। आखिरकार तीन महीने के इंतजार के बाद नासा ने फैसला किया कि स्टारलाइनर को बिना क्रू के ही वापस धरती पर लाया जाएगा। 6 सितंबर 2024 को स्टारलाइनर बिना क्रू के ही धरती पर लौट आया।

2. इस बीच नासा ने सुनीता और बैरी को वापस लाने के लिए नई योजना पर काम शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि स्टारलाइनर के आईएसएस में अटके होने की वजह से अगस्त में आईएसएस भेजा जाने वाला स्पेसएक्स का क्रू-9 मिशन सितंबर तक अटक गया था। ऐसे में नासा ने स्पेसएक्स की तरफ से तय किए गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से सिर्फ दो को ही सितंबर के अंत में भेजने का फैसला किया, ताकि इसकी वापसी में सुनीता और बैरी को खाली पड़े स्लॉट में जगह देकर पृथ्वी पर लौटाया जा सके। क्रू-9 को आखिरकार 28 सितंबर को लॉन्च कर दिया गया।

3. क्रू-9 मिशन की वापसी 17 दिसंबर को तय की गई थी। यानी सुनीता और बैरी को दो महीने से ज्यादा समय और आईएसएस पर ही बिताना था। लेकिन इस अवधि को भी लगातार बढ़ाया गया। दरअसल, नासा ने फैसला किया कि क्रू-9 को पृथ्वी पर लौटाने से पहले वह स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को एक नए क्रू-10 मिशन के लिए लॉन्च कर देना चाहता है। लेकिन क्रू-10 की लॉन्चिंग की तैयारियां दिसंबर में पूरी नहीं हो पाईं। नासा ने बताया कि ड्रैगन अंतरिक्ष यान जनवरी की शुरुआत में फ्लोरिडा पहुंचेगा। इसके बाद क्रू-10 की लॉन्चिंग को फरवरी तक के लिए टाल दिया गया।  

4. फरवरी में वापसी तय होने के बाद जहां क्रू-9 के दोनों सदस्यों- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव को फ्लाइट से जुड़े कई परीक्षण करने थे, तो वहीं सुनीता विलियम्स इस दौरान आईएसएस के एक्सपीडिशन 72 की कमांडर बन गईं। उनके अनुभव के मद्देनजर स्पेस स्टेशन पर रहने वाले हर व्यक्ति के कामकाज और देखरेख की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पांच महीने के दौरान अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी हुए, जिनमें आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने भी वोट डाले।

5. इस बीच नासा ने आईएसएस में मौजूद सुनीता और बैरी को लौटाने की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की। हालांकि, 12 फरवरी को एक बार फिर टीम की तैयारियों को झटका लगा। दरअसल, एजेंसी को ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की तैयारियों की प्रक्रिया के प्रमाणन में समय लग रहा था। ऐसे में इसकी लॉन्चिंग को एक महीने के लिए टाल दिया गया और क्रू-10 को 12 मार्च को आईएसएस के लिए लॉन्च करने की तैयारी हुई।

6. 12 मार्च को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने से करीब एक घंटे पहले क्रू-10 मिशन को एक बार फिर टाल दिया गया। बताया गया कि स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रॉलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद लॉन्च की अगली तारीख 13 मार्च को शाम 7.26 बजे (भारतीय समय के अनुसार 14 मार्च सुबह 4:56 बजे) तय की गई। क्रू-10 का यह मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च भी हो गया।

7. अब क्रू-10 की सफल लॉन्चिंग के साथ ही नासा ने एलान किया है कि अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव का क्रू-9 मिशन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार 19 मार्च को सुबह 9:05 बजे से पहले अंतरिक्ष स्टेशन से प्रस्थान कर सकते हैं। बशर्ते कि फ्लोरिडा के तट से दूर स्पलैशडाउन स्थानों पर मौसम खराब हो।

पृथ्वी पर लौटने के बाद सुनीता-बैरी को क्या दिक्कतें आ सकती हैं?

1. फ्लू जैसी स्थिति, चलने में दिक्कतें
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर की वापसी बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाली है। पृथ्वी पर आईएसएस के मुकाबले माहौल काफी अलग है। दरअसल, अंतरिक्ष का माहौल जीरो ग्रैविटी वाला होता है। यानी यहां अंतरिक्ष यात्री एक कदम में कई फीट की दूरी पूरी कर लेते हैं। इतना ही नहीं कई मौकों पर तो उन्हें स्पेसशिप पर घंटों पैर भी नहीं रखना पड़ता। ऐसे में ठोस सतहों पर उनके पैरों की दबाव डालने की क्षमता कम हो जाती है और उनके पैरों में मौजूद मांसपेशियों का मोटा हिस्सा कम होता है।

इसके चलते पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल की मौजूदगी की वजह से अब जब वे चलने की कोशिश करेंगे तो उन्हें ठोस सतह पर पैर बढ़ाने में भी दिक्कतें आएंगी और कमजोरी महसूस होगी। साथ ही उन्हें अपने कदम छोटे-छोटे लगेंगे, जिसे ‘बेबी फीट’ कंडीशन कहा जाता है। इतना ही नहीं सुनीता और बैरी को पृथ्वी पर कुछ समय के लिए चक्कर आने और जी मिचलाने की शिकायत भी होगी।

एक अंतरिक्ष यात्री टेरी विर्ट्स के मुताबिक, आईएसएस के जीरो ग्रैविटी माहौल से लौटने के बाद उन्हें अपना वजन काफी भारी लग रहा था। इतना ही नहीं उन्हें चक्कर भी आ रहे थे और उन्हें फ्लू जैसा संक्रमण महसूस हो रहा था। टेरी के मुताबिक, अंतरिक्ष से लौटने के बाद शरीर को पृथ्वी के माहौल में ढलने के लिए कम से कम एक हफ्ता लगता है। माना जा रहा है कि सुनीता और बैरी के लिए पूरी तरह पृथ्वी के माहौल में ढलने के लिए यह समय कुछ ज्यादा भी हो सकता है।

2. कमजोर दिल
द गार्डियन अखबार के मुताबिक, अंतरिक्ष में रहने के दौरान एस्ट्रोनॉट्स की हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जो कि जल्दी ठीक नहीं होता। इसके अलावा उनके शरीर में मांस भी कम होता है। इससे हाथ-पैर कमजोर होते हैं। यहां तक कि दिल पर भी इसका असर होता है, क्योंकि जहां पृथ्वी पर हृदय को खून का प्रवाह बनाए रखने के लिए गुरुत्वाकर्षण के उलट भी काम करना होता है, वहीं अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी में हृदय पर यह अतिरिक्त बल नहीं पड़ता।चूंकि सुनीता विलियम्स लंबे समय तक अंतरिक्ष में रही हैं, इसलिए उनका दिल फिलहाल जीरो ग्रैविटी में काम करने का आदि हो गया है। उसे खून को शरीर के हर अंग में पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। अब जब वे पृथ्वी पर लौटेंगी तो उनके दिल को गुरुत्वाकर्षण बल के खिलाफ भी खून का प्रवाह बनाना होगा। यानी उनके कमजोर दिल को फिर से पृथ्वी के हिसाब से मजबूती दिखानी होगी। इसमें कई बार काफी समय लगता है और शरीर के हर अंग तक खून का प्रवाह समय पर बन नहीं पाता। इससे अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में खून का थक्का जमने (ब्लड क्लॉटिंग) का खतरा बढ़ जाता है।

3. दिमाग पर असर
इतना ही नहीं जीरो ग्रैविटी वाले माहौल से पृथ्वी पर आने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में मौजूद फ्लुइड दिमाग के आसपास इकट्ठा होने लगता है। इसके चलते उन्हें फ्लू का अहसास होता है। एस्ट्रोफिजिसिस्ट एलन डफी के मुताबिक, इस फ्लुइड की वजह से अंतरिक्षयात्रियों की आंखों की पुतली का आकार बदल जाता है और उन्हें देखने में दिक्कतें आती हैं। पृथ्वी पर लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट्स को कई बार चश्मे की जरूरत भी पड़ती है।

जो देश हमारे साथ जैसा करेगा, हम भी उसके साथ वैसा ही करेंगे – डोनाल्ड ट्रंप 

कनाडा और मेक्सिको पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का किया एलान 

कनाडा ने भी अमेरिका से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर टैरिफ लगाने का किया फैसला 

वॉशिंगटन। सीईओ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समय के साथ कनाडा और मेक्सिको पर भविष्य में टैरिफ बढ़ सकते हैं। ट्रंप ने ये भी कहा कि वैश्विक समुदाय ने अमेरिका से लंबे समय तक फायदा उठाया। उन्होंने आगे कहा कि अब व्यापार जगत टैरिफ को लेकर आई स्पष्टता को देख सकता है। कई वर्षों तक विश्व भर के देशों ने अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने अमेरिका से पैसा लिया और अब हम इसे वापस ला रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि जो देश हमारे साथ जैसा करेगा, हम भी उसके साथ वैसा ही करेंगे।

गौरतलब है कि ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। ट्रंप ने दोनों देशों पर यह टैरिफ अवैध अप्रवासन पर लगाम न लगाने के लिए और अमेरिका में फेंटानिल ड्रग की आवक के लिए लगाया है। ट्रंप का मानना है कि कनाडा और मेक्सिको के जरिए ही अमेरिका में फेंटानिल ड्रग की तस्करी होती है, जिससे अमेरिका में लाखों लोग मर चुके हैं। साथ ही ट्रंप का मानना है कि कनाडा और मेक्सिको अगर अवैध अप्रवासियों पर नकेल कसते तो अमेरिका में इतने बड़े पैमाने पर अवैध अप्रवासी नहीं आ सकते थे। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में 30 दिनों के लिए मेक्सिको और कनाडा से आने वाले कुछ उत्पादों पर टैरिफ लगाने का फैसला टाल दिया है।

ट्रंप के एलान के बाद से कनाडा और मेक्सिको में चिंता का माहौल है। अमेरिका के जवाब में कनाडा ने भी अमेरिका से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया है। मेक्सिको ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यही वजह है कि ट्रंप के फैसले से वहां के शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है। दरअसल कनाडा और मेक्सिको में लोग अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। साथ ही पारस्परिक टैरिफ लगने से इन देशों में अमेरिकी उत्पाद काफी महंगे हो गए हैं। हालांकि ट्रंप पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं और उन्होंने 2 अप्रैल से जैसे को तैसा की तर्ज पर सभी देशों पर टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है।


पूर्व सीएम के बेटे को जिंदा होते हुए किया गया मृत घोषित, अदालत में की झूठी रिपोर्ट पेश 

पाकिस्तान। एक हैरान करने वाले घटनाक्रम के तहत पूर्व सीएम के बेटे को जिंदा होते हुए भी मृत घोषित कर दिया गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, सिंध के पूर्व सीएम कायम अली शाह के बेटे लियाकत अली शाह को जीवित होने के बावजूद आधिकारिक दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया है। पाकिस्तान के स्वास्थ्य सचिव, डीजी स्वास्थ्य और अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव सहित विभाग के अधिकारियों ने लियाकत अली शाह की मृत्यु का दावा करते हुए अदालत में एक झूठी रिपोर्ट पेश की।

घर में मृत पाया गया पुलिसकर्मी
लियाकत अली शाह खैरपुर के सरकारी नेत्र अस्पताल में प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 161 से अधिक कर्मचारियों को अवैध रूप से नियुक्ति देने का आरोप है। 10 फरवरी कराची में लियाकत अली शाह के आवास पर एक पुलिसकर्मी मृत पाया गया। पुलिस ने बताया कि पुलिसकर्मी दरखशान पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले एक घर से मृत पाया गया और प्रारंभिक जांच के बाद पता चला कि यह घर पीपीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सैयद कायम अली शाह के बेटे का था। हालांकि ये पता नहीं चल पाया कि पुलिसकर्मी की मौत के बाद आधिकारिक दस्तावेज में लियाकत अली शाह का नाम कैसे दर्ज हुआ।

लियाकत अली शाह ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह जगह किराए पर दी थी और उन्हें उसकी मौत की वजह के बारे में नहीं पता है। बाद में, एएसपी दरखशान पुलिस स्टेशन राणा दिलावर ने कहा कि पुलिसकर्मी की मौत स्वाभाविक लग रही है क्योंकि यह पता चला है कि उसकी मौत दौरे पड़ने के बाद हुई।

(साभार)


अंतरिक्ष में फंसी अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स को वापस धरती पर लाने के लिए भेजेंगे अंतरिक्षयान- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 

अमेरिका। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिक्ष में फंसी अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही उन्हें वापस धरती पर लाने के लिए अंतरिक्षयान भेजेंगे। इस दौरान ट्रंप ने सुनीता विलियम्स के बालों की भी तारीफ की और कहा कि उनके बाल काफी मजबूत हैं। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने और उनकी सरकार ने सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में बेसहारा छोड़ दिया और दोनों आठ दिनों के अंतरिक्ष मिशन पर गए थे और अब दोनों को नौ महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सुनीता विलियम्स की तारीफ की
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ‘हमारे दो अंतरिक्षयात्री स्पेस में फंसे हुए हैं। बाइडन ने उन्हें ऊपर ही छोड़ दिया। मैंने मस्क (एलन मस्क) से कहा है कि क्या वे दोनों को धरती पर ला सकते हैं? जिस पर मस्क ने भी सहमति दे दी है और वे दो हफ्ते में अपने अंतरिक्षयान को स्पेस में भेजने की तैयारियों में जुट गए हैं।’ इसके बाद मजाकिया अंदाज में ट्रंप ने कहा कि ‘मैंने बड़े और मजबूत बालों वाली महिला (सुनीता विलियम्स) को देखा है। उनके बाल बहुत मजबूत हैं। अब हम उन्हें वापस लाने की तैयारी कर रहे हैं और हम उनसे प्यार करते हैं।’

बीते साल अंतरिक्ष गए थे अंतरिक्षयात्री
ट्रंप ने कहा कि ‘जो बाइडन इस देश के इतिहास के सबसे खराब राष्ट्रपति रहे हैं और उन्होंने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में फंसने दिया और कुछ नहीं किया।’ एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा कि ‘अंतरिक्षयात्रियों को अब आठ दिन और अंतरिक्ष में रहना पड़ेगा। स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्षयान छह महीने पहले ही उन्हें वापस ला चुका होता, लेकिन बाइडन और व्हाइट हाउस ने ऐसा नहीं करने दिया।’ उल्लेखनीय है कि बुच विल्मोर और सुनीता विलियम जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर विमान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी और हीलियम गैस के लीक के चलते यान को दोनों अंतरिक्षयात्रियों की वापसी के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया, जिसके बाद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बीते कई महीनों से अंतरिक्ष में फंसे रह गए।

(साभार)


स्कैम सेंटर में बंधक बनाए गए 48 भारतीयों समेत 215 विदेशी नागरिकों को कराया गया मुक्त 

थाइलैंड। थाइलैंड व कंबोडिया पुलिस के साझा अभियान में एक स्कैम सेंटर में बंधक बनाए गए 48 भारतीयों समेत 215 विदेशी नागरिकों को मुक्त कराया गया। अपराधी गिरोह तस्करी के जरिये इन्हें कंबोडिया के सीमावर्ती शहर ले आया था और बंधक बना लिया था। स्कैम सेंटर के जरिये पूरे दक्षिण एशिया में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था।

थाइलैंड पुलिस ने दी जानकारी
थाइलैंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह ऑनलाइन ठगी व धोखाधड़ी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे क्षेत्रीय अभियान का विस्तार था। कंबोडिया के बांतेय मींचे प्रांत के सीमावर्ती शहर पोइपेट में रविवार को तीन मंजिला इमारत में छापेमारी की गई। थाइलैंड सरकार के प्रवक्ता जिरायु होंगसुब ने बताया कि स्कैम सेंटर में थाइलैंड के 109, पाकिस्तान के 50, भारत के 48, ताइवान के पांच व इंडोनेशिया के तीन नागरिकों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था।

फर्जीवाड़े से हर साल अरबों डॉलर की कमाई
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अपराधी गिरोह हजारों लोगों को तस्करी के जरिये थाइलैंड, कंबोडिया व म्यांमार ले जाता है। इन देशों के स्कैम सेंटरों पर उनसे जबरन ऑनलाइन फर्जीवाड़ा कराया जाता है। ये लोग पूरे दक्षिण एशिया में ठगी व फर्जीवाड़े को अंजाम देते हैं। 2023 की यूएन रिपर्ट के अनुसार, अपराधी गिरोह ऑनलाइन फर्जीवाड़े के जरिये हर साल अरबों डॉलर की कमाई करता है।

दक्षिण एशिया में चल रहा व्यापक अभियान
दक्षिण एशिया के देशों ने स्कैम सेंटरों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है। हाल ही में थाइलैंड-म्यांमार सीमा पर बड़ा अभियान चलाया गया था। थाइलैंड सरकार ने उन क्षेत्रों की बिजली, ईंधन व जल आपूर्ति रोक दी थी, जहां स्कैम सेंटरों के होने की आशंका थी। इससे पहले शनिवार को थाइलैंड की सेना ने बताया था कि चीन ने स्कैम सेंटरों से मुक्त कराए गए उसके 621 नागरिकों को सौंप दिया है।

नौकरी का झांसा दे चीनी नागरिक ने शुरू किए स्कैम सेंटर
थाइलैंड व कंबोडिया के सीमावर्ती शहरों में स्कैम सेंटर कई वर्षों से संचालित किए जा रहे थे। थाइलैंड में स्कैम सेंटरों की शुरुआत चीनी नागरिक वांग जिंग ने की थी। उसने थाइलैंड के लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। इस बीच उसका अपहरण हो गया और उसे म्यांमार स्थित एक स्कैम सेंटर ले जाया गया। इसके बाद से स्कैम सेंटरों की जांच की जा रही है।

(साभार)


पत्नी के सामने पीट-पीटकर की पति की हत्या, डंडों और एसएस पाइपों से पीटने के साथ ही निकाल दी दोनों आंखे 

बांग्लादेश। ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नेता मोहम्मद बाबुल मिया की प्रतिद्वंदियों ने पत्नी के सामने पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने उसे डंडों और एसएस पाइपों से पीटा। उसकी दोनों आंखें तक निकाल दीं। हत्या के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, मोहम्मद बाबुल मिया बीएनपी की कुल्ला यूनियन इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष थे। दोपहर वह और उनकी पत्नी धामराई उपजिला के अक्षिरनगर हाउसिंग के पास सरसों की कटाई कर रहे थे। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई।

कई दिनों से धमकी दे रहे थे आरोपी: यास्मीन 
बाबुल की पत्नी यास्मीन बेगम ने बताया कि रियल एस्टेट व्यवसाय अक्षिरनगर हाउसिंग को लेकर ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी, अरशद और मोनिर हम दोनों को कई दिनों से धमका रहे थे, जबकि पति का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था।

पति को डंडों और एसएस की पाइपों से पीटा: यास्मीन 
यास्मीन बेगम ने बताया कि आरोपियों ने पति को डंडों और एसएस पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने पति की दोनों आंखें भी निकाल लीं। जब मैंने और कुछ स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने और उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें रोक दिया। यास्मीन ने बताया कि पति के बेहोश होने के बाद ही आरोपी वहां से गए।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बाबुल को मृत बताया 
पत्नी यास्मीन ने बताया कि आरोपियों के मौके से जाने के बाद, पति को सावर इनाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यास्मीन ने कहा कि वह घटना के बारे में तुरंत एफआईआर दर्ज कराएंगी।

पिछले विवाद के चलते हुई बाबुल की हत्या: पुलिस अधिकारी
धामराई पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोनिरुल इस्लाम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बाबुल की हत्या पिछले विवाद के चलते की गई है। शव को अस्पताल से बरामद कर पोस्टमॉर्टम हाउस भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों और कार्यकारी आदेशों का लोगों ने शुरू किया विरोध

लोगों ने अप्रवासियों को बाहर करने, ट्रांसजेंडरों के अधिकारों को समाप्त करने के फैसले का किया विरोध

एलन मस्क और प्रोजेक्ट 2025 के विरोध में लहराए बैनर 

वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों और कार्यकारी आदेशों का विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी राज्य फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया, मिनेसोटा, मिशिगन, टेक्सास, विस्कॉन्सिन, इंडियाना की राजधानियों में लोग सड़क पर उतरे। लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अरबपति एलन मस्क और प्रोजेक्ट 2025 के विरोध में बैनर लहराए। लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप के अप्रवासियों को बाहर करने, ट्रांसजेंडरों के अधिकारों को समाप्त करने और गाजा पट्टी से फलस्तीनियों को हटाने के फैसले का विरोध किया।

ओहायो में स्टेट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन में मार्गरेट विल्मेथ ने कहा कि मैं पिछले दो सप्ताह से लोकतंत्र में किए जा रहे बदलावों को देख हैरान हूं। मैं इसका विरोध कर रही हूं। मिशिगन के लांसिंग में राज्य कैपिटल के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे ट्रेजरी विभाग के डाटा तक एलन मस्क की पहुंच को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम इसको नहीं रोकते हैं और कांग्रेस से कुछ करने को नहीं कहते हैं तो यह लोकतंत्र पर हमला होगा। प्रदर्शनकारियों ने मस्क को ट्रंप की कठपुतली की तरह दिखाते हुए पोस्टर लहराए।

कई राज्यों में एलन मस्क और सरकारी दक्षता विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गई। मिसौरी के जेफरसन सिटी में प्रदर्शनकारियों ने स्टेट कैपिटल की सीढ़ियों पर लिखा कि DOGE वैध नहीं है। एलन के पास हमारी सामाजिक सुरक्षा जानकारी क्यों है? प्रदर्शनकारियों ने टेक्सास के ऑस्टिन शहर में मार्च निकाला।  अटलांटा के सेंटेनियल ओलंपिक पार्क से जॉर्जिया के स्टेट कैपिटल तक मार्च किया गया। डेनवर में विरोध प्रदर्शन के दौरान आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंटों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। फीनिक्स में प्रदर्शनकारियों ने एलन को निर्वासित करो और कोई नफरत नहीं, कोई डर नहीं, अप्रवासियों का यहां स्वागत है के नारे लगाए।

मिनेसोटा के सेंट पॉल में हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। आयोवा के डेस मोइनेस स्थित कैपिटल में प्रदर्शनकारी घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने रोटुंडा में लगे स्पीकर पर लगभग 15 मिनट तक चिल्लाया। इसके बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने उन्हें बाहर धकेल दिया। हथकड़ी में बंधे चार प्रदर्शनकारियों को हटा दिया।

अलबामा में एलजीबीटीक्यू लोगों को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयों का विरोध करने के लिए लोग स्टेटहाउस के बाहर एकत्र हुए। यूनिटेरियन यूनिवर्सलिस्ट मंत्री रेव. जूली कॉनराडी ने कहा कि राष्ट्रपति को लगता है कि उनके पास बहुत शक्ति है। उनके पास आपका लिंग निर्धारित करने की शक्ति नहीं है। उनके पास आपकी पहचान को परिभाषित करने की शक्ति नहीं है।


विदेश मंत्री ने ‘रायसीना मध्य पूर्व’ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को किया संबोधित 

संपर्क और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय सहयोग की जरूरत – विदेश मंत्री एस. जयशंकर 

पश्चिम एशिया अब भारत का एक विस्तारित पड़ोसी बन चुका है – विदेश मंत्री

नई दिल्ली/अबू धाबी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘रायसीना मध्य पूर्व’ (पश्चिम एशिया) कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लिए पश्चिम एशिया क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भारत का खाड़ी देशों के साथ व्यापार करीब 160 से 180 डॉलर के बीच है। उन्होंने कहा, हमारी खाड़ी में बहुत व्यापक और अहम मौजूदगी है। यहां 90 लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं और रहते हैं। इसके अलावा, खाड़ी देशों से भारत का संपर्क पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका और भूमध्य सागर तक फैला हुआ है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया को एक महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में देखता है, जो उसे दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत और पश्चिम एशिया के बीच व्यापार, संपर्क और लोगों के आपसी संबंधों में तेजी से विस्तार हुआ है।

विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि भारत का भूमध्य सागरीय देशों के साथ सालाना व्यापार करीब 80 अरब डॉलर है और यहां करीब पांच लाख प्रवासी भारतीय रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेल, हरित हाइड्रोजन, इस्पात आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा, भारत और पश्चिम एशिया के प्रयासों को अफ्रीका और यूरोप तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संपर्क और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया अब भारत का एक विस्तारित पड़ोसी बन चुका है और नई दिल्ली को इस क्षेत्र के साथ अपनी साझेदारी को और गहरा करना होगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश से भी मुलाकात की और दोनों देशों की विशेष साझेदारी पर चर्चा की।


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के पहले ही दिन कई कार्यकारी आदेशों पर किए हस्ताक्षर 

सबसे बड़ी जांच और अभियोजन को किया समाप्त

अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा की

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीती रात (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण की, वहीं शपथ ग्रहण के बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। आइए विस्तार से जानते है उन आदेशों के बारे में-

सबसे पहले जानते हैं क्षमादान के बारे में
ट्रंप ने पदभार संभालने के पहले ही दिन अपनी व्यापक क्षमादान शक्तियों का इस्तेमाल किया और अमेरिकी न्याय विभाग के इतिहास में किसी मामले से जुड़ी सबसे बड़ी जांच और अभियोजन को समाप्त कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह छह जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन परिसर यूएस कैपिटल पर हुए हमले के आरोपियों एवं अपने लगभग 1,500 समर्थकों को क्षमादान दे रहे हैं। ट्रंप का यह कदम अपेक्षित था, क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार अभियान में इसका जिक्र किया था। संसद भवन परिसर पर ट्रंप के समर्थकों के हमले में 100 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण को लेकर आशंका पैदा हो गई थी।

टिकटॉक के संचालन को 75 दिन बढ़ाया
ट्रंप ने वीडियो साझा करने वाले मंच ‘टिकटॉक’ के संचालन को 75 दिन बढ़ाने संबंधी एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका में ‘टिकटॉक’ के 17 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। ट्रंप की ओर से हस्ताक्षरित शासकीय आदेश में कहा गया, ‘मैं अटॉर्नी जनरल को निर्देश दे रहा हूं कि आज से 75 दिन की अवधि के लिए टिकटॉक पर प्रतिबंध को लागू करने के लिए कोई कदम न उठाए जाएं ताकि मेरे प्रशासन को उचित प्रस्ताव तैयार करने का अवसर मिले जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा हो साथ ही ऐसे मंच का संचालन अचानक बंद होने से रोका जा सके जिसका इस्तेमाल लाखों अमेरिकी करते हैं।’

अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकालेंगे ट्रंप
ट्रंप ने कहा है कि वह एक बार फिर देश को ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकालेंगे। उनकी इस घोषणा से वैश्विक तापमान वृद्धि से निपटने के लिए दुनिया भर के प्रयासों को झटका लगेगा और एक बार फिर अमेरिका अपने सबसे करीबी सहयोगियों से दूर हो जाएगा। ट्रंप के सोमवार को दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के समय व्हाइट हाउस की यह घोषणा 2017 में ट्रंप की कार्रवाइयों की याद दिलाती है, जब उन्होंने घोषणा की थी कि अमेरिका वैश्विक पेरिस समझौते से बाहर हो जाएगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका के बाहर निकलने के आदेश पर हस्ताक्षर
ट्रंप ने सोमवार को अपने शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका के बाहर निकलने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। कोरोना महामारी के वक्त ट्रंप इस संगठन पर काफी हमलावर थे। व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के साथ डब्ल्यूएचओ पक्षपात कर रहा है। यहां चीन को तवज्जो दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हमें ठगा है।

पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा
ट्रंप ने शपथ लेने के तत्काल बाद अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा की। व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर करने जा रहे हैं। ट्रंप ने शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही कैपिटल वन एरिना में कार्यकारी आदेशों के अपने पहले सेट पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान पेरिस जलवायु संधि से हटने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए गए।
 
यूएस में मौत की सजा की फिर होगी शुरुआत
ट्रंप के बड़े कार्यकारी आदेशों में एक मौत की सजा से जुड़ा आदेश भी है। इस आदेश के तहत न्याय विभाग को कहा गया है कि गंभीर संघीय मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को मौत की सजा की मांग की जाए। साथ ही ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल को निर्देश दिया है कि वे ये सुनिश्चित करें कि सभी राज्यों के पास अपराधियों को मौत की सजा देने के लिए पर्याप्त घातक जहरीले इंजेक्शन हो।

अमेरिकी लोगों को अब अभिव्यक्ति की आजादी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ लेने के तुरंत बाद ही अमेरिकियों की अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश के तहत सरकारी एजेंसियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाएंगी। आदेश में ट्रंप ने बाइडन सरकार की ओर से ऐसे मामलों में की गई कार्रवाईयों पर अटॉर्नी जनरल से रिपोर्ट मांगी है।

90 दिनों के लिए टाली यूक्रेन समेत सभी देशों की आर्थिक मदद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए 90 दिनों के लिए यूक्रेन समेत सभी देशों की आर्थिक मदद निलंबित कर दी। आदेश के मुताबिक, सभी अमेरिकी विदेशी सहायता कार्यक्रमों को समीक्षा लंबित रहने तक 90 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि वे उनके नीतिगत लक्ष्यों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं?

आव्रजन पर अंकुश-जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बढ़ावा
इसके अलावा ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें प्रमुख थे आव्रजन पर अंकुश लगाना, जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देना और पर्यावरण संबंधी नियमों को वापस लेना शामिल था।

 

 


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