Tuesday, October 6th, 2026

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यूट्यूबर अनुराग डोभाल पर गंभीर आरोप, मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत पर FIR दर्ज

Daily Archives: 06/10/2026

यूट्यूबर अनुराग डोभाल पर गंभीर आरोप, मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत पर FIR दर्ज

देहरादून। प्रसिद्ध यूट्यूबर अनुराग डोभाल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, रास्ता रोकने, धमकी देने और अन्य गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, राज सिंह चौहान ने शिकायत देकर आरोप लगाया कि 5 अक्टूबर की शाम वह यलो हिल्स कैफे के पास नैक्सा शोरूम के सामने अनुराग डोभाल और उनके साथियों से मिलने पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार, करीब रात आठ बजे बातचीत के दौरान विवाद हुआ और इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान अनुराग डोभाल ने उनका गला दबाने की कोशिश की। वहीं, उनके साथ मौजूद अन्य लोगों पर लोहे के हथियार और डंडों से हमला करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें वाहन से कुचलने का प्रयास किया।

राज सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उन्हें चोटें भी आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन और सोने की चेन भी छीन ली गई। किसी तरह मौके से निकलने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें फोन कॉल और इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से कथित तौर पर धमकियां दी गईं। आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायत में अनुराग डोभाल के अलावा अभय चौधरी, तपन पंडित, अभिषेक टाइगर, अभिनव श्रीवास्तव और गुरु भाई समेत कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।

नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 117(2), 191(2) और 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


कैंचीधाम के पास खाई में गिरा दूध से भरा पिकअप वाहन, तीन लोग घायल

तीन घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

नैनीताल। कैंचीधाम के पास मंगलवार तड़के एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन सवार तीन लोग घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और जिला पुलिस के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

आपदा कंट्रोल रूम नैनीताल से सुबह एसडीआरएफ पोस्ट खैरना को कैंचीधाम के पास पिकअप वाहन के खाई में गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे तीनों घायलों को खाई से बाहर निकाल लिया था।

इसके बाद एसडीआरएफ जवानों ने तीनों घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। साथ ही घटनास्थल पर सर्चिंग अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई अन्य व्यक्ति वाहन में या खाई में फंसा न हो।

जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन संख्या यूके04 सीसी 3465 लालकुआं से दूध लेकर जा रहा था। बताया जा रहा है कि रात करीब 2 बजे कैंचीधाम मंदिर के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। हादसे में अंकित सिंह (33 वर्ष), बॉबी और मोहम्मद साकिब (10 वर्ष) घायल हुए हैं। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।


फोन आने के बाद घर से निकला 17 वर्षीय किशोर, सुबह नाले में मिली लाश; स्कूटी भी पास बरामद

प्रयागराज। गंगापार के झूंसी थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब हवेलिया स्थित सोहम आश्रम के पास एक नाले में 17 वर्षीय किशोर का शव मिला। मृतक की पहचान कोहना निवासी शांतनु के रूप में हुई है। शव के नजदीक उसकी स्कूटी भी बरामद की गई। परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस हत्या समेत अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, शांतनु के मोबाइल पर सोमवार रात किसी व्यक्ति का फोन आया था। फोन आने के बाद वह स्कूटी लेकर घर से बाहर निकल गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

मंगलवार सुबह परिवार के लोग एक बार फिर शांतनु को खोजने निकले। इसी दौरान सोहम आश्रम के पास हवेलिया नाले के नजदीक उसकी स्कूटी दिखाई दी। स्कूटी मिलने की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और आसपास तलाश शुरू की।

तलाशी के दौरान नाले में शांतनु का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

जानकारी मिलते ही झूंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

पुलिस सोमवार रात शांतनु को आए फोन और उसके बाद घर से निकलने के घटनाक्रम को जांच का अहम हिस्सा मान रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और रात में कहां गया था।

परिवार के मुताबिक, शांतनु दो भाइयों में छोटा था। उसके बड़े भाई का नाम अनमोल है। उसकी मां रेखा देवी का वर्ष 2018 में निधन हो चुका है। परिवार अब शांतनु की मौत की वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।

फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। पुलिस हत्या की आशंका समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।


जूडियो का जलवा, 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा छुआ, ट्रेंट के कारोबार में जोरदार उछाल

दूसरी तिमाही में 23 फीसदी बढ़ा रेवेन्यू

नई दिल्ली। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कंपनी के प्रमुख ब्रांड जूडियो के स्टोर्स की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है। कारोबार में तेजी के बीच वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों का भी कंपनी के शेयर को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है।

दूसरी तिमाही में 23 फीसदी बढ़ा रेवेन्यू

ट्रेंट की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 5,788 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का यह रेवेन्यू 4,724 करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया। अप्रैल से सितंबर के दौरान ट्रेंट का कुल रेवेन्यू 21 फीसदी की वृद्धि के साथ 11,454 करोड़ रुपये रहा।

जूडियो ने हासिल किया बड़ा मुकाम

ट्रेंट की ग्रोथ में जूडियो की अहम भूमिका रही है। कंपनी ने दूसरी तिमाही के दौरान जूडियो का 1,000वां स्टोर शुरू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस दौरान कंपनी ने नेट आधार पर जूडियो के 17 नए स्टोर और वेस्टसाइड के 10 नए स्टोर खोले।

30 सितंबर 2026 तक ट्रेंट के विभिन्न ब्रांडों के स्टोर्स की कुल संख्या 1,342 हो गई है। कंपनी लगातार नए शहरों और बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रही है।

शेयर पर ब्रोकरेज की नजर

कंपनी के मजबूत कारोबार और लगातार हो रहे स्टोर विस्तार के बीच ट्रेंट के शेयर पर वैश्विक ब्रोकरेज की भी नजर है। बीओएफए सिक्योरिटीज ने ट्रेंट पर कवरेज शुरू करते हुए शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के इस रुख को कंपनी की आगे की विकास संभावनाओं के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


डायबिटीज से बचना है तो आज ही बदलें ये 5 आदतें, वरना बढ़ सकता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा

भारत, जिसे अक्सर ‘डायबिटीज कैपिटल’ के रूप में जाना जाता है, में टाइप-2 डायबिटीज के मामलों में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। जबकि आनुवंशिकी एक भूमिका निभाती है, जीवनशैली में बदलाव इस प्रवृत्ति के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। आइए हम उन 5 सामान्य आदतों पर गौर करें जो धीरे-धीरे टाइप-2 डायबिटीज का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं:

1. पैकेटबंद प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन: आज के व्यस्त समय में पैकेटबंद भोजन आसान विकल्प है, लेकिन इसकी कीमत आपकी सेहत को चुकानी पड़ सकती है। न केवल वे टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाते हैं, बल्कि वे कैंसर और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों के विकास से भी जुड़े हुए हैं।

2. नाश्ता छोड़ने की आदत: जल्दी में नाश्ता छोड़ देना एक सामान्य गलती है। अध्ययन बताते हैं कि जो लोग अक्सर नाश्ता छोड़ देते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने की संभावना अधिक होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नाश्ता छोड़ने से आपके शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो सकती हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है।

3. शारीरिक निष्क्रियता: आधुनिक जीवन शैली का मतलब अक्सर लंबे समय तक बैठे रहना है, विशेष रूप से कॉर्पोरेट दुनिया में। यह निष्क्रियता सीधे तौर पर टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाती है। नियमित व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने में मदद करता है, जो स्वस्थ ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

4. खराब नींद का पैटर्न: नींद सिर्फ आराम करने का समय नहीं है; यह महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है। खराब नींद या बिगड़ा हुआ स्लीप साइकिल टाइप-2 डायबिटीज के विकास से जुड़ा हुआ है। अध्ययन बताते हैं कि नींद की कमी इंसुलिन के प्रति प्रतिरोध बढ़ा सकती है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो सकता है।

5. स्मोकिंग: स्मोकिंग कई बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। अब, यह टाइप-2 डायबिटीज से भी जुड़ा हुआ है। स्मोकिंग करने वालों में डायबिटीज का जोखिम गैर-स्मोकिंग करने वालों की तुलना में 30-40% अधिक होता है। हालांकि सटीक तंत्र अभी भी जांच के अधीन है, स्मोकिंग तनाव के स्तर को बढ़ा सकता है और सूजन को बढ़ावा दे सकता है, दोनों ही डायबिटीज के विकास में भूमिका निभा सकते हैं।


सरकारी नौकरी और विदेश भेजने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, जम्मू-कश्मीर में फर्जी गृह मंत्रालय का नेटवर्क पकड़ा गया

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी और विदेश में दाखिले का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठने वाले कथित ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सरकारी विभागों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को नौकरी, एसपीओ नियुक्ति, सरकारी मंजूरी और विदेश भेजने का भरोसा दिलाते थे। पुलिस ने मामले में एक अधिवक्ता जहांगीर अहमद डार और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रंट (जेकेपीएफ) के चेयरमैन फिरदौस नबी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित तौर पर वर्ष 2019 से सक्रिय था और अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। प्रारंभिक जांच में करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।

मामला उस समय सामने आया जब 17 अगस्त 2026 को बीरवाह थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उससे एसपीओ की नौकरी दिलाने के नाम पर करीब तीन लाख रुपये लिए गए थे। इसके बदले उसे गृह मंत्रालय के नाम से जारी एक कथित नियुक्ति और सिफारिश पत्र दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दस्तावेज में तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव का नाम इस्तेमाल किया गया था और पत्र जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक को संबोधित था। कथित पत्र में बड़गाम के अलग-अलग गांवों के 10 युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी के तौर पर नियुक्त करने का उल्लेख किया गया था।

पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर जहांगीर अहमद डार की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद जम्मू के नानक नगर स्थित उसके किराये के ठिकाने पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को फर्जी सरकारी आदेश, मुहरें, 12 एटीएम कार्ड, खाली बैंक लेटरहेड, पहचान पत्र के अलावा पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेज मिले।

जांच टीम को एक डायरी भी बरामद हुई है। पुलिस का दावा है कि इसमें कथित तौर पर पैसों के लेन-देन का विवरण दर्ज था। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस अब गिरोह के काम करने के तरीके और उसके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर ठगी का एक पैटर्न सामने आया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य पहले लोगों से छोटी रकम लेते थे और काम होने का भरोसा दिलाकर उनका विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद सरकारी नौकरी, नियुक्ति, सरकारी योजनाओं की मंजूरी या सब्सिडी दिलाने के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी।

जांच में 2.3 लाख रुपये, 15 लाख रुपये और 27 लाख रुपये की कथित ठगी से संबंधित शिकायतें भी सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और दिहाड़ी मजदूरों को भी इस नेटवर्क ने निशाना बनाया।

आरोपियों द्वारा तैयार किए गए कथित फर्जी दस्तावेज पीड़ितों को व्हाट्सऐप के ‘व्यू वन्स’ फीचर के माध्यम से भेजे जाते थे। इस तरीके से दस्तावेज को सीमित समय के लिए दिखाकर उसके दोबारा इस्तेमाल या सुरक्षित रखे जाने की संभावना कम करने की कोशिश की जाती थी।

पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कथित नेटवर्क के जम्मू-कश्मीर से बाहर या विदेश में भी कोई संपर्क था या नहीं।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी कथित नेटवर्क के बड़े हिस्से से जुड़े हो सकते हैं। उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों और ठगी के शिकार लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।


हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला, छोड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह एक खिलाड़ी के तौर पर अपने क्रिकेट सफर को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

हरमनप्रीत ने अपने भावुक संदेश में कहा कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई यादगार पलों के साथ-साथ मुश्किल दौर, आलोचनाओं और निराशाओं का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा टीम को अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा।

37 साल की उम्र में कप्तानी को कहा अलविदा

हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम की कप्तानी लंबे समय तक संभाली। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया। कप्तान के तौर पर उनका हालिया बड़ा पड़ाव पिछले महीने रहा, जब उन्होंने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

बीसीसीआई के साथ बैठक के बाद आया फैसला

कप्तानी छोड़ने का यह ऐलान उस अहम बैठक के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।

टीम को रखा हमेशा सबसे आगे

हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं से समझौता किया, क्योंकि उनके लिए टीम का हित सबसे महत्वपूर्ण था।

उन्होंने कप्तानी के दौरान लिए गए कठिन फैसलों और उन पर हुई आलोचनाओं का भी जिक्र किया। हरमनप्रीत के मुताबिक, हर फैसला सभी को पसंद आए, यह जरूरी नहीं था, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को मजबूत बनाना और नई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।

हार, आलोचना से लेकर विश्व कप की ऐतिहासिक जीत तक

भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए हरमनप्रीत ने कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्होंने मुश्किल हार, निराशा, आलोचना और दबाव का सामना किया तो वहीं जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी हासिल किया।

विश्व कप जीत के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल को एक यादगार उपलब्धि के साथ समाप्त किया है। हरमनप्रीत ने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम के पास आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा और मजबूत आधार मौजूद है।

‘मुझे लगता है कि मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी’

कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर भावुक हरमनप्रीत ने कहा कि उनके मन में अब भी टीम को लेकर संतोष और विश्वास है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी

हरमनप्रीत कौर ने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। वह आगे भी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब वह क्रिकेट को एक अलग नजरिए से जीना चाहती हैं और खेल के प्रति अपने प्यार के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं।

हरमनप्रीत ने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, टीम प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि कप्तानी भले ही खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार हमेशा कायम रहेगा और उनका क्रिकेट सफर अभी जारी है।


बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों के लिए बन सकता है परेशानी, ऐसे रखें नजरों का ख्याल

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन पढ़ाई और मनोरंजन के चलते बच्चों की दिनचर्या में स्क्रीन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर बच्चों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसका सीधा असर उनकी आंखों और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। आगामी 8 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day) के अवसर पर वैश्विक अभियान ‘लव योर आइज़’ (अपनी आंखों से प्यार करें) के तहत बच्चों की दृष्टि सुरक्षा और उनके सही स्क्रीन टाइम को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।

स्क्रीन टाइम और आंखों पर इसके दुष्परिणाम
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार स्क्रीन के सामने रहने से बच्चों की आंखों में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसमें आंखों का सूखापन, थकान, सिरदर्द और धुंधलापन आम है। इसके अलावा, नजदीक की चीजों पर लगातार फोकस करने और आउटडोर गतिविधियों में कमी आने के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष – दूर की चीजें धुंधली दिखना) का खतरा काफी बढ़ जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों के अनुसार:

1 वर्ष से कम उम्र: के बच्चों के लिए किसी भी प्रकार के स्क्रीन समय की बिल्कुल सलाह नहीं दी जाती है।

2 से 4 वर्ष की आयु: के बच्चों के लिए स्क्रीन देखने का समय प्रतिदिन अधिकतम 1 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए, और जितना कम हो उतना बेहतर है।

बच्चों की आंखें सुरक्षित रखने के कामगार उपाय
माता-पिता इन आसान उपायों को अपनाकर बच्चों की आंखों की रक्षा कर सकते हैं:

20-20-20 नियम अपनाएं: बच्चे को कहें कि हर 20 मिनट के बाद स्क्रीन से नजर हटाकर करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड के लिए देखें।

आउटडोर खेल: बच्चों को रोजाना कम से कम 90 मिनट दिन के उजाले में बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।

दूरी और समय सीमा: मोबाइल या टैबलेट को आंखों के बेहद पास रखकर देखने से रोकें। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद कर दें।

नियम बनाएं: भोजन के समय, पढ़ाई के दौरान और सोने से पहले घर में ‘स्क्रीन-फ्री’ माहौल रखें। अचानक पूरी तरह पाबंदी लगाने के बजाय स्क्रीन का समय धीरे-धीरे कम करें।

विशेषज्ञ की सलाह: यदि बच्चे को बार-बार सिरदर्द, आंखें मिचमिचाने या दूर की चीजें देखने में परेशानी हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से जांच कराएं।


यूनेस्को में इंटर्नशिप का मौका, 31 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन; जानें पात्रता और अवधि

यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (UNESCO) ने युवाओं के लिए डिजिटल बिजनेस सॉल्यूशन इंटर्नशिप-2026 की घोषणा की है। यह इंटर्नशिप उन स्नातक, स्नातकोत्तर और हाल ही में पास आउट हुए युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो वैश्विक स्तर पर तकनीकी और पेशेवर अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। चयनित उम्मीदवारों को यूनेस्को मुख्यालय में नेटवर्क संचालन, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसे आधुनिक क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा।

मुख्य समाचार विवरण
इस इंटर्नशिप के तहत युवाओं को यूनेस्को के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में जोड़ने का प्रावधान है। इसमें नेटवर्क मॉनिटरिंग, क्लाउड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट, सर्वर और नेटवर्क समस्या निवारण, तथा यूजर सपोर्ट जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। इंटर्नशिप की अवधि 1 से 6 महीने तक होगी। इस दौरान उम्मीदवारों को न केवल तकनीकी कौशल बल्कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, टीम वर्क और बहुसांस्कृतिक माहौल में काम करने का अनूठा अनुभव भी मिलेगा। कार्यक्रम सफलताપूर्वк पूरा करने वाले इंटर्न को प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) भी प्रदान किया जाएगा।

पात्रता और योग्यता 
आयु सीमा: आवेदन के समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष होनी चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बैचलर डिग्री के तीसरे या अंतिम वर्ष में हो, अथवा मास्टर, पीएचडी या समकक्ष डिग्री कार्यक्रम में पंजीकृत हो।

पास-आउट छात्र: जो छात्र पिछले 12 महीनों के भीतर अपनी स्नातक, स्नातकोत्तर या पीएचडी पूरी कर चुके हैं, वे भी आवेदन के पात्र हैं।

भाषा ज्ञान: आवेदक को अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में लिखने और बोलने की अच्छी समझ होनी चाहिए। साथ ही, कंप्यूटर और सामान्य ऑफिस सॉफ्टवेयर की जानकारी अनिवार्य है।

आवेदन की प्रक्रिया
इस इंटर्नशिप के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 31 दिसंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के चरण नीचे दिए गए हैं:

सबसे पहले यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट careers.unesco.org/job/ पर जाएं।

होमपेज पर ‘पंजीकरण’ (Registration) के विकल्प पर क्लिक करें।

आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी को सावधानीपूर्वक भरें।

यदि आपका पहले से अकाउंट है, तो आप सीधे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के जरिए लॉग इन कर सकते हैं।


जेवर में किसान हत्याकांड का खुलासा, संपत्ति विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को उतारा मौत के घाट

ग्रेटर नोएडा। नीमका गांव में खेत पर सो रहे किसान भोले शंकर की गला काटकर हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच के बाद पुलिस ने मृतक के छोटे भाई देवेंद्र उर्फ देवू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना का पता सोमवार सुबह उस समय चला, जब मृतक का बेटा योगेंद्र उर्फ लक्की चाय लेकर खेत पर पहुंचा। वहां पिता का खून से लथपथ शव देखकर उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

मामले की जांच के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की थीं। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना से पहले एक संदिग्ध व्यक्ति खेत की तरफ जाता दिखाई दिया, जिसकी कद-काठी मृतक के छोटे भाई देवेंद्र से मिलती थी। इसके बाद पुलिस ने देवेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति विवाद में देवेंद्र की भूमिका सामने आई। इसके बाद देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक के बेटे की तहरीर पर पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा चुका था।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा भी बरामद कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपित ने हत्या की बात स्वीकार की और उसके चेहरे पर वारदात को लेकर कोई पछतावा भी नजर नहीं आया। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।


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