Saturday, October 3rd, 2026

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शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी मुजफ्फरनगर का युवक थुरल से गिरफ्तार

Daily Archives: 03/10/2026

शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी मुजफ्फरनगर का युवक थुरल से गिरफ्तार

मंडी। शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में मंडी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी युवक को कांगड़ा के थुरल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान सरबट थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर निवासी समीर पुत्र दिलशाद के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक युवती ने शिकायत में बताया कि समीर ने उससे शादी करने का वादा किया था। इसके बाद वह उसे मंडी लेकर आया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि बाद में समीर युवती की बाइक, मोबाइल फोन और नकदी लेकर वहां से चला गया और उसे चंडीगढ़ छोड़ दिया। युवती ने करीब 70 हजार रुपये नकद और गहने ले जाने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद आरोपी ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया।

युवती ने 29 अगस्त को पुलिस से मामले की शिकायत की थी। कुछ समय बाद वह मंडी पहुंची और अपने बयान का वीडियो प्रसारित किया, जिसमें उसने आरोपी का मोबाइल चालू होने के बावजूद पुलिस द्वारा उसका पता नहीं लगा पाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को कांगड़ा के थुरल से गिरफ्तार कर लिया।

एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित सिविल लाइंस थाने से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर थाना सदर मंडी में दर्ज किया गया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।


सरस फूड फेस्टिवल में दिखेगा देशभर की महिलाओं के हुनर और स्वाद का संगम

उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों को मिले स्टॉल, देहरादून की 30 से अधिक समूह की महिलाएं भी होंगी शामिल

देहरादून। देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 5 से 11 अक्टूबर तक चलने वाले सरस फूड फेस्टिवल-2026 में देशभर की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हुनर, स्वाद और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। फेस्टिवल में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों की लाभार्थी महिलाएं अपने पारंपरिक खाद्य उत्पादों और अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगी।

सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि फेस्टिवल में प्रतिभाग करने वाले स्वयं सहायता समूहों को फूड आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और लाइव फूड स्टॉल आवंटित किए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और ग्राहकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों को सरस फूड फेस्टिवल में विभिन्न श्रेणियों के स्टॉल आवंटित किए गए हैं। वहीं, जनपद देहरादून के 30 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी फेस्टिवल में स्टॉल मिले हैं। यहां महिलाएं अपने स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प और अन्य तैयार उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि फेस्टिवल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने, उनके उत्पादों की पहचान बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक खान-पान एवं हस्तशिल्प संस्कृति को एक मंच पर लाना है।


बेडरूम में रखें ये पौधे, कमरे का माहौल रहेगा शांत और नींद के लिए बनेगा बेहतर वातावरण

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम और तनाव के कारण बड़ी संख्या में लोग नींद न आने या कम सोने की समस्या से जूझ रहे हैं। अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम ही नहीं देती, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद जरूरी होती है। ऐसे में यदि बेडरूम के माहौल को थोड़ा प्राकृतिक, शांत और शुद्ध बना लिया जाए, तो नींद की क्वालिटी (Sleep Quality) में जबरदस्त सुधार देखा जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ चुनिंदा इनडोर प्लांट्स न केवल कमरे की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि हवा को शुद्ध कर बेहतर और गहरी नींद लाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। यदि आप भी सुकून भरी नींद चाहते हैं, तो अपने बेडरूम में इन पौधों को जरूर जगह दें:

हवा को शुद्ध करने और नींद बढ़ाने वाले प्रमुख प्लांट्स

  • स्नेक प्लांट : यह एक ऐसा खास पौधा है जो रात के समय भी ऑक्सीजन छोड़ता है, जिससे कमरे की हवा शुद्ध रहती है और सांस लेना आसान हो जाता है।

  • लैवेंडर और जैस्मिन : लैवेंडर की भीनी खुशबू तनाव को कम करती है और मन को शांत करती है। वहीं, जैस्मिन (चमेली) की हल्की सुगंध चिंता दूर कर नींद को गहरा बनाने में मददगार है।

  • एलोवेरा और स्पाइडर प्लांट : ये दोनों पौधे हवा से हानिकारक टॉक्सिन्स और प्रदूषक तत्वों को दूर करते हैं और रात में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं।

  • पीस लिली और इंग्लिश आइवी : पीस लिली कमरे में नमी बनाए रखती है और टॉक्सिन्स कम करती है, जबकि इंग्लिश आइवी एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों को घटाकर सांस से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाती है।

  • एरेका पाम और गार्डेनिया : एरेका पाम एक नेचुरल ह्यूमिडिफायर की तरह काम करता है, और गार्डेनिया की प्राकृतिक खुशबू एक बेहतरीन ‘स्लीप इंड्यूसर’ का काम करती है जो दिमाग को पूरी तरह रिलैक्स कर देती है।

बेडरूम में इन प्राकृतिक पौधों का सही चुनाव करके आप न सिर्फ अपने कमरे को खूबसूरत बना सकते हैं, बल्कि फ्रेश हवा, शांत वातावरण और हल्की खुशबू के जरिए तनावमुक्त और गहरी नींद का आनंद भी ले सकते हैं [cite: अगर आप अपने बेडरूम में सही पौधों का चयन करते हैं, तो यह न सिर्फ आपके कमरे को सुंदर बनाएंगे बल्कि आपकी नींद की क्वालिटी को भी बेहतर बनाएंगे। नेचुरल एटमॉस्फियर, फ्रेश हवा और हल्की खुशबू मिलकर आपको सुकून भरी और गहरी नींद देने में मदद करेंगे।]।


अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, खिड़कियां टूटीं, पुजारी-श्रद्धालु थे अंदर

हिंदू संगठनों ने की आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

ओहायो। अमेरिका के ओहायो राज्य में एक हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया। हमले में मंदिर की इमारत और खिड़कियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। घटना के समय मंदिर परिसर में पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी साझा की। संगठन के मुताबिक, हमलावरों ने मंदिर की इमारत पर कई ईंटें फेंकीं, जिससे संरचना को नुकसान पहुंचा। एचएएफ ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज की पुलिस कर रही जांच

एचएएफ के अनुसार, मंदिर में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज पुलिस के पास उपलब्ध है और अधिकारी उसके आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं। संगठन ने बताया कि घटना की जानकारी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और नागरिक अधिकार अधिकारियों को भी दी जा रही है। एचएएफ मंदिर प्रबंधन के संपर्क में है और आवश्यक सहायता मुहैया कराने की बात कही है।

संगठन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।

धार्मिक नफरत के एंगल की भी जांच की मांग

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस घटना को संभावित हेट क्राइम के रूप में देखा है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं हुई है कि हमले के पीछे धार्मिक नफरत ही वजह थी। पुलिस की ओर से किसी संदिग्ध का नाम या गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने नहीं आई है।

एचएएफ ने अमेरिकी प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों से भारतीय-अमेरिकी तथा हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत से जुड़ी बयानबाजी की सार्वजनिक रूप से निंदा करने की अपील की है।

मंदिर के अंदर मौजूद थे पुजारी और श्रद्धालु

कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) के मुताबिक, ग्रेटर क्लीवलैंड क्षेत्र में स्थित मंदिर पर ईंटें फेंकी गईं, जिससे कुछ खिड़कियां टूट गईं। घटना के दौरान मंदिर के भीतर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे। हालांकि, अभी तक किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। टूटे शीशों और खिड़कियों की सटीक संख्या भी सामने नहीं आई है।

स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की मांग

CoHNA ने रिचमंड हाइट्स की मेयर किम थॉमस और स्थानीय प्रशासन से घटना की निंदा करने की मांग की है। संगठन ने पुलिस से जांच में तेजी लाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।

यह घटना ओहायो में हिंदू हेरिटेज मंथ की शुरुआत के दौरान सामने आई है। अक्टूबर में अमेरिका के कई हिंदू संगठन हिंदू विरासत माह से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसी अवधि में नवरात्रि के आयोजन भी होने हैं।

अमेरिका में पहले भी सामने आए मंदिरों से जुड़े मामले

CoHNA ने अमेरिका में हिंदू मंदिरों से संबंधित पहले की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया है। रिकॉर्ड के अनुसार, अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क के क्वींस स्थित श्री तुलसी मंदिर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। दिसंबर 2023 में कैलिफोर्निया के नेवार्क स्थित एसएमवीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में आपत्तिजनक ग्रैफिटी का मामला सामने आया था।

सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क के मेलविले और कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में बीएपीएस मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इसके बाद मार्च 2025 में कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स स्थित बीएपीएस मंदिर को आपत्तिजनक संदेशों के जरिए नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया।

हालांकि, ये घटनाएं अलग-अलग मामलों के रूप में दर्ज हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर इन्हें अमेरिका में हिंदू मंदिरों के खिलाफ घटनाओं में देशव्यापी वार्षिक बढ़ोतरी का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जा सकता।


Mental Health Tips: आपकी ये छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे बन सकती हैं मानसिक तनाव की वजह, आज ही करें सुधार

आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी हो गया है। हमारी रोजमर्रा की दिनचर्या और छोटी-छोटी आदतें सीधे तौर पर हमारी कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन को प्रभावित करती हैं। जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान जरूरी है, उसी तरह दिमाग को तरोताजा रखने के लिए अपनी आदतों पर नजर रखना बेहद आवश्यक है, खासकर बढ़ती उम्र के साथ।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ ऐसी आम आदतें हैं जो धीरे-धीरे हमारी भावनात्मक और मानसिक सेहत को कमजोर कर सकती हैं। आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में जिनमें सुधार करना बहुत जरूरी है:

1. सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल

आज के समय में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इस पर जरूरत से ज्यादा समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। लगातार स्क्रीन के सामने रहने से दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता और वास्तविक जीवन की गतिविधियों के लिए समय कम बचता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मौजूद अनहेल्दी या नकारात्मक कंटेंट भी तनाव को बढ़ावा दे सकता है।

2. नींद से समझौता करना

भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोग अक्सर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं। अच्छी नींद सिर्फ शारीरिक थकान मिटाने के लिए नहीं, बल्कि दिमाग के सुचारू रूप से काम करने के लिए भी उतनी ही जरूरी है। लगातार कम सोने से एकाग्रता में कमी, याददाश्त कमजोर होने और निर्णय लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मानसिक तनाव और चिंता से बचने के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की गहरी और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।

3. हर समय नकारात्मक विचार रखना

खुद को बार-बार कोसना, अपनी छोटी-छोटी कमियों को लेकर हद से ज्यादा चिंतित रहना या हर परिस्थिति का नकारात्मक पहलू देखना मानसिक सेहत के लिए ठीक नहीं है। इस तरह की सोच धीरे-धीरे व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को कमजोर कर देती है। गलतियों से सीख लेना बेहतर है, लेकिन हर बात के लिए खुद को दोषी ठहराने की आदत से बचना चाहिए।

समय रहते इन आदतों में बदलाव करके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।


‘दृश्यम 3’ की धांसू ओपनिंग, पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर की इतने करोड़ की कमाई

फिल्मी फैंस का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। अजय देवगन, तब्बू और जयदीप अहलावत स्टारर ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई। फिल्म ने पहले ही दिन शानदार कमाई दर्ज करते हुए कई बड़ी बॉलीवुड फिल्मों के ओपनिंग डे कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया।

पहले दिन ‘दृश्यम 3’ ने की शानदार कमाई

‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन भारत में 66.75 करोड़ रुपये की नेट कमाई दर्ज की। इसके साथ ही फिल्म ने ओपनिंग डे कलेक्शन के मामले में ‘स्त्री 2’, ‘एनिमल’ और ‘पठान’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

तुलना करें तो ‘स्त्री 2’ ने पहले दिन 64.8 करोड़ रुपये, ‘एनिमल’ ने 63.8 करोड़ रुपये, ‘पठान’ ने 57 करोड़ रुपये, ‘वॉर’ ने 53.35 करोड़ रुपये और ‘वॉर 2’ ने 52.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।

दुनियाभर में भी दिखा फिल्म का असर

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई ‘दृश्यम 3’ को छुट्टी का भी फायदा मिला। फिल्म ने भारत में पहले दिन 66.75 करोड़ रुपये नेट और करीब 80.10 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन किया।

विदेशी बाजार से फिल्म ने करीब 15 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह पहले दिन फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 95.10 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ओपनिंग डे की कमाई में दूसरे पायदान पर

पहले दिन के शानदार कारोबार के साथ ‘दृश्यम 3’ इस साल ओपनिंग डे पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, कुल मिलाकर फिल्म ने ‘जन नायकन’ और ‘पैराडाइज’ जैसी फिल्मों के शुरुआती रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए ओपनिंग डे के मामले में पांचवां स्थान हासिल किया है।

फिल्म की मजबूत शुरुआत को देखते हुए अब नजर इसके पहले वीकेंड के कलेक्शन पर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘दृश्यम 3’ अपनी रफ्तार कितनी बरकरार रख पाती है।


गुरुग्राम में प्रॉपर्टी कमीशन को लेकर अपहरण और हत्या की कोशिश, पांच आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम। प्रॉपर्टी डील का कमीशन नहीं मिलने से नाराज आरोपियों ने डीलर के बेटे के अपहरण और हत्या की कोशिश की। गुरुग्राम क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 की टीम ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात 21 सितंबर को गैलेरिया मार्केट में हुई थी। युवक की सतर्कता के कारण वह आरोपियों के चंगुल से बच निकला था।

पुलिस के मुताबिक, सुशांत लोक फेस-1 निवासी साहिल अरोड़ा ने 22 सितंबर को सेक्टर-29 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। साहिल ने बताया कि वह 21 सितंबर को गैलेरिया मार्केट गया था। कार पार्क करने के बाद वह कैफे में चला गया। वापस लौटकर जैसे ही वह कार में बैठा, एक आरोपी आगे की सीट और दो आरोपी पीछे की सीट पर आकर बैठ गए।

आरोप है कि आगे बैठे युवक ने साहिल पर पिस्टल तानकर उसके साथ चलने को कहा। विरोध करने पर आरोपी ने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन पिस्टल से गोली नहीं चली। इसके बाद साहिल ने हिम्मत दिखाते हुए कार आगे बढ़ा दी। इस दौरान पीछे बैठे दोनों आरोपी चलती कार से कूदकर फरार हो गए।

कुछ दूरी पर स्कूटी आने के कारण साहिल को कार रोकनी पड़ी। इसी दौरान आगे बैठा आरोपी भी कार से उतरकर भाग गया। हालांकि, उसकी पिस्टल कार में ही छूट गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 ने कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान सेक्टर-67 निवासी प्रवीण, लक्ष्मण विहार निवासी सुमेर सिंह, फरीदाबाद की वैधरम कॉलोनी निवासी शिव शंकर तथा दिल्ली के मीठापुर निवासी अमन और हेमंत के रूप में हुई है।

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रवीण ने साहिल के पिता के साथ प्रॉपर्टी की डील कराई थी। बाद में साहिल के पिता ने उसी प्रॉपर्टी की डील किसी अन्य व्यक्ति के साथ कर ली, जिससे प्रवीण को कमीशन नहीं मिल सका।

पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर प्रवीण ने सुमेर के साथ मिलकर साहिल के अपहरण की योजना बनाई थी। दोनों का उद्देश्य साहिल के पिता पर रुपये देने और प्रॉपर्टी की डील रद्द करने का दबाव बनाना था। वारदात के लिए प्रवीण और सुमेर नूंह से हथियार लेकर आए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि सुमेर ने पैसे देकर शिव शंकर, अमन और हेमंत को कथित साजिश में शामिल किया था। वारदात से पहले प्रवीण ने साहिल की कार में GPS ट्रैकर लगाया था, जिससे उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा सके। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।


देवरिया में हवालात में गांजा तस्करी के आरोपी ने लगाई फांसी, जांच में जुटे अधिकारी

देवरिया। खुखुंदू थाने की हवालात में शनिवार सुबह गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार 38 वर्षीय बृजपाल का शव फंदे से लटका मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोप है कि युवक ने पजामे के सहारे हवालात की खिड़की में फंदा लगाया। पुलिसकर्मियों की नजर पड़ने तक उसकी मौत हो चुकी थी।

जानकारी के मुताबिक, अमरोहा निवासी बृजपाल को शुक्रवार को एसओजी और खुखुंदू पुलिस की टीम ने खुखुंदू-नूनखार मार्ग पर पकड़ा था। पुलिस के अनुसार, वह ट्रक के जरिए करीब एक क्विंटल गांजा ले जा रहा था। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होने के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और उसे थाने की हवालात में रखा गया था।

पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब सात बजे बृजपाल ने हवालात की खिड़की में पजामे के सहारे फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद पुलिसकर्मियों ने उसे फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और थाने में जांच शुरू कर दी गई।

मामले की जानकारी मिलने पर एडिशनल एसपी सुनील कुमार सिंह और सीओ सलेमपुर गौरव कुमार सिंह खुखुंदू थाने पहुंचे। अधिकारियों ने हवालात का निरीक्षण करने के साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों से घटना के बारे में जानकारी ली।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एडिशनल एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बृजपाल को एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर हवालात में रखा गया था और उसने फंदा लगाकर जान दी। मामले की जांच जारी है।


हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री धामी से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव

राज्य की कनेक्टिविटी, होम-स्टे, पर्यटन विकास, सौर ऊर्जा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रयासों को सराहा

मुख्यमंत्री ने कहा—उत्तराखण्ड के अनुभवों को देशभर तक पहुंचाने में डिजिटल ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाएं युवा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के तीन दिवसीय भ्रमण पर आए हरियाणा के युवाओं ने भेंट की। युवाओं ने मुख्यमंत्री से अपने भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, होम-स्टे, सौर ऊर्जा, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

हरियाणा के युवाओं ने कहा कि तीन दिनों के भ्रमण के दौरान उन्हें उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों को करीब से जानने और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से स्थानीय लोगों के जीवन में आ रहे बदलावों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अधिकांश भू-भाग पर्वतीय होने के बावजूद उत्तराखण्ड में सड़क एवं डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

युवाओं ने उत्तराखण्ड के स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में होम-स्टे के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास भी प्रभावी हैं।

युवाओं ने कहा कि उत्तराखण्ड में तीर्थाटन और पर्यटन के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं के कारण राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सोलर रूफटॉप योजना को भी उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी पहल बताया।

हरियाणा के युवाओं ने कहा कि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण और स्थानीय लोगों के आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें वास्तविक रूप में यह अनुभव हुआ कि उत्तराखण्ड को देवभूमि क्यों कहा जाता है। भ्रमण के दौरान वे जहां भी गए, स्थानीय लोगों से उन्हें अपनापन और सहयोग मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि “अतिथि देवो भवः” देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराज्यीय भ्रमण युवाओं को देश की सांस्कृतिक विविधता, विभिन्न राज्यों में हो रहे नवाचारों तथा विकास की बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर देते हैं। इससे राज्यों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान भी बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। अंत्योदय की भावना के अनुरूप गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के अन्य वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, होम-स्टे, सौर ऊर्जा और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि तीन दिनों में उत्तराखण्ड में उन्होंने जो कुछ देखा, समझा और अनुभव किया है, उसे अपने मित्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आप उत्तराखण्ड के डिजिटल ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, पर्यटन, तीर्थाटन, स्थानीय उत्पादों, होम-स्टे, मिलेट्स, हस्तशिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच इस प्रकार का संवाद देश की विविधता को समझने के साथ ही एक-दूसरे से सीखने का माध्यम बनता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड से जुड़े अपने सकारात्मक अनुभवों को हरियाणा के युवाओं के साथ साझा करें और दोनों राज्यों के बीच संस्कृति, पर्यटन, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।


भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला आज

क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम अब शनिवार को आखिरी मुकाबले में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम की नजर जहां सीरीज में क्लीन स्वीप पर होगी, वहीं गेंदबाजी विभाग के प्रदर्शन में सुधार पर भी खास ध्यान रहेगा। शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने जमकर रन बनाए, लेकिन गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सीरीज के पिछले मुकाबले में 800 से अधिक रन बने थे। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर भी बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन वाली परिस्थितियों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। ऐसे में अंतिम मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

पावरप्ले में गेंदबाजों की परीक्षा

भारत ने दोनों मुकाबलों में शुरुआती 10 ओवरों के दौरान केवल एक विकेट हासिल किया है। वहीं दोनों मैचों के पावरप्ले में टीम ने कुल 177 रन खर्च किए। बीच के ओवरों में भी विकेट हासिल करने में परेशानी सामने आई है। कुलदीप यादव को दूसरे गेंदबाजों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया है।

अनुभवी रवींद्र जडेजा के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। जडेजा ने पिछले आठ मुकाबलों में केवल तीन विकेट हासिल किए हैं। दूसरी ओर शुभमन गिल बल्ले से लगातार प्रभावी नजर आए हैं। घरेलू वनडे में 2024 से उनका औसत 79.3 का रहा है। मौजूदा सीरीज में वह एक शतक और एक दोहरा शतक लगा चुके हैं। पिछले मैच में उनकी नाबाद 223 रन की पारी की बदौलत भारत ने 406 रन का विशाल लक्ष्य हासिल किया था।

रोहित और विराट पर भी निगाहें

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी सीरीज में उपयोगी पारियां खेली हैं। हालांकि अब तक भारतीय पारी में केवल चार बल्लेबाजों को ही पर्याप्त मौका मिला है। केएल राहुल, नमन धीर और रवींद्र जडेजा अभी बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे हैं।

गेंदबाजी विभाग में प्रसिद्ध कृष्णा की अनुपस्थिति भारत के लिए एक बदलाव लेकर आई है। बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण वह तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

सिराज की हो सकती है वापसी

मोहम्मद सिराज को सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। तीसरे वनडे में उनकी वापसी संभव है। श्रीलंका दौरे के बाद सिराज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की कोशिश में हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में खुद को साबित करने का उनके पास एक और अवसर होगा।

भारतीय वनडे टीम में तेज गेंदबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। गुरनूर बरार और आकिब नबी जैसे युवा गेंदबाज अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश में हैं। वहीं जसप्रीत बुमराह की टीम में जगह मजबूत बनी हुई है। साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज से पहले युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला अहम साबित हो सकता है।

मुल्लांपुर में पहली बार पुरुष वनडे

न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार पुरुषों का वनडे मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय गेंदबाज उम्मीद करेंगे कि यहां की परिस्थितियां तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की तुलना में उन्हें कुछ ज्यादा मदद दें।

सीरीज हार चुकी वेस्टइंडीज की टीम के बल्लेबाजों ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। जॉन कैंपबेल ने दोनों मैचों में आक्रामक शुरुआत दिलाई है, जबकि कप्तान शाई होप ने पारी को संभालने के साथ सही समय पर रन गति बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाई है। टीम को शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज और कीमो पॉल से भी महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद होगी।

कब और कहां खेला जाएगा मुकाबला?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा और अंतिम वनडे शनिवार, 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 1:30 बजे होगा।

टीवी और मोबाइल पर ऐसे देखें मैच

तीसरे वनडे का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल पर दर्शक मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे।

भारतीय टीम

रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, गुरनूर बराड़, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, आकिब नबी, ध्रुव जुरेल।

वेस्टइंडीज टीम

जॉन कैंपबेल, ज्वेल एंड्रयू, कीसी कार्टी, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), अमीर जांगू, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोटी, अल्जारी जोसेफ, जेडेन सील्स, कीमो पॉल, शमर जोसेफ, विटेल लॉज।


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