Sunday, March 15th, 2026

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पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल

Monthly Archives: March 2026

पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल

सीमांत क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का भाजपा में विश्वास, धारचूला जीत का संकेत- भट्ट

देहरादून। 2027 में हैट्रिक के लक्ष्य के साथ भाजपा ने पिथौरागढ़ के सीमांत दूरस्थ के कई जनप्रतिनिधियों को पार्टी में शामिल किया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, मुनस्यारी नगर पंचायत अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में लोगों का पार्टी से जुड़ना, धारचूला विधानसभा में जीत का शुभ संकेत है।

पार्टी में हुए इस ज्वाइनिंग कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नए सदस्यों का फूलमाला एवं पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा, प्रदेश में डबल इंजन सरकार के कामों से विकास की बयार बह रही है। एक ऐसा विश्वास आम जनमानस में स्थापित हुआ है कि पीएम मोदी और सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का विकसित होना अब तय है। यही वजह है कि राजनीतिक, सामाजिक तमाम तरह के कार्यकर्ता, पार्टी के विचारों में विश्वास जताकर, विकासयात्रा में सहयोगी बनना चाहते हैं। जिसका उदाहरण है, आप सब लोगों का सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर यहां इतनी बड़ी संख्या में होना।

उन्होंने कहा, दूरस्थ जिले पिथौरागढ़ की सीमांत विधानसभा से आप सब लोगों का आना सरकार और सांगठनिक कामों के प्रभाव को दर्शाता है। सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्र से भी जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ लोगों का पार्टी में विश्वास जताना, वहां धारचूला विधानसभा में 27 में जीत का शुभ संकेत है। पिछली बार भी हम बेहद कम लगभग 1118 वोटों से जीत दर्ज करने से रह गए थे, वो कसर इस बार सौ फीसदी पूरी कर दी जाएगी।

प्रदेश महामंत्री  कुंदन परिहार के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में मुनस्यारी नगर पंचायत अध्यक्ष राजेन्द पांगती, गणेश पांगती सभासद, जितेंद्र जोठा सभासद, हंसा देवी सभासद, सुरेन्द्र‌ सिह बृजवाल पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य, पुष्कर सिह पूर्व प्रधान छूरातोली, नवीन जौपनी, महेश रावत, सुरेंद्र सिंह निखुरप्पा, भूपेंद्र सिंह धर्मसत्तू, मनोज सिंह मर्तोलिया, मनोहर सिंह घपवाल, नितिन रावत, कृष्णा पांगती, दीपू बृजवाल, कैलाश जेरठा, राजू बम, दिनेश बृजवाल, लाजवंत बृजवाल समेत बड़ी संख्या में राजनैतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संगठन की रीति नीति में विश्वास जताए

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, दायित्वधारी सुभाष बड़थ्वाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक, पिथौरागढ़ जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी समेत कई वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।


उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज

सूखे जंगलों में भड़क रही आग, 36 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को नुकसान

देहरादून। प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आने लगी हैं। फायर सीजन शुरू होने के बाद से अब तक राज्य में वनाग्नि की 73 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर कुमाऊं क्षेत्र में आग की घटनाएं शून्य दिखाए जाने से सवाल भी उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार इस साल सर्दियों में बारिश और बर्फबारी कम होने के कारण जंगल काफी सूखे हैं, जिससे आग लगने का खतरा और बढ़ गया है। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के चलते जंगलों में आग की घटनाओं में भी इजाफा देखा जा रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक प्रदेश में जंगलों में आग की 61 घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें करीब 42 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। वहीं 15 फरवरी से 13 मार्च के बीच मात्र 27 दिनों में ही 73 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 70 घटनाएं गढ़वाल क्षेत्र में और तीन घटनाएं वन्यजीव क्षेत्रों में हुई हैं। इन घटनाओं से 36 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।

वहीं वन विभाग की वेबसाइट पर कुमाऊं क्षेत्र में नवंबर से मार्च तक वनाग्नि की कोई घटना दर्ज नहीं दिखाई गई है। जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। हाल ही में 12 मार्च को अल्मोड़ा जिले के मटेला क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिस पर दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर काबू पाया।

ऐसे में वनाग्नि की वास्तविक स्थिति और सरकारी आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और सूखे जंगलों को देखते हुए आगामी दिनों में वनाग्नि की चुनौती और बढ़ सकती है।


महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला हेल्प डेस्क एवं साइबर सेल का किया औचक निरीक्षण

महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और परिवारों को टूटने से बचाना शासन प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी- कुसुम कंडवाल

कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा कोटद्वार आगमन पर महिला हेल्प डेस्क का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डेस्क में चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अध्यक्ष महोदय ने स्वयं भी काउंसलिंग में प्रतिभाग किया और वहां मौजूद दोनों पक्षों की समस्याओं को सुनकर आपसी समन्वय के माध्यम से विवादों को सुलझाने का सार्थक प्रयास किया।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और परिवारों को टूटने से बचाना शासन प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है। निरीक्षण के क्रम में अध्यक्ष ने हेल्प डेस्क प्रभारी से वर्ष 2025-26 के पंजीकृत केसों की विस्तृत जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 540 मामले पंजीकृत किए गए, जिनका सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।

वहीं, वर्तमान वर्ष के शुरुआती महीनों (जनवरी-फरवरी 2026) में अब तक 112 नए केस दर्ज हुए हैं, जिन पर वर्तमान में सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

महिला हेल्प डेस्क के उपरांत अध्यक्ष ने साइबर सेल का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से संबंधित ऑनलाइन अपराधों व साइबर बुलिंग के मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्कूल कॉलेजों में बेटियों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से अवगत कराने व जागरूकता करने के निर्देश दिए। वहीं प्राइवेट संस्थानों में भी महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर उत्पीड़न सम्बंधित शिकायत की ICC कमेटी की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के अवसर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा। निरीक्षण के दौरान कोटद्वार थाना प्रभारी प्रदीप नेगी, महिला हेल्पलाइन प्रभारी एस.आई. दीपिका बिष्ट तथा अध्यक्ष महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा उपस्थित रहे।


मुखानी पुलिस ने चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार, 13 लाख के जेवरात और नकदी बरामद

150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से मुखानी पुलिस ने पकड़ा शातिर चोर

नैनीताल। जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर थाना मुखानी पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 13 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात और नकदी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले मुखानी थाना क्षेत्र में एक घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा जेवरात और नकदी चोरी कर ली गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अपराधियों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे लगभग 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की गहन जांच के बाद पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने के जेवरात और नकदी बरामद कर ली है। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक होंगे जेल से रिहा

एनएसए के तहत लिया गया निर्णय, सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लद्दाख के चर्चित क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को बड़ी राहत देते हुए उनकी हिरासत समाप्त करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम लद्दाख में शांति, स्थिरता और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक को लद्दाख के लेह में कथित तौर पर भड़काऊ बयान देकर लोगों को उकसाने के आरोप में करीब छह महीने पहले हिरासत में लिया गया था। हालांकि, हालात की समीक्षा और विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद सरकार ने उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वांगचुक पहले ही हिरासत की तय अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर चुके थे।

सरकार ने अपने बयान में कहा कि लद्दाख में शांति और विश्वास का माहौल बनाना उसकी प्राथमिकता है, ताकि सभी पक्षों के साथ सकारात्मक और सार्थक संवाद संभव हो सके। इसी दिशा में यह फैसला लिया गया है।

दरअसल, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर इसे पहले भी समाप्त किया जा सकता है।

वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। ये प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान के छठे अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हो रहे थे। उस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गए थे और पुलिस कार्रवाई में चार लोगों की मौत भी हुई थी।

गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के विभिन्न सामाजिक समूहों, संगठनों और सामुदायिक नेताओं के साथ लगातार संवाद कर रही है, ताकि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। मंत्रालय ने यह भी चिंता जताई कि लगातार बंद और विरोध प्रदर्शनों से छात्रों, रोजगार तलाशने वालों, व्यापारियों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि लद्दाख के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की कोशिश जारी रहेगी।

गौरतलब है कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उनकी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए रिहाई की मांग की थी। हाल ही में अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा पेश किए गए भाषण के ट्रांसक्रिप्ट पर भी सवाल उठाए गए थे। इसी बीच केंद्र सरकार ने उनकी हिरासत समाप्त करने का फैसला ले लिया।


मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

लोकसंस्कृति और परंपराओं को सहेजने का संदेश देता है फूलदेई पर्व- धामी

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में सपरिवार लोकपर्व फूलदेई मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को फूलदेई की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री आवास में लोकपर्व फूलदेई, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर आए बच्चों ने घर की देहरी पर फूल व चावल अर्पित किए और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे लोकगीत गाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकपर्व फूलदेई राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान के भाव को बनाए रखने का त्योहार है। उन्होंने कहा यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है। यह त्योहार दर्शाता है कि जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा हमने अपने लोक त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए जिससे कि यह त्यौहार आने वाली पीढ़ी तक पहुंचे और हमारी लोक संस्कृति हमेशा अमर रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर श्रीमती गीता पुष्कर धामी भी मौजूद रहीं।


एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में

मनीषा चौहान के गोल से भारत ने इटली को 1-0 से हराया

नई दिल्ली। एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल मुकाबले में इटली को 1-0 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने फाइनल में जगह बना ली है, जहां उसका सामना इंग्लैंड की टीम से होगा। मैच में भारत की जीत की नायिका मनीषा चौहान रहीं, जिन्होंने निर्णायक गोल दागा।

सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया, हालांकि इटली की टीम ने भी कड़ा मुकाबला किया और लगातार हमले करने की कोशिश की। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी।

तीसरे क्वार्टर में भारत को अहम मौका मिला, जब 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ। इस मौके का फायदा उठाते हुए मिडफील्डर मनीषा चौहान ने शानदार ड्रैग फ्लिक लगाई, जो सीधे गोलपोस्ट में जा लगी और भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई।

मैच के दौरान भारतीय गोलकीपर बीचू देवी खारिबाम ने भी शानदार बचाव करते हुए इटली के कई हमलों को नाकाम किया। अंतिम क्वार्टर में भारत को दो और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम बढ़त को और बड़ा नहीं कर सकी।

दूसरी ओर, मैच के अंतिम मिनटों में इटली ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया और 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे गोल में बदलने नहीं दिया।

इस जीत के साथ भारत फाइनल में पहुंच गया है, जहां उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड को 2-0 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। वहीं भारतीय टीम पहले ही अगस्त में नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर चुकी है।


राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग

पॉलिटिकल-क्राइम जॉनर की चर्चित फिल्म सीरीज ‘सरकार’ को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने इस फ्रेंचाइजी के अगले पार्ट ‘सरकार 4’ बनाने की घोषणा कर दी है। इस ऐलान के बाद से फिल्म प्रेमियों और फैंस के बीच नई फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने अपनी लोकप्रिय फिल्म फ्रेंचाइजी ‘सरकार’ के चौथे भाग ‘सरकार 4’ को लेकर आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू की जाएगी और अगले महीने से इसकी तैयारी शुरू होने वाली है।

राम गोपाल वर्मा ने यह जानकारी एक कार्यक्रम के दौरान साझा की। इस दौरान उन्होंने अपने दूसरे प्रोजेक्ट ‘द सिंडिकेट’ का भी जिक्र किया और हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यह फिल्म उनके सारे पाप धो देगी।

‘सरकार’ फिल्म सीरीज की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। पहली फिल्म में अमिताभ बच्चन ने सुभाष नागरे का किरदार निभाया था, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस फिल्म में अभिषेक बच्चन ने उनके बेटे शंकर की भूमिका निभाई थी।

इसके बाद वर्ष 2008 में ‘सरकार राज’ रिलीज हुई, जिसमें ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी अहम भूमिका निभाई। वहीं 2017 में आई ‘सरकार 3’ में अमिताभ बच्चन के साथ यामी गौतम, मनोज बाजपेयी और अमित साध जैसे कलाकार नजर आए थे।

अब ‘सरकार 4’ की घोषणा के साथ ही दर्शकों में एक बार फिर इस पॉलिटिकल-क्राइम ड्रामा को लेकर उत्साह बढ़ गया है। हालांकि फिल्म की स्टार कास्ट और कहानी से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

(साभार)


योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी

परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के 38वें संस्करण में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के 38वें संस्करण में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए योग आचार्यों, योग साधकों और श्रद्धालुओं को संबोधित किया तथा गंगा आरती में सहभागिता कर प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति और कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की पवित्र भूमि से उदित वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। आज दुनिया के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग और अध्यात्म की तपोभूमि रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार नई योग नीति के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान को और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती, पद्मश्री सम्मानित गायक कैलाश खेर तथा विभिन्न देशों के राजनयिक और बड़ी संख्या में योग साधक मौजूद रहे।


महिलाओं को न्याय दिलाने का हमारा संकल्प निरंतर रहेगा जारी- कुसुम कंडवाल

जनसुनवाई में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पारिवारिक मामले, संपति विवादों सहित करंट से झुलसे मासूम की मदद और परिवारों को जोड़ने के लिए दिए सख्त निर्देश

रिश्तों को बचाना और परिवारों को जोड़ना ही आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता- कुसुम कंडवाल

​रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। राष्ट्रीय महिला आयोग के आह्वान पर प्रदेशव्यापी अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतिम दिन जनपद ऊधम सिंह नगर के मुख्यालय रुद्रपुर स्थित जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में विशेष जनसुनवाई आयोजित की गई। जनपद मुख्यालय पहुँचने पर जिलाधिकारी नितिन भदोरिया ने अध्यक्ष महोदया का पौधा भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कुल 13 मामले सामने आए, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
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जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं।
अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।

अपने संबोधन में अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनना, उन्हें न्याय दिलाना और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उन्हें उचित सहयोग दिया जाए।

जनसुनवाई के दौरान एक पीड़िता ने अपने 9 वर्षीय पुत्र के साथ हुई हृदयविदारक घटना को साझा किया। उन्होंने बताया कि बीती 14 जुलाई 2024 को उनका बेटा 33,000 केवी की बिजली लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। इस मामले में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गंभीरता दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग को स्पष्ट आदेश दिए कि मासूम के इलाज हेतु तत्काल हर संभव आर्थिक और चिकित्सीय सहयोग प्रदान किया जाए। अध्यक्ष ने कहा कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक मासूम भुगत रहा है, अतः सहायता में कोई देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
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एक महिला की शिकायत पर कि आरोपी की माँ पॉक्सो पीड़िता को रास्ते में रोककर प्रताड़ित करती है, अध्यक्ष ने पुलिस को पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

सिडकुल महिला सुरक्षा: सिडकुल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाली महिला के घर पर कब्जे का प्रयास करने वाले उसके देवर के विरुद्ध पुलिस को कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान दो मामले ऐसे रहे जो आयोग के पूर्व प्रयासों से सुलझ चुके थे और अब वे परिवार सुखी हैं। एक अन्य मामले में अध्यक्ष ने काउंसलिंग कर बिखरते परिवार को 15 दिन का समय दिया और कहा कि “रिश्तों को बचाना और परिवारों को जोड़ना ही आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

अध्यक्ष ने बताया कि 9 से 13 मार्च तक चला यह अभियान उन महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बना जो देहरादून मुख्यालय नहीं पहुँच सकती थीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन-प्रशासन के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए।
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पांच दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान का उद्देश्य उन महिलाओं तक पहुँचना था जो देहरादून नहीं आ सकतीं। रुद्रपुर में इस अभियान का समापन हो रहा है, लेकिन महिलाओं को न्याय दिलाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ​जनपद के सभी औद्योगिक संस्थानों और सरकारी विभागों में ICC (आंतरिक शिकायत समिति) का सक्रिय होना अनिवार्य है।
​थानों में आने वाली पीड़ित महिलाओं के साथ पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और मददगार होना चाहिए। ​वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि औद्योगिक क्षेत्र की श्रमिक महिलाएं भी जागरूक हो सकें।

इस अवसर पर आयोग की सदस्य कंचन कश्यप मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर प्रशांत कुमार व दौलत वर्मा, डीपीआरओ, निजी सचिव आयोग अध्यक्ष आधार वर्मा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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