Tuesday, March 17th, 2026

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जैकी श्रॉफ बने सुपरहीरो, ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का टीजर रिलीज

Monthly Archives: March 2026

जैकी श्रॉफ बने सुपरहीरो, ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का टीजर रिलीज

जैकी श्रॉफ की नई फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो- एलियंस का आगमन’ का टीजर सामने आते ही दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। यह फिल्म सुपरहीरो की दुनिया को एक अलग अंदाज में पेश करती नजर आ रही है, जिसमें परिवार, रहस्य और कल्पना का अनोखा मेल देखने को मिलेगा।

टीजर की झलक
करीब एक मिनट सात सेकंड के इस टीजर में एक स्कूली बच्चे की कहानी दिखाई गई है, जो अपने जीवन के एक बड़े रहस्य को छुपाकर जी रहा है। उसे अचानक स्कूल बदलना पड़ता है, लेकिन वह इस बात को किसी से साझा नहीं करता। वजह बेहद चौंकाने वाली है—अगर उसका राज खुल गया तो पृथ्वी पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसके दादा के पास मौजूद असाधारण शक्तियों का खुलासा होता है। टीजर के अंत में दादा के रूप में जैकी श्रॉफ सुपरहीरो अवतार में नजर आते हैं, जो फिल्म के रोमांच को और बढ़ा देते हैं।

स्टारकास्ट 
फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ प्रतीक स्मिता पाटिल, मिहिर गोडबोले, शिवांश चोरगे, दुर्गेश कुमार, सहर्ष शुक्ला, कुमार सौरभ, भाग्यश्री दास और शरत सक्सेना अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

निर्देशन और निर्माण
फिल्म का निर्देशन और लेखन मनीष सैनी ने किया है। वहीं इसका निर्माण जी स्टूडियोज और अमदावाद फिल्म्स के बैनर तले किया गया है, जो इसे एक बड़े स्तर की प्रस्तुति बनाता है।

(साभार)


सीमांत गांवों के विकास हेतु 402 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट की एसएलएससी की समीक्षा बैठक आयोजित

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट की एसएलएससी (स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत चयनित सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 402 करोड़ के नए प्रस्तावों का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

इन प्रस्तावों के तहत गांवों में पर्यटन हाउसिंग, ग्राम अवसंरचना, सड़क संपर्क, सामाजिक विकास, अस्पताल, खेल मैदान, स्मार्ट कक्षाएं, स्मॉल जिम सेंटर, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा कृषि उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे तथा गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।

पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आदर्श गांव बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट हो कि ये गांव अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक आदर्श गांव बन सकें।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं से प्राप्त होने वाले आउटकम, लोगों की आजीविका में संभावित बदलाव तथा दीर्घकालिक लाभ का स्पष्ट विवरण भी साझा किया जाए, ताकि योजना के प्रभाव का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।

बैठक में सचिव सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, आलोक कुमार पांडेय, नवनीत पांडेय, वन विभाग से रंजन मिश्र सहित आईटीबीपी, पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि पर दी श्रद्धांजलि

धामी बोले—स्वर्गीय बहुगुणा एक दूरदर्शी नेता एवं कुशल प्रशासक थे

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक दूरदर्शी नेता एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन

अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी- गणेश जोशी

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विजय कॉलोनी वार्ड के पथरियापीर क्षेत्र में अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को इस नई स्वास्थ्य सुविधा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी। उन्होंने कहा कि यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक जांचें, दवाइयां और टेस्ट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है और अब ऐसे आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर व्यक्ति को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उपकेन्द्रों में इस प्रकार की विभिन्न सुविधाऐं उपलब्ध करवायी जा रही हैं और आमजन को इसका लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पार्षद अनूप कुमार, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर, पूर्व पार्षद निखिल कुमार, सत्येन्द्र नाथ, प्रधान रामकिशोर, भावना चौधरी, राकेश सहित कई क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


चार धाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच- डाॅ. धन सिंह रावत

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के जरिए होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

यात्रा रूट पर तैनात रहेंगी 177 एम्बुलेंस, हेली एम्बुलेंस भी रहेगी मुस्तैद

देहरादून। सूबे में संचालित चार धाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने इस बार विशेष प्रबंध किये हैं। इस बार यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जायेगी। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये 177 एम्बुलेंस का बेड़ा यात्रा रूट पर तैनात रहेगा, साथ ही हेली व वोट एम्बुलेंस भी यात्राकाल के दौरान मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा यात्रा मार्गो, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में अनुभवी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाॅफ भी तैनात रहेगा।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि स्वस्थ एवं सुरक्षित चार धाम यात्रा के लिये राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जायेगा इसके लिये यात्रा मार्गो, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। डाॅ. रावत ने बताया कि इस बार यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल पर रीयल-टाइम माॅनिटरिंग की जायेगी, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया किया जा सके। उन्होंने कहा कि यात्रा काल के दौरान कुल 177 एम्बुलेंस तैनात की जायेगी। जिसमें 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के साथ ही कार्डिक एम्बुलेंस सेवा शामिल है। इसके अलावा टिहरी में एक वोट एम्बुलेंस तथा एक हेली एम्बुलेंस भी क्रियाशील रहेगी जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जायेगा।

डाॅ. रावत ने कहा कि यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम रहेगा, जिससे तीर्थयात्रियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट तथा 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर श्रद्धालुओं को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जायेगी और उन्हें उचित उपचार भी दिया जायेगा। डाॅ. रावत ने बताया कि यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों व पैरामेडिकल स्टाॅफ की रोटेशन के आधार पर तैनाती की जायेगी। जिसमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल आॅफिसर व 85 पैरामेडिकल स्टाॅफ 15 दिन के रोस्टर के आधार तैनात किये जायेंगे। इसके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्रों की भी यात्रा मार्गों पर तैनाती की जायेगी।


आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश

देहरादून – मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में मुख्यमंत्री घोषणा कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत जिन योजनाओं और परियोजनाओं को पूर्ण किया जाना है, उन पर त्वरित अग्रिम कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्रता से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। जिस योजना अथवा परियोजना को किसी कारणवश पूर्ण करना संभव नहीं है और जिसका विलोपन किया जाना है, उसका प्रस्ताव अगले 15 दिवस के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ को प्रस्तुत किया जाए। निर्धारित अवधि में प्रस्ताव प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित विभाग उस परियोजना को पूर्ण करेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, उनके संबंध में संबंधित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक तथा जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर यह स्पष्ट किया जाए कि परियोजना को क्रियान्वित किया जाना है अथवा नहीं। उन्होंने इसी तरह के अंतर-विभागीय मुद्दों को भी आपसी समन्वय से शीघ्र सुलझाने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर त्वरित निर्णय लिया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की जा सकती हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए, जबकि जो परियोजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के अंतर्गत आने वाले कार्यों को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने PWD को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण तथा अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित जो कार्य किए जा सकते हैं, उनके लिए तत्काल शासनादेश जारी किए जाएं तथा जो कार्य संभव नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

पेयजल योजनाओं से संबंधित कार्यों के बारे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 दिनों के भीतर यह स्पष्ट कर लिया जाए कि कौन-कौन से कार्य क्रियान्वित किए जा सकते हैं और कौन से नहीं।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि जहां-जहां साइट सिलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट संलग्न की जानी है, वहां उसे शीघ्रता से संलग्न करें। विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, वहां नियमों के अनुसार निजी अथवा वन भूमि के चयन के संबंध में भी भूमि उपलब्धता की संभावनाएं तलाशें।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन जनपदों में राज्य संपत्ति विभाग अथवा PWD के गेस्ट हाउस उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो प्रोजेक्ट नामकरण निर्धारण ना होने के चलते लंबित हैं, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागों, हितधारकों तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निर्णय लिया जाए। यदि नामकरण में परिवर्तन की आवश्यकता हो तो उसके अनुरूप अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, चंद्रेश कुमार यादव,  एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम,  एस.ए. अद्दांकी,  विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, डॉ. आर. राजेश कुमार,  रणवीर सिंह,  अहमद इकबाल और मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला

गैस संकट पर केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियां जिम्मेदारए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में भारी अनियमितताएं – डॉ. हरक सिंह रावत

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने देश में बढ़ते एलपीजी गैस और तेल संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

डॉ. रावत ने कहा कि आज पूरे देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर संकट जैसे हालात पैदा हो गए हैं, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के बजाय जनता को गुमराह कर रही है। एक तरफ सरकार गैस की कमी से इनकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर गैस बुकिंग के बीच शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की जनता को बांटते हुए 25 और 45 दिन का अंतर तय कर दिया गया है, जो इस संकट की गंभीरता को खुद उजागर करता है। यह समज से परे है कि आखिर उपभोक्ताओं में भेदभाव को क्यों किया जा रहा है जबकि गैस की जरुरत सबको बराबर है।

उन्होंने कहा कि देहरादून सहित कई शहरों में ऐसी गैस एजेंसियां हैं जो नगर निगम क्षेत्र में स्थित हैं लेकिन पहले जब उनका आवंटन हुआ तब वह क्षेत्र ग्रामसभा के अतगर्त आता था इसलिए वहां ग्रामीण कोटे की एजेंसी स्थापित की गई थी। आज वह क्षेत्र पूर्णतः नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के वार्डाे में सम्मलित हो चुके है। और उनके उपभोक्ता भी पूरी तरह शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, लेकिन उन्हें आज भी ग्रामीण श्रेणी में डालकर 45 दिन बाद बुकिंग की बाध्यता थोप दी गई है। यह सरकार की दोहरी और अव्यवहारिक नीति हैए जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

डॉ, रावत ने मांग की कि शहरी क्षेत्रों में स्थित ग्रामीण श्रेणी की गैस एजेंसियों को तुरंत शहरी श्रेणी के बराबर सुविधा देते हुए 25 दिन की बुकिंग व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि गैस संकट के कारण सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के मामले भी सामने आने लगे हैंए लेकिन सरकार और प्रशासन केवल बयानबाजी तक सीमित हैं।

डॉ. रावत ने कहा कि यह संकट केंद्र सरकार की अदूरदर्शी विदेश और ऊर्जा नीति का परिणाम है। वर्ष 2014 में जहां भारत लगभग 47 प्रतिशत गैस आयात करता था, वह आज बढ़कर लगभग 66 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह तेल आयात 83 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है, क्योकि देश में उत्पादक्ता बढाने पर ध्यान नही दिया जा रहा है इसलिए आयात पर निर्भरता बढ रही है।

उन्होंने कहा कि पहले भारत ईरान और खाड़ी देशों से सस्ता और जल्दी मिलने वाला तेल और गैस खरीदता था, लेकिन अब अमेरिका के दबाव में नीति बदल दी गई है। खाड़ी देशों से जहाज जहां 6 से 7 दिनों में पहुंच जाते थे, वहीं अमेरिका से आने वाले जहाजों को 55-60 दिन लगते हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाती है और इसका बोझ देश की जनता पर डाला जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि केवल उधम सिंह नगर और चंपावत जिलों के आंकड़े ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त हैं कि इस कोष की किस प्रकार बंदरबांट की जा रही है। सूचना के अधिकार में उधम सिह नगर जनपद एवं चम्पावत जनपद से सूचनाएं मागी गई कि किन.किन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री विवेकाधिन कोष का लाभ मिला है। पहले तो सूचनाएं देने में विलंब किया गया फिर आधी अधूरी सूचनाएं दी गई लेकिन जो सूचनाए प्राप्त हुई वह बहुत चौकाने वाली व लंबी सूची है।

उधमसिह नगर जनपद एवं चम्पावत जनपद मुख्यमंत्री से सम्बंधित जनपद है, क्योकि खटीमा से वह पहले विधायक रहे है और चम्पावत से वर्तमान में विधायक है, और दोनो ही जनपदों में भाजपा से जुडे हुए पदााधिकारियों एवं उनके परिजनों को प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री विवेकाधीनकोष से लाभ दिया जा रहा है जो जनता के धन का दुरुप्रयोग है, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख लाभार्थियों में सुबोध मजुमदार, भारत सिह, गोदावरी, कान्ता रानी, भरत बांगा, कामील खान, गजेन्द्र सिह बिष्ट, पूरन सिह, संतोष कुमार अग्रवाल एवं मुकेश शर्मा, शान्ता बडोला, राजेन्द्र प्रसाद आदि को 05 लाख रुपए एवं हयात सिह मेहरा जो भाजपा कॉपरेटिव से सम्बंधित है, को 04 लाख रुपए की सहायता दी गई है। और ऐसे ही तारा देवी, जसवीर चौधरी, निकिता खडायत, कुसुम देवी, हेम लता जैसे लाभार्थियों को भी 04 लाख, 03 लाख, 02 लाख जैसी बडी रकम दी गई। चम्पावत मंेे बिना नाम के व्यक्ति को 2023 -24 में 03 लाख् रुपए एवं एक जगह चम्पावत ममें ही अध्यक्ष नाम से 02 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। यह तो मात्र चंद उदाहरण रखे गए है, पूरी सूची चौकाने वाली है।

उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रदेश के सभी जिलों के आंकड़े सामने आ जाएं तो यह उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार साबित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। पत्रकारवार्ता में मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिह बिष्ट, वरिष्ठ नेता विनोद चौहान, एवं श्रम प्रकोष्ठ के दिनेश कौशल मौजूद रहे।


रोजाना दूध में मखाना मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ

Healthy Drink: अगर आप अपने शरीर को मजबूत, ऊर्जावान और स्वस्थ रखना चाहते हैं तो रोजाना की दिनचर्या में कुछ आसान और प्राकृतिक चीजें शामिल करना काफी फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार शरीर को जरूरी पोषण महंगे सप्लीमेंट से नहीं, बल्कि साधारण घरेलू खाद्य पदार्थों से भी मिल सकता है। ऐसे ही एक पोषक विकल्प के रूप में दूध और मखाने का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है।

मखाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है और जब इसे दूध के साथ लिया जाता है तो यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचा सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी खनिज मिलते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं।

मखाना और दूध का मिश्रण हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार माना जाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन शरीर की हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करते हैं। नियमित सेवन से हड्डियों की कमजोरी कम हो सकती है और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

इसके अलावा यह पेय वजन संतुलित रखने में भी सहायक हो सकता है। मखाने में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और अनावश्यक खाने से बचाव होता है।

दूध और मखाने का यह संयोजन शरीर को ऊर्जा देने में भी सहायक है। इसमें मौजूद पोषक तत्व थकान को कम करने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करते हैं। दिन की शुरुआत में या शाम के समय इसका सेवन शरीर को ताजगी दे सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मखाने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। यह रक्तचाप को संतुलित रखने और दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

इसके साथ ही यह पेय त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी माना जाता है। दूध और मखाने में मौजूद विटामिन और खनिज त्वचा को पोषण देने के साथ बालों को भी मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। नियमित सेवन से त्वचा में निखार और बालों की जड़ों को मजबूती मिल सकती है।


हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू

देहरादून। श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर बिंद्रा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 23 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

भेंट के दौरान आगामी यात्रा व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


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