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निक्की हत्याकांड में नया खुलासा- जून 2024 में ही रची गई थी साजिश

Category Archives: क्राइम

निक्की हत्याकांड में नया खुलासा- जून 2024 में ही रची गई थी साजिश

ग्रेटर नोएडा – जारचा कोतवाली क्षेत्र में सामने आए एक जघन्य हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका निक्की की हत्या की योजना कथित तौर पर जून 2024 में ही रची गई थी, जब विपिन को उसकी एक महिला मित्र के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ लिया गया था।

पीड़ित परिवार के अनुसार, उस समय निक्की ने ही अपने पिता व भाइयों को सूचना दी थी कि विपिन दनकौर क्षेत्र में किसी महिला से मिलने जा रहा है। निक्की के भाई व अन्य परिजन उसका पीछा करते हुए मौके पर पहुंचे और विपिन को उस महिला के साथ पकड़ा गया। इसके बाद दोनों को पकड़कर सिरसा गांव लाया गया, जहां परिवार और रिश्तेदारों के सामने विपिन से जवाब तलब किया गया।

पारिवारिक सम्मान और तनाव

निक्की के पिता भिखारी सिंह का आरोप है कि इस घटना के बाद से ही विपिन में व्यवहारिक बदलाव आ गया था और वह निक्की के प्रति आक्रामक व अपमानजनक व्यवहार करने लगा था। निक्की व उसकी बहन कंचन को जब विपिन के प्रेम-प्रसंग की जानकारी मिली, तो उन्होंने उससे इस संबंध में बातचीत की। लेकिन विपिन ने बातचीत की बजाय झुंझलाकर उलटा उन्हें दोषी ठहराना शुरू कर दिया।

परिवार वालों का कहना है कि निक्की की सक्रियता और सच्चाई उजागर करने की कोशिश को विपिन ने अपने “मान-सम्मान” के विरुद्ध मान लिया और तभी से उसने गंभीर कदम उठाने की योजना बनानी शुरू कर दी थी।

हत्या या साजिश? पुलिस कर रही गहन जांच

पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस बीच, पीड़ित पक्ष द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश थी।

विपिन की प्रेम-प्रसंग की जानकारी मिलने के बाद जो घटनाएं सामने आईं, वे इस पूरे मामले को और भी जटिल बना रही हैं।


होटल संचालक पर करोड़ों की धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

कानपुर – शहर के रावतपुर थाने में एक महिला द्वारा होटल संचालक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामला धोखाधड़ी, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा है। आरोप है कि करोड़ों रुपये की लेन-देन के विवाद और बार-बार अपमान झेलने के चलते महिला के पति की हृदयाघात से मौत हो गई।

मसवानपुर निवासी प्रतिमा पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, होटल व्यवसायी गजेंद्र सिंह नेगी ने वर्ष 2016 से 2022 के बीच उनके पति विष्णु कुमार पांडेय से 1.80 करोड़ रुपये की राशि ली थी। यह रकम नेगी टावर में दो फ्लैट और दो दुकानों के नाम पर निवेश के रूप में दी गई थी। आरोप है कि भवन निर्माण के बाद जब रजिस्ट्री (बैनामा) कराने की बारी आई, तो गजेंद्र ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि “रुपये वापस ले लो।”

प्रतिमा के मुताबिक, आरोपित ने पहले कुछ चेक दिए, लेकिन बैंकों के आपसी विलय की वजह से वे सभी चेक अमान्य हो गए। इसके बाद नए चेक देने और रकम लौटाने के नाम पर पति को तीन साल तक चक्कर कटवाए गए।

अपमान और मानसिक तनाव में गई जान: पत्नी का आरोप

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 14 फरवरी 2024 को जब विष्णु कुमार पांडेय अपनी रकम की मांग लेकर गजेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे, तो नेगी बैंक्वेट हॉल में उन्हें कथित तौर पर अपमानित किया गया। आरोप है कि वहां गाली-गलौज और मारपीट की गई, और होटल संचालक ने ताना मारते हुए कहा, “अब रुपये अगले जन्म में लेना, इस जन्म में तो भूल जाओ।”

इसके तीन दिन बाद, 17 फरवरी की रात, विष्णु पांडेय के पास एक कॉल आया जिसमें कथित तौर पर उनसे 20 लाख रुपये और मांगे गए। कॉल करने वाले ने कहा कि तभी पूरी राशि वापस मिलेगी। इस घटना से आहत होकर विष्णु गहरे अवसाद में चले गए और 18 फरवरी 2024 को उनकी हृदयाघात से मृत्यु हो गई।


फिरोजाबाद: 12 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या, ग्रामीणों में आक्रोश

फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) – थाना रजावली क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद उसका शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची को कथित रूप से अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जब परिजनों ने बच्ची के शव को देखा तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौके पर जुट गई। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने एटा-जलेसर मार्ग पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया।

पुलिस मौके पर, जांच शुरू

सूचना मिलते ही थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।


साइबर ठगों की बड़ी साजिश- 37 दिनों तक ‘डिजिटल कैद’ में रखकर वायुसेना अधिकारी से ₹3.22 करोड़ की ठगी

गुरुग्राम – देश के रक्षाकर्मी रहे एक सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी और उनके परिवार को साइबर अपराधियों ने बेहद चौंकाने वाले तरीके से ठगी का शिकार बनाया। फर्जी अधिकारियों और बनावटी कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेते हुए जालसाजों ने पूरे परिवार को 37 दिन तक मानसिक दबाव और डर के माहौल में ‘डिजिटल कैद’ में रखा और इस दौरान उनसे करीब ₹3.22 करोड़ की ठगी कर ली।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

सेक्टर-25 निवासी सुबीर मित्रा की बेटी मलोबिका मित्रा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई को उनके घर पर एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को TRAI (दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से पंजीकृत एक मोबाइल नंबर का उपयोग आपत्तिजनक संदेश भेजने में हो रहा है।

इसके बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी से जोड़ा गया, जिसने दावा किया कि सुबीर मित्रा के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक, मुंबई में एक खाता खोला गया है, जिसका संबंध एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग केस (नरेश गोयल प्रकरण) से है।

डर और भ्रम का माहौल बनाकर किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

ठगों ने परिवार को बताया कि उनके खिलाफ ग़ैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है और उन्हें तत्काल मुंबई पहुंचना होगा। जब परिवार घबरा गया, तो जालसाजों ने उन्हें सलाह दी कि जांच पूरी होने तक वे घर पर ही रहें, किसी से संपर्क न करें — यही से शुरू हुआ 37 दिनों का ‘डिजिटल अरेस्ट’

इन दिनों में जालसाजों ने पीड़ित परिवार को फर्जी वीडियो कॉल के ज़रिए कथित PMLA कोर्ट (मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कानून) में भी “पेश” किया, जहां से उन्हें खातों के “वेरिफिकेशन” के बहाने बड़ी राशि ट्रांसफर करने को कहा गया।

ठगों ने बनावटी जांच के बहाने उगाही की योजना रची

कथित कोर्ट के निर्देश के नाम पर ठगों ने परिवार से कहा कि उनके बैंक खाते की जांच के लिए उसमें मौजूद पूरी रकम को विभिन्न खातों में भेजा जाए। जालसाजों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होते ही पूरी राशि लौटा दी जाएगी।

भरोसे और डर के बीच फंसे सुबीर मित्रा और उनके परिवार ने अलग-अलग बैंक खातों में ₹3.22 करोड़ की रकम ट्रांसफर कर दी। जब इसके बाद जालसाजों ने पूरी तरह संपर्क तोड़ दिया, तब परिवार को इस गंभीर ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस जांच में जुटी, मामला साइबर थाना में दर्ज

परिवार ने तुरंत ही एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) और स्थानीय साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिन खातों में रकम भेजी गई, उनकी पहचान कर फंड की ट्रेसिंग की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यह एक अत्याधुनिक साइबर फ्रॉड का मामला है, जिसमें ठगों ने तकनीकी हथकंडों और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल कर पूरा परिवार मानसिक रूप से बंधक बना लिया।


शाहजहांपुर में त्रासदी- आर्थिक संकट ने ली एक परिवार की जान

शाहजहांपुर- शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हैंडलूम व्यवसाय से जुड़े सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी शिवांगी ने कथित रूप से अपने चार वर्षीय बेटे को ज़हर देने के बाद आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य ऊपर पहुंचे, तो मासूम का शव बिस्तर पर और दंपती के शव अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले।

पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। एसपी और सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सचिन के मोबाइल में एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज़दाताओं के दबाव का उल्लेख है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

परिवार और सामाजिक पृष्ठभूमि

सचिन ग्रोवर का मोहनगंज में “पानीपत हैंडलूम” नाम से शोरूम है। वह अपने दो भाइयों रोहित और मोहित के साथ एक ही मकान में रहते थे। घटना के दिन परिवार में नामकरण समारोह था, जिसके चलते सुबह घर में हलचल थी। जब सचिन और शिवांगी काफी देर तक नीचे नहीं आए, तो परिजन ऊपर गए और भयावह दृश्य देखा।

सुसाइड नोट में क्या लिखा था

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिन के फोन में 33 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने आर्थिक परेशानियों, व्यापार में घाटे और कई लोगों की देनदारी का ज़िक्र किया है। नोट में मानसिक तनाव और असहायता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।

स्थानीय लोगों में शोक और स्तब्धता

इस घटना ने कॉलोनी के निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसी और परिचितों के अनुसार, सचिन और शिवांगी एक सामान्य, मिलनसार दंपती थे। उनके बेटे की मासूमियत और परिवार की अचानक हुई त्रासदी ने सभी को झकझोर दिया है।


गैंगस्टरों की बड़ी साजिश नाकाम, राहुल फाजिलपुरिया को निशाना बनाने की योजना विफल

गुरुग्राम – बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया को निशाना बनाने की साजिश रच रहे अपराधियों के खिलाफ हरियाणा एसटीएफ और गुरुग्राम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्रवाई में पांच शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है, जबकि पांचवां भी मौके से दबोच लिया गया।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधी हाल ही में हुए फाइनेंसर रोहित शौकीन हत्याकांड से जुड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे विदेश में सक्रिय गैंगस्टर दीपक नांदल और रोहित सिरधानिया का हाथ है। वे अब सिंगर राहुल फाजिलपुरिया को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।

एसटीएफ और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की करीब आधा दर्जन यूनिट्स ने संयुक्त रूप से पटौदी रोड स्थित वजीरपुर इलाके में एक ऑपरेशन चलाया। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि संदिग्ध अपराधी एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार में क्षेत्र में आ सकते हैं, टीम ने वहां ट्रैप बिछाया।

कार को रोकने के प्रयास में बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में चार बदमाशों को पैरों में गोली लगी, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पांचवें आरोपी को भी मौके पर ही पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार शूटरों की पहचान:

  • विनोद पहलवान (झज्जर)

  • पदम उर्फ राजा (सोनीपत)

  • शुभम उर्फ काला

  • गौतम उर्फ गोगी

  • आशीष उर्फ आशु

इन सभी का संबंध रोहित सिरधानिया और दीपक नांदल गिरोह से बताया जा रहा है। डीएसपी प्रीतपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। घायल आरोपियों की हालत फिलहाल स्थिर है।


कौशाम्बी की एक दुखद घटना: मोबाइल न मिलने पर छात्रा ने की आत्महत्या

प्रयागराज- कौशाम्बी जनपद के पिपरी कोतवाली क्षेत्र के कसेंदा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गणेशदीन इंटर कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा अलसमा (14) ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन की मांग पूरी न होने पर आत्मघाती कदम उठा लिया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पिता उसकी मांग पूरी नहीं कर सके।

अलसमा के पिता चांद बाबू, जो फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि बेटी लंबे समय से मोबाइल की मांग कर रही थी। सोमवार को जब उसने फिर से जिद की, तो उन्होंने उसे डांट दिया। रात में वह अकेले कमरे में चली गई और सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला।

घटनास्थल पर मिले संकेत

पुलिस के अनुसार, छात्रा ने घर में बने एक सेल्फ पर चढ़कर प्लास्टिक की पट्टी से छत के कुंडे में फंदा लगाया। पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव पर हाथ-पैर में काले निशान और सिर पर चोट के चिन्ह पाए गए हैं। अनुमान है कि फंदे पर झूलते समय दीवार से टकराने के कारण सिर पर चोट आई हो सकती है, लेकिन अन्य निशान जांच का विषय बने हुए हैं।

विद्यालय और गांव में शोक की लहर

अलसमा की सहेलियों—समा, सुनैना और शारदा—ने उसे एक होशियार और मददगार छात्रा बताया। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। विद्यालय में भी मातम का माहौल है।

परिवार का बयान

चांद बाबू ने कहा कि उन्होंने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नहीं रखी। बड़े बेटे सद्दाम को पढ़ाया, जो अब दुकान में काम करता है, और बेटी जोया की शादी भी अच्छे से की। अलसमा को मोबाइल देने का इरादा था, लेकिन हालात ने साथ नहीं दिया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

सीओ चायल अभिषेक सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के युवा सोशल मीडिया, मोबाइल और वीडियो गेम्स के प्रति अत्यधिक आकर्षित हो रहे हैं। इससे उनमें भावनात्मक अस्थिरता, आत्महत्या के विचार और व्यवहार संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना और संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।


हरिद्वार: कारोबारी के घर हथियारबंद बदमाशों का धावा, बेटी को बनाया बंधक

हरिद्वार: शिवालिक नगर क्षेत्र में रविवार रात हुई सनसनीखेज वारदात ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी। पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और होटल कारोबारी कुलबीर चौधरी के घर पर तीन हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली। वारदात के दौरान बदमाशों ने कारोबारी की बेटी को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया।

लूट की इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर, कारोबारी की लाइसेंसी रिवॉल्वर और एक कार भी साथ ले गए। हालांकि, भागते समय बदमाशों ने कार को पथरी पावर हाउस के पास छोड़ दिया और फरार हो गए।

सूचना मिलते ही मचा हड़कंप

वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके से अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस की सीआईयू समेत कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुट गई हैं।

जल्द होगा खुलासा : एसएसपी

एसएसपी डोबाल ने बताया कि पुलिस को घटना से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदमाशों की तलाश में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

इलाके में दहशत

इस घटना के बाद शिवालिक नगर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है।


देहरादून में नशा तस्कर गिरफ्तार, 2400 कैप्सूल बरामद

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” विजन के तहत जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने कड़ा अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के निर्देशों के अनुसार सभी थाना क्षेत्रों में प्रभावी चेकिंग अभियान आयोजित किया जा रहा है।

इसी क्रम में क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में पुलिस ने 01 नशा तस्कर को 2,400 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल Acetaminophen, Tramadol HCI & Dicyclomine HCI के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्त के खिलाफ थाना क्लेमेंटटाउन में मु0अ0सं0-66/2025, धारा 8/22/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ में आरोपी आशीष कुमार (25) पुत्र सुखपाल, निवासी ग्राम शेरपुर, थाना रामपुर मनिहारान, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह कैप्सूल सहारनपुर के व्यक्ति फिरोज से खरीदे थे और इन्हें शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों तथा नशे के आदि व्यक्तियों को बेचने की योजना बना रहा था।

बरामदगी विवरण:

2,400 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल (Spas med Acetaminophen, Tramadol HCI & Dicyclomine HCI Capsules)

वाहन संख्या UK 07 FY 8490 (स्कूटी)

पुलिस ने कहा कि इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


साइबर ठगी का शिकार हुआ सर्राफा व्यापारी, खाते से उड़ाए गए ₹68,000

गाजियाबाद/लोनी। अंकुर विहार थाना क्षेत्र की राहत एनक्लेव कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद इरशाद साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से लगभग 68 हजार रुपये निकाल लिए। यह धोखाधड़ी रात के समय हुई, जिसका पता इरशाद को अगली सुबह चला। मामले की शिकायत साइबर सेल और संबंधित बैंक में दर्ज कराई गई है।

मोहम्मद इरशाद ने बताया कि वे नसबंदी कॉलोनी में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं। रविवार की रात वह पास की दुकान से कुछ सामान लेने गए थे और वहां उन्होंने अपने मोबाइल से डिजिटल भुगतान किया था। इसके बाद वह अपने घर लौटकर सो गए।

सुबह उठने पर जब उन्होंने मोबाइल देखा तो तीन बैंक मैसेज प्राप्त हुए, जिनमें क्रमशः 68 हजार रुपये की निकासी का जिक्र था। उन्होंने तुरंत अपना बैंक खाता चेक किया तो उसमें से पैसे गायब थे।

इस घटना के बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई और फिर बैंक पहुंचकर पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत कराया।

मामले में एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।


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