Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

दहेज के लिए विवाहिता की हत्या का आरोप, फंदे से लटका मिला शव

Category Archives: क्राइम

दहेज के लिए विवाहिता की हत्या का आरोप, फंदे से लटका मिला शव

लोनी (गाजियाबाद): बॉर्डर थाना क्षेत्र की पंचवटी कॉलोनी में रहने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। महिला का शव फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने पिता की शिकायत पर पति सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शादी के कुछ ही महीनों बाद हादसा

पिंकू निवासी पंचवटी कॉलोनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी मुस्कान की शादी 15 दिसंबर 2024 को प्रिंस निवासी गांव पांवला, जिला बागपत से हिन्दू रीति-रिवाज के साथ की थी। पिता का कहना है कि शादी में उन्होंने हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन इसके बाद भी ससुराल वाले लगातार कार समेत अन्य सामान की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे।

आखिरी कॉल में दी धमकी की जानकारी

शिकायत के मुताबिक शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे मुस्कान ने घर फोन कर बताया कि उसका पति और ससुराल पक्ष के लोग कार की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। अगले दिन रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे परिजनों को सूचना मिली कि मुस्कान की मौत हो गई है और शव दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में है।

शव लेने का दबाव

परिजनों ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उन्हें फोन पर कहा कि शव ले जाएं। जब परिवारजन अस्पताल पहुंचे तो पाया कि मुस्कान का शव फंदे से लटका हुआ मिला था।

पति समेत आठ पर केस दर्ज

एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति प्रिंस, ससुर सुखपाल, देवर क्रिस, सास कमलेश, ननद पूजा व प्रीति, दामाद विशाल और मोनू के खिलाफ दहेज हत्या व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।


बरेली में हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा, सेवानिवृत्त दरोगा का बेटा समेत पांच गिरफ्तार

बरेली। हनी ट्रैप में फंसा कर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे और एक युवती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल छह मोबाइल फोन और एक एसयूवी बरामद की है।

ऐसे फंसा शिकार

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इज्जतनगर क्षेत्र के महलऊ गांव निवासी अमित राठौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक, उसके दोस्त आकाश ने बदायूं के इस्लामनगर निवासी नेहा उर्फ हनी से उसका परिचय कराया। नेहा ने बातचीत में फंसा कर अमित को 17 अगस्त को किला क्षेत्र के एक होटल में बुलाया।

होटल से नेहा ने अपने साथियों गुड्डू बंजारा उर्फ शकील अहमद, अवधेश यादव, आकाश, मिथलेश, मोहित मिश्रा और दो अन्य को बुला लिया। गिरोह ने वहां अमित का अश्लील वीडियो बना लिया।

पीटा और मांगी रंगदारी

इसके बाद आरोपी अमित को कार में डालकर मिनी बाइपास स्थित एक बरातघर में ले गए। वहां नेहा को नाबालिग बताकर अमित पर पॉक्सो एक्ट लगवाने की धमकी दी। साथ ही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। अमित ने डर के मारे 30 हजार रुपये नकद और एक सोने की अंगूठी उन्हें दे दी। बाकी 4.70 लाख रुपये का इंतजाम करने का दबाव बनाते हुए गिरोह ने उसे छोड़ दिया।

पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह

गिरोह के गुर्गे लगातार अमित को कॉल कर पैसे की मांग कर रहे थे। परेशान होकर उसने मीरगंज क्षेत्र के एक नेता को घटना बताई। बात एसएसपी तक पहुंची और जांच शुरू हुई। होटल के सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स से आरोपियों की पहचान की गई।

सोमवार को पुलिस ने मिनी बाइपास स्थित निर्माणाधीन रोडवेज बस अड्डे के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से गुड्डू की एसयूवी भी बरामद की गई। हालांकि मोहित मिश्रा समेत तीन आरोपी अब भी फरार हैं।


सेना के दो जवान पार्टी ड्रग्स तस्करी में गिरफ्तार, 15 करोड़ की एमडीएमए बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सेना में तैनात दो जवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित पार्टी ड्रग्स मिथाइलीनडाई ऑक्सीमेथाफेटामाइन (एमडीएमए) की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जिला जालौर, राजस्थान निवासी जसराज (29) और जिला बाड़मेर निवासी थानाराम (29) के रूप में हुई है।

पुलिस ने इनके कब्जे से 3.080 किलोग्राम एमडीएमए बरामद किया, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

सेना की पहचान का इस्तेमाल

स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार आरोपी ड्रग्स की ढुलाई के लिए सेना की पहचान का इस्तेमाल करते थे। जिस कार से मादक पदार्थों की तस्करी की जाती थी, उस पर सेना का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था। यही नहीं, वे अपने आर्मी आईडी कार्ड और वर्दी का भी इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को संदेह न हो।

मणिपुर से दिल्ली तक तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी एमडीएमए की सप्लाई के लिए सीधे मणिपुर से ड्रग्स लेकर आते थे और दिल्ली-एनसीआर में इसका नेटवर्क खड़ा कर चुके थे।

धौला कुआं से गिरफ्तारी

एसीपी नीरज कुमार की अगुवाई में टीम ने 24 अगस्त को धौला कुआं रिज क्षेत्र में घेराबंदी कर सेना का रजिस्ट्रेशन नंबर लगी कार रोकी। तलाशी में कार से छह पैकेटों में पैक 3.080 किलोग्राम एमडीएमए बरामद हुई। यह कार प्रभुराम के नाम से पंजीकृत है।

तैनाती और पृष्ठभूमि

थानाराम राजपूताना राइफल्स में तैनात था। वर्ष 2024 के मध्य से वह सेना से फरार चल रहा था और पिछले एक साल से पार्टी ड्रग्स की तस्करी में शामिल था।

जसराज 15वीं ग्रेनेडियर में तैनात है। वह एक महीने की छुट्टी लेकर ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। जांच में पता चला कि वह पहले भी दो-तीन बार तस्करी कर चुका है।


लोनी में सिलाई फैक्ट्री मालिक ने कारीगर पर किया हमला, कैंची घोंपकर किया घायल

लोनी (गाज़ियाबाद) – मामूली कहासुनी ने उस समय खतरनाक मोड़ ले लिया जब एक सिलाई फैक्ट्री के मालिक ने अपने ही कारीगर पर कैंची से हमला कर दिया। घायल कारीगर का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

पीड़ित के पिता याद मोहम्मद ने बताया कि उनका बेटा निठौरा रोड स्थित अल नजीर कॉलोनी का निवासी है और कंचन पार्क कॉलोनी में स्थित एक सिलाई कारखाने में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करता है। कारखाना इंतजार नामक व्यक्ति की मिल्कियत है।

घटना शुक्रवार की है जब फैक्ट्री मालिक और कारीगर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। पीड़ित के अनुसार, पहले उसे गालियां दी गईं और विरोध करने पर फैक्ट्री मालिक ने अचानक कैंची से उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर घायल को अस्पताल पहुंचाया।

एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 22 अगस्त को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।


वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, मानसिक दबाव में किशोरी ने की आत्महत्या

गाजियाबाद- लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 24 अगस्त को एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विवेक सिंह के रूप में हुई है, जो शाहजहांपुर का निवासी है। यह कार्रवाई किशोरी के चाचा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि किशोरी मानसिक तनाव से जूझ रही थी, जिसके पीछे एक युवक द्वारा उसे प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई। पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने किशोरी के साथ अनुचित व्यवहार किया था और उसे धमकाया गया था। साथ ही, घर से कीमती सामान चोरी होने की बात भी सामने आई।

एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि 6 अगस्त को किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 15 अगस्त को परिजनों ने पुलिस से न्याय की मांग की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने किशोरी से पूर्व परिचय और कुछ घटनाओं की पुष्टि की है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है ताकि सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।


पत्नी को जलाने का आरोपी पति पुलिस मुठभेड़ में घायल, मां समेत गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में अपनी पत्नी को ज़िंदा जलाने के आरोप में फरार चल रहे विपिन भाटी को रविवार को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लग गई। आरोपी को कासना पुलिस ने एक खेत से ज्वलनशील पदार्थ की बरामदगी के दौरान पकड़ा था, लेकिन पूछताछ के बीच ही उसने दरोगा की पिस्तौल छीन ली और भागने की कोशिश में पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे गोली मारकर दबोच लिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ सिरसा चौराहे के पास हुई। घायल विपिन को तुरंत डाढ़ा सीएचसी और फिर जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से पुलिस ने आरोपी की मां दया (55) को भी गिरफ्तार कर लिया, जो अस्पताल में बेटे से मिलने पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि दया भी इस जघन्य वारदात में आरोपी है और उसे किसी ने अस्पताल के बाहर छोड़ा था। महिला के खुद आत्मसमर्पण करने की बात से पुलिस ने इनकार किया है।

फरार था आरोपी, तकनीकी सर्विलांस से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद से ही विपिन फरार था। पुलिस ने मुखबिरों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ने में सफलता पाई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने ज्वलनशील पदार्थ घटना के दिन पास के एक खेत में फेंका था। पुलिस जब उसे मौके पर लेकर गई, तभी वह दरोगा की पिस्तौल छीनकर भागा और गोली चलाई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।

पत्नी निक्की को जलाने का आरोप, 70% जलने से हुई थी मौत

दादरी के रूपवास गांव की रहने वाली 27 वर्षीय निक्की की शादी 2016 में विपिन भाटी से हुई थी। शादी के बाद से ही निक्की और उसकी बहन कंचन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। निक्की अपने ससुराल में बुटीक चलाती थी, जबकि कंचन वहीं ब्यूटी पार्लर संचालित करती थी। पीड़िता के पिता भिकारी सिंह के अनुसार, परिवार पर 35 लाख रुपये की दहेज मांग का दबाव बनाया जा रहा था।

बृहस्पतिवार को आरोप है कि विपिन ने अपनी मां दया के साथ मिलकर निक्की पर थिनर जैसा ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसी निक्की को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी, केस दर्ज

निक्की की बहन कंचन ने इस मामले में विपिन, उसके भाई रोहित, मां दया और पिता सत्यवीर के खिलाफ बीएनएस की धारा-103(1) (हत्या), 115(2) (गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज कराया है। घटना के बाद से पूरा आरोपी परिवार फरार था।

पुलिस जांच जारी, कई परतें खुलने की संभावना

घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एडीसीपी सुधीर कुमार, एसीपी सार्थक सेंगर और कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्तौल, कारतूस और थिनर की बोतल बरामद की है।

घायल होने के बावजूद आरोपी विपिन ने अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मरी है… पति-पत्नी में झगड़े तो होते रहते हैं।”


दिल्ली में नशे का नेटवर्क चलाने वाली जेठानी-देवरानी गिरफ्तार, 5 करोड़ की हेरोइन बरामद

दिल्ली- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय हेरोइन तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान सीमा (54) और समीता (43) के रूप में हुई है, जो आपस में जेठानी-देवरानी हैं और लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त थीं।

पुलिस ने बताया कि दोनों को जीटीबी अस्पताल के पास से स्कूटी पर सवार होते समय दबोचा गया। उनके पास से एक किलो 49 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह कार्रवाई एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की उस सतत मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत राजधानी के उन इलाकों की पहचान की जा रही है जहां नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। पुलिस की नजर में नंद नगरी ऐसा ही एक संवेदनशील हॉटस्पॉट है, जहां सीमा नामक महिला लंबे समय से ड्रग्स की सप्लाई कर रही थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि सीमा के खिलाफ पहले से ही 40 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकतर ड्रग्स तस्करी से जुड़े हैं, जबकि समीता के खिलाफ भी 3 मामले लंबित हैं। सीमा नशे की खेप को बाहर से मंगवाने और बड़े स्तर पर सप्लायर्स को बेचने का काम करती थी, वहीं समीता उसका साथ देती थी।

गिरफ्तारी से पहले टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने दोनों पर नजर रखी हुई थी। 22 अगस्त को ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पुलिस टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सीमा पिछले 25 सालों से पहले अवैध शराब और फिर हेरोइन के व्यापार में सक्रिय है। उसके परिवार के लगभग सभी सदस्य—including उसके दो बेटे—इस अवैध धंधे में संलिप्त हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा के संपर्क कई बड़े ड्रग तस्करों से भी हैं, और उसके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।


प्यार में नाकामी बनी नफरत की आग, डॉक्टर ने तेजाब से झुलसाया चेहरा, अब सलाखों के पीछे

दिल्ली- दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने एक महिला पर तेजाब फेंकने के संगीन मामले में आरोपी डॉक्टर को 12 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस कृत्य को “पेशे की मर्यादा और मानवता दोनों का घोर अपमान” बताया और कहा कि पीड़िता ने फीनिक्स पक्षी की तरह जीवन की राख से दोबारा उड़ान भरी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौम्या चौहान ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी डॉ. अशोक यादव (42) ने ठुकराए गए प्रेम प्रस्ताव का बदला लेने के लिए यह घिनौना कदम उठाया। उन्होंने अपने साथी वैभव (32) के साथ मिलकर पीड़िता पर हमला करने की साजिश रची। घटना 2014 में घटी थी।

कोर्ट ने अशोक यादव को 12 साल के कठोर कारावास के साथ 5 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया, जो पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। सह-आरोपी वैभव को अदालत ने यह मानते हुए रिहा कर दिया कि वह पहले ही 10 साल से अधिक सजा काट चुका है।

फैसले में अदालत ने कहा कि अशोक यादव ही इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड था। जब पीड़िता ने उसके शादी के प्रस्तावों को खारिज कर दिया और किसी और से विवाह तय हो गया, तो उसने उसके चेहरे पर तेजाब फिंकवाकर बदला लेने की योजना बनाई। इसके तहत न केवल तेजाब हमला किया गया, बल्कि वारदात को लूट की शक्ल देने के लिए पीड़िता का बैग भी छीना गया।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि “एक एमबीबीएस डॉक्टर से उम्मीद की जाती है कि वह मानवता की रक्षा करेगा, लेकिन यादव ने न केवल अपनी चिकित्सकीय शपथ को तोड़ा, बल्कि अपनी पितृसत्तात्मक सोच में इतना डूब गया कि एक निर्दोष महिला की ज़िंदगी तबाह कर दी।”


दहेज के लिए विवाहिता की हत्या, पति समेत 7 लोगों पर केस दर्ज

ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीड़िता के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के पति आमिर उर्फ कपिल समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पीड़ित पक्ष की शिकायत के अनुसार, बदौली गांव निवासी शाहरुख ने बताया कि करीब ढाई साल पहले उन्होंने अपनी दो बहनों सन्नो और शबनम की शादी मकनपुर बांगर गांव के आमिर और आबिद के साथ की थी। शादी में सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों की मांगें खत्म नहीं हुईं।

शिकायत में कहा गया है कि शादी के बाद से ही दोनों बहनों को लगातार दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। शुक्रवार रात सन्नो की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने दहेज के चलते उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को बुलाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।

आरोप यह भी है कि सन्नो के पति आमिर के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे, जिसका विरोध करने पर वह सन्नो के साथ मारपीट करता था। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


खांडसा गांव में सड़क किनारे मिला व्यक्ति का शव, सिर पर मिले चोट के निशान

गुरुग्राम- गुरुग्राम के सेक्टर-37 थाना क्षेत्र के अंतर्गत खांडसा गांव में शुक्रवार सुबह एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान राजेश के रूप में की गई है, जो स्थानीय निवासी था।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की गहनता से जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। प्राथमिक जांच में राजेश के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात को राजेश का कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत कराया गया था। लेकिन शुक्रवार सुबह उसका शव सड़क किनारे पड़ा मिला।

सेक्टर-37 थाना प्रभारी साहिद अहमद ने बताया कि शुक्रवार देर शाम एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp