बरेली। हनी ट्रैप में फंसा कर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे और एक युवती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल छह मोबाइल फोन और एक एसयूवी बरामद की है।
ऐसे फंसा शिकार
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इज्जतनगर क्षेत्र के महलऊ गांव निवासी अमित राठौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक, उसके दोस्त आकाश ने बदायूं के इस्लामनगर निवासी नेहा उर्फ हनी से उसका परिचय कराया। नेहा ने बातचीत में फंसा कर अमित को 17 अगस्त को किला क्षेत्र के एक होटल में बुलाया।
होटल से नेहा ने अपने साथियों गुड्डू बंजारा उर्फ शकील अहमद, अवधेश यादव, आकाश, मिथलेश, मोहित मिश्रा और दो अन्य को बुला लिया। गिरोह ने वहां अमित का अश्लील वीडियो बना लिया।
पीटा और मांगी रंगदारी
इसके बाद आरोपी अमित को कार में डालकर मिनी बाइपास स्थित एक बरातघर में ले गए। वहां नेहा को नाबालिग बताकर अमित पर पॉक्सो एक्ट लगवाने की धमकी दी। साथ ही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। अमित ने डर के मारे 30 हजार रुपये नकद और एक सोने की अंगूठी उन्हें दे दी। बाकी 4.70 लाख रुपये का इंतजाम करने का दबाव बनाते हुए गिरोह ने उसे छोड़ दिया।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह
गिरोह के गुर्गे लगातार अमित को कॉल कर पैसे की मांग कर रहे थे। परेशान होकर उसने मीरगंज क्षेत्र के एक नेता को घटना बताई। बात एसएसपी तक पहुंची और जांच शुरू हुई। होटल के सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स से आरोपियों की पहचान की गई।
सोमवार को पुलिस ने मिनी बाइपास स्थित निर्माणाधीन रोडवेज बस अड्डे के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से गुड्डू की एसयूवी भी बरामद की गई। हालांकि मोहित मिश्रा समेत तीन आरोपी अब भी फरार हैं।