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लापता मासूम का तालाब में मिला शव, पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि, दो संदिग्ध हिरासत में

Category Archives: क्राइम

लापता मासूम का तालाब में मिला शव, पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि, दो संदिग्ध हिरासत में

लखनऊ- लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मंगलवार शाम से लापता आठ वर्षीय मासूम का शव बुधवार सुबह गांव के पास स्थित तालाब में तैरता हुआ मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस घटना को और भी झकझोर देने वाला बना दिया, जिसमें बच्चे की मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।

परिजनों के अनुसार, बच्चा मंगलवार शाम करीब छह बजे घर से निकला था और उसके बाद से लापता था। देर रात तक खोजबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने गुडंबा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

बुधवार सुबह परिवार का बड़ा बेटा नित्यक्रिया के लिए तालाब की ओर गया, जो घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर है। वहीं उसने अपने छोटे भाई का शव पानी में उतराता हुआ देखा और शोर मचाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया।

मृतक के शरीर पर कई संदिग्ध चोटों के निशान थे। माथे की बाईं ओर गहरा घाव था, जबकि होंठ, नाक और गले पर भी चोट के निशान मिले। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शक के दायरे को बढ़ाया।

गुडंबा थाना प्रभारी प्रभातेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की हत्या की पुष्टि हुई है — मुंह दबाकर जान ली गई थी। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास के संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी है और शक के आधार पर दो नशे में रहने वाले युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


कन्नौज में पारिवारिक विवाद ने ली जान, पति ने पत्नी की हत्या कर चोरों पर लगाया आरोप

कानपुर/ कन्नौज – कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के रणवीरपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और मामले को चोरी का रूप देने की कोशिश की।

रात के समय कृष्णकांत शाक्य ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी निक्की की हत्या कुछ अज्ञात चोरों ने कर दी है। जब पुलिस अधिकारी सुरेश कुमार मलिक और कोतवाल विष्णुकांत तिवारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि घर में कपड़े बिखरे हुए थे, लेकिन नकदी और जेवरात सुरक्षित थे। वहीं निक्की का शव खून से सना पड़ा था।

पुलिस को परिस्थितियाँ संदिग्ध लगीं, जिसके बाद कृष्णकांत, उसके भाई प्रवीण और बहन रानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछने पर कृष्णकांत ने स्वीकार किया कि उसने ही पत्नी की हत्या की है। उसने बताया कि आपसी झगड़े के बाद उसने गुस्से में आकर गोली चला दी और फिर चोरों की कहानी गढ़ दी ताकि शक न हो।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है। घटना के समय प्रवीण की पत्नी शिवानी और उनकी मां माया देवी एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। कृष्णकांत और निक्की की शादी इसी साल 2 फरवरी को मैनपुरी जिले के भोगांव में हुई थी। निक्की के पिता अरविंद कुमार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।


रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

उतार प्रदेश/गोंडा- गोंडा जनपद के नगवा गांव के मजरे गोसाई पुरवा में गुरुवार सुबह एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान गांव निवासी 35 वर्षीय रामजग के रूप में हुई है, जो बुधवार रात घर से निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे।

गुरुवार सुबह मनकापुर-अयोध्या रेलखंड पर स्थित दुल्लापुर रेलवे क्रॉसिंग के पास शव देखे जाने की सूचना पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पहचान के बाद परिजनों को जानकारी दी। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया।

मृतक की मां भिखना देवी ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रामजग का गांव की एक महिला से प्रेम संबंध था और संभवतः इसी को लेकर किसी ने हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया है, ताकि मामला हादसा प्रतीत हो।

मौके पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस पहुंची। आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर राकेश राय के अनुसार सुबह करीब सात बजे की-मैन सतीश ने शव देखे जाने की सूचना दी थी। वहीं, स्थानीय थाने के उपनिरीक्षक विश्वास चतुर्वेदी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रामजग पेशे से ट्रक ड्राइवर थे और अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी रेनू देवी, बेटी कोमल (18), बेटा अभय (16) और प्रिंस (7) हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह गमगीन है और गांव में शोक की लहर है।


केशव पुरम में पुलिस मुठभेड़, दो वांछित अपराधी दबोचे गए

नई दिल्ली, केशव पुरम — स्थानीय पुलिस ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि दो संदिग्ध अपराधी इलाके में मौजूद हैं और किसी वारदात की योजना बना सकते हैं।

पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल मोहित, हेड कांस्टेबल संजीव और कांस्टेबल राम किशोर शामिल थे। जब टीम ने संदिग्धों को पकड़ने का प्रयास किया, तो एक आरोपी — जिसकी पहचान राजू उर्फ अजय उर्फ कंगारू के रूप में हुई है — ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने संयम के साथ जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे काबू में लिया। मुठभेड़ के दौरान राजू के दाहिने पैर में गोली लग गई

दूसरे आरोपी रवि उर्फ गोटिया को भी मौके से बिना किसी झड़प के गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक चोरी का मोबाइल फोन बरामद हुआ।

दोनों आरोपी पहले से अपराधों में शामिल

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राजू उर्फ कंगारू के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि रवि भी 7 मामलों में पहले से वांछित था। दोनों पर लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन आरोप हैं।

फिलहाल राजू को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं रवि को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है


निक्की हत्याकांड में नया खुलासा- जून 2024 में ही रची गई थी साजिश

ग्रेटर नोएडा – जारचा कोतवाली क्षेत्र में सामने आए एक जघन्य हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका निक्की की हत्या की योजना कथित तौर पर जून 2024 में ही रची गई थी, जब विपिन को उसकी एक महिला मित्र के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ लिया गया था।

पीड़ित परिवार के अनुसार, उस समय निक्की ने ही अपने पिता व भाइयों को सूचना दी थी कि विपिन दनकौर क्षेत्र में किसी महिला से मिलने जा रहा है। निक्की के भाई व अन्य परिजन उसका पीछा करते हुए मौके पर पहुंचे और विपिन को उस महिला के साथ पकड़ा गया। इसके बाद दोनों को पकड़कर सिरसा गांव लाया गया, जहां परिवार और रिश्तेदारों के सामने विपिन से जवाब तलब किया गया।

पारिवारिक सम्मान और तनाव

निक्की के पिता भिखारी सिंह का आरोप है कि इस घटना के बाद से ही विपिन में व्यवहारिक बदलाव आ गया था और वह निक्की के प्रति आक्रामक व अपमानजनक व्यवहार करने लगा था। निक्की व उसकी बहन कंचन को जब विपिन के प्रेम-प्रसंग की जानकारी मिली, तो उन्होंने उससे इस संबंध में बातचीत की। लेकिन विपिन ने बातचीत की बजाय झुंझलाकर उलटा उन्हें दोषी ठहराना शुरू कर दिया।

परिवार वालों का कहना है कि निक्की की सक्रियता और सच्चाई उजागर करने की कोशिश को विपिन ने अपने “मान-सम्मान” के विरुद्ध मान लिया और तभी से उसने गंभीर कदम उठाने की योजना बनानी शुरू कर दी थी।

हत्या या साजिश? पुलिस कर रही गहन जांच

पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस बीच, पीड़ित पक्ष द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश थी।

विपिन की प्रेम-प्रसंग की जानकारी मिलने के बाद जो घटनाएं सामने आईं, वे इस पूरे मामले को और भी जटिल बना रही हैं।


होटल संचालक पर करोड़ों की धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

कानपुर – शहर के रावतपुर थाने में एक महिला द्वारा होटल संचालक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामला धोखाधड़ी, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा है। आरोप है कि करोड़ों रुपये की लेन-देन के विवाद और बार-बार अपमान झेलने के चलते महिला के पति की हृदयाघात से मौत हो गई।

मसवानपुर निवासी प्रतिमा पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, होटल व्यवसायी गजेंद्र सिंह नेगी ने वर्ष 2016 से 2022 के बीच उनके पति विष्णु कुमार पांडेय से 1.80 करोड़ रुपये की राशि ली थी। यह रकम नेगी टावर में दो फ्लैट और दो दुकानों के नाम पर निवेश के रूप में दी गई थी। आरोप है कि भवन निर्माण के बाद जब रजिस्ट्री (बैनामा) कराने की बारी आई, तो गजेंद्र ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि “रुपये वापस ले लो।”

प्रतिमा के मुताबिक, आरोपित ने पहले कुछ चेक दिए, लेकिन बैंकों के आपसी विलय की वजह से वे सभी चेक अमान्य हो गए। इसके बाद नए चेक देने और रकम लौटाने के नाम पर पति को तीन साल तक चक्कर कटवाए गए।

अपमान और मानसिक तनाव में गई जान: पत्नी का आरोप

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 14 फरवरी 2024 को जब विष्णु कुमार पांडेय अपनी रकम की मांग लेकर गजेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे, तो नेगी बैंक्वेट हॉल में उन्हें कथित तौर पर अपमानित किया गया। आरोप है कि वहां गाली-गलौज और मारपीट की गई, और होटल संचालक ने ताना मारते हुए कहा, “अब रुपये अगले जन्म में लेना, इस जन्म में तो भूल जाओ।”

इसके तीन दिन बाद, 17 फरवरी की रात, विष्णु पांडेय के पास एक कॉल आया जिसमें कथित तौर पर उनसे 20 लाख रुपये और मांगे गए। कॉल करने वाले ने कहा कि तभी पूरी राशि वापस मिलेगी। इस घटना से आहत होकर विष्णु गहरे अवसाद में चले गए और 18 फरवरी 2024 को उनकी हृदयाघात से मृत्यु हो गई।


फिरोजाबाद: 12 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या, ग्रामीणों में आक्रोश

फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) – थाना रजावली क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद उसका शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची को कथित रूप से अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जब परिजनों ने बच्ची के शव को देखा तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौके पर जुट गई। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने एटा-जलेसर मार्ग पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया।

पुलिस मौके पर, जांच शुरू

सूचना मिलते ही थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।


साइबर ठगों की बड़ी साजिश- 37 दिनों तक ‘डिजिटल कैद’ में रखकर वायुसेना अधिकारी से ₹3.22 करोड़ की ठगी

गुरुग्राम – देश के रक्षाकर्मी रहे एक सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी और उनके परिवार को साइबर अपराधियों ने बेहद चौंकाने वाले तरीके से ठगी का शिकार बनाया। फर्जी अधिकारियों और बनावटी कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेते हुए जालसाजों ने पूरे परिवार को 37 दिन तक मानसिक दबाव और डर के माहौल में ‘डिजिटल कैद’ में रखा और इस दौरान उनसे करीब ₹3.22 करोड़ की ठगी कर ली।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

सेक्टर-25 निवासी सुबीर मित्रा की बेटी मलोबिका मित्रा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई को उनके घर पर एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को TRAI (दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से पंजीकृत एक मोबाइल नंबर का उपयोग आपत्तिजनक संदेश भेजने में हो रहा है।

इसके बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी से जोड़ा गया, जिसने दावा किया कि सुबीर मित्रा के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक, मुंबई में एक खाता खोला गया है, जिसका संबंध एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग केस (नरेश गोयल प्रकरण) से है।

डर और भ्रम का माहौल बनाकर किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

ठगों ने परिवार को बताया कि उनके खिलाफ ग़ैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है और उन्हें तत्काल मुंबई पहुंचना होगा। जब परिवार घबरा गया, तो जालसाजों ने उन्हें सलाह दी कि जांच पूरी होने तक वे घर पर ही रहें, किसी से संपर्क न करें — यही से शुरू हुआ 37 दिनों का ‘डिजिटल अरेस्ट’

इन दिनों में जालसाजों ने पीड़ित परिवार को फर्जी वीडियो कॉल के ज़रिए कथित PMLA कोर्ट (मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कानून) में भी “पेश” किया, जहां से उन्हें खातों के “वेरिफिकेशन” के बहाने बड़ी राशि ट्रांसफर करने को कहा गया।

ठगों ने बनावटी जांच के बहाने उगाही की योजना रची

कथित कोर्ट के निर्देश के नाम पर ठगों ने परिवार से कहा कि उनके बैंक खाते की जांच के लिए उसमें मौजूद पूरी रकम को विभिन्न खातों में भेजा जाए। जालसाजों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होते ही पूरी राशि लौटा दी जाएगी।

भरोसे और डर के बीच फंसे सुबीर मित्रा और उनके परिवार ने अलग-अलग बैंक खातों में ₹3.22 करोड़ की रकम ट्रांसफर कर दी। जब इसके बाद जालसाजों ने पूरी तरह संपर्क तोड़ दिया, तब परिवार को इस गंभीर ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस जांच में जुटी, मामला साइबर थाना में दर्ज

परिवार ने तुरंत ही एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) और स्थानीय साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिन खातों में रकम भेजी गई, उनकी पहचान कर फंड की ट्रेसिंग की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यह एक अत्याधुनिक साइबर फ्रॉड का मामला है, जिसमें ठगों ने तकनीकी हथकंडों और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल कर पूरा परिवार मानसिक रूप से बंधक बना लिया।


शाहजहांपुर में त्रासदी- आर्थिक संकट ने ली एक परिवार की जान

शाहजहांपुर- शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हैंडलूम व्यवसाय से जुड़े सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी शिवांगी ने कथित रूप से अपने चार वर्षीय बेटे को ज़हर देने के बाद आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य ऊपर पहुंचे, तो मासूम का शव बिस्तर पर और दंपती के शव अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले।

पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। एसपी और सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सचिन के मोबाइल में एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज़दाताओं के दबाव का उल्लेख है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

परिवार और सामाजिक पृष्ठभूमि

सचिन ग्रोवर का मोहनगंज में “पानीपत हैंडलूम” नाम से शोरूम है। वह अपने दो भाइयों रोहित और मोहित के साथ एक ही मकान में रहते थे। घटना के दिन परिवार में नामकरण समारोह था, जिसके चलते सुबह घर में हलचल थी। जब सचिन और शिवांगी काफी देर तक नीचे नहीं आए, तो परिजन ऊपर गए और भयावह दृश्य देखा।

सुसाइड नोट में क्या लिखा था

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिन के फोन में 33 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने आर्थिक परेशानियों, व्यापार में घाटे और कई लोगों की देनदारी का ज़िक्र किया है। नोट में मानसिक तनाव और असहायता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।

स्थानीय लोगों में शोक और स्तब्धता

इस घटना ने कॉलोनी के निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसी और परिचितों के अनुसार, सचिन और शिवांगी एक सामान्य, मिलनसार दंपती थे। उनके बेटे की मासूमियत और परिवार की अचानक हुई त्रासदी ने सभी को झकझोर दिया है।


गैंगस्टरों की बड़ी साजिश नाकाम, राहुल फाजिलपुरिया को निशाना बनाने की योजना विफल

गुरुग्राम – बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया को निशाना बनाने की साजिश रच रहे अपराधियों के खिलाफ हरियाणा एसटीएफ और गुरुग्राम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्रवाई में पांच शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है, जबकि पांचवां भी मौके से दबोच लिया गया।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधी हाल ही में हुए फाइनेंसर रोहित शौकीन हत्याकांड से जुड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे विदेश में सक्रिय गैंगस्टर दीपक नांदल और रोहित सिरधानिया का हाथ है। वे अब सिंगर राहुल फाजिलपुरिया को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।

एसटीएफ और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की करीब आधा दर्जन यूनिट्स ने संयुक्त रूप से पटौदी रोड स्थित वजीरपुर इलाके में एक ऑपरेशन चलाया। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि संदिग्ध अपराधी एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार में क्षेत्र में आ सकते हैं, टीम ने वहां ट्रैप बिछाया।

कार को रोकने के प्रयास में बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में चार बदमाशों को पैरों में गोली लगी, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पांचवें आरोपी को भी मौके पर ही पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार शूटरों की पहचान:

  • विनोद पहलवान (झज्जर)

  • पदम उर्फ राजा (सोनीपत)

  • शुभम उर्फ काला

  • गौतम उर्फ गोगी

  • आशीष उर्फ आशु

इन सभी का संबंध रोहित सिरधानिया और दीपक नांदल गिरोह से बताया जा रहा है। डीएसपी प्रीतपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। घायल आरोपियों की हालत फिलहाल स्थिर है।


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