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मेडिकल स्टोर पर STF का छापा, 112 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद, संचालक गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

मेडिकल स्टोर पर STF का छापा, 112 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद, संचालक गिरफ्तार

बिना वैध दस्तावेज के रखे गए नशीले कैप्सूल, पूछताछ में नशे के आदी लोगों को बेचने की बात कबूली

देहरादून। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), एएनटीएफ, औषधि निरीक्षक और सहसपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात सहसपुर और विकासनगर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान धर्मावाला चौक स्थित एक मेडिकल स्टोर से ट्रामाडोल युक्त नशीले कैप्सूल बरामद होने पर स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

संयुक्त टीम ने जांच के दौरान सांई मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। स्टोर संचालक जोनी सैनी (37 वर्ष) ने अपना औषधि विक्रय लाइसेंस तो प्रस्तुत किया, जो प्रथम दृष्टया वैध पाया गया, लेकिन दुकान की तलाशी के दौरान गल्ले के नीचे रखे प्लास्टिक कंटेनर से SPASMED ब्रांड के 14 पत्ते (कुल 112 ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल) बरामद हुए।

जब अधिकारियों ने ट्रामाडोल युक्त दवाओं के खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड मांगा तो संचालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नशे के आदी लोगों को ये कैप्सूल फुटकर में बेचकर अवैध रूप से मुनाफा कमाता था।

इसके बाद पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नशीली दवाओं की सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।

एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और नशा तस्करी जैसी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस या एसटीएफ को दें। अधिकारियों ने कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

बरामदगी
SPASMED (ट्रामाडोल युक्त) के 14 पत्ते
कुल 112 नशीले कैप्सूल


रायपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई वाहन चोरी, आरोपी गिरफ्तार

देहरादून:  रायपुर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली।

पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को करनपुर, डालनवाला निवासी दिवांशु पुत्र सोनू ने रायपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि चूना भट्टा, रायपुर क्षेत्र से उनकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UK18N0127) अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर थाना रायपुर में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर सीक्यूआई तिराहा के पास चेकिंग के दौरान आरोपी अंकुश पुत्र जसवीर, निवासी ग्राम सलारपुर, थाना गंगोह, तहसील नकुड़, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपी:

अंकुश पुत्र जसवीर, निवासी ग्राम सलारपुर, थाना गंगोह, तहसील नकुड़, जिला सहारनपुर (उ.प्र.)

बरामदगी:

चोरी की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या UK18N0127 (काला रंग)

पुलिस टीम:

अपर उपनिरीक्षक सुनील रावत

कांस्टेबल प्रदीप फरसवान

कांस्टेबल प्रवीण


दून पुलिस ने वाहन चोरी का किया खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार

देहरादून: एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने वाहन चोरी की एक घटना का सफल खुलासा करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी भी बरामद कर ली गई है।

पुलिस के अनुसार 21 जुलाई 2026 को पीपल मंडी क्षेत्र से अंकुर जैन की स्कूटी चोरी होने की शिकायत पर कोतवाली नगर में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संदिग्धों की तलाश शुरू की।

लगातार की गई कार्रवाई के दौरान 24 जुलाई को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान मनोज वर्मा (39 वर्ष) निवासी आर.के. पुरम, रायपुर को चोरी की स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे की लत पूरी करने के लिए वाहन चोरी करता था और चोरी की गई स्कूटी को बेचने की तैयारी में था। इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक्टिवा स्कूटी (UK07BX-9907) बरामद की है। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र पाल सिंह, कांस्टेबल राजेश कुंवर और कांस्टेबल हारून शामिल रहे।


ऑपरेशन प्रहार: प्रेमनगर में जुए के अड्डे पर पुलिस की छापेमारी, 3 जुआरी गिरफ्तार

देहरादून: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रेमनगर पुलिस ने अवैध जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17,400 रुपये नकद और ताश की गड्डी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 24 जुलाई की रात गोपनीय सूचना मिली कि प्रेमनगर स्थित दशहरा ग्राउंड में सार्वजनिक स्थान पर अवैध रूप से जुआ खेला जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और तीन व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राव वीरेन्द्र (25) निवासी श्रीगंगानगर, राजस्थान, ध्रुव भारद्वाज (25) निवासी लक्ष्मण चौक, देहरादून तथा सुगम वर्मा (31) निवासी शिव कॉलोनी, पटेलनगर, देहरादून के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की धारा-13 के तहत कोतवाली प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 


हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार

एसटीएफ और हिमाचल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

देहरादून।  उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फरार आरोपी को देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर एसटीएफ को प्रदेश में सक्रिय गैंग, बाहरी राज्यों के अपराधियों और इनामी बदमाशों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में एसएसपी एसटीएफ ने टीमों को ऐसे अपराधियों की तलाश और सत्यापन कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

एसटीएफ देहरादून और हिमाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने मंडी निवासी आयुष वेदांग शर्मा को पटेलनगर इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 9 जुलाई 2026 को मंडी में एक घर में घुसकर तमंचे के बल पर परिवार को डराया-धमकाया था और जान से मारने की धमकी दी थी।

इस मामले में थाना सदर मंडी में धारा 131, 133 बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक, आयुष वेदांग शर्मा के खिलाफ पूर्व में भी मंडी में आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस के सुपुर्द किया जा रहा है। एसटीएफ ने कहा कि बाहरी राज्यों के अपराधियों और सक्रिय गैंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


देहरादून में इंटरनेट पर हुई पहचान बनी हत्या की वजह, 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार

देहरादून:  राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र स्थित देवऋषि एन्क्लेव में बुधवार शाम एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई। 48 वर्षीय दीपक गुप्ता की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पटेलनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घटनास्थल से ही हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, शाम को मृतक की बहन मीनाक्षी ने सूचना दी कि उनके भाई पर एक युवक ने चाकू से हमला कर दिया है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मकान के भूतल के एक कमरे में दीपक गुप्ता लहूलुहान अवस्था में मृत मिले। उनके गर्दन के पीछे गहरे कट के निशान थे।

मृतक के भाई राकेश गुप्ता की तहरीर पर कोतवाली पटेलनगर में मु.अ.सं. 453/26 के तहत धारा 103(ए) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी रोहन प्रजापति (20 वर्ष) निवासी माजरा, पटेलनगर को गिरफ्तार कर लिया।

इंटरनेट के जरिए हुई थी पहचान

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसकी पहचान दीपक गुप्ता से इंटरनेट के माध्यम से हुई थी। मृतक के बुलाने पर वह उनके घर पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद आरोपी ने कमरे में रखे चाकू से हमला कर दीपक की हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, मृतक दीपक गुप्ता मूल रूप से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे और वर्ष 2004 से अपने भाई-बहनों के साथ देहरादून में रह रहे थे। उनकी पत्नी से लगभग 7-8 वर्ष पहले तलाक हो चुका था।

 


पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल 32 बोर व 03 जिंदा कारतूस हुए बरामद

देहरादून। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग की घटना डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।

पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को रामनगर मकदूमपुर, झबरेड़ा (हरिद्वार) निवासी सन्नी चौधरी ने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दून मेडिकल कॉलेज के पास स्थित स्वास्तिक कैफे के बाहर शुभम और युवराज ने उस पर जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बाद 21 जुलाई को पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम पंवार को चंद्रबनी चौक से चंद्रबनी की ओर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका और शिकायतकर्ता का करीब डेढ़ लाख रुपये का लेनदेन था। दोनों पहले अच्छे दोस्त थे, लेकिन पैसों के विवाद के कारण रिश्ते बिगड़ गए थे। आरोपी के मुताबिक, वह कई बार विवाद सुलझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। घटना वाले दिन उसे पता चला कि शिकायतकर्ता उसके एक दोस्त के पीजी हॉस्टल के पास मौजूद है। वह बातचीत के इरादे से वहां पहुंचा, लेकिन कहासुनी बढ़ने पर गुस्से में उसने पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण गोली शिकायतकर्ता को नहीं लगी और वह मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि मामले में नामजद दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।


विकासनगर में सनसनी: कमरे से युवक का शव और गंभीर हालत में मिली महिला

महिला अस्पताल में भर्ती; हर पहलू से जांच कर रही पुलिस

देहरादून। देहरादून जिले के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित कल्याणपुर में एक कमरे से युवक का शव और एक महिला के गंभीर रूप से घायल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मामला गोली लगने का सामने आया है, हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कमलेश, निवासी हयोटंगरी, चकराता के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल महिला की पहचान संगीता, निवासी बुटानू, जनपद उत्तरकाशी के रूप में हुई है। महिला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए देहरादून रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे के अंदर कमलेश खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा था, जबकि संगीता गंभीर रूप से घायल मिली। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कमलेश का संगीता के यहां अक्सर आना-जाना था। हालांकि दोनों के बीच क्या संबंध थे और घटना की वजह क्या रही, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आवश्यक सबूत कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले महिला को गोली मारी और बाद में खुद को गोली मार ली, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


हरिद्वार में दो साधुओं की निर्मम हत्या, जंगल में गड्ढे से मिले शव

हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

हरिद्वार। हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर से दो साधुओं की हत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दोनों साधुओं के शव मंदिर के पास जंगल में गड्ढा खोदकर दबाए गए मिले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की शुरुआती जांच में मंदिर में कुछ दिन पहले ठहरे तीन साधु संदेह के घेरे में हैं, जो घटना के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक मंदिर के एक सेवादार ने सूचना दी थी कि मंदिर में रहने वाले साधु सेवा गिरी और उत्तम गिरी पिछले कुछ समय से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में गुमशुदगी की सूचना मिलने पर पथरी थाना पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर व आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली।

तलाशी के दौरान मंदिर के समीप जंगल में संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई गई, जहां से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए। पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को जमीन में दबा दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल भी मौके पर पहुंचे और जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जिनके आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस की शुरुआती जांच में दो दिन पहले मंदिर में ठहरे तीन साधुओं की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।


रायपुर क्षेत्र में हुई लूट की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में लूटी गई शत-प्रतिशत सम्पत्ति को किया बरामद

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारी बनकर एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी संपत्ति भी बरामद कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।

पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर निवासी गीता काला ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच उनकी मां भुवनेश्वरी देवी घर में अकेली थीं। इसी दौरान दो युवक खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर जबरन घर में घुस गए। आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट की और उनके सोने के कुंडल, अंगूठी, तीन हजार रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और लगातार तलाश की गई।

पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर सीक्यूआई जंगल, रायपुर क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर सिंह रावत, निवासी अपर गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर और अंकित गुप्ता, निवासी आदर्श कॉलोनी, रायपुर के रूप में हुई है। उनके कब्जे से लूटे गए सोने के कुंडल, अंगूठी, तीन हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे प्लंबर का काम करते हैं और नशे के आदी हैं। मुख्य आरोपी सागर सिंह पीड़िता के मोहल्ले में ही रहता था और उसे पता था कि बुजुर्ग महिला अक्सर घर में अकेली रहती हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथी के साथ लूट की योजना बनाई। दोनों ने नगर निगम कर्मचारी बनकर सफाई व्यवस्था की जांच का बहाना बनाया, घर में प्रवेश किया और महिला को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी लूट का सामान बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।


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