Saturday, March 28th, 2026

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एसएसपी देहरादून का कडा एक्शन, आई0डी0पी0एल0 चौकी के 12 पुलिसकर्मियों को किया निलिम्बित

Monthly Archives: March 2026

एसएसपी देहरादून का कडा एक्शन, आई0डी0पी0एल0 चौकी के 12 पुलिसकर्मियों को किया निलिम्बित

अवैध गतिविधियों के संचालन के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही नहीं करने तथा चैकिंग अभियान में शिथिलता बरतने पर दून पुलिस कप्तान का कडा एक्शन

देहरादून। देहरादून पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश क्षेत्र के एक होटल में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में जहां कई लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया, वहीं लापरवाही बरतने पर 12 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को 27 मार्च 2026 की रात ऋषिकेश क्षेत्र के एक होटल में बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसएसपी ने क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देशों के अनुपालन में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस टीम ने हरिद्वार रोड स्थित मुर्गी फार्म के पास होटल नवरंग में छापेमारी की। छापे के दौरान मौके से जुआ सामग्री, नगद धनराशि और विभिन्न ब्रांड की शराब की बोतलें बरामद की गईं। साथ ही बड़ी संख्या में लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया।

इस पूरे प्रकरण में चौकी स्तर पर चेकिंग और सत्यापन अभियान में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया। चौकी आईडीपीएल के प्रभारी सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, वहीं एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


गैस सिलिंडर संकट का असर, ढाबों और रेहड़ियों में बढे खाने-पीने के दाम

ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहे सिलिंडर

देहरादून। देहरादून में रसोई गैस की किल्लत का असर अब शहर के स्ट्रीट फूड और खानपान कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की बढ़ती कीमतों और अनियमित आपूर्ति ने छोटे खाद्य कारोबारियों को मेन्यू बदलने पर मजबूर कर दिया है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

शहर की सड़कों पर लगने वाली रेहड़ी-ठेलियों में अब परांठे और छोले-भटूरे की जगह राजमा-चावल और कढ़ी-चावल जैसे व्यंजन ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि गैस की कमी और महंगाई के चलते उन्हें ऐसे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं, जिनमें लागत कम आए।

वहीं, वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण खाने-पीने की कीमतों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। पहले जहां सस्ती थाली 50 रुपये में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत बढ़कर 70 रुपये तक पहुंच गई है। पराठों के दाम भी 30-40 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये हो गए हैं।

ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहे सिलिंडर

रेहड़ी-ढाबा संचालकों के अनुसार, वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की उपलब्धता बेहद कम हो गई है। मजबूरी में कई लोग घरेलू या छोटे सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कुछ को ब्लैक में महंगे दामों पर गैस खरीदनी पड़ रही है। जहां पहले सिलिंडर 1700-1800 रुपये में मिल जाता था, अब वही 4000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। छोटे सिलिंडरों में गैस भरवाने का खर्च भी 100-110 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गया है।

गैस खत्म होते ही बंद हो रही दुकानें

गैस संकट के चलते कई छोटे ढाबे और रेहड़ियां अस्थायी रूप से बंद हो चुकी हैं। जिन कारोबारियों को किसी तरह सिलिंडर मिल पा रहा है, वही दुकान चला पा रहे हैं। गैस खत्म होते ही उन्हें दुकान बंद करनी पड़ती है।

लालपुल-कारगी रोड वेंडिंग जोन में कई ढाबे बंद पड़े हैं, जबकि कुछ संचालक भट्ठी या वैकल्पिक साधनों से काम चला रहे हैं। कुल मिलाकर गैस संकट ने न सिर्फ कारोबारियों की कमर तोड़ी है, बल्कि आम लोगों की थाली भी महंगी कर दी है।


बार-बार थकान और सुन्नपन को न करें नजरअंदाज, हो सकती है मल्टीपल स्क्लेरोसिस की समस्या

आज की बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव का असर सिर्फ सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑटोइम्यून डिजीज के मामलों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इन्हीं में से एक गंभीर बीमारी मल्टीपल स्क्लेरोसिस है, जो धीरे-धीरे शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को चुनौतीपूर्ण बना देती है।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही नसों की सुरक्षा करने वाली मायलिन परत पर हमला कर देती है। यह परत दिमाग से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। जब यह क्षतिग्रस्त होती है, तो शरीर के सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी आने लगती है, जिससे कई तरह के न्यूरोलॉजिकल लक्षण सामने आते हैं।

इस बीमारी के कारण व्यक्ति को थकान, शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन, नजर कमजोर होना या डबल विजन, मांसपेशियों में कमजोरी और संतुलन बनाने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में मरीजों को याददाश्त में कमी और ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत होती है। इसके अलावा मूत्र से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक पाई जाती है और महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है। हालांकि इसके सटीक कारण अब तक स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन परिवार में पहले से इस बीमारी का होना, विटामिन डी की कमी, धूम्रपान और कुछ वायरल संक्रमण इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस का अभी तक कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान और उपचार से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए दवाओं के साथ-साथ डिजीज मॉडिफाइंग थेरेपी का उपयोग किया जाता है, जो इम्यून सिस्टम की असामान्य गतिविधि को कम करने में मदद करती है।

इसके अलावा, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी बेहद जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, विटामिन डी का सही स्तर बनाए रखना और धूम्रपान से दूरी इस बीमारी के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। फिजियोथेरेपी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी थेरेपी भी मरीज की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, फिल्म ने अब तक कमाए इतने करोड़ रुपये

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘धुरंधर 2’ का जलवा लगातार बरकरार है। कमाई की रफ्तार में हल्की गिरावट के बावजूद फिल्म ने 700 करोड़ का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है। देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में भी इस फिल्म का दमदार प्रदर्शन जारी है, जिससे यह साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई है।

‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के नौवें दिन 41.55 करोड़ रुपये की कमाई की, जो आठवें दिन के 49.70 करोड़ रुपये से थोड़ी कम है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 715.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ट्रेड एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि वीकेंड पर फिल्म की कमाई में फिर उछाल देखने को मिल सकता है।

फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ‘पठान’ का 654.28 करोड़ रुपये और ‘दंगल’ का 538.03 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन पीछे छोड़ते हुए ‘धुरंधर 2’ ने खुद को टॉप कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में मजबूती से स्थापित कर लिया है।

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का दबदबा कायम है। ‘धुरंधर 2’ ने दुनियाभर में 1,081.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर 1000 करोड़ क्लब में शानदार एंट्री ली है। इस दौरान फिल्म ने कई हालिया रिलीज फिल्मों के साथ-साथ पिछले साल आई ‘छावा’ के 807.91 करोड़ रुपये के वर्ल्डवाइड कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है।

वहीं दूसरी ओर, इसी दौरान रिलीज हुई साउथ फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई है। फिल्म ने नौवें दिन 1.10 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसका कुल कलेक्शन 68.05 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है। ‘धुरंधर 2’ की जबरदस्त लोकप्रियता के चलते यह फिल्म 100 करोड़ का आंकड़ा छूने में अब तक नाकाम रही है। खास बात यह है कि ‘धुरंधर 2’ को दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिससे इसकी कमाई को और मजबूती मिल रही है।

(साभार)


दूरस्थ गांवों तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता- रेखा आर्या

रेखा आर्य ने की 22 लाख रुपये की घोषणाएं

सोमेश्वर/अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जनमिलन कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत ताकुला मंडल के इसलना खाड़ी, सुनौली और भैसोड़ी गांवों का दौरा किया, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 22 लाख रुपये विधायक निधि से देने की घोषणा की गई और कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

इसलना खाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क कटिंग, देवी मंदिर के सौंदर्यकरण, राशन कार्ड में नाम जोड़ने और आर्थिक सहायता जैसी मांगें उठाईं, जिस पर मंत्री ने सड़क कटिंग के लिए ढाई लाख रुपये और मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही गांव की छात्रा प्रियांशी पंत को विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित करते हुए 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी।

सुनौली गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क और खेती की सुरक्षा के लिए तारबाड़ की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने बताया कि तारबाड़ के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द कार्य शुरू होगा, साथ ही मोबाइल नेटवर्क के लिए केंद्र सरकार से पत्राचार का आश्वासन दिया गया तथा पांच सीसी सड़क मार्गों के निर्माण के लिए कुल 8 लाख रुपये और गणनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

भैसोड़ी गांव में स्थानीय मंदिरों के सौंदर्यीकरण की मांग पर नरसिंह देवता मंदिर के लिए 3 लाख रुपये और कज्यरो देवता मंदिर के लिए डेढ़ लाख रुपये स्वीकृत किए गए।

मंत्री ने कहा कि सरकार विकास की राजनीति में विश्वास रखती है और दूरस्थ गांवों तक विकास पहुंचाना प्राथमिकता है, साथ ही सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रमों के दौरान पूर्ण चंद्र, दिनेश कुमार, महेश पंत, दीपक चंद्र पंत, ललित पंत, कृपाल सिंह, ललित कुमार, जगदीश राम, मुकुंद शर्मा, आशा देवी, सुनीता देवी, दीपा लोहानी, विमला लोहानी, हेमा लोहानी, भावना भंडारी, सुनीता भंडारी, धीरज लोहानी, शीला देवी, हंसा देवी, हेमा देवी, बसंत कुमार, गीता देवी, मीना देवी, जगदीश डंगवाल, भूधर नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदीप नगरकोटी, राहुल कुमार, मदन सिंह जोशी, गोविंद चौहान, सरिता सुयाल, विनीता आर्या, प्रकाश राम, कृष्ण, जगदीश गोसाई, रघुवर सिंह, आशीष ठाकुर, लक्ष्मण प्रसाद, विजय वर्मा, महिपाल जीना, पंकज भाकुनी, पूजा भाकुनी, मनोज, भुवन जोशी, दीपक भाकुनी, भूधर भाकुनी, मदन बिष्ट, लक्ष्मण राम, ठाकुर राम, दीपक सुयाल, शेर सिंह बिष्ट, शंकर लाल वर्मा, चंदन सिंह बिष्ट, भागवत राम, दीपक सिंह सुयाल, आशीष भाकुनी, गोविंद सिंह चौहान, कन्नू पांडे और सोहन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्ती, डोईवाला और ऋषिकेश में कई भवन सील

कान्हरवाला भानियावाला तिराह और निर्मल बाग में कार्रवाई, टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्रों में कई भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की, जिससे अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

डोईवाला क्षेत्र के कान्हरवाला भानियावाला तिराह पर नेत्रपाल सिंह सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को प्राधिकरण ने सील कर दिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और निर्माण को बंद कराया। इस दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए की टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर अवैध निर्माणों को सील किया। निर्मल बाग ब्लॉक-बी, गली नंबर 10 में आलोक कुडियाल द्वारा किए जा रहे निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया। इसके अलावा निर्मल बाग ब्लॉक-सी में आयुष अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन दोनों कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, इन निर्माणों के संबंध में पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान
प्राधिकरण ने साफ किया है कि शहर के सुनियोजित विकास को बनाए रखने के लिए अवैध निर्माणों पर रोक लगाना जरूरी है। एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की पहचान की जा रही है, जो बिना अनुमति या नियमों के विपरीत बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना कानूनन अपराध है और इससे शहर के व्यवस्थित विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि अवैध निर्माणों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित किया जा सके और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़े।

मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि डोईवाला और ऋषिकेश में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल सख्त कार्रवाई की जा रही है। बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण का होमवर्क करे विभाग- डाॅ. धन सिंह रावत

कहा, उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में तथ्यों के साथ करें ठोस पैरवी

प्रमोशन प्रकरण निस्तारण में अधिकारियों को दिये तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण हर हाल में किये जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही विद्यालयों के कोटीकरण को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में तथ्यों के साथ ठोस पैरवी करने को भी कहा गया है। इसके अलावा शिक्षकों के पदोन्नति प्रकरण के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वार्षिक स्थानांतरण व प्रमोशन शिक्षकों का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार इसको लेकर खासी गंभीर है। सरकार की मंशा शिक्षकों को वार्षिक स्थानांतरण व प्रमोशन का लाभ देना है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि सभी पात्र शिक्षक समयबद्ध रूप से आवेदन कर पारदर्शी व्यवस्था के तहत स्थानांतरण का लाभ ले सके। डाॅ. रावत ने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण एवं प्रमोशान को लेकर वित्त एवं कार्मिक विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिसमें विशेष रूप से अनुरोध श्रेणी के स्थानांतरणों को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके अलावा शिक्षकों के स्थानांतरण व विद्यालयों के कोटीकरण से संबंधित प्रकरणों को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में तथ्यों के साथ ठोस पैरवी करने को भी कहा गया है। डाॅ. रावत ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उक्त याचिका में विशेष अपील भी की जायेगी, ताकि वार्षिक स्थानांतरण की समयावधि से पूर्व उक्त प्रकरण का निस्तारण हो सके और शिक्षकों को स्थानांतरण का लाभ मिल सके।

डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर भी खासी गंभीर है। उन्होंने बताया कि सरकार शिक्षकों को जल्द से जल्द प्रमोशन का लाभ पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध है। इस दिशा में शासन व विभागीय स्तर पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों को उक्त प्रकरण के शीघ्र निस्तारण को प्रत्येक स्तर पर ठोस पैरवी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।


आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी

नदियों के चैनलाइजेशन व ड्रेजिंग कार्यो को हरी झंडी, जनहित में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश

भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा के लिए अहम फैसले, 28 जोखिम भरे नदी तटों पर चैनलाइजेशन व सुरक्षात्मक कार्यो को सर्शत मंजूरी

विभागों से मांगे नए सुझाव, समिति की बैठकें होंगी नियमित

जन सुरक्षा पर फोकसः जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति ने प्रस्ताव किए अनुमोदित

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सर्शत अनुमोदित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक प्रकृति के होते हैं, जिन्हें जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग से संबंधित प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विभागों को निर्देशित किया गया कि जनहित से जुड़े सभी आपदा न्यूनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभागों के पास अतिरिक्त प्रस्ताव या सुझाव हों तो उन्हें शीघ्र प्रस्तुत किया जाए तथा भविष्य में समिति की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने जानकारी दी कि पूर्व में आपदाग्रस्त एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए गए थे, जिनमें नदी चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा आरक्षित वन क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, ताकि विभागों को कार्य पूर्ण करने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग के प्रस्ताव शेष हैं, तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे निरीक्षण के उपरांत उन्हें समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट निर्माण के लिए नदी चैनलाइजेशन, सहिया क्षेत्र के अंतर्गत कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड स्थान पर क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य तथा जनपद के विभिन्न नदी तटों के 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून के दौरान संभावित क्षति को देखते हुए चैनलाइजेशन कार्यों को अत्यंत आवश्यक मानते हुए सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-507 के किमी 13-14 पर यमुना नदी स्थित सेतु पर एबटमेंट स्कप्पर निर्माण, नदी प्रवाह चैनलाइजेशन, दोनों तटों पर कर्टेन वॉल एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य, किमी 24 बोसाना और किमी 26 व्यासी में भूस्खलन उपचार, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग तथा जाखन ब्रिज के अपस्ट्रीम में संचित मलबा हटाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समिति की सह-अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर, क्षेत्राधिकारी विवेक कोटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।


अचानक तेजी से घट रहा है वजन? हो सकता है किसी गंभीर बीमारी का संकेत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित दिनचर्या का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर बिना किसी वजह के तेजी से वजन कम होना अब एक आम समस्या बनती जा रही है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक वजन घटना सिर्फ डाइट या लाइफस्टाइल का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह शरीर में चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, यदि कम समय में वजन तेजी से घटने लगे और इसके साथ कमजोरी, थकान, भूख में कमी या नींद में बदलाव महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से कई बड़ी बीमारियों से बचाव संभव है। आइए जानते हैं वे प्रमुख कारण, जो तेजी से वजन घटने के पीछे जिम्मेदार हो सकते

हैंथायरॉयड असंतुलन
जब थायरॉयड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में बिना किसी खास कारण के वजन कम होने लगता है। इसके साथ घबराहट, हाथ कांपना और नींद की समस्या भी हो सकती है।

अनियंत्रित डायबिटीज
डायबिटीज के मरीजों में जब ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहता, तो शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लगता है। इससे तेजी से वजन घटता है और बार-बार प्यास लगना, थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

पाचन तंत्र की गड़बड़ी
पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे इंफेक्शन, अल्सर या इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित करती हैं। इसके कारण शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और वजन घटने लगता है।

मानसिक तनाव का असर
लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे भूख कम हो जाती है और मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है, जो वजन घटने का कारण बनता है। साथ ही नींद न आना और चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है।

संक्रमण और गंभीर बीमारियां
टीबी, वायरल संक्रमण या अन्य गंभीर बीमारियां शरीर की ऊर्जा खपत बढ़ा देती हैं। इससे शरीर कमजोर होता है और वजन तेजी से कम होने लगता है।

सलाह:
अगर आपका वजन बिना किसी कारण लगातार कम हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

(साभार)


एसएसपी देहरादून ने नवआगन्तुक रिक्रूट आरक्षियों से किया सवांद

पुलिस परिवार में आमगन पर दी अपनी शुभकामनाएं, उज्ज्वल भविष्य की करी कामना

पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा का समझाया महत्व

देहरादून। देहरादून में पुलिस लाइन स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नवप्रवेशी जवानों का पुलिस परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान SSP ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सिखाई जा रही हर बात को पूरी लगन और गंभीरता से आत्मसात करने की सलाह दी, ताकि भविष्य में ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना दृढ़ता और दक्षता के साथ किया जा सके।

इसके साथ ही SSP ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से रिक्रूट आरक्षियों के रहने, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


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